Biography

Hima das biography in hindi – हेमा दास की जीवनी

Hima das biography in hindi – हेमा दास की जीवनी

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Hima das biography in hindi

हिमा दास  आईएएएफ वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय  महिला बनी हैं.हिमा दास ने 400 मीटर की दौड़ स्पर्धा में 51.46 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता. उनके पीछे रोमानिया की एंड्रिया मिक्लोस 52.07 सेकेंड के साथ दूसरे और अमरीका की टेलर मैनसन 52.28 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रही थी. हिमा दास ने ऐसा ही प्रदर्शन जकार्ता में हुए 18वें एशियन गेम्स में भी जारी रखा. 2019 me उन्होंने 19 दिन में 5 गोल्ड मैडल जीतकर पूरे देश का नाम दुनिया में रोशन कर दिया था.

हिमा दास का जन्म 9 जनवरी 2000 को असम राज्य के नागाव जिले के ढिंग में हुआ था. हिमा एक दलित परिवार से हैं. हिमा के पिताजी का नाम रोंजित दास है. वह खेती का काम करते हैं. हिमा की माताजी का नाम जोमाली दास हैं. वह एक गृहणी हैं. उनके घर में कुल 16 सदस्य हैं. घर की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि बस अपने खाने-पीने की व्यवस्था हो जाती थी. परिवार में हिमा और उनके माता-पिता के अलावा 5 भाई और बहन हैं.

हिमा ने अपनी शुरूआती पढाई ढिंग गाँव से ही की. खेलों में रूचि होने के कारण हिमा अपनी पढाई जारी नहीं रख पाई.

नौगांव में अक्सर बाढ़ के हालात बन जाते हैं वह जगह बहुत अधिक विकसित नहीं है. जब हिमा गांव में रहती थी तो बाढ़ की वजह से कई-कई दिन तक प्रैक्टिस नहीं कर पाती थी क्योंकि जिस खेत या मैदान में वह दौड़ की तैयारी करती, बाढ़ में वह पानी से लबालब हो जाता.

जब वर्ष 2017 में हिमा राजधानी गुवाहाटी में एक कैम्प में हिस्सा लेने आई थीं तब उनपर निपुण दास की नज़र उन पर पड़ी. जिसके बाद निपुण ने ही हिमा को एथलिट के गुण सिखाये. निपुण उनके बारे में बताते हैं, “वह जनवरी का महीना था हिमा एक स्थानीय कैम्प में हिस्सा लेने राजधानी गुवाहाटी आई थी, वह जिस तरह से ट्रैक पर दौड़ रही थी, मुझे लगा कि इस लड़की में आगे तक जाने की काबिलियत है.”

इसके बाद निपुण हिमा के गांव में उनके माता-पिता से मिलने गए और उनसे कहा कि वे हिमा को बेहतर कोचिंग के लिए गुवाहाटी भेज दें. हिमा के माता-पिता गुवाहाटी में उनके रहने का खर्च नहीं उठा सकते थे. लेकिन बेटी को आगे बढ़ते हुए भी देखना चाहते थे. इस मुश्किल स्थिति में निपुण ने ही एक रास्ता निकाला.

वे बताते हैं, “मैंने हिमा के माता-पिता से बातचीत की और उन्हें कहा कि हिमा के गुवाहाटी में रहने का खर्च मैं खुद उठाऊंगा, बस आप उसे बाहर आने की मंजूरी दें. इसके बाद वे हिमा को बाहर भेजने के लिए तैयार हो गए.”

नाम (Name) हिमा दास
निक नेम  (Nick Name) ढिंग एक्सप्रेसमोन जय और गोल्डन गर्ल
जन्मदिन (Birthday) 9 जनवरी, साल 2000
जन्म स्थान (Birth Place) ढिंगनागांवअसम
नागरिकता (Citizenship) भारतीय
गृह नगर (Hometown) असम
कहां से हासिल की शिक्षा (Education)स्कूल का नाम 

कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम

 जानकारी नहीं
धर्म (Religion) हिन्दू
राशि (Zodiac) मकर राशि
घर का पता (Home Address)
पेशा (Occupation) ट्रैक और फील्ड
रिकॉर्ड (Record) विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप (400 मीटर दौड़ ) जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला

हिमा दास का करियर (Hima Das Career)

शुरुआत में हिमा को फ़ुटबॉल खेलने का शौक था, वे अपने गांव या ज़िले के आस पास छोटे-मोटे फ़ुटबॉल मैच खेलकर 100-200 रुपये जीत लेती थी. फ़ुटबॉल में खूब दौड़ना पड़ता था, इसी वजह से हिमा का स्टैमिना अच्छा बनता रहा, जिस वजह से वह ट्रैक पर भी बेहतर करने में कामयाब रहीं.

कोच निपुण दास ने हिमा को फ़ुटबॉल से एथलेटिक्स में आने के लिए तैयार किया तो शुरुआत में 200 मीटर की तैयारी करवाई, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वे 400 मीटर में अधिक कामयाब रहेंगी.

फिनलैंड विश्व अंडर 20 चैंपियनशिप (Finland Under-20 Championship)

रेस के शुरुआती 35 सेकेंड तक हिमा शीर्ष तीन में भी नहीं थीं, शायद ही किसी ने उन्हें फ़िनलैंड के ट्रैक पर लाइव दौड़ते हुए देखा होगा. लेकिन एक शख्स थे जिन्हें हिमा की इस रेस का बेसब्री से इंतज़ार था. वे थे उनके कोच निपुण दास. हिमा के यूं अंतिम वक़्त में रफ़्तार पकड़ने पर निपुण दास कहते हैं, “रेस में जब आखिरी 100 मीटर तक हिमा चौथे स्थान पर थी तो मुझे यक़ीन हो गया था कि वह इस बार गोल्ड ले आएगी, मैं उसकी तकनीक को जानता हूं वह शुरुआत में थोड़ी धीमी रहती है और अपनी पूरी ऊर्जा अंतिम 100 मीटर में लगा देती है. यही उसकी खासियत है.”

निपुण कहते हैं, “हिमा को ट्रैक के कर्व (मोड़) पर थोड़ी समस्या होती है यह बहुत हल्की सी दिक्कत है. यही वजह है कि शुरुआत में वह हमेशा पीछे ही रहती है लेकिन जब ट्रैक सीधा हो जाता है तो वह तेज़ी से रिकवर करते हुए सबसे आगे निकल जाती है.”

18वे एशियाई खेल (18th Asian Games)

18 वर्षीय हिमा ने आईएएएफ विश्व अंडर-20 चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था. पूरे देश को एशियाई खेलों में भी उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद थी और वह इसकी दावेदार भी थीं. लेकिन सेमीफाइनल में उनके फाउल होने के कारण भारत के पदक जीतने की उम्मीदों को झटका लगा. और हिमा को इस प्रतिस्पर्धा में रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा. फाइनल रेस में उन्होंने 50.79 सेकेंड के समय निकाला. हिमा ने शानदार दौड़ लगाई.

पोलैंड दौरा

हिमा दास ने 2019 में पोलैंड में आयोजित हो रही प्रतियोगिता में 2 स्वर्ण पदक हासिल किये. यह दोनों पदक उन्हें 200 मीटर की रेस में प्राप्त हुए. हिमा को पहला पदक 2 जुलाई को पोजनान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में 200 मीटर रेस 23.65 सेकंड में पूरी कर जीता जबकि दूसरा 7 जुलाई को कुनटो एथलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस को 23.97 सेकंड में पूरा कर जीता.

चेक रिपब्लिक दौरा

पोलैंड में जिस तरह का प्रदर्शन हिमा ने किया था उसकी तरह का प्रदर्शन उन्होंने चेक रिपब्लिक में किया. इसके साथ ही उन्होंने मात्र 19 दिन में 5 लगातार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया हैं. जिसमे 2 पदक उन्होंने पोलैंड में और 3 पदाक चेक रिपब्लिक में हासिल किये. हिमा ने क्लाद्नो एथलेटिक्स मीट और ताबोर एथलेटिक्स मीट की 200 मीटर की क्षेणी में और नोवे मेस्टो नाड मेटुजी ग्रांप्री में 400 मीटर की क्षेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया.

19 दिन 5 पदक

पहला स्वर्ण पदक : 2 जुलाई- पोलैंड में पोजनान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में 200 मीटर रेस 23.65 सेकंड में पूरी कर जीता.

दूसरा स्वर्ण पदक : 7 जुलाई- पोलैंड में कुनटो एथलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस को 23.97 सेकंड में पूरा किया.

तीसरा स्वर्ण पदक : 13 जुलाई- चेक रिपब्लिक में क्लाद्नो एथलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस 23.43 सेकेंड में पूरी की.

चौथा स्वर्ण पदक : 17 जुलाई- चेक रिपब्लिक में ताबोर एथलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस 23.25 सेकंड के साथ जीती.

पांचवा स्वर्ण पदक : 20 जुलाई – ‘नोवे मेस्टो नाड मेटुजी ग्रांप्री’ में हिमा ने 400 मीटर की रेस 52.09 सेकंड में पूरी करके जीती.

हिमा दास ने 1 महीने में 5 गोल्ड मैडल जीत कर इतिहास रच दिया 

हिमा दास ने नॉवे मेस्टो सीजेच रिपब्लिक (Nove Mesto, Czech Republic) में शनिवार को 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण-पदक हासिल करके देश का नाम रोशन किया हैं. इस दौड़ प्रतियोगिता में उन्होंने 52.09 सेकंड लिए थे हालाँकि ये स्पीड उनके अब तक के बेस्ट स्पीड से कम हैं. 2 जुलाई 2019 से लेकर 22 जुलाई 2019 तक हिमा यूरोप में होने वाली विविध प्रतियोगिताओं में 5 बार स्वर्ण पदक हासिल करके देश को गौरवान्वित कर चुकी हैं.

  • जुलाई में पहली बार हिमा ने 2 जुलाई को 200 मीटर की रेस 23.65 सेकंड में पूरी की थी और पोलैंड में पोजनान एथेलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स (Poznan Athletics Grand Prix) में स्वर्ण पदक हासिल किया था.
  • इसके बाद दूसरी बार 8 जुलाई को उन्होंने पोलैंड में ही कुट्नो एथेलेटिक्स मीट में 200 मीटर की रेस को 23.97 सेकंड में पूरा करके स्वर्ण पदक हासिल किया था,
  • फिर तीसरी बार 13 जुलाई को उन्होंने क्जेच रिपब्लिक में क्लाद्नो एथेलेटिक्स मीट (Kladno Athletics Meet in Czech Republic) में 23.43 सेकंड के साथ 200 मीटर की रेस में स्वर्ण पदक और
  • चौथी बार 17 जुलाई को टाबोर एथेलेटिक मीट (Tabor Atheletic Meet) में भी 200 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था, इस तरह ये उनका इस महीने में पांचवा स्वर्ण पदक हैं.

अप्रैल में हुए एशियन एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के बाद हिमा का ये बेहतरीन प्रदर्शन हैं, जिसमें हिमा 400 मीटर की रेस पूरी नहीं कर पायी थी,उसके बाद उन्होंने 400 मीटर की रेस में अब ही भाग लिया हैं.

हिमा दास की पसंद (Like)

पसंदीदा खेल (Favourite Sport) फुटबॉल और रेसिंग
पसंदीदा फुटबॉल खिलाड़ी Player (Favourite  ) निकोलस वेलेज़
पसंदीदा एक्टर (Favourite Actor) विक्की कौशल
पसंदीदा अभिनेत्री (Favourite Actress) आलिया भट्ट
पसंदीदा फिल्मी (Favourite Movie) मोन जय (असमी फिल्म) , मिशन चाइना (असमी फिल्म)
पसंदीदा गायक (Favourite Singer) जुबीन गर्ग
पसंदीदा जगह (Favourite Place) शिमला हिमाचल प्रदेश 
पसंदीदा एथलीट (Athlete) अश्विनी अक्कुंजी

हेमा दास के बारे में तथ्य

1 – हेमा के शौक फुटबॉल खेलना, शूटिंग करना, संगीत सुनना, फिल्में देखना है।

2 – हेमा के कोच ने अपने गांव से 140 किमी दूर गुवाहाटी में शिफ्ट होने के लिए हेमा पर दबाव डाला और उन्हें आश्वस्त किया कि उनका एथलेटिक्स में भविष्य है। उसके माता-पिता शुरू में उसे जाने देने से हिचकिचा रहे थे, लेकिन बाद में वे मान गए।

3 – भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ, भारतीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी उन्हें ट्विटर पर बधाई दी।

4 – एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने इवेंट जीतने से पहले उसकी अंग्रेजी का मजाक उड़ाया, लेकिन बाद में दास के स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने माफी मांगी।

5 – गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में, वह महिलाओं के 400 मीटर के फाइनल में 6 वें स्थान पर रही।

6 – अगस्त 2018 में, उसने इंडोनेशिया में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक जीता।

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