Biography

Kamal nath biography in hindi – कमलनाथ की जीवनी

Kamal nath biography in hindi – कमलनाथ की जीवनी

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Kamal nath biography in hindi

कमलनाथ भारतीय राजनीति में एक प्रमुख व्यक्ति हैं। वह भारतीय संसद के सबसे वरिष्ठ और सबसे लंबे समय तक सेवारत सदस्यों में से एक हैं।कमल नाथ मध्यप्रदेश राज्य के 18वे मुख्यमंत्री हैं. मध्यप्रदेश में जब भाजपा पार्टी की लहर चल रही थी तब कांग्रेस ने कमल नाथ को मध्यप्रदेश राज्य के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया था.

कमल नाथ के लिए सबसे बड़ी चुनौती राज्य में सत्ता विरोधी लहर पैदा कर कांग्रेस के रूप में बेहतर विकल्प देना था. कमलनाथ को गाँधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता हैं गाँधी परिवार के करीब रहकर ही कमल नाथ से राजनीति के सारे दाँव पेंच सीखें.कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को संयुक्त प्रांत (अब, उत्तर प्रदेश) के कानपुर जिले में एक संपन्न परिवार में हुआ था।

उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा दून स्कूल, देहरादून से प्राप्त की। जब वे दून स्कूल में थे, तब उनकी मुलाकात संजय गांधी से हुई। संजय गांधी के कारण, वे गांधी परिवार के करीब आए।

अपनी उच्च शिक्षा के लिए, कमलनाथ ने सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता में दाखिला लिया और बी.कॉम के साथ स्नातक किया।27 जनवरी 1973 को उन्होंने अलका नाथ से शादी की, जो एक राजनीतिज्ञ भी रही हैं।दंपति के दो बेटे हैं: नकुल नाथ और बकुल नाथ।

बिंदु(Points) जानकारी (Information)
नाम (Name) कमल नाथ
जन्म (Birth Date) 18 नवंबर 1946
जन्म स्थान (Birth Place) कानपुर
पिता का नाम (Father Name) महेंद्र नाथ
माता का नाम (Mother Name) लीला नाथ
पत्नी का नाम (Wife Name) अलका नाथ (वि.-1973)
पुत्र (Son) नकुल नाथ एवं बकुल नाथ
पेशा (Profession) राजनेता
जाति (Caste) खत्री (पंजाबी)
शैक्षणिक योग्यता (Education) दून स्कूल, देहरादून (स्कूल शिक्षा)
सेंट जेवियर कॉलेज कोलकाता (वाणिज्य स्नातक)
प्रसिद्धि कारण (Reason of Famous) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री

कमल नाथ का राजनीति सफ़र

इंदिरा गाँधी के कहने पर कमल नाथ ने अपना पहला चुनाव 1979 में छिंदवाडा से सांसद पद के लिए लड़ा. कमल नाथ 34 साल की उम्र में छिंदवाड़ा जिले से पहली बार सांसद के रूप में चुने गए. तब से लेकर आज तक वह 9 बार (1984, 1990, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014) छिंदवाड़ा से सांसद रह चुके हैं.

1996 हवाला कांड में नाम आने से उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा पत्नी अलका छिंदवाड़ा से सांसद चुनी गई 1 साल बाद हवाला कांड में बरी हुए तो पत्नी से इस्तीफा दिला कर चुनाव लड़े लेकिन भाजपा के सुंदरलाल पटवा ने उन्हें हरा दिया

कमल नाथ को मंत्रिमंडल में प्रभार (Kamal Nath as a Cabinet Minister)

  • 1991 से 1994 तक केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री
  • 1995 से 1996 केंद्रीय कपड़ा मंत्री
  • 2004 से 2008 तक केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
  • 2009 से 2011 तक केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री
  • 2012 से शहरी विकास मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री (2014 तक)

कमल नाथ का कांग्रेस संगठन योगदान (Role of Kamal Nath in Congress Party)

  • 1968 में युवक कांग्रेस में प्रवेश,
  • 1976 में उत्तरप्रदेश युवा कांग्रेस का प्रभार
  • 1970 – 81 अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य
  • 1979 में युवा कांग्रेस की ओर से महाराष्ट्र के पर्यवेक्षक
  • 2000-2018 तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव
  • वर्तमान समय मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष

कमल नाथ का शैक्षणिक संस्थानों के प्रभार (Kamal Nath in Education Institutes)

  • अध्यक्ष – इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी बोर्ड ऑफ गवर्नमेंट गाजियाबाद
  • अध्यक्ष – लाजपत राय पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज गाजियाबाद
  • अध्यक्ष – इंस्टिट्यूट ऑफ इंडोलॉजी नई दिल्ली साहिबाबाद

पुरस्कार / सम्मान

जबलपुर की रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने उन्हें 2006 में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। 2007 में, FDI पत्रिका ने उन्हें वर्ष की FDI व्यक्तित्व के रूप में नामित किया।

इकोनॉमिक टाइम्स ने उन्हें 2008 में “बिजनेस रिफॉर्मर ऑफ द ईयर” के खिताब से सम्मानित किया। एशियन बिजनेस लीडरशिप फोरम अवार्ड्स 2012 में, नाथ को “एबीएलएफ स्टेट्समैन अवार्ड” मिला।

कमल नाथ की पुस्तकें (Kamal Nath Books)

राजनेता होने के साथ-साथ कमल नाथ के अच्छे लेखक भी हैं वह वाणिज्य पर लिखना पसंद करते हैं. उनके द्वारा लिखी गयी किताब “भारत की शताब्दी एवं व्यापार निवेश उद्योग” प्रकाशित की जा चुकी हैं.

कमलनाथ के विवाद

2007 में, जब कमलनाथ वाणिज्य मंत्री थे, तब उनका नाम नाथ, प्रणब मुखर्जी और शरद पवार सहित सम्मानित मंत्रियों के समूह द्वारा लिए गए गैर-बासमती चावल के निर्यात से प्रतिबंध हटाने के विवादास्पद निर्णय में सामने आया था। उनका नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों में सामने आया है।

कमल नाथ का छिंदवाडा मॉडल

कमल नाथ की मध्यप्रदेश में जीत के पीछे छिंदवाडा मॉडल को भी माना जाता हैं. छिंदवाडा मॉडल सड़को का जाल, निजी कंपनियों, स्किल सेंट और ब्रोडगेज परियोजना हैं.

19 वी सदी में ब्रिटिश शासन काल में बंगाल नागपुर में रेलवे लाइन बिछाई गयी थी. जिसे बीएनआर रेलवे नाम से जाना जाता था.

1884 से 1903 तक इन लाइनों का निर्माण और विस्तार किया जाता रहा. आमला रेलवे स्टेशन से 87 किलोमीटर दूरी पर कोयलांचल क्षेत्र परासिया तक ब्राडगेज रेलवे लाइन डाली गयी थी.

इस प्रकार छिंदवाडा जिले का जुन्नारदेव परासिया क्षेत्र ब्राडगेज से जुड़ा था. इसी कारण छिंदवाडा उद्योग की दृष्टि से अनुकूल है.

यहाँ पर अडानी पॉवर लिमिलेड के पॉवर प्लांट, हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड का कारखाना और एफडीडीआई का प्रोजेक्ट स्थापित किया गया हैं.

1600 करोड़ की लगत से बना रिंग रोड शहर को नागपुर और जबलपुर की सड़कों से जोड़ता हैं.

कमलनाथ हमेशा कहते हैं उन्होंने अपनी जवानी छिंदवाडा के विकास में कुर्बान कर दी. भले ही यहाँ से विधानसभा में कांग्रेस नहीं जीते. लेकिन लोकसभा में कमल नाथ को ही जीत का आशीर्वाद मिलता हैं.

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