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Sania Mirza Biography In Hindi – सानिया मिर्ज़ा की जीवनी

Sania Mirza Biography In Hindi – सानिया मिर्ज़ा की जीवनी

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Sania Mirza Biography In Hindi

भारत में बैडमिंटन और क्रिकेट को सभी जानते है, पर टेनिस क्या है ? अधिकांश भारतीय आज भी नहीं जानते। फिर इस बेनामी खेल में वर्ल्ड नं. 1 बनना कभी भी आसान नहीं था और है। फिर सानिया मिर्ज़ा कैसे इस कठिन मुकाम पर पहुंची, जहां पूरी दुनियाँ सलाम करती है।नदियां पत्थरों को काटती है, ताकत की वजह से नहीं। बल्कि हार ना मानने की वजह से। बिलकुल कुछ ऐसी ही एक शख्सियत है, जिसे लोगों ने कहा, “बाहर खेला मत करों, काली हो जायोगी तो शादी कौन करेगा” कभी धर्म गुरुओं ने उनके कपड़ों को लेकर तरह-तरह के फतवा जारी किए। पर बेवाक और बुलंद हौसलों वाली वह लड़की कभी नहीं रुकी और आज तमाम मुसीबतों को अपने हार ना मानने की हठ से काट कर दुनियाँ की नं. 1 खिलाड़ी बन चुकी है। जिसका नाम लेकर हर भारतीय गर्व से अपना सीना 56 इंच तक जरूर फैलाता है। फ्रेंड वो और कोई नहीं, बल्कि दुनियाँ के डबल्स टेनिस वर्ल्ड में तहलका मचाने वाली सानिया मिर्ज़ा है।

सानिया मिर्ज़ा के बारे मे कुछ जानकारी (Sania Mirza Information)

नाम (Name) सानिया मिर्ज़ा मलिक
निक नाम (Nick Name) सानिया
कार्य (Profession)   टेनिस प्लेयर
जन्म तारीख (DOB) 15 नवम्बर 1986
आयु (Age) ( 2018 ) 32 वर्ष
जन्म स्थान ( Birth Place ) मुंबई , महाराष्ट्र , इंडिया
राशी ( Zodiac Sign ) वृश्चिक
नागरिकता ( Nationality ) इंडियन
होमटाउन ( Home Town ) हैदराबाद
स्कुल ( School ) नसर स्कूल , हैदराबाद
कॉलेज ( College ) सत मैरी कॉलेज , हैदराबाद
धर्म ( Religion ) मुस्लिम
पता ( Address ) पाकिस्तान
हॉबी ( Hobbies ) स्विमिंग
शिक्षा ( Education Qualification ) ग्रेजुएट
मेरीटियल स्टेटस ( Marital status ) वैवाहिक
शादी की तारीख ( Marriage date ) 12 अप्रैल 2010
फेसबुक पेज ( Facebook page ) http://www.m.facebook.com>sania
ट्विटर अकाउंट ( Twitter account ) http://www.twitter.com>Mirzasania

सानिया मिर्ज़ा जन्म, बचपन, परिवार, शिक्षा एवं प्रारंभिक जीवन – Sania Mirza Story

सानिया मिर्ज़ा / Sania Mirza 15 नवम्बर, साल 1986 को महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ था। उनके पिता इमरान मिर्ज़ा पहले एक स्पोर्ट्स रिपोर्टर थे, फिर उन्होंने प्रिंटिंग का बिजनेस शुरु किया था, जबकि उनकी मां नसीमा प्रिंटिंग के बिजनेस में काम करती थीं।

सानिया के जन्म के कुछ समय बाद ही उनका परिवार हैदराबाद चला गया था, जहां सानिया और उनकी छोटी बहन अनम का पालन-पोषण हुआ। सानिया ने 6 साल की आयु से ही टेनिस खेलना शुरू कर दिया था। शुरु में टेनिस का प्रशिक्षण सानिया को अपने पिता से ही मिला था और बाद में सानिया को रॉजर एंडरसन ने प्रशिक्षित किया था। सानिया ने बाद में ”सिनेट” ‘टेनिस एकेडमी सिकंदराबाद और अमेरिका के एस टेनिस अकादमी  जैसे संस्थानों से टेनिस की ट्रेनिंग ली।

सानिया ने हैदराबाद की नसर स्कूल में जाना शुरू किया और बाद में वह सेंट मैरी कॉलेज से ग्रेजुएट हुई। 11 दिसम्बर 2008 को सानिया ने MGR एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी, चेन्नई से अपनी डॉक्टरी की उपाधि प्राप्त की। सानिया एक बेहतर टेनिस खिलाडी होने के साथ-साथ एक कुशल स्वीमर (तैराक) भी हैं।

करियर 

सानिया ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में विश्व जूनियर टेनिस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर की।

उसके बाद उन्होंने कई अंतर्राष्ट्रीय मैचों में शिरकत की और सफलता भी पाई। वर्ष 2003 उनके जीवन का सबसे रोचक मोड़ बना जब भारत की तरफ से वाइल्ड कार्ड एंट्री करने के बाद उन्होंने विम्बलडन में डबल्स के दौरान जीत हासिल की।

वर्ष 2004 में बेहतर प्रदर्शन के कारण उन्हें 2005 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

वर्ष 2005 के अंत में उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 42 हो चुकी थी जो किसी भी भारतीय टेनिस खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा थी।

मई, 2006 में पाँचवीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्ज़ा को 2 लाख अमेरिकी डालर वाली इंस्ताबुल कप टेनिस के दूसरे ही राउंड में हार का मुँह देखना पड़ा।

Sania Mirza Biography In Hindi

दिसम्बर 2006 में दोहा में हुए एशियाई खेलों में उन्होंने लिएंडर पेस के साथ मिश्रित युगल का स्वर्ण पदक जीता।

महिलाओं के एकल मुक़ाबले में दोहा एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता। महिला टीम का रजत पदक भी भारतीय टेनिस टीम के नाम रहा- जिसमें उनके अतिरिक्त शिखा ओबेराय, अंकिता मंजरी और इशा लखानी थीं।

वर्ष 2009 में वे भारत की तरफ से ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं। विबंलडन का यह खिताब जीत कर उन्होंने इतिहास रच डाला।

वे आस्ट्रेलियन ओपन में हंगरी की पेत्रा मैंडुला को हराने के साथ ही किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में पहुँचने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं।

सानिया मिर्जा की लव और मेरिज लाइफ (Sania Mirza and Shoaib Malik Love And Marriage Life) :

शोएब मलिक और सानिया मिर्ज़ा की लव स्टोरी में कई कठिनाइयों का सामना करना पढ़ा . इनकी पहली मुलाकात ऑस्ट्रेलिया में हुई . इनकी यह मुलाकात कोई इत्तफाक नही था , शोएब ने प्लान कर के सानिया से ऑस्ट्रेलिया में मुलाकात की थी . सोनिया एक बार आस्ट्रेलिया के एक रेस्तरा में गई थी, तब शोएब की टीम के एक मेम्बर ने इस बात की सुचना शोएब को फोन पर दी , और शोएब रेस्तरा में आए और फिर सानिया से मुलाकात की और इस मुलाकात को एक इत्तेफाक बताया. और इस तरह इन दोनों की मुलाकात होती रही . सानिया और शोएब जब अलग अलग देशो में खेलते थे, तब भी इनकी मुलाकात होती रहती थी . सानिया को शोएब की सादगी ने मोह लिया था . उन्हें अपनी नाम और पहचान पर कोई घमंड नही था. वे पाकिस्तान क्रिकेट टीम के वर्तमान सदस्य और पूर्व कप्तान थे . दोनों आपस में बातचित करते रहते थे और एक दुसरे के अच्छे दोस्त बन चुके थे . इसके बाद भी इन दोनों को ही  प्रेम का कोई आभास नही था . जब सानिया की माँ की मुलाकात शोएब से हुई, तब उन्हें शोएब बहुत पसंद आए. सानिया के परिवार को शोएब तो पसंद थे , लेकिन वे भारतीय नही है और पाकिस्तान के नागरिक है, जिससे राजनीतिक विवाद है  इस बात की उन्हें चिंता थी .

शादी के पहले सानिया ने इस बात की चर्चा की के उनके खेलने से शोएब को शादी के बाद कोई आपत्ति तो नही रहेगी . क्या शोएब के परिवार वाले इस बात के लिए राजी होंगे या नही , क्यों कि सानिया को खेल के लिए कई महीनो तक देश विदेश में घूमना पढता है . तब सानिया को पता चला कि  शोएब की माँ को सानिया बहोत पसंद है और उन्हें एसी  बहु पर “ नाज “है . दोनों के परिवार में खिलाडी होने के कारण उन्हें बहुत सपोर्ट और मदद मिली .

शादी से इन्हें पहले धर्म समाज के कई विवादो का सामना करना पढ़ा . शादी के वक़्त दोनों परिवार बेहद परेशान थे , उन्हें लग रहा था कि शादी होगी भी या नही . शादी की तारीख को आगे करने की सलाह दी गई, लेकिन शोएब इस बात के लिए राजी नही हुए , शोएब ने कहा जब तक सानिया से शादी नही कर लेंगे, यहाँ से कही नही जाएगे . सानिया की माँ पापा बहुत परेशान थे, सानिया की माँ टेंशन में दुखी हो कर रोने लगी . किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था. इस्लाम धर्म में शादी से पहले दूल्हा दुल्हन के घर पर नही रहता है , लेकिन शोएब सनिया के घर पर रुके थे, इस बात के लिए भी कई विवाद हुए. मीडिया सानिया के घर के बाहर तेनात हो गई , रात हो या दिन हर बात की मिडिया और न्यूज चेनल वाले निगरानी कर रहे थे . सानिया के घर वालो ने घर को बंद कर के  सारे परदे लगा कर रहना पढ़ रहा था . जैसे तेसे शोएब को मीडिया की नजरो से बचा कर पीछे के दरवाजे से होटल पहुचाया गया और इस समस्या का निराकरण किया गया .

कई मुसीबतों के बावजूद इनका मिलना तय था और दोनों ने अप्रैल 2010 को निकाह कर लिया और  एक पवित्र बंधन में बंध गए .

अफेयर ( Affair Saniya ) :

  • शहीद कपूर – सानिया मिर्ज़ा और शहीद के रिश्ते के बारे में कई बातें कही जाती है. सानिया ने करन जौहर के साथ एक टीवी शो कॉफी विथ करन में शाहीद कपूर के बारे में सवाल किये जाने पर , कुछ अटपटे जवाब दिए. इनके बारे में एसी अफवाहे है कि इनका रिश्ता बहुत कम समय के लिए था .
  • सोहराब मिर्ज़ा – सानिया और सोहराब बचपन के दोस्त थे, फिर उनका रिश्ता हुआ पर दोनों के रास्ते अलग होने के कारन उनका यह रिश्ता आगे नही बड़ा . सानिया और सोहराब दोनों ने मिल कर इस बात का फैसला किया, कि वे एक दुसरे के लिए नही बने है और अलग होने का निर्णय लिया .

रिकार्ड और उपलब्धियाँ

वर्ष 2015 में सानिया मिर्जा अपनी टेनिस जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर महिला डबल्स वर्ल्ड चैंपियन का खिताब हासिल करने में सफल हुई थीं।

इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) नेइन दोनों टेनिस स्टारों को काफी मान्यता दी है और इस खिताब ने दो महिला टेनिस खिलाड़ियों को एक दूसरे के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सानिया मिर्जा आईटीएफ द्वारा प्राप्त पुरुस्कारों से काफी संतुष्ट हैं और वह भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनना चाहती हैं।

सानिया और मार्टिना दोनों पिछले 22 जीतने वाले मैचों में एक-साथ खेली हैं। इन दोनों का मैच जीतने का सिलसिला एशिया में होने वालेयूएस ओपन से शुरू हुआ था और वुहान, गुआंगजौ, बीजिंग और अंत में डब्ल्यूटीए फाइनल में जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया था।

Sania Mirza Biography In Hindi
  • सानिया मिर्जा ने वर्ष 2003 में रूस की एलिसा क्लेबानोवा के साथ मिलकर विंबलडन चैम्पियनशिप गर्ल्स डबल्स का खिताब जीता था।
  • वर्ष 2004 एशियाई टेनिस चैंपियनशिप में उपविजेता रही थीं।
  • वह वर्ष 2005 में होने वाले यू.एस. ओपन में ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के चौथे दौर में पहुँचने में कामयाब हुई थी। उसी वर्ष वह ऑस्ट्रेलियाई ओपन के तीसरे दौर में भी पहुँचने वाली पहली भारतीय बनीं थी।
  • सानिया ने हैदराबाद का ओपन डब्ल्यूटीएए कल खिताब जीता था।
  • वर्ष 2006 में सानिया ने दोहा में होने वाले एशियाई खेलों में लियंडर पेस के साथ मिलकर मिश्रित युगल में स्वर्णपदक और महिला एकल वर्ग में रजत पदक अर्जित किया था।
  • सानिया मिर्जा ने वर्ष 2007 में होने वाले यूएस ओपनमें महेश भूपति के साथ मिलकर मिश्रित क्वार्टर फाइनल खेला था।
  • वर्ष 2008 में सानिया ने होबार्ट में होने वाले क्वार्टर फाइनल में 6 सिद्धांतों को अपनाया था। वह ऑस्ट्रेलियाई ओपन में तीसरे दौर में पहुँचने में कामयाब हुई थी। वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल में द्वितीय विजेता रूप में अपने खेल का समापन किया था।
  • उन्होंने वर्ष 2009 में महेश भूपति के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल और ग्रैंड स्लैम का खिताब जीता था। उसी वर्ष, बैंकॉक में उन्होंने पटाया वूमेन ओपन टूर्नामेंट के फाइनल में जीत हासिल की थी।

अवार्ड्स और अचीवमेंट ( Awards And Achivment )

क्रमांक (नम्बर) सन (Year) अवार्ड्स (Awards)
1. 2003 टाइटल – विम्बेलडन चैंपियनशिप गर्ल्स डबल्स, रशिया की एलिसा क्लेयबनोवा के साथ
2. 2004 एशिया टेनिस चैम्पियनशिप में रनरअप .
3. 2005 2005 में पहली महिला खिलाडी जो कि यू एस ओपन में ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के चोथे राउंड में पहुची थी , 2005 में ये ऑस्ट्रेलिया ओपन के तीसरे राउंड में पहुची , 2005 में ही ये पहली महिला थी जिन्होंने WTA सिंगल टाइटल प्राप्त किया
4. 2006 दोहा एशिया गेम में इन्होने महिला कि एक मात्र श्रेणी में सिल्वर मैडल जीता . और मिक्स्ड डबल केटेगरी में लीएंडर पेस के साथ खेल कर गोल्ड मैडल प्राप्त किया
5. 2006 भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवार्ड का सम्मान प्राप्त हुआ .
6. 2007  यू एस ओपन में महेश भूपति के साथ मिक्स्ड डबल्स  क्वार्टरफाइनल के तीसरे राउंड में पहुची
7. 2008 इन्हें चेन्नई के एम जी आर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी द्वारा डाक्टर ऑफ़ लैटर की डिग्री से सम्मानित किया गया . 2008 में ही ये होबार्ट के क्वार्टरफाइनल में नम्बर 6 में पहुची . ऑस्ट्रेलिया ओपन में तीसरे राउंड में पहुची , इसके साथ ऑस्टेलिया ओपन के मिक्स्ड डबल में अपने पार्टनर महेश भूपति के साथ रनर अप रही
8. 2009 ऑस्ट्रेलिया ओपन के मिक्स्ड डबल में  महेश भूपति के साथ  फर्स्ट ग्रैंड स्लैम का टाइटल प्राप्त हुआ , इसके बाद वे बैंकाक के  पट्टाया में महिला ओपन टूर्नामेंट में पहुची
9. 2004 इन्डियन गवर्नमेंट के द्वारा “ अर्जुन अवार्ड ”से सम्मानित किया गया
10. 2006 टेनिस खिलाडी के लिए चोथा सबसे बड़ा सम्मान “ पद्मश्री “ से नवाजा गया
11. 2014 तेलंगाना सरकार ने राज्य की ब्रांड एम्बेसीडर के लिए चुना .
12. 2015 राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड
13. 2016 रिपब्लिक ऑफ़ इंडिया द्वारा तीसरा उच्च नागरिक सम्मान “ पदम् भूषण ” प्राप्त हुआ
14. 2015 स्विस टेनिस प्लेयर मर्थिंगा हिंगिस के साथ खेल कर विम्बेलडन चैंपियनशिप जीती

इसके आलावा इन्हें विभिन्न खेलों में 2 गोल्ड , 3 सिल्वर और 3 ब्रोंज मेडल्स प्राप्त हुए है ये क्रमशः 2002 , 2006 , 2010 और 2014 में प्राप्त हुए है. इसके आलावा इन्होंने 2010 के कॉमन वेल्थ गेम में  सिल्वर मैडल महिला सिंगल में और ब्रोंज मैडल महिला डबल्स में प्राप्त किए .

सानिया मिर्जा से जुड़े कुछ चर्चित विवाद – Sania Mirza Controversy

सानिया मिर्जा ने जब 12 अप्रैल 2010 में पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी की थी, उस दौरान उन्हें भारतीयों की काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही उनहें भारत की नागरिकता के सवाल पर भी काफी विवाद छिड़ गया था। उन्हें तेलंगाना के राज्यसभा में ही पाकिस्तानी बहु करार कर दिया था, जिसके चलते वे काफी दिनों तक मीडिया में सुर्खियों में बनी रही थीं।

सानिया मिर्जा की अपने बचपन के दोस्त सोहराब से सगाई टूटने को लेकर भी काफी सुर्खियों में बनी रही थीं।

साल 2008 में आयोजित एक समारोह के दौरान सानिया मिर्जा ने तिरंगा पर पैर रख दिया था, जिसकी वजह से न सिर्फ उन्हें लोगों की तीखी टिप्पणियां सुननी पड़ी, बल्कि उनके खिलाफ चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के द्वारा सेक्शन 2 के तहत केस भी दर्ज किया गया।

सानिया मिर्जा उस दौरान भी काफी सुर्खियों में रहीं जब सफेद राशन कार्ड पर उनकी फोटग्राफ लगी हुई थी। आपको बता दें कि यह कार्ड गरीबी रेखा के नीचे वाले लोगों को दिया जाता है।

सानिया मिर्जा को शॉर्ट स्कर्ट पहनने को लेकर भी कुछ रुढिवादी मुस्लिम समाज की तीखी टिप्पणयां सहन करनी पड़ी थीं।

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