9th english

english 9 class notes | BHARATHIPURA

BHARATHIPURA

english 9 class notes

class – 9

subject – english

lesson 8 – BHARATHIPURA

BHARATHIPURA
(  भरथिपुर  )

SabDekho.in

Prof. U R Anantha …………………..tense situation.

Words meaning : acclaim = स्तुति करना। Prolific = उत्पादक , फलवान । Subcontinent= उप – महाद्वीप । Contribution = देन। Historical= ऐतिहासिक। Creative= रचनात्मक। Particularly= विशेषतः। Original= मौलिक। Several= अनेक। Based= आधारित। Respectively= क्रमशः। Visiting= अभ्यागत। Conferred= दिया, प्रदान किया गया। Extract= अंश। Protagonist= पहलवान। Ancestral= पैतृक। Reigning= राज्याधिकारी। World= प्रबंध करना। Inhabitants= निवासी। Systematically= व्यवस्थित रूप से। Feudal= जागीरदारी का । Awakening= जागृति। Myth= पुराण- कथा। Therefore= इसीलिए। Highly= बहुत, अति, परम। Situation= ( condition) स्थिति ।

वाक्यार्थ — प्रोफेसर यू. आर. अनन्थ मूर्ति भारतीय उपमहाद्वीप के अत्यधिक उर्वर – काल्पनाशील लेखकों और विचारकों में से एक माने जाते हैं। रचनात्मक लेखन, विशेषतः उपन्यास और कहानियों के क्षेत्र में उनकी देन ऐतिहासिक मानी जाती है। उनका मौलिक लेखन कन्नड़ भाषा में है जिनका अनुवाद अंग्रेजी, रूसी ,फ्रेंच , हिंदी , बंगाल और कई अन्य भाषाओं में किया गया है। वह आयोवा यूनिवर्सिटी और टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के अभ्यागत  प्रोफेसर क्रमशः 1975 और 1978 में रहे। वह महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम के उप – कुलपति और साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें साहित्य के क्षेत्र में भारत का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘ ज्ञानपीठ अवार्ड ‘ से सम्मानित किया गया है।
प्रस्तुत पाठ यू आर अनन्थ मूर्थि के उपन्यास भरथिपुर से लिया गया अंश है। कथा का नायक जगन्नाथ इंग्लैंड से अपने पैतृक गाँव भरथिपुर को लौटता है। यह एक मंदिर – प्रधान गाँव है और वहाँ के राज्य देवता भगवान मन्जूनाथ हैं। वह एक दुष्ट आत्मा भूथरया से शक्तियाँ प्राप्त कर लेता है जैसे कि वहाँ के निवासी विश्वास करते हैं। ताकि गाँव के लोगों पर उनकी शासन की शक्तियाँ और मजबूत हो सकें। जगन्नाथ इस आशा के साथ अपने गाँव लौटा है कि वह गाँववालों में जागृति ला सके।
इसके लिए उसे अछूतों को उस मंदिर में ले जाना होगा। किंतु उसके पहले उसे अपने पारिवारिक देवता भगवान नरसिम्हा के सम्बंध में फैले गप्प – कोरी कहानियों को नष्ट करना होगा।प्रस्तुत पाठ में इसी अति तनावपूर्ण स्थिति का वर्णन करता है।

From the portico…………………....want to know .

Words meaning : Protico = बरामद, बरसाती। Courtyard= प्रांगण
Suppressed= दबाया। Uneasy = व्याकुल, अशांत। Felt= महसूस किया। Whipping= चोट करते हुए। Get rid of =  छुटकारा पाना। Suffering = पीड़ा ।  Shattering = हिलाते हुए। Frightened= डरा हुआ।  Gripped= कसकर पकड़ा। Casket = जवाहरात का बक्स।  Damp =  गीला ,ठण्डा, तर। Stunned =  बहरा किया हुआ। Impending= भयकारी । Vacant= खाली। Blast =  बिस्फोट ।

वाक्यार्थ — ड्योढ़ी से नीचे उतर कर वह अहाते में आकर खड़ा हो गया । पीछे मुड़कर देखने की इच्छा को उसने दबा दिया। उसने महसूस किया कि चाची की निगाहें उसकी पीठ पर कोड़े बरसा रही है। उनकी आँखों में झाँक कर वह इस पीड़ा से छुटकारा पा सकता था , सीधे उनकी प्रार्थना को ठुकराकर । वह डरा हुआ था। इस तरह से उनकी अवज्ञा करना काफी हिंसक अथवा परेशानी खड़ा करने वाला हो सकता था। उसका हाथ जो बक्स को  कसकर पकड़े हुए था, गीला था। संभवतः भगवान नरसिम्हा का यह शालिग्राम कभी घर की देहली को पार न किया था। अपनी आँखों में जीवन भर कि शक्ति समेट कर वह प्रार्थना में अवश्य उन्हें वापस बुला रही होगी। वह नहीं जानता कि वह स्तब्ध क्यों क्यों हो गया है। उनकी खाली निगाहें बस तके जा रही थीं। वे भयंकर विस्फोटक के विषय में कुछ नहीं जानते थे। वे जानना भी नहीं चाहते थे ।

Slowly he began………………….burned like cinder.

Words meaning : Towards= की ओर। Mass= पिंड । Distant = दूर स्थित । Retreating =  पीछे हटते हुए। Appeared= प्रतीत हुए। Curved =  झुका हुआ। Shed= पशुशाला। Brisk= तीव्र होना। Tittered = थोड़ी हँसी । Pebble= पत्थर। Intense= गहन। Presence=  उपस्थिति। Cinder=  भस्म।

वाक्यार्थ — धीरे- धीरे वह उनकी ओर बढ़ने लगा। सूरज का लाल गोला दूर स्थित पहाड़ के कंधे पर बैठा हुआ था। पीछे हटते हुए शाम की ओर पीली रोशनी सूखी घास- भूसे की ढेर पर पड़ रही थी। मवेशी अपने पशुशाला को लौट रहे थे और उनके गले में घंटियाँ बज रही थी। दिन के इस वक्त चाची पशुशाला के निकट उनका इंतजार कर रही होगी । कावेरी ने अहाता पार किया, अपने सिर पर जलावन की लकड़ियाँ का बोझ लादे, उसके कदम बोझ के कारण तेज थे और उसकी साड़ी मुड़ी हुई थी । ये पेरिआ गण, जो सफेद कमीज और अन्य सफेद कपड़ों में थे , उसे निश्चित तौर पर मजाकिया लग रहे होंगे । वह ठठा कर हँस दी ।
जगन्नाथ सोच रहा था कि क्या ही मूर्खतापूर्ण स्थिति है। उसके लिए तो यह शालिग्राम  सिर्फ एक  पत्थर है। वह  सम्पूर्ण अहाते को एक चुम्बकीय मैदान के रूप में बदल रहा था, अछूतगण उसके सामने थे और चाची उनके पीछे थीं । उसका व्यक्तित्व तार्किक विचार से  पूर्ण था कि कभि कोई भगवान नहीं था।
उसकी हरकतों की निर्थकता उसके मस्तिष्क में कौंधी । यह वही था जिसने इस शालिग्राम सिर्फ  उन अछूतों को छूने के लिए बाहर निकाला था। वह रूका चाची और सारा परिवार वहाँ खड़ा था। बरामदे के एक कोने पर उसने नौकरो को देखा । इस हजार वर्ष पुरानी शालिग्राम को घर से बाहर ले जाने का साहस अब तक कोई नहीं कर पाया था। जो कुछ भी वह इसके विषय में सोच रही होंगी सब जगन्नाथ के दिमाग में आ रहा था।
वह उनकी आँखों की उपस्थिति को महसूस कर रहा था और उसके हाथ में वह काला पत्थर एक जलते हुए भस्म की तरह पड़ा था।

Was he doing ……………. quickly towards them.

Words meaning : For the skae of = किसी के लिए। Discard=  हटाना। Tread=  चलना। Bewildered=  व्यग्र , घबड़ाया हुआ। Vapour= वाष्प । Impersonal= व्यक्तित्वशून्य । For ever= हमेशा। Resolve= निश्चय करना। Triumph= जीत। Bitter=  कटु। Ghastly= भयंकर। Desolation= उड़ाव । Fear = भय। Anxiety = चिंता। Guilty= दोषी। Realized= महसूस किया। Violence= हिंसा , साहस।

वाक्यार्थ — क्या वह यह अछूतों के लिए कर रहा था या स्वयं के लिए ? सभी कुछ का त्याग कर क्या वह अडिग के रास्ते पर चलना चाहता था जो एक अवधूत का पथ कहलाता था। इसने उसे उस क्षण इतना व्याकुल कर दिया कि वह महसूस कर रहा था कि उसकी मार्क्स और रूसेल के संबंध में सभी धारण काफूर हुई जा रही थी।
उसने अपने विचारों को स्पष्ट करना चाहा। ये अछूतगण मेरे सामने ऐसे खड़े थे, जैसे भावशून्य , प्रेत हों। मैं सदा के लिए ऐसे ही कांपता हुआ खड़ा नहीं रह सकता था। किंतु एक ही समय में मैं शालिग्राम के साथ अछूतों की ओर बढ़ रहा था और उसी समय संदेह से भरा पीछे भी हट रहा था । इन अछूतों को गाँव के देवता मन्जूनाथ को छूने के पहले मेरे कुल देवता का स्पर्श करना होगा। अगर मैं इस कार्य के लिए जरूरी साहस के लिए तैयार हो पाऊँगा, तो मैं परिवर्तन के लिए जरूरी साहस जुटाने का पहला पाठ सीख पाऊँगा । इसलिए मुझे अपने विचारों पर विश्वास करके आगे आगे बढ़ना ही होगा। नहीं तो चाची जीत जायेंगी। उसने चारों ओर देखा, अभी भी कठोर वातावरण था। घर के चारों ओर भयंकर सन्नाटा था। इसने उसे त्याग दिया था, उसने महसूस किया कि वह एक धूल में बदल कर हवा के साथ उड़ा जा रहा है।

The important ……………………Of the parihas?

Words meaning :  invade= आक्रमण करना।  Turned= बदल दिया। Priest= पुजारी। Aware=  सजग ।  Past= अतीत ।  Compassionate=  कृपालु। Tug=  झटका देना, घसीटना। Fulfillment=  इच्छापूर्ति। Dodge=  धोखा देना।

वाक्यार्थ — महत्त्वपूर्ण प्रश्न है कि ईश्वर ने इस तरह से मुझ पर आक्रमण क्यों किया है। जिसे मैं एक पत्थर की तरह दिखाना चाहता था वह एक शालिग्राम बन गया है। ऐसा क्यों ? मेरे अंदर घंटियाँ बज रही हैं? मेरे हर कदम के साथ यह पत्थर शालिग्राम में बदलता जा रहा है। अछूतों की आँखें मुझ पर हैं और वे घास चरते मवेशियों की आँखें की तरह खाली हैं। वे किसी अतीत या किसी भविष्य के प्रति सजग नहीं हैं। किंतु मेरी पीठ पर टिकी आँखें कृपालु हैं और वे मुझे वापस खींचना चाहते हैं। क्या मैं धोखा दे दूँ फिर मुडूँ और उन अछूतों की इच्छापूर्ति करूँ।

He went and ……………..How easy! Touch!

Words meaning : So close= इतना नजदीक। Stepped back=  पीछे हटे। Conch=  शंख। Cymbal= झाँझ । Spell= सम्मोहन । Swelled= अकड़ने लगा। Trembling=  कम्पन। Terror= त्रास, भय।
Stricken = चोट खाये हुए। Parapet= दीवार। Coaxing =  फुसलाते। Vulnerable=  भेद्द , भाव पहुँचाने योग्य ।  Bond = बंधन। Obligation= अनुग्रह या उपकार। Importunity=  अतिप्रार्थना। Alter= परिवर्तन , बदलना।

वाक्यार्थ — वह गया और उनके नजदीक खड़ा हो गया। उसको इतना नजदीक देखकर वे पीछे हट गये। जगन्नाथ ने बक्स का ढक्कन खोला। यदि एक शंख बज उठता अथवा एक जोड़ी झाँझ अथवा मंजीरा बज उठते तो इस स्थिति पर अच्छी टिप्पणी होती । उसके गले की नस अकड़ गई। उसने गहरे , कंपन भरे स्वर में कहा: ‘ इसे छुओ ।’
उसने चारों तरफ देखा । सूरज डूब रहा था। चाची और पुजारी भय से जड़ हुए द्वारा पर थे। ओक्कालिगा मजदूर अपनी बगलों में हँसिया दबाए हुए दूसरे कोने में भीड़ लगाए हुए थे। कावेरी अपना चेहरा पोंछते हुए , दीवार के सामने खड़ी थी। उसके सामने वे अछूतगण मूर्खों की तरह मुँह खोले खड़े थे। उसका शरीर हिला और उसके बाल खड़े हो गये। उसने फिर कहा, उन्हें फुसलाते करते हुए ‘ इसे छुओ।’
शब्द उसके गले में जम गये । यह पत्थर कुछ नहीं है। बस मैंने अपना दिल इस पर रख दिया है और मैं इसे तुम तक पहुँचा रहा हूँ, मेरे मस्तिष्क के भेद्द हिस्से तक पहुँचो; यह शाम की प्रार्थना का वक्त है; छूओ इसे; नन्ददीप अभी भी जल रहा है। वो सब जो मेरे पीछे खड़े हैं मुझे अपने उपकार के बंधन से पीछे खींच रहे हैं। यह मेरी प्रार्थना शालिग्राम बन जाती है। क्योंकि मैंने इसे दिया है क्योंकि तुमने इसे छुआ है, और क्योंकि वे सभी इस घटना के साक्षी बनें हैं, इस अँधेरी होती रात में , इस पत्थर को शालिग्राम बन जाने दो। तुम, पिल्ला , तुम जंगली सूअर या बाघ से नहीं डरते , इसलिए इसे छुओ । एक कदम आगे और तुम मंदिर के अंदर होंगे।

His hands were …………………..fuling dazed .

Words meaning : Sweating =  पसीना का बहना। Profusely= अतिव्यय से। Suspects= दोषी समझे गये। Salver=  थाली। Crimson=  गहरे लाल रंग का। Areca= सुपारी का वृक्ष। Gasped= हाँफता हुआ ।
Unconscious=  बेहोश । Oracle= आकाशवाणी। Contingency=  आकस्मिक घटना। Quivering = काँपते हुए। Soothe=  कम करना।  Recoiling= पीछे हटने वाला।  Winced=  चौंका ,हिचका । Wry=  मोड़ा। Languish=  निरूत्साह होना। Choke= गला घोंटना। Rage= भीषण क्रोध। Disgusting= अरूचिकर। Infuriated=  कोपाकूल। Menacing= धमकाते। Strain= दबाव।  Exhausted= थका हुआ। Pitched= फेंक दिया। Grotesque=  विचित्र। Meaningless= अर्थहीन। Dazed= घबड़ाया। Auspicious= शुभ (मंगल ) करने वाला।

वाक्यार्थ — उसके हाथ से बहुत ज्यादा पसीना निकल रहा था । वे अछूतगण पीछे हटे । सभी ने उसे परिवर्तित कर दिया था। इन अछूतों ने, और उन लोगों ने जो उसके पीछे खड़े थे। और इस शाम ने भी। वह जानता था कि ये नीचे डरे हुए हैं। उन्होंने देखा कि वे कैसे मंदिर में चारों को पकड़ते हैं; इन अभिमन्त्रित नारियल को सन्देहास्पद लोगों को छूने को कहते हैं। नारियल पर एक मानव चेहरा उभर जाना था। सभी को उसे छूना था। लेकिन कोई न कोई व्यक्ति ऐसा होता कि जब वह तश्तरी उसके पास आती , वह हाँफने लगता और उसकी नसें तन जातीं। और वह बेहोश होकर गिर पड़ता। ये अछूत ऐसे दृश्यों से गुजर चुके थे। भूथरया का विचित्र , डरावना अस्तित्व , अब इस आकस्मिक घटना के समक्ष उपस्थित हो सकता था, हाथों से सुपारी के फूल लिए हुए, शरीर पर कुमकुम लगाया कांपता शरीर और उनके लिए सजा की घोषणा करते हुए।
जगन्नाथ ने उन्हें शांत करने की कोशिश की। वह अपने नित्य प्रतिदिन के शिक्षक की – सी आवाज में बोला: यह सिर्फ एक पत्थर है।
इसे छुओ और तुम देखोगे । अगर ऐसा नहीं करोगे , तो हमेशा के लिए मूर्ख बने रहोगे।
वह नहीं जानता था कि उनके की कोशिश की। उनके साथ क्या हुआ है पर अचानक सारा दल पीछे हटने लगा। अपने ऐंठे हुए चेहरे के अंदर वे चौंके /हिचके , खड़े होने में भी असमर्थ और भागने में भी असमर्थ वह अत्यंत क्रोध भरे कुपित स्वर में चीखा— ‘ हाँ, छुओ इसे ।’ वह उनकी ओर बढ़ा । उसके अंदर एक दानव- सा उबल पड़ा। वे अछूतगण उसे घृणास्पद जीव लगने लगे जो अपने पेट के बल रेंग रहें हों। उसने अपना नीचे का ओंठ काटा और दृढ़ , धीमें स्वर में कहा— ‘ पिल्ला छूओ इसे ! हाँ , छुओ इसे !!’
पिल्ला आँखें झपकाते खड़ा रहा। जगन्नाथ ने खुद को खोया और हारा हुआ महसूस किया। जो कुछ वह उन्हें इन दिनों सीखा रहा था, सब खत्म होता लग रहा था। वह डरावने अंदाज में चीख पड़ा— ‘ छुओ, छुओ, तुम छुओ इसे! ऐसा लग रहा था कि उसके अंदर से एक हिंसक पशु बोल रहा हो। वातावरण उसकी चीखों से भर गया था- ‘ छुओ ! छुओ ! छुओ ! इतना दबाव उन अछूतों के लिए अत्यधिक था । यंत्रवत वे आगे बढ़े , तेजी से उस चीज को छुए जो जगन्नाथ के हाथ में था और तेजी से पीछे हट गये।
पीड़ा और हिंसा से थके हुए जगन्नाथ ने शालिग्राम को परे फेंक दिया। भारी क्रोध अब भ्रष्ट अंत पर पहुँच गया था । चाची का अछुतों के साथ व्यवहार फिर भी मानवीय था। कुछ क्षण के लिए वह मानवीयता को बिल्कुल भूल गया था वे अछुतों उसे बिल्कुल निरर्थक चीज लग रहे थे। उसे पता चला कि कब वे अछूत चले गये। अपना होश संभालते – संभालते उसने देखा कि रात का अंधेरा घना हो गया था । अपने – आप से दुखी होकर वह चलने लगा। उसने अपने – आप से पूछा , जब उन्होंने हुआ था , हमने मानवीयता को दी थी — उन्होंने भी और मैंने भी ? क्या ऐसा नहीं हुआ ? और हम मर गये। कहाँ दोष था इन सबमें , मुझमें या समाज में ? कोई जवाब नहीं मिला । एक लम्बी थकान भरी यात्रा के बाद वह व्यग्र – व्याकुल हुआ घर आया ।




EXERCISES
A. Let’s  Answer :
Q.1. Who was the reigning deity of village Bharathipura ?
Ans. Lord Manjunath was the reigning deity of village Bharathipura.
Q.2. Why did Jagannath want to take the untouchables into the temple of Bharathipura village ?
Ans. Jagannath wanted to change over the nasty status of untouchables in the society. To uplift them from their present ugly state he did so.
Q.3. Why were the parish afraid of touching the saligram ?
Ans. They feared that ghastly Bhutharya would punish them. They also feared to God. So they were afraid of touching the saligram.
Q.4. Why was touching the stone so important.
Ans. Had they touched the stone they would also have permitted to enter in the village temple . For which they were deprived of centuries. So, for the sake of a revolutionary positive change in their liyes their touching the stone was important.
Q.5. What did Jagannath say to the Pariahs to encourage them to touch the stone ?
And. Jagannath said that if this time they didn’t touch the stone they would remain to be crushed in society for ever. He said that, if they took this one step, centuries will change over for them.
Q.6. How did Jagannath encourage the Pariahs to touch the stone ?
Ans. Jagannath encouraged the Pariahs to touch the  stone saying— just one step they should take and centuries will change for them. He further encouraged them saying that — it was so easy, only take one step and just touch the stone.

B. Let’s Discuss
Q.a. Discrimination on the basis of caste and creed should be discouraged.
Ans. History of your country has witnessed slavery over centuries for discrimination on the basis of caste and creed. So, this malpractice must be discouraged. Any difference between mat to man is really disgusting. God has made us all without any difference. He loves us all. In His eyes all humans are equal. So their should not be any discrimination on the basis of caste and creed. As it is a bar for the peace and progress of the Society. We must remember— United we stand, divided we fall.
Q.b. Age old practices do not go easily.
Ans. Its rightly Said that age old practices do go easily. In the present story, we have seen the statement proving true. The pariahs dared not touch the saligram even though Jagannath had stressed before them so many times that it was mere a stone. Fear of Gold had ruled within them for centuries. But when Jagannath appeared before them more dreadful than Bhutharya they followed their fear and ought of that fear they had worked. Weust have witnessed in our day to day life- even not knowing the meaning of the mantras people chant, they continue on mantra chanting with all of their respect towards God. This is also due to age old practices. They have to only follow the way of living of their is also due to age old practices. They have to only follow the way of living of their family followed by their forefathers.
So, it is rightly said that age old practices do not go easily.




C. Let’s Do
a. Do a project work on any three eminent social/ religious reformers in India.
[ Hints: It is a project work. Do yourself with the help of your teacher. ]

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