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Bajrang Punia biography in hindi – बजरंग पुनिया की जीवनी

Bajrang Punia biography in hindi – बजरंग पुनिया की जीवनी

Bajrang Punia biography in hindi

बजरंग पूनिया ने एशियन गेम 2018 में पुरुषों की 65 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा के फाइनल में जापान के पहलवान तकातानी डियाची को एकतरफा मुकाबले में 11-8 से शिकस्त दी. एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के 9वें पहलवान हो गए. बजरंग पूनिया का जन्म 26 फरवरी 1994 को हरियाणा के झाझर गाँव में हुआ. इनके पिता का नाम बलवान सिंह पुनिया हैं. इनके पिताजी भी एक पेशेवर पहलवान है. इनकी माता का नाम ओमप्यारी हैं. इनके भाई का नाम हरिंदर पुनिया हैं. बजरंग को कुश्ती विरासत में मिली. इनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी. बजरंग के सपने पूरे करने के लिए इनके पिताजी ने बहुत से त्याग किए. वे बस का किराया बचाकर साइकिल से अपना काम पूरा करते थे. बजरंग की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी हुई. सात साल की उम्र में कुश्ती शुरू की और उन्हें उनके पिता द्वारा बहुत सहयोग मिला.जिसके बाद बजरंग ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया. बजरंग पूनिया ने भारतीय रेलवे में टिकट चेकर (TTE) का भी काम किया.

बिंदु(Points) जानकारी (Information)
नाम(Name) बजरंग पूनिया
जन्म तारीख (Date of Birth) 26 फ़रवरी 1994
जन्म स्थान (Birth Place) खुदान
खेल(Sport) फ्रीस्टाइल रेसलिंग(Freestyle wrestling)
कास्ट(Caste) जाट
अवार्ड (Awards) पुरूस्कार(Arjuna Award for Wrestling)
धर्मं (Religion) हिन्दू
नागरिकता (Nationality) भारतीय

बजरंग पूनिया का खेल करियर

बजरंग पूनिया ने वर्ष 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप दिल्ली में भाग लिया था. जिसमे वे सेमीफाइनल तक का सफ़र किया. जिसमे वे हार गए था. इसके बाद में बजरंग ने 2013 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप बुडापेस्ट, हंगरी में 60 कि.ग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया था. वर्ष 2014 के राष्ट्रमंडल खेल ग्लासगो, स्कॉटलैंड में 61 कि.ग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था. वर्ष 2014 में ही एशियाई खेल इनचियन, दक्षिण कोरिया में फिर से रजत पदक अपने नाम किया. एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2017, दिल्ली में बजरंग पूनिया ने गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद 2018 के राष्ट्रमंडल खेल में गोल्ड मेडल अपने नाम किया और 2018 के ही एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत कर देश का नाम रोशन किया हैं. बजरंग पूनिया ने अब तक कुल 5 गोल्ड, 3 ब्रोनज, 4 सिल्वर मेडल जीत चुके हैं.

ऐसे जीता गोल्ड का मुकाबला

बजरंग ने एशियन गेम 2018 में पुरुषों की 65 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा के फाइनल में जापान के पहलवान तकातानी डियाची को एकतरफा मुकाबले में 11 -8  से शिकस्त दी।

भारतीय पहलवान ने शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर शिकंजा कसना  शुरू कर दिया। उन्होंने जापान के पहलवान तकातानी डियाची को हाथों से पकड़कर पटका और 2 अंक लिये। इसी अवस्था में उन्होंने जापान के पहलवान को रोल कर दो अंक और लेते हुए 4 – 0  की बढ़त बना ली। अंत  मे बजरंग  ने तकातानी डियाची  को चित करते हुए  11 अंक के साथ  मैच जीत लिया।

पुरस्कार, सम्मान और उपलब्धियां

1 – 2015 में अर्जुन पुरस्कार

2 – 2019 में पद्म श्री

विश्व प्रतियोगिता

1 – 2018 बुडापेस्ट में सिल्वर (65 किग्रा)

2 – 2013 बुडापेस्ट में कांस्य (60 किग्रा)

एशियाई खेल

1 – सोना (65 किग्रा) 2018 जकार्ता

2 – रजत (61 किग्रा) 2014 इंचियोन

राष्ट्रमंडल खेल

1 – गोल्ड (65 किग्रा) 2018 गोल्ड कोस्ट

2 – सिल्वर (61 किग्रा) 2014 ग्लासगो

अन्य पुरस्कार

1 – डेव शुल्त्स मेमोरियल टूर्नामेंट, 2013 – कांस्य

2 – डेव शुल्त्स मेमोरियल टूर्नामेंट, 2015 – कांस्य

बजरंग पुनिया की मनपसंद चीजें

1 – खेल: बास्केटबॉल, फुटबॉल, रिवर राफ्टिंग

2 – भोजन: चूरमा

3 – पहलवान: योगेश्वर दत्त, कप्तान चंद्रुप

बजरंग पुनिया के विवाद

बजरंग पुनिया ने एक बार खल रत्न पुरस्कार देने की सरकारी नीति की खुलकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि वह अदालत में उन्हें सम्मान देने की नीति के बारे में पूछताछ करने के लिए स्थानांतरित करेंगे।

कथित तौर पर, विराट कोहली को जीरो के एक उपलब्धि स्कोर के साथ राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान मिला, जबकि बजरंग का उच्चतम स्कोर 80 था।

बजरंग पुनिया के बारे में तथ्य

1 – बजरंग को अपना नाम एक भारतीय भगवान भगवान हनुमान के बाद मिला। उनका जन्म मंगलवार को हुआ था, इस दिन को भगवान हनुमान की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

2 – उसे नृत्य करना पसंद है।

3 – उसे बास्केटबॉल और फुटबॉल खेलना पसंद है।

4 – 2015 में, उनका परिवार अपना गाँव छोड़कर सोनीपत चला गया, ताकि वह भारत के सोनीपत में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र में भाग ले सकें।

5 – कुश्ती बजरंग के खून में है। उनके पिता बलवान सिंह और उनके भाई दोनों एक बार पहलवान थे।

6 – प्रोफेशनल रेसलर बनने से पहले बजरंग पैसे कमाने के लिए रेसलिंग करता था।

7 – बजरंग के कोच योगेश्वर दत्त हैं।

8 – बजरंग भारत का पहला व्यक्ति है जिसने एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण जीता।

9 – वह योगेश्वर दत्त जैसा बनना चाहता है।

10 – 2018 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में रजत जीतने के बाद, उन्होंने 65 किग्रा वर्ग में विश्व नंबर 1 का दावा किया।

11 – बजरंग पुनिया ने रुस के डैन कोलोव-निकोला पेट्रोव टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को समर्पित किया।

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