8TH SST

Bihar board class 8th geography chapter 7

Bihar board class 8th geography chapter 7

Bihar board class 8th geography chapter 7

भौगोलिक आँकड़ों का प्रस्तुतिकरण
पाठ का सारांश-प्राप्त सूचनाओं व जानकारी का अंकों के रूप में परिवर्तन आँकड़ा कहलाता है। जब इन आँकड़ों को तालिका व चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है तब उसे आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहा जाता है। विद्यालय के प्रांगण में वार्षिक परीक्षा परिणाम की घोषणा होने वाली थी । विद्यालय प्रांगण में काफी चहल-पहल थी, क्योंकि सभी बच्चे इस इंतजार में थे कि कौन परीक्षा में अच्छे अंक लाता है। हर कोई दूसरे के अंक और कक्षा में अपने स्थान के बारे में जानने को उत्सुक था। इस कारण से प्रत्येक कक्षा में बहुत शोर-गुल हो रहा था, तभी अचानक विद्यालय प्रांगण में अंजु नाम की छात्रा को एकाएक दिमाग में एक युक्ति आयी।
उसने सभी बच्चों को बैठने के लिए कहा और चौक का एक टुकड़ा लेकर श्यामपट पर सभी बच्चों के रौल न पुकारकर उनके प्राप्तांक लिखने लगी। इस बीच अध्यापक का कक्षा में पर्दापण होता है और वे पूछते हैं कि यह तालिका किसने बनाई है ? अंजु ने कहा-मैंने, यह हमारा परीक्षाफल है, जिसे मैंने तालिकाबद्ध किया है। इससे हम कक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों का नाम बता सकते हैं। ऐसी तालिका के द्वारा हम उपस्थिति बोर्ड से भी जान सकते हैं कि कौन-सा छात्र सबसे अधिक दिन उपस्थित रहा है। अध्यापक ने भी अपने बच्चों
को समझाया कि आँकड़ों को आरेखों के माध्यम से भी दर्शाया जा सकता है, आरेखों में आँकड़े रेखाओं, दंडों, वृत्तों, चित्रों आदि का रूप धारण कर लेते हैं और इससे आँकड़े सजीव हो उठते हैं।
चूँकि आरेख चित्रमय होते हैं इसलिए आकर्षक और मनोरंजक भी होते हैं। इनके द्वारा भावी प्रवृत्ति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। आरेखों के भी कई प्रकार होते हैं, इनमें मुख्य हैं।
(1) रेखा ग्राफ (Line graph)
(2) दंड आरेख (Bar diagram)
(3) वृत्त आरेख (Pie diagram)
आँकड़ों के आधार पर आरेखों का चयन कर आँकड़ों का सही प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है। आरेखों का चयन इस बात पर निर्भर करता है कि आँकड़ों की प्रकृति क्या है ? आँकड़ों से यदि विभिन्न वर्षों के उत्पादन या जनसंख्या को दिखाना होता है तब रेखा ग्राफ का चयन किया जाता है। रेखा ग्राफ के द्वारा संबंधी आँकड़ों (घटना, बढ़ना) को दिखाया जाता है। इसके विपरीत, जब आँकड़ा (निरपेक्ष आँकड़ा) कुछ देशों, फसलों, वर्षों इत्यादि का होता है तब उस परिस्थिति में दंड आरेख का चयन करते हैं । परन्तु जब किसी आँकड़ों के समूह में विभिन्न देशों, राज्यों आदि के साथ ही एक आँकड़ा अन्य या शेष देशों या राज्यों के साथ कुल योग में होता है, तब इस परिस्थिति में वृत्त आरेख का चयन करते हैं।
1. रेखा आरेख (Line graph):- रैखिक ग्राफ में आँकड़ों को एक रेखा द्वारा दिखाया जाता है। इसके द्वारा भौगोलिक तत्वों यथा-वर्षा, तापमान, आर्द्रता, जनसंख्या वृद्धि, जन्मदर, मृत्युदर, उत्पादन इत्यादि को आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है।
रेखा ग्राफ बनाने के नियम-
* रैखिक ग्राफ का एक स्पष्ट और उपयुक्त शीर्षक होना चाहिए ।
* ग्राफ बनाने से पहले उपयुक्त मापनी (Scale) का चयन करना चाहिए।
y अक्ष (खड़ी रेखा या ऊर्ध्वाधर रेखा) पर मापनी शून्य से आरम्भ करते हैं।
* ग्राफ में अंकित बिन्दुओं को सीधी या वक्र रेखा द्वारा मिला देते हैं पर रेखाओं की मोटाई एक जैसी होनी चाहिए।
* महीने, वर्ष, राज्य, देश (स्वतंत्र आँकड़ों) आदि को ‘x’ अक्ष पर दिखाना चाहिए तथा उत्पादन, जनसंख्या आदि (निर्भर करने वाले आँकड़ों) को y-अक्ष (खड़ी रेखा) पर दिखाना चाहिए।
2. दंड आरेख (Bar-diagram)–दंड आरेख में आँकड़ों को दंडों या आयतों के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। इसमें सभी दंडों या आयतों की चौड़ाई समान होती है, लेकिन ऊँचाई आँकड़ों के अनुसार लम्बी या छोटी हो सकती है।
दंड आरेख बनाने के नियम-
* दंड शब्द का प्रयोग एक आयत के लिए किया जाता है। आरेख के सभी दंडों की चौड़ाई एक-सी रहती है लेकिन ऊँचाई या लम्बाई प्रदर्शित मूल्यों के अनुसार बदलती रहती है। परन्तु चौड़ाई मूल्यों के अनुसार बदलती रहती है। परन्तु चौड़ज़ई सभी परिस्थितियों में एक समान रहती है।
* दो दंडों के बीच की दूरी समान रखी जाती है तथा सामान्यतः दंडों की चौड़ाई से कुछ कम रखी जाती है।
* सभी दंडों को एक ही आधार रेखा पर बनाया जाता है।
* दंडों को सुस्पष्ट और सुन्दर बनाने के लिए उनमें रंग भी भरा जा सकता है।
* प्रदर्शित मात्रा के उच्चतम और न्यूनतम मूल्यों के अनुसार मापनी का चयन किया जाता है ।
3. वृत्त आरेख (Pie-diagram)-जब आँकड़ों के समूह के विभिन्न इकाइयों के हिस्से को प्रदर्शित करना हो तो इसके लिए वृत्त आरेख का उपयोग किया जाता है। इसमें वृत्त समस्त मात्राओं के योग का परिचायक होता है तथा वृत्त को डिग्री के आधार पर विभिन्न खंडों में बाँटकर प्रभावित मात्राओं को प्रतिशत में दिखाया जाता है तब ऐसे चित्रण को वृत्त आरेख कहते हैं । आँकड़ों को डिग्री में बदलकर तब उन्हें वृत्त में निरूपित किया जाता है। वृत्त आरेख को चक्र आरेख भीकहा जाता है।
वृत्त आरेख बनाने के पहले आँकड़ों के समूह को अवरोही क्रम में लिख देते हैं। सबसे पहले आँकड़ों के अंकीय मान का कुल योग प्राप्त किया जाता है। यह कुल योग 360° को दिखाता है। इसी अनुपात में विभिन्न इकाईयों के लिए भी अंकीय मान का मूल्य डिग्री में निकाला जाता है। इसके बाद इनका आरेखन ड्राइंग पेपर पर वृत के अंतर्गत किया जाता है। कभी-कभी आँकड़े प्रतिशत में भी दिये जाते हैं। ऐसी स्थिति में कुल प्रतिशत 100 होता है। यह 100 प्रतिशत 3600 को प्रदर्शित करता है। इसी अनुपात में विभिन्न प्रतिशतों के आँकड़ों का आरेखन वृत्त के अन्दर किया जाता है।
इस प्रकार भूगोल की विविध प्रकार को विषयवस्तु के अध्ययन और स्पष्टीकरण के लिए अलग-अलग प्रकार के आरेख बनाये जाते हैं जिससे तथ्यों की तुलना और विश्लेषण की सुविधा हो जाती है। आज विद्यालय के प्रांगण में रिजल्ट के दिन भी बच्चे इतनी महत्वपूर्ण जानकारी पाकर बहुत खुश हुए और अपने गुरु का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेकर अपने-अपने घरों की ओर चल पड़े।
I. बहुवैकल्पिक प्रश्न-
सही विकल्प को चुनें।
1. किस आरेख का दूसरा नाम चक्र आरेख है?
(क) रेखीय ग्राफ
(ख) वृत्त आरेख
(ग) दंड आरेख
(घ) इनमें से कोई नहीं
2. आरेखों का चयन किस बात पर निर्भर करता है?
(क) आँकड़ों की प्रकृति पर
(ख) आँकड़ों के गणितीय स्वरूप पर
(ग) औकड़ों की लम्बाई पर
(घ) उपर्युक्त सभी
3. वन रेखा द्वारा दिखाया गया आरेख कहलाता है-
(क) वक्र आरेख
(ख) दंड आरेख
(ग) रेखीय आरेख
(घ) उपर्युक्त सभी
4.r-y अक्ष के अंतर्गत y अक्ष पर किस प्रकार के आँकड़ों को दिखाया जाता है?
(क) स्वतंत्र आँकडा
(ख) निर्भर करने वाला आंकड़ा
(ग) इनमें से कोई भी
(घ) सभी गलत हैं
5. एक वृत्त का कुल मान कितना होता है ?
(क) 90°
(ख) 180°
(ग) 360°
(घ) 0°
उत्तर-1. (ख) वृत्त आरेख, 2. (क) आँकड़ों की प्रकृति पर, 3. (ग) रेखीय आरेख, 4. (ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा, 5. (ग) 360″ ।
II. खाली जगहों को उपयुक्त शब्दों से भरें-
1. आरेख बनाने के पहले उपयुक्त ………का चयन करते हैं।
2. दंड आरेख के आँकड़ों को………… द्वारा दिखाया जाता है।
3. अक्ष पर मापनी …………से आरम्भ किया जाता है ।
4. सभी दंडों को एक ही………    पर बनाया जाता है।
5. आंकड़े ………प्रकार के होते हैं।
उत्तर-1. शीर्षक, 2. दंडों या आयतों के, 3. शून्य, 4. आधार रेखा, 5. तीन ।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें (अधिकतम 50 शब्दों में)-
1. आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण से क्या समझते हैं ?
उत्तर–प्राप्त सूचनाओं व जानकारी का अंकों के रूप में परिवर्तन आँकड़ा कहलाता है। जब इन आंकड़ों को तालिका व चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है तब उसे आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहा जाता है। आंकड़ों के आधार पर आरेखों का चयन कर ही आँकड़ों का सही प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है
2. रैखिक आरेख किसे कहा जाता है?
उत्तर-जिस आरेख में आंकड़ों को एक रेखा द्वारा दिखाया जाात है, रैखिक आरेख कहा जाता है। इसके द्वारा भौगोलिक तत्वों यथा-वर्षा, तापमान, आर्द्रता, जनसंख्या वृद्धि, जन्मदर, मृत्युदर, उत्पादन इत्यादि को आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है।
3. वृत्त आरेख क्या है?
उत्तर-जब आँकड़ों के समूह के विभिन्न इकाइयों के हिस्से को प्रदर्शित करना हो तो इसके इसलिए वृत्त आरेख का उपयोग किया जाता है। इसमें वृत्त समस्त मात्राओं के योग का परिचायक होता है तथा वृत्त को डिग्री के आधार पर विभिन्न खंडों में बाँटकर प्रभावित मात्राओं को प्रतिशत में दिखाया जाता है, तब ऐसे चित्रण को वृत्त आरेख कहते हैं।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें-
1. दिये गये आँकड़े को दंड आरेख से दिखाइए-
भारत में वर्षवार जन्म दर
वर्ष                  1940   1950   1960   1970   1980   1990

जन्मदर              45        40      42        41        37       31
(प्रति हजार)

उत्तर-छात्र शिक्षक की मदद से स्वयं आरेख खींचे।

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