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Deepa Malik Biography in Hindi – दीपा मलिक की जीवनी

Deepa Malik Biography in Hindi – दीपा मलिक की जीवनी

Deepa Malik Biography in Hindi

दीपा मलिक एक शॉटपुट एवं जेवलिन थ्रो, तैराकी एवं मोटर रेसलिंग से जुड़ी एक विकलांग भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2016 पैरालंपिक में शॉटपुट में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। अपनी इस उपलब्धि के कारण उन्हें 2019 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया।

दीपा मलिक ने अपनी जिंदगी में काफी शारीरिक संघर्षों को झेलने के बाद सफलता के इस मुकाम को हासिल किया है। आपको बता दें कि भारत की यह बेटी दीपा मलिक जानलेवा बीमारी से पीड़ित थी, दीपा के कमर के नीचे का हिस्सा लकवा से ग्रसित था।

इसके साथ ही उन्हें स्पाइन ट्यूमर हो गया था, जिसकी वजह से उनका चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया था, जिसके चलते उनके करीब 31 ऑपरेशन करवाने पड़े और उनकी कमर और पांव के बीच करीब 183 टांके लगाए गए, इसके बाद भी उन्होंने न सिर्फ साहसिक खेलों में अपनी भागीदारी ली बल्कि, खेल में मेडल के भी अंबार लगा डाले।

पैरालिम्पिक गेम्स में सिल्वर मैडल जीतकर भारत का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली दीपा मलिक भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। दीपा मलिक एक साहसी और दृढ़निश्चयी स्वभाव की एथलीट हैं, जो वे ठान लेती हैं उसे पूरा करके ही चैन लेती हैं

दीपा का जन्म 30 सितम्बर 1970 को भैस्वाल गाँव जिला सोनीपत, हरियाणा में एक जाट परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम कर्नल बी के नागपाल था, जो एक अनुभवी कर्नल भी थे। दीपा के पति कर्नल विक्रम सिंह है, इनकी दो बेटियां है जिनका नाम देविका एवं अम्बिका है।

दीपा खेल में ही आगे नहीं है, सामाजिक कार्य करने के साथ-साथ लेखन भी करती हैं। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए कैंपेन चलाती है और सामाजिक संस्थाओं के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। दीपा को लिखने का शौक है और वह अपनी बायोग्राफी से लेकर खिलाड़ियों के बारे में लिखती हैं।

मेरा परिदृष्य

जीवन के हर क्षेत्र में – एक एथलीट के रूप में, एक उद्यमी के रूप में या एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में – मैं तिरंगे की सेवा करने का प्रयास करती हूं। मैं उसी उत्साह और ऊर्जा के साथ खुद को लोगों के लिए समर्पित करती रहूँगी। यह भारत की सेवा और प्रतिनिधित्व करने के लिए एक सम्मान और एक विशेषाधिकार रहा है और मैं ऐसा करना जारी रखना पसंद करुँगी।

                                                                                                            सुश्री दीपा मलिक

क्रमांक जीवन परिचय बिंदु दीपा मलिक जीवन परिचय
1. पूरा नाम दीपा मलिक
2. जन्म 30 सितम्बर 1970
3. जन्म स्थान भैस्वाल, जिला सोनीपत, हरियाणा
4. पिता का नाम कर्नल बी के नागपाल
5. पति कर्नल विक्रम सिंह
6. बेटी
  • देविका
  • अम्बिका
7. प्रोफेशन शॉट पुट, भाला फेंक व मोटरसाइकिल चलाना
8. निवास दिल्ली
9. अवार्ड अर्जुन अवार्ड

दीपा मलिक का करियर, रिकॉर्ड्स और उपलब्धियां – Deepa Malik Career, Records, Awards

भारत का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली दीपा मलिक ने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया के सामने मनवाया है और अपने शानदार प्रदर्शन के बलबूते पर कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं –

  • दीपा मलिक भारत की इकलौती ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय खेलों में 18 पदक भारत को दिलवाएं हैं।
  • दीपा महिला, पहली भारतीय महिला एथलीट हैं, जिन्होंने साल 2016 के पैरालम्पिक्स खेलों में रजत पदक जीता है। दीपा ने रियो ओलंपिक 2016 में शॉटपुट गेम में सिल्वर मैडल जीतकर भी भारत का मान बढ़ाया है।
  • दीपा मलिक ने साल 2009 में पहली बार कांस्य पदकर जीतकर कमाल किया था।
  • चीन में हुए पैरा एशियन गेम्स में साल 2010 में दीपा मलिक ने कांस्य पदक जीतकर भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया था और वे यह कमाल करने वाली देश की पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थी।
  • साल 2010 में ही इंग्लैंड में दीपा ने शॉटपुट, जेवलिन और डिस्कस थ्रो गेम्स तीनों में गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे।
  • इस दौरान दीपा के सितारे बुलंदियों पर थे और उनका जुनून लगातार उन्हें सफलता की ओर आगे बढ़ा रहा था, साल 2011 में भी दीपा ने न सिर्फ आईपीसी वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता बल्कि उसी साल वर्ल्ड गेम्स में दो कांस्य पदक भी अपने नाम किए।
  • दीपा ने अपनी जीत का जलवा साल 2012 में भी बिखेरा और उन्होंने इस साल मलेशिया ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में डिस्कस थ्रो और जेवलिन में दो गोल्ड मैडल जीतकर भारत देश को गौरान्वित किया।
  • लगातार अपने शानदार प्रदर्शन से पदक जीतने वाली दीपा ने साल 2014 में चाइना ओपना एथलेटिक्स चैंपियनशिप बीजिंग में हिस्सा लिया और शॉटपुट में गोल्ड मैडल जीता।
  • इसके साथ ही इसी साल उन्होंने इंच्योन एशियन पैरा गेम्स में भी रजत पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा इसी साल दीपा ने दुबई में ओसिएनिया एशियन चैंपयिनशिप में जेवलिन थ्रो में गोल्ड और शॉटपुट में कांस्य पदक जीता था।
  • साल 2018 में दीपा मलिक ने एथियाई पैरागेम्स में महिलाओं के F51/52/53 चक्का फेंक में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरा था।
  • इसके अलावा पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकीं दीपा मलिक तैराकी और भाला फेंक में भी कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। वहीं स्वीमिंग में इंटरनेशनल लेवल पर पदक जीत चुकी हैं।

आपको बता दें कि भाला फेंक प्रतियोगिता में दीपा मलिक के नाम एशियाई रिकॉर्ड दर्ज है जबकि साल 2011 में चक्का फेंक और गोला फेंक में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीते थे। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में भी दीपा मलिक का चयन किया गया था।

सामाजिक कार्यों में भी पीछे नहीं है दीपा मलिक – Deepa Malik Social Work

दीपा मलिक एक बेहद अच्छी एथलीट होने के साथ-साथ एक बेहतरीन सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वे कई गंभीर बीमारी से पीड़ित गरीब, जरूरमंदों और असहाय लोगों के लिए कई कैंपेन चलाती हैं एवं सामाजिक संस्थानों के कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती हैं एवं समाज के हित के लिए काम करती रहती हैं।

लेखन से व्यक्त करती हैं अपनी महान सोच – Deepa Malik Books

दीपा मलिक सिर्फ खेलकूद में ही आगे नहीं है, बल्कि उन्हें अपने विचारों को लेखन के माध्यम से व्यक्त करना काफी अच्छा लगता है। वह अपनी बायोग्राफी और खिलाड़ियों के बारे में लिखती हैं, ताकि लोग उनके जीवन और संघर्षों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें और अपनी विकलांगता या फिर शारीरिक अक्षमता को कमजोरी नहीं माने बल्कि इसे अपनी ताकत मानकर आगे बढ़ सकें।

दीपा मलिक की दमदार ड्राइविंग – Deepa Malik Driving

दीपा मलिक अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहने वाली एक दृढ़निश्चयी और ईमानदार खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन मोटर रेसलर भी हैं, उन्होंने साल 2009 में देश की सबसे खतरनाक और मुश्किल कार रैली “रेड दे हिमालय” और डेजर्ट स्टॉर्म 2010 मोटरस्पोर्ट्स में हिस्सा लेकर जीरो तापमान में लेह, शिमला, जम्मू, हिमालय जैसे कई कठिन रास्तों पर चलकर यात्रा की थी।

हाड़-मांस को कंपा देने वाली ठंड में दीपा मलिक ने अपनी 1700 किलोमीटर की यात्रा करीब 8 दिनों में पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने 18 हजार फीट ऊंचाई पर चढ़कर सबको हैरान कर दिया, और एक बेहतरीन मोटर रेसलर के रुप में अपनी पहचान बनाई।

आपको बता दें कि दीपा मलिक भारत की पहली ऐसी शारीरिक रुप से अपंग महिला हैं, जिन्हें ‘फेडरेशन ऑफ इंडिया मोटर स्पोर्ट्स क्लब’ की तरफ से अधिकारिक रुप से संशोधित वाहन रैली के लिए लाइसेंस मिला था। दीपा भारतीय मोटरस्पोर्ट्स क्लब के महासंघ (F.M.S.C.I) एवं हिमालय मोटरस्पोर्ट्स एसोसिएशन (H.M.A) से भी जुड़ी हुई हैं। आपको बता दें एक अच्छे बाइकर के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाली दीपा मलिक का मोटर रैली में हिस्सा लेने का मुख्य मकसद शारीरिक रुप से अक्षम लोगों के बीच जागरूकता फैलाने एवं उनके अंदर आत्मविश्वास को जगाना है।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और पदक (Deepa Malik Awards) –

क्रमांक अन्तराष्ट्रीय खेल पदक
1. आईपीसी एथलेटिक्स विश्व चैम्पियनशिप, दोहा 2015 शॉटपूट में पांचवां स्थान
2. आईपीसी ओशिनिया एशिया चैम्पियनशिप, दुबई, मार्च 2016
  • 1 गोल्ड(जेव)
  • 1 सिल्वर (शॉटपुट)
3. आईपीसी चाइना ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप बीजिंग गोल्ड (शॉटपुट)
4. जर्मन ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप एक अकेली महिला थी, जिन्होंने आईपीसी विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में क्वालिफाइड किया था.
5. आईपीसी विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप क्राइस्टचर्च, जनवरी 2011 सिल्वर मैडल
6. आईपीसी विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप न्यूजीलैंड 2011 शॉटपुट के लिए क्वालिफाइड होने वाली एक अकेली महिला
7. पैरा-एशियन गेम्स चाइना ब्रोंज मैडल, ऐसन गेम्स में जीतने वाली पहली महिला
8. IWAS विश्व खेल, भारत 2009 ब्रोंज मैडल (शॉटपुट)
9. विश्व ओपन तैराकी चैम्पियनशिप, बर्लिन 2008 10 वन स्थान
10. IWAS विश्व गेम्स ताइवान, 2007 डिप्लोमा पोजीशन
11. FESPIC खेल कुआलालंपुर 2006 तैराकी में दूसरा स्थान
12. अन्तराष्ट्रीय मैडल 13
13. राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर मैडल 47 गोल्ड, 5 सिल्वर, 2 ब्रोंज

दीपा मलिक की उपलब्धि (Deepa Malik Achivements) –

दीपा मलिक पहली भारतीय महिला है, जिन्होंने पैरालिम्पिक्स में पदक जीता है. इन्होने रियो ओलंपिक 2016 में शॉटपुट गेम में सिल्वर मैडल जीता है.

रियो में सिल्वर मैडल जीतने के बाद मिले पुरुस्कार  –

  • हरियाणा सरकार द्वारा 4 करोड़ की राशी
  • युवा खेल मंत्रालय द्वारा 50 लाख की राशी प्रदान की गई.

राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर अवार्ड –

  • प्रेसिडेंट रोल मॉडल अवार्ड (2014)
  • दीपा को सन 2012 में 42 साल की उम्र में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया है.
  • सन 2009-10 में दीपा को महाराष्ट्र छत्रपति अवार्ड (खेल) से सम्मानित किया गया है.
  • सन 2008 में हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा करमभूमि अवार्ड से सम्मानिक किया गया.
  • सन 2006 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्वावलंबन पुरुस्कार से सम्मानित किया गया.

अन्य अवार्ड –

  • 2014 में लिम्का पीपल ऑफ़ दी इयर
  • 2013 में अमेजिंग इंडियन अवार्ड टाइम्स
  • 2013 में केविनकेयर राष्ट्रीय योग्यता महारत अवार्ड
  • 2013 करमवीर चक्र अवार्ड
  • खेल के लिए मीडिया शांति और उत्कृष्टता पुरस्कार
  • महाराणा मेवाड़ अरावली खेल अवार्ड 2012
  • 2012 में मिसाल – ए- हिम्मत अवार्ड
  • 2011 श्री शक्ति पुरुस्कार
  • जिला खेल अवार्ड, अहमदनगर 2010
  • 2009 राष्ट्र गौरव पुरुस्कार
  • 2009 नारी गौरव पुरुस्कार
  • 2009 गुरु गोविन्द शौर्य पुरुस्कार
  • 2007 रोटरी वीमेन ऑफ़ दी इयर अवार्ड

दीपा मालिक से जुड़े रोचक बातें – Deepa Malik Facts 

  1. वर्ष 1999 में, उन्हें पता चला कि उनके रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर और जिसकीवजह से वह चल नहीं सकती। रीढ़ की हड्डी का ट्यूमर ठीक करने के लिए उनकी 31 सर्जरी करनी पड़ी।
  2. उन्हें अपनी कमर के नीचे का कोई अंग महसूस नहीं होता।
  3. वह भाला फेंक खेल में एशियाई रिकॉर्ड रखती हैं।
  4. उन्होंने विभिन्न साहसिक खेलों में भाग लिया है और उन सब में पुरस्कार प्राप्त किया है।
  5. दीपा एक उत्साही मोटर-बाइकर हैं। उन्होंने 8 दिनों में 1700 किमीमोटरसाइकिल चलाई है, और वह भी शून्य तापमान वाले परिस्थियों में।
  6. गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन पैरा चैंपियंस कार्यक्रम में उनका समर्थन करती है।
  7. दीपा मलिक 12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) में शारीरिक शिक्षाऔर खेल कार्यरत समूह की सदस्य भी रही हैं।
  8. वर्ष 2012 में, भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
  9. 12 सितंबर 2016 को, उन्होंने रियो पैरालिंपिक में रजत पदक जीता औरपैरालंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी।
  10. वर्ष 2017 में, उन्हें प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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