8th hindi

bihar board 8th class hindi note | ईदगाह

ईदगाह

bihar board 8th class hindi note

वर्ग – 8

विषय – हिंदी

पाठ 2 – ईदगाह

ईदगाह
प्रेमचन्द

प्रेमचन्द रचित यह…………. को मिलता है । कहानीकार – रमजान के तीस दिनों के बाद ईद आई है । गाँव में खुशी का माहौल है । सभी ईदगाह जाने के लिए तैयारियाँ कर रहे हैं । बच्चे ज्यादा प्रसन्न हैं । सभी के जेबों में पैसे हैं । लेकिन हामीद जो एक गरीब है । उसके माता – पिता मर चुके हैं । एक बुढ़िया दादी अमीना उसे पाल रही है । हामीद के पास दादी ने मात्र तीन पैसे दिये हैं ।
ईदगाह पर नवाज पढ़े गये । इसके बाद बच्चों ने मिठाई की दुकान पर आकर रंग – बिरंग की मिठाईयाँ खाने लगे लेकिन हामीद ललचाता रहा । क्या करे , क्या खरीदे उसके समझ में नहीं आ रहा था । बच्चे आगे बढ़े रंग – बिरंग के खिलौने देख बच्चे अपने – अपने पसंद के खिलौने खरीदे । लेकिन हामीद को रंग – बिरंगे खिलौने आकर्षित नहीं कर सके । हामीद आगे बढ़ा , लोहे के बने विविध प्रकार के चीज बिक रहे थे । जहाँ बच्चों की जरूरत की कोई चीज नहीं । लेकिन हामीद तीन पैसे में एक चिमटा खरीद लेता है । यह चिमटा दादी को काम आयेगा । रोटी सेकने में दादी का हाथ नहीं जलेगा ।
हामीद चिमटा लेकर बच्चों के बीच आता है । जहाँ बच्चे उसके चिमटे का उपहास करते हैं । लेकिन हामीद अपने चिमटा को कंधे पर रख बंदूक कहता है । हाथ में लेकर फकीरों का चिमटा बताता है । हामीद ने चिमटा को बजाते हुए मंजीरा भी साबित कर दिया । चिमटा को घुमाते हुए कहा , अगर एक चिमटा जमा दूं तो तुम्हारे खिलौने के जान निकल जाएँगे । मेरे चिमटे को कोई बाल – बाँका नहीं कर सकता । फिर बच्चे चिमटे के कायल हो गये । सबों ने हामीद के चिमटे हाथ से छुए । हामीद ने भी सबों के खिलौने को बारी – बारी से स्पर्श किया ।
बच्चे गाँव आकर अपने – अपने खिलौने से खेलने लगते हैं । सभी के खिलौने कुछ ही देर में टूट – फूट गये ।
हामीद को देखते ही दादी अमीना गोद में उठाकर गले लगा लेती है । सहसा हामीद के हाथ से चिमटा गिर जाता है । वह चौक जाती है चिमटा कहाँ से आया । वह गुस्सा में आ जाता है । हामीद ने कहा दादी तुम्हारा हाथ अब नहीं जलेगा । दादी का क्रोध स्नेह में बदल जाता है । वह सोचने लगती है । हामीद में कितना त्याग , सद्भाव और विवेक है जो बच्चों को मिठाई खाते , खिलौने से खेलते देख ललचाया होगा । लेकिन सभी इच्छाओं को दबाकर वह दादी का ख्याल रखा ।
अमीना की आँखों में स्नेह के आँसू बहने लगे । वह दामन फैलकर हामीद को दुआएँ दे रही थी । ।

   शब्दार्थ –
अभागिन = भाग्यहीन स्त्री । गत = पिछला । दिल कचोटना = अफसोस होना , मन में कसक होना , घबराना । ईदगाह = वह स्थान जहाँ ईद के दिन नमाज पढ़ी जाती है । सिजदे = सम्मान में , सर झुकाना । निगाह = दृष्टि , नजर । प्रदीप्त = जला हुआ । मशक = पशु की खाल से बना थैला । मशक = मशक से पानी भरने वाला । पोथा = मोटी किताब , कॉपी । उपेक्षा – नजरअंदाज । विवेक = भले – बुरे का ज्ञान , समझ । जब्त = दबाया हुआ । गद्गद् = अत्यन्त प्रसन्न । दामन = आँचल । ठोस = मजबूत ।
प्रश्न – अभ्यास

पाठ से –

1. ईद के दिन अमीना क्यों उदास थी ?

उत्तर – ईद के दिन भी अमीना इसलिए उदास थी क्योंकि उसके घर में एक दाना भी नहीं था । फिर हामीद अकेले कैसे तीन कोश तक पैदल चलकर ईदगाह तक जायेगा ।

2. हामीद मिठाई या खिलौने के बदले चिमटा पसन्द करता है । क्यों ?

उत्तर – बचपन में यदि बच्चा अभावग्रस्त हो तो वह वयस्क की तरह सोचने लगता है । हामीद ने सोचा मिठाईयाँ से केवल जिह्वा में स्वाद आता है जो क्षण – भर के लिए होता । खिलौने भी मिट्टी के बने हैं जिसपर पानी पड़ते ही रंग उड़ जाएँगे । ठोकर लगते ही टुट – फूट जाएँगे । लेकिन चिमटा न कभी टुटेगा न फूटेगा । यह दादी को काम आयेगा । दादी को रोटी सेकने के समय अंगुलियाँ नहीं जलेंगी । यह बहुत उपयोगी है । यह सब बातें सोचकर हामीद चिमटा ही पसन्द करता है ।

3. मेला जाने से पहले हामीद दादी से क्या कहता है ?

उत्तर — मेला जाने से पहले हामीद दादी से कहता है- ” तुम डरना नहीं अम्मा , मैं सबसे पहले आऊँगा । बिल्कुल न डरना । ”

4. मेले में चिमटा खरीदने से पहले हामीद के मन में कौन – कौन से विचार आए ? वर्णन कीजिए ।

उत्तरमेले में चिमटा खरीदने से पहले हामीद के मन में एक वयस्क की तरह विचार करने लगा । खिलौने सभी अच्छे हैं किसे लें । हरेक का दाम दो पैसे हैं , सभी खिलौने भी नहीं होंगे । फिर मिट्टी के बने ये खिलौने यदि हाथ से छूट गये तो चूर – चूर हो जायेंगे , पानी पड़ा तो सारा रंग घुल जाएगा । ऐसे खिलौने लेकर वह क्या करेगा । जब वह लोहे की दुकान पर जाता है तो चिमटा देखते ही वह विचारने लगता है । दादी के पास चिमटे नहीं हैं तव से रोटियाँ उतारते समय उसके हाथ की अंगुलियाँ जल जाती हैं । अगर चिमटा लेकर दादी के पास जायेगा तो दादी बहुत खुश होगी । उनकी अँगुलियाँ अब कभी नहीं जलेंगी । खिलौने लेने से व्यर्थ में पैसे खराब हो जाएंगे ।

5. हामीद ने चिमटे को किन – किन रूपों में उपयोग करने की बात कही है ?

उत्तर – हामीद चिमटे को बंदूक , फकीरों के चिमटे , मंजीरे तथा खिलौने को जान निकालने वाला हथियार के रूप में उपयोग की बात कही है ।

6. ईदगाह कहानी आपको कैसी लगती है ? इसकी मुख्य विशेषता बताइए ।

उत्तर – ‘ ईदगाह ‘ कहानी हमें अत्यन्त रोचक लगी । इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं-
( i ) कहानी बाल – मनोविज्ञान पर आधारित है ।( ii ) अभावग्रस्त बच्चे , वयस्क की तरह सोचते हैं । ( iii ) चुनौतियाँ बच्चे को परिपक्व बनाती हैं ।
( iv ) कहानी मुहावरों के द्वारा रोचक बनाया गया है । ( v ) कहानी में जटिल शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है ।
( vi ) कहानी सुखान्त है इत्यादि ।

7. चिमटा देखकर अमीना के मन में कैसा भाव जगा ?

उत्तर — चिमटा देखकर अमीना के मन में दो प्रकार के भाव जगे-

( क ) लड़का कितना वेसमझ है , न कुछ खाया न पिया और न कोई खेलने का खिलौने लाया । यह चिमटा क्यों ले आया । लेकिन जब हामीद ने कहा ” तुम्हारी अंगुलियाँ तबे से जल जाती थी इसलिए मैंने इसे ले लिया तो दादी के भाव बदल गये ।

( ख ) दूसरे भाव में दादी सोची — हामीद में कितना त्याग , सद्भाव और विवेक है । बच्चे को मिठाई खाते देख अवश्य ललचाया होगा । लेकिन बुढ़िया दादी का ख्याल बना रहा ।

8. ईदगाह कहानी की प्रमुख विशेषताएँ बताइए ।

उत्तर– ” ईदगाह ” कहानी विशेषताओं से भरी हैं

( क ) कहानी बाल – मनोविज्ञन पर आधारित है । ( ख ) कहानी में अभावग्रस्त बच्चा को वयस्क की तरह सोच पैदा किया गया है ।
( ग ) कहानी में बताया गया है कि चुनौतियाँ बच्चे को परिपक्व मतिबाला बना देता है ।
( घ ) कहानी रोचक एवं सुखान्त है ।
( ङ ) कहानी को सरल मुहावरों के द्वारा मार्मिक बनाया गया है ।
( च ) तथा जटिल शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है ।

9. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़िए और उसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए । नमाज खत्म हुई । लोग आपस में ……. ‘ खिलौने लेकर वह क्या करेगा ?
प्रश्नोत्तर –

( क ) नमाज खत्म होने के बाद लोग क्या कर रहे थे ?

उत्तर – परस्पर एक – दूसरे से गले मिल रहे थे ।

( ख ) दुकानों में किस – किस तरह के खिलौने थे ?

उत्तर – दुकानों में तरह – तरह के खिलौने थे — खाकी वर्दी और लाल पगड़ी वाला सिपाही जो बंदूक कन्धे पर लिए गुजरिया , राजा , वकील काला चोंगा और सफेद अंकन पहने हैं । एक हाथ में कानून की किताब रखे हुए हैं । घोबिन , साधु , कमर में मशक लटकाये हुए भिश्ती इत्यादि अनेक रंग – बिरंग के खिलौने थे ।

( ग ) वे खिलौने किस चीज के बने थे ?

उत्तर – वे खिलौने मिट्टी के बने थे ।

( घ ) महमूद , मोहसिन और नूर ने कौन – कौन से खिलौने खरीदे ?

उत्तर – महमूद ने सिपाही खरीदा । मोहसिन ने भिश्ती खरीदा । नूर ने वकील को खरीदा ।

( ङ ) परिच्छेद में सिपाही , भिश्ती और वकील के हुलिए का वर्णन किया गया है । इसी प्रकार आप राजा और साधु के हुलिये का वर्णन कीजिए ।

उत्तर – राजा – अनेक रंग के पोशाक पहने , सिर पर मुकुट धारण किए हुए । कमर में तलवार युक्त म्यान लटका हुआ ।साधु – बड़ी – बड़ी दाढ़ी – मूंछे , जनेऊ पहने , हाथ में कमण्डल और ललाट पर चन्दन की रेखाएँ ।

( च ) अनुच्छेद में आए विशेषण शब्दों को छाँटकर लिखिए ।

उत्तर — पाठ में आए कुछ विशेषण शब्द निम्नलिखित हैं – ज्यादा , अनगिनत , गरीब , दुबला – पतला , गत , बूढ़ी , अभागिन , पक्का , ललचाई , नया , हजारों , पड़ोस , अच्छा , शान , बहादुर , खुबसूरत , रूस्तमे हिन्द , अपराधी , भूक , खूब , कितना , बुढ़िया , बड़ी – बड़ी इत्यादि ।

( छ ) वर्दी और पोथा के समानार्थी लिखिए ।

उत्तर – वर्दी – पोशाक । पोथा – किताब ।

पाठ से आगे

1. महमूद , मोहसिन , नूर और हामिद में किसका चरित्र अच्छा लगा ? कारण बताइए ।

उत्तर – हमें हामिद का चरित्र अच्छा लगा क्योंकि हामिद बच्चा होते हुए भी वयस्क की तरह सोच – विचार कर समान खरीदता है ।

2. क्या हामिद बच्चों की सामान्य छवि से अलग हटकर एक नयी छवि प्रस्तुत करता है ? कैसे ?

उत्तर – हाँ , हामीद बच्चों के सामान्य छवि से अलग हटकर एक नई छवि प्रस्तुत करता है क्योंकि बच्चे खिलौने और मिठाइयाँ पर ज्यादा आकर्षित होते हैं जो बाल – सुलभ है । इसलिए तो महमूद मोहसिन और नूर ने अलग – अलग पसंद के खिलौने ही खरीदे । लेकिन हामीद बच्चा होते हुए भी एक वयस्क की तरह सोच – विचार कर अधिक उपयोगी चिमटा खरीदकर नयी छवि प्रस्तुत करता है ।

3. “ चुनौती बच्चे को परिपक्व बना देती है ” इस उक्ति व्याख्या कीजिए ।

उत्तर – हामिद के पास अन्य बच्चों की अपेक्षा कम पैसे हैं । सामान भी खरीदना है । कम पैसे में सभी बच्चों से अच्छा सामान खरीदना उसके लिए एक चुनौती है । यह चुनौती हामीद को वयस्क की तरह परिपक्व मति वाला बना देता है जिसके कारण वह अधिक मजबूत , अधिक उपयोगी चिमटा ही खरीदता है ।

4. ” त्योहार हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं । ” इस कथन की व्याख्या कीजिए ।

उत्तर – त्योहार हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं क्योंकि त्योहार हमारे जीवन में उत्साह , नई उमंग और आनन्द को प्रदान करता है । त्योहार के बिना हमारा जीवन नीरस जैसा हो जायेगा । व्याकरण वाक्य में प्रयोग कीजिए ।
( क ) रंग जमाना – हामीद ने चिमटा खरीदकर सबों पर रंग जमा लिया ।
( ख ) गद्गद् होना – चिमटा खरीदने का कारण सुनकर अमीना का हृदय गद्गद् हो गया ।
( ग ) भेंट चढ़ना – हामीद के पिता हैजे की भेंट चढ़ गये ।
( घ ) बाल – बाँका न होना — सभी खिलौने मिलकर भी हामीद के चिमटे का बाल – बाँका नहीं कर सकते ।
( ङ ) पैरों में पर लगना – त्योहार के दिन बच्चे के पैरों में पंख लग जाते हैं ।
( च ) कुबेर का धन मिल जाना — बच्चे थोडे पैसे पाकर उसे बार – बार गिनते हैं मानो वह कुबेर का धन पा लिया हो ।

गतिविधि

1. मेले में आपने क्या – क्या देखा , उसका चित्र बनाइए ।

उत्तर – मेले में रंग – बिरंग की मिठाईयाँ , मूर्तियाँ तथा अनेक उपयोगी सामानों को देखा । कहीं झूले लगे हैं , कहीं बंदर नचाया जा रहा है इत्यादि चित्रों को बच्चे स्वयं बना ले ।

2. अपने शिक्षक से रमजान के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए ।

उत्तर – रमजान का महीना होता है जो मुसलमानों के लिए अत्यन्त पवित्र मास माना जाता है । इस महीने में सभी उम्र के लोग रोजा रखते हैं दिनभर उपवास कर सूर्यास्त के समय रोजा को खोलते हैं अर्थात् व्रत का अंत करते हैं । यह व्रत – सूर्योदय से सूर्यास्त तक का होता है । रमजान के मास का शुक्रवार ( जुम्मा ) के दिन प्रायः सभी रोजा अवश्य रखते हैं ।
रमजान के मास व्रत – दान और भाईचारे का संदेश लेकर आता है । महीना के अंत में दूज के चाँद देखकर दूसरे दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है । यह दिन ईदगाह का पहला दिन होता है ।

3. ईद और मुहर्रम में क्या अन्तर है ? अपने शिक्षक से समझिए ।

उत्तर – ईद खुशी का त्योहार है तो मुहर्रम गम का ।

4. आप किसके साथ मेला जाना पसंद कीजिएगा ?     
उत्तर – हमारे घर में माता – पिता , दादा – दादी , चाचा – चाची सभी हैं लेकिन मेरे दादाजी हमें पसंद की सारी चीजें हमें खरीद देते हैं अतः मैं दादाजी के साथ जाना पसंद करूँगा ।।

 

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