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Shaktikanta Das Biography in Hindi – शक्तिकांत दास की जीवनी

Shaktikanta Das Biography in Hindi – शक्तिकांत दास की जीवनी

Shaktikanta Das Biography in Hindi

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

तमिलनाडु के कैडर के 1980 बैच भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 25 वें गवर्नर के रूप में कार्यरत, दास पहले भारत के पंद्रहवीं वित्त आयोग और जी 20 में भारत के शेरपा के सदस्य थे.

आईएएस अधिकारी के रूप में अपने करियर के दौरान, उन्होंने भारतीय और तमिलनाडु सरकारों के लिए विभिन्न पदों पर कार्य किया, जिसमें भारत के आर्थिक मामलों के सचिव, भारत के राजस्व सचिव, भारत के उर्वरक सचिव शामिल थे.दास पहले भारत के पंद्रहवीं वित्त आयोग और जी-२० में भारत के शेरपा के सदस्य थे। दिसंबर 2018 एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद पर तीन साल के लिए नियुक्ति को मंजूरी दे दी.” दास 1980 बैच के तमिलनाडु काडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं। आपको बता दें कि उर्जित पटेल के अचानक गवर्नर पद से इस्तीफा देने के बाद इन्हे गवर्नर नियुक्त किया गया।

बिंदु(Points) जानकारी (Information)
नाम (Name) शक्तिकांत दास
जन्म (Birth Date) 28 सितंबर 1982
जन्म स्थान (Birth Place) उड़ीसा
पद (Position) पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी एवं
RBI गवर्नर (11 दिसंबर 2018 से अभी तक)
प्रसिद्धि कारण (Reason for Famous) RBI गवर्नर

शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी 1955को भारत के उड़ीसा राज्य में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा बहुउद्देश्यीय स्कूल, भुवनेश्वर में हुई। शक्तिकांत दास ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के St. Stephen’s College स्नातक और स्नातकोत्तर किया और उसके बाद IIM Bangalore से फाइनेंस मैनेजमेंट के एडवांस कोर्स में दाखिला कराया।

बचपन से ही शक्तिकांत दास आईएएस बनने की ख्वाब देखते थे और इसके लिए उन्होंने जमकर तैयारी भी की और तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के आईएएस अधिकारी बने। एक आईएएस अधिकारी के साथ-साथ शक्तिकांत दास भारत के आर्थिक मामलों के सचिव, भारत के राजस्व सचिव, फर्टिलाइजर सेक्रेटरी ऑफ इंडिया रहें चुके हैं।

एक आईएएस अधिकारी के रूप में करियर (Shaktikanta Das Career)

शक्तिकांत दास ने भारत सरकार और तमिलनाडु सरकार के लिए विभिन्न पदों पर कार्य किया. जैसे कि प्रधान सचिव (इंडस्ट्रीज), विशेष आयुक्त (राजस्व), सचिव (राजस्व), सचिव (वाणिज्यिक कर), तमिलनाडु राज्य एड्स के परियोजना निदेशक नियंत्रण सोसाइटी, जिला मजिस्ट्रेट, तमिलनाडु सरकार के डिंडीगुल, कांचीपुरम जिलों के कलेक्टर के रूप में और केंद्रीय आर्थिक मामलों के सचिव, केंद्रीय राजस्व सचिव, केंद्रीय उर्वरक सचिव, मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में विशेष सचिव वित्त और भारत सरकार में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया हैं.दास ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर) नियम, 1954 के नियम 6 (2) के तहत एक निजी क्षेत्र की कंपनी को प्रति नियुक्ति पर महिंद्रा इंडस्ट्रियल पार्क लिमिटेड (महिंद्रा वर्ल्ड सिटी) के साथ एक वर्ष कार्य किया.

राजस्व सचिव (Revenue Secretary)

शक्तिकांत दास को जून 2014 में कैबिनेट (एसीसी) की प्रधानमंत्री नेतृत्व-नियुक्ति समिति द्वारा केंद्रीय राजस्व सचिव नियुक्त किया गया था, उन्होंने 16 जून 2014 को सचिव का पद संभाला. 31 अगस्त 2015 को वे इस दायित्व से मुक्त हो गए थे.

आर्थिक मामलों के सचिव (Economic Affairs Secretary)

शक्तिकांत दास को अगस्त 2015 में एसीसी द्वारा केंद्रीय आर्थिक मामलों के सचिव नियुक्त किया गया था, उन्होंने 31 अगस्त 2015 को सचिव का पद संभाला. 28 मई को उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था परन्तु सरकार द्वारा उन्हें तीन महीने का विस्तार कर दिया गया.

केंद्रीय आर्थिक मामलों के सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, शक्तिकांत दास को व्यापक रूप से भारत के सबसे शक्तिशाली सिविल सेवकों में से एक माना जाता था.

सेवानिवृत्ति के बाद (Post retirement)

आईएएस से सेवानिवृत्ति पोस्ट करने के बाद, दास को पंद्रहवीं वित्त आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था.

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर (Governor of Reserve Bank of India)

शक्तिकांत दास को 11 दिसंबर 2018 को तीन साल की अवधि के लिए एसीसी द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर नियुक्त किया गया हैं. पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद शक्तिकांत दास को रिजर्व बैंक का नया गवर्नर बनाया गया. ऐसा कहा जा रहा हैं कि उर्जित पटेल और वर्तमान केंद्र सरकार के बीच कुछ तना-तनी चल रही थी. केंद्र सरकार आर.बी.आई एक्ट की धारा 7 का उपयोग कर रिजर्व बैंक से कुछ कार्यों को करवाना चाहती थी. उर्जित पटेल इन फैसलों से खुश नहीं थे. इसी वजह से उर्जित पटेल ने इस्तीफा दिया.

उर्जित पटेल के इस्तीफे के कारण

  • पीएसबी के अधिनियम
  • शीघ्र सुधार कार्रवाई
  • एनपीए और एमएसएमई मुद्दा
  • आरबीआई अधिनियम की धारा 7
  • अधिशेष

पदवियाँ

 

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