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Kishore Kumar Biography in Hindi | किशोर कुमार जीवन परिचय

Kishore Kumar Biography in Hindi | किशोर कुमार जीवन परिचय

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Kishore Kumar Biography in Hindi

आज बात करने जा रहे है भारतीय पार्श्व गायक, अभिनेता, गीतकार, संगीतकार, निर्देशक और पटकथा लेखक की ,जी हा किशोर कुमार को भारतीय संगीत उद्योग के सबसे सफल और प्रसिद्ध गायकों में से एक माना जाता है। उन्हें किशोर दा के रूप में जाना जाता है।किशोर कुमार का जन्म 29 आभास कुमार गांगुली ’के रूप में 8 अगस्त 1929 को हुआ था (उम्र 58 वर्ष; मृत्यु के समय) ब्रिटिश भारत के मध्य प्रांत (अब मध्य प्रदेश में) के खंडवा शहर में। | उनके पिता कुंजलाल गांगुली तथा माता गौरी देवी थी | पिता एक वकील थे | वे एक समृद्ध बंगाली परिवार से संबध थे | उनका जन्मस्थान मध्यप्रदेश का खंडवा स्थान था | अशोक कुमार तथा अनूप कुमार उनके भाई थे तथा सती देवी उनकी बहन थी | दोनों भाई प्रसिद्ध अभिनेता थे ही , किशोर कुमार को भी अभिनय में रूचि पैदा हो गयी | उन्होंने संगीत भे सीखा | के.एल.सहगल के वे प्रशंसक थे | बम्बई में उन्होंने बॉम्बे टॉकीज में गायक दल के सदस्य के रूप में गाना शुरू किया |

प्रसिद्ध नाम किशोर कुमार
जन्म नाम आभास कुमार
ऊँचाई 5 फीट 7 इंच
वज़न 75 किलोग्राम
शारीरिक बनावट सीना- 42 इंच, कमर- 36 इंच, बाइसेप्स- 14 इंच
आँखों का रंग गहरा भूरा
बालों का रंग काला
धर्म हिन्दू
नागरिकता भारतीय
व्यावसाय अभिनेता, गायक, संगीत कंपोजर, फ़िल्म निर्देशक और निर्माता, स्क्रीन लेखक
राशि सिंह
पसंद उपन्यास पढना, ड्राइविंग और टेबल टेनिस खेलना
पसंदीदा गायक के एल सैगल
पसंदीदा अभिनेता अशोक कुमार, अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना
पसंदीदा म्यूजिशियन एस. डी. वर्मन, आर. डी वर्मन

किशोर कुमार जीवनसाथी एवं संतान:-

इनकी चार शादियाँ हुई थी इनकी चारों पत्नियों का ताल्लुक किसी ना किसी रूप मे फिल्म जगत से रहा हैं .

  1. उनकी पहली पत्नी जिन्हे रुमा घोष के नाम से जाना जाता हैं. उन्होंने उनसे 1951 में विवाह किया था,वो बंगाली फ़िल्मों की अभिनेत्री और गायिका भी थी. रूमा और किशोर कुमार का एक बेटा है जिनका नाम अमित कुमार है जो कि फ़िल्मों में अभिनेता, गायक, संगीत निर्देशक और फिल्म निर्देशक है. किशोर कुमार की यह शादी 1958 तक चली उसके बाद उन्होंने तलाक दे दिया.
  2. दूसरी शादी उन्होंने फ़िल्म अभिनेत्री मधुबाला से 1960 में की थी. मधुबाला के साथ उन्होंने चलती का नाम गाड़ी और झुमरू मे काम किया था. दिल की बीमारी की वजह से मधुबाला का जीवन 23 फ़रवरी 1969 को ही समाप्त हो गया.
  3. इनकी तीसरी शादी योगिता बालि के साथ वर्ष 1976 मे हुई थी. हालाँकि दो वर्ष बाद यह शादी भी टूट गई.
  4. किशोर कुमार की चौथी शादी वर्ष 1980 में लीना चंदावरकर से हुई. इस विवाह से उन्हें एक पुत्र प्राप्त हुआ, जिनका नाम सुमित कुमार है.

किशोर कुमार का करियर

शिकारी प्रथम फिल्म थी जिसमे उन्होंने अभिनय से अपने करियर की शुरुवात की परन्तु उनका प्रथम प्यार गायन ही था | उन्हें फिल्मो में गाने के अवसर दिया खेमचंद प्रकाश ने | एस.डी.बर्मन ने किशोर की गायन प्रतिभा को पहचाना और उन्हें गीत गाने का अवसर दिया | पहले किशोर सहगल की शैली का अनुसरण करते थे वर्मन दा ने उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली मे गाने की सलाह दी | “आलाप लेना” उनकी शैली की विशेषता थी |1954-57 तक एस.डी.बर्मन के साथ किशोर कुमार  ने मुनीम जी , ज्वेल थीफ , नौ दो ग्यारह जैसी फिल्मो में गीत गाये | उनके प्रसिद्ध गीत है “माना जनाब ने पुकारा नही ” “हाल कैसा है जनाब का” आदि | सी.रामचन्द्रन के साथ भी उनके कई गीत लोकप्रिय हुए | “रूप तेरा मस्ताना” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला | उन्होंने अन्य संगीतकारो जैसे लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल आदि के साथ काम किया | व्यक्तिगत जीवन में किशोर कुमार ने चार बार विवाह किया | प्रथम पत्नी रुमा गुहा से पुत्र अमित कुमार और चौथी पत्नी लीना चन्द्रावरकर से सुमित कुमार का जन्म हुआ | पुत्र अमित कुमार के साथ एक फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया | उनकी प्रतिभा का कमाल यह था कि वे कई फिल्मो में निर्माता , निर्देशक और अभिनेता भी बने | झुमरू एक ऐसी ही फिल्म थी |किशोर कुमार  ने आशा भोंसले , लता मंगेशकर के साथ कई गाने गाये | किशोर कुमार की आवाज में अद्भुद गहराई थी जो लोगो को मन्त्रमुग्ध कर देती थी | यद्यपि शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उन्हें नही मिली थी पर फिर भी हर संगीतकार की वह पहली पसंद थी | 21वी सदी के युवाओं में उन्हें सुनने की जबर्दस्त क्रेज था उन्माद था | स्वाभिमानी किशोर कुमार अपनी शर्तो पर गाते थे | आपातकाल में संजय गांधी ने उन्हें कांग्रेस रैली में गाने के लिए आमंत्रित किया पर उन्हें पसंद नही था तो वे नही गये | गैरसरकारी आदेश से उनके गीत All India Radio पर तथा T.V. पर बजने दिखने बंद हो गये | आपातकाल के बाद ही फिर शुरूवात हुयी | 13 अक्टूबर 1987 अपने बड़े भाई अशोक कुमार के 76वे जन्मदिन पर उनका हृदयाघात से देहांत हो गया | अशोक कुमार इस सदमे से उनको इतना आघात हुआ कि उन्होंने कभी भविष्य में अपना जन्मदिन नही मनाया |

किशोर कुमार के अवार्ड और उपलब्धियाँ एवं फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार

किशोर कुमार हर वर्ग में अपने क्लासिक गाने के लिए विख्यात है. उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के रूप में 8 फिल्म फ़ेयर पुरस्कार मिले और उस समय उन्होने सबसे अधिक फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था. ये सभी उनकी उपलब्धियों में शुमार है. किशोर कुमार को 1985-86 में मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वर्ष 1997 में एमपी गवर्नमेंट ने ‘किशोर कुमार पुरस्कार’ नामक अवार्ड का आरम्भ किया है.

किशोर कुमार के सदाबहार हिट गाने (Kishore Kumar Popular Songs)

वर्ष फ़िल्म गाना अवार्ड
1970 आराधना रूप तेरा मस्ताना फ़िल्म फ़ेयर
1971 आराधना —— सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के रूप में बंगाल फ़िल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवार्ड
1972 अंदाज़ ——– सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के रूप में बंगाल फ़िल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवार्ड
1973 हरे रामा हरे कृष्णा ——– सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के रूप में बंगाल फ़िल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवार्ड
1975 कोरा कागज़ ——— सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के रूप में बंगाल फ़िल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवार्ड
1976 अमानुष दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा फ़िल्म फ़ेयर
1979 डॉन खइके पान बनारस वाला फ़िल्म फ़ेयर
1981 थोड़ी सी बेवफाई हज़ार राहे मुड़के देखीं फ़िल्म फ़ेयर
1983 नमक हलाल पग घुंघरू बाँध फ़िल्म फ़ेयर
1984 अगर तुम न होते अगर तुम न होते फ़िल्म फ़ेयर
1985 शराबी मंजिलें अपनी जगह हैं फ़िल्म फ़ेयर
1986 सागर सागर किनारे फ़िल्म फ़ेयर
विवाद • 1980 दशक के मध्य में, उनके अमिताभ बच्चन के साथ कटु-संबंध स्थापित हो गए, क्योंकि अमिताभ ने किशोर कुमार की प्रोडक्शन कंपनी के तहत बनने वाली फिल्म “ममता की छाओं में” अतिथि की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया। किशोर कुमार ने अमिताभ बच्चन के लिए गीत गाने बंद कर दिए। हालांकि, कुछ साल बाद किशोर ने अमिताभ की फिल्म “तूफ़ान” में ‘ आया आया तूफ़ान’ गीत गया।
• उनकी तीसरी पत्नी योगीता बाली ने उनसे तलाक ले लिया, और मिथुन चक्रवर्ती के साथ शादी कर ली। इसके बाद किशोर ने मिथुन चक्रवर्ती के लिए गीत गाने बंद कर दिए। हालांकि उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के लिए लंबे समय तक गीत नहीं गया लेकिन बाद में मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म सुरक्षा (1979) और उनकी हिट फिल्म डिस्को डांसर, फरेब (1983), वक़्त की आवाज़ (1988) के लिए गीत गया।
• भारतीय आपातकाल (1975-1977) के दौरान, जब संजय गांधी ने मुंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) रैली के लिए गायन करने के लिए किशोर कुमार से संपर्क किया,तो उन्होंने इस प्रस्ताव से इनकार कर दिया। नतीजतन, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किशोर कुमार के गाने को दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित करने का प्रतिबंध लगा दिया। यह प्रतिबंध 4 मई 1976 से आपातकाल के अंत तक लगा रहा।
• 1960 के दशक में, वह शूटिंग में देर से आने के लिए सुखियत थे। वह शूटिंग बीच में ही छोड़ कर चले जाने के लिए भी जाने जाते थे, लगातार फ्लॉप होती फिल्मों की वजह से वो इनकम टैक्स के जाल में फास गए।

 

 

 

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