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bihar board 12th geography notes | मानव विकास

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bihar board 12th geography notes | मानव विकास

                                    [ Human Development ]
 
                                   भौगोलिक शब्द तथा परिभाषाएँ
मानव विकास (Human Development)-मानव विकास का तात्पर्य लोगों का आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास करना है ।
आर्थिक विकास (Economic Development)-आर्थिक विकास से तात्पर्य है उत्पादन
व उत्पादकता के संदर्भ में मानव की आय बढ़ाने की प्रक्रिया ।
साक्षरता दर (Literacy Rate)-15 वर्ष या इससे अधिक के आयु वर्ग की जनसंख्या में
साक्षर जनसंख्या का अनुपात जिसे प्रतिशत में व्यक्त करते हैं
मानव निर्धनता सूचकांक (Human Poverty Index)-समाज के सुविधा वंचित वर्ग की दशा के मूल्यांकन के लिए बनाया गया संकेतक मानव निर्धनता सूचकांक कहलाता है
मानव विकास सूचकांक (Human Development Index)-मानव विकास के विविध
आयामों के मापन के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा निर्मित भिन्न संकेतकों को
मानव विकास सूचकांक कहते हैं ।
जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy)-जीवन की औसत आयु ।
जनगणना (Census)-किसी देश की जनसंख्या की एक निश्चित समय में गणना करना।
आर्थिक संकेतक (Economic Indicators)-मानव विकास तथा प्रगति के लिए कार्य ।
सामाजिक संकेतक (Social Indicators)-शिक्षा, साक्षरता आदि ।
                                           पाठ के कुछ तथ्य
◆मानव विकास नापने के लिए उपयोग होता है -मानव विकास सूचकांक का
◆मानव विकास के आधारभूत कारक हैं-दीर्घ आयु, शिक्षा तथा आय
◆किसी देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य कहलता है-सकल राष्ट्रीय उत्पाद
◆1951-2001 में भारत में औसत साक्षरता दर-1951 में 18.53,2001 में -65.38%
◆प्रति हजार जीवित जन्में शिशुओं में से एक वर्ष के अन्दर मरने वाले शिशुओं की संख्या
को कहते है-शिशु मृत्यु दर
◆सभी जीव-जन्तुओं तथा मनुष्य में ऊर्जा के उत्पादन का मापक है -कैलोरी
◆देश की जनता का वह प्रतिशत जिसे केन्द्रीय व राज्य सरकारों द्वारा कि. मी. की दूरी पर
प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध कराए गए हैं-94% जनसंख्या
◆वह राज्य जिसमें लड़कियों का नामांकन 1999-2000 की अवधि में सबसे ऊँचा था
-सिक्किम 138.48%
◆2001 में भारत में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या-6.42 लाख
◆1999-2000 की अवधि में प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (प्रति व्यक्ति आय)-10067 रुपये।
         एन. सी. ई. आर. टी. पाठ्यपुस्तक एवं कुछ अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न
          अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Question)
प्रश्न 1. मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के चार प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
(Mention the four impacts of air pollution on the human health.)
उत्तर-1. वायु प्रदूषण से फेफरे के रोग जैसे खाँसी आदि होते हैं । एक सर्वेक्षण के द्वारा
पता चलता है कि कोलकाता में 10 में से 3 व्यक्ति वायु प्रदूषण से पीड़ित हैं ।
2. वायु प्रदूषण से हदय भी प्रभावित होता है ।
3. यह स्नानु तंत्र को प्रभावित करता है । इससे मनुष्य मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव में आ
जाता है।
4. यह परिसंचरण तंत्र को प्रभावित करता है । नगरीय क्षेत्रों में वाहनों और उद्योगों से छोड़ा
गया धुओं प्रदूषण को बढ़ाता है।
प्रश्न 2. विकास की संकल्पना की व्याख्या कीजिए।
(Explain the concept of development.)
उत्तर-लोगों के लिए विकल्पों को बढ़ाना तथा जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही
मानव विकास है । मानव विकास के लिए राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आजादी
आवश्यक है।
प्रश्न 3. देश में निम्न व उच्च साक्षरता वाले क्षेत्रों को ज्ञात कीजिए।
(Identify the areas of low and high literacy in the country.)
उत्तर-भारत में 22 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से अधिक
है। 9 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों जैसे केरल, मिजोरम, लक्षद्वीप, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़,
पाडिचेरी, अंडमान द्वीप समूह तथा दमन और दीव में साक्षरता दर बहुत ऊँची है। 13 राज्यों में
साक्षरता निम्नतम है। ये राज्य हैं-बिहार, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, मध्य प्रदेश आदि ।
प्रश्न 4. मानव विकास सूचकांक से आप क्या समझते हैं ?
(What do you mean by Human Development Index ?)
उत्तर-मानव विकास के मापन के लिए जिन मापकों का प्रयोग किया जाता है उन्हें मानव
विकास सूचक कहते हैं
1. दीर्घजीविका, 2. ज्ञान आधार, 3. उच्च जीवन स्तर मुख्य सूचक हैं।
प्रश्न 5. हाशिये पर अवस्थित किसी भी सामाजिक समूह के बीच साक्षरता का
विवरण।
(Distribution of literacy among any one of the marginalised social group.)
उत्तर-स्त्री साक्षरता निम्न राज्यों में कम है-
बिहार (33.57%), झारखंड (39.38%), जम्मू कश्मीर (41.82%), उत्तर प्रदेश (42.98%)
आदि ।
प्रश्न 6.0-6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को लिंग घटते अनुपात के कौन से कारक
उत्तरदायी हैं ? यह सामाजिक दृष्टिकोण है अथवा लिंग निर्धारण की वैज्ञानिक 
विधियाँ ।
(What factors are responsible for the decreasing rates between 0-6 years age group? It is the social attitude or a scientific method of sex determination.)
उत्तर-इस आयु वर्ग के घटते अनुपात के लिए सामाजिक बुराइयाँ जैसे परिवार पुरुष प्रधान
होना आदि उत्तरदायी है । यह सामाजिक दृष्टिकोण है, वैज्ञानिक विधियाँ नहीं ।
                 लघु उत्तरीय प्रश्न (ShortAnswer Type Question)
प्रश्न 1. भारत के बच्चों में घटते लिंगानुपात के दो कारण बताइए 
(Give two reasons for declining child sex ratio in India.)
उत्तर-बच्चों में घटते लिंगानुपात के कारण हैं-
1. परिवार में पुरुष प्रधान होने की परम्परा-भारतीय हिन्दू परिवार अधिकतर पुरुष प्रधान
हैं। स्त्रियों का स्थान गौण रह जाता है।
2. कन्या भ्रूण की हत्या एक कारण है । समाज में दहेज आदि कुरीतियों के चलने के कारण
कन्या का जन्म लोग नहीं चाहते और उन्हें जन्म लेने से पहले ही समाप्त कर दिया जाता है।
प्रश्न 2. मानव विकास को परिभाषित कीजिए। 
(Define Human Development.)
उत्तर-लोगों के विकल्पों को बढ़ाना तथा जन कल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव
विकास है । आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास जन कल्याण के प्रमुख पक्ष हैं ।
जनकल्याण से तात्पर्य मानव की चाहते जैसे-दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा द्वारा ज्ञान प्राप्ति तथा रहन-सहन के उच्च स्तर हैं।
प्रश्न 3. उत्तरी भारत के अधिकांश राज्यों में मानव विकास के निम्न स्तरों के दो कारण
बताइए।
(Give two reasons for low levels of human development in most of the
Northern states of India.)
उत्तर-उत्तरी भारत में मानव विकास के निम्न स्तर के कारण हैं-
1. गरीबी (Poverty) पंजाब, हरियाणा, को छोड़कर अन्य राज्य जैसे-उत्तर प्रदेश, बिहार,
मध्य प्रदेश, असम आदि राज्यों में गरीबी के कारण मानव विकास नहीं हो पाया है।
2. पिछड़ापन (Backwardness)-ये प्रदेश कृषि प्रधान होने के कारण अन्य क्षेत्रों में
पिछड़े हुए हैं जैसे-औद्योगिकीकरण आदि । शिक्षा का स्तर भी नीचा है । पिछड़ेपन के कारण
इन राज्यों का मानव विकास नहीं हो पाया है
प्रश्न 4. जनसंख्या कारक का पर्यावरण पर प्रभाव स्पष्ट कीजिए ।
(Highlight the impact of population factor on the environment.)
उत्तर-पर्यावरण हास के कारकों का साधारणीकरण करना कठिन है। पर्यावरण पर मानव
का प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग द्वारा पड़ता है। यही नहीं वस्तुओं और सेवाओं के
उत्पादन और उपभोग की प्रक्रिया से उत्पन्न प्रदूषकों के पर्यावरण में उत्सर्जन से भी वह प्रदूषित होता है।
सेवाओं जैसे परिवहन व संचार आदि के कारण भी पर्यावरण प्रदूषित होता है । शक्ति चालक
वाहनों से निकलने वाली विषैली गैस से प्रदूषण में वृद्धि होती है ।
जनसंख्या के बड़े आकार तथा उसमें निरन्तर वृद्धि का भी पर्यावरण पर बुरा प्रभाव
पड़ता है।
प्रश्न 5. मानव विकास के स्तर को मापने के लिए कौन से संकेतकों का उपयोग किया
जाता है ? (Enumerate the indicators used for measuring human development level.)
उत्तर-मानव विकास के विविध आयामों के मापन के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
ने एक मिश्र संकेतक का निर्माण किया है । इसे अब मानव विकास सूचकांक के रूप में जाना
जाता है। इसमें (i) दीर्घजीविता, (ii) ज्ञान आधार और (iii) उच्च जीवन स्तर शामिल हैं।
भारत में 2001 का मानव विकास प्रतिवेदन तैयार करने के लिए संकेतकों के तीन समूहों
का चयन किया गया ।
1. मानव संकेतक (Human Indicators)—यह सम्पूर्ण मानव समाज को प्रदर्शित करता
है। समाज के सुविधा वचित वर्ग की दशा के मूल्यांकन के लिए मानव निर्धरता सूचकांक बनाया गया है।
2. स्वास्थ्य संकेतक (Health Indicators)—इसमें दीर्घजीविता से सम्बन्धित जन्मदर,
शिशु दर, मृत्यु दर, पोषण तथा जन्म के समय जीवन प्रत्याशा से जुड़े स्वास्थ्य संकेतक शामिल हैं।
3. सामाजिक संकेतक (Social Indicators)-सामाजिक संकेतकों में साक्षरता, विशेष
रूप से स्त्री साक्षरता, स्कूल जाने वाले बच्चों का नामांकन, विरत छात्र अनुपात तथा छात्र-अध्यापक अनुपात शामिल है।
4. आर्थिक संकेतक (Economic Indicators)—यह वेतन, आय और रोजगार से
संबंधित है । प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद, गरीबी का विस्तार तथा बेरोजगार के अवसर इस
समूह के वाछित संकेतक हैं।
प्रश्न 6. मानव विकास को ध्यान में रखकर संसार में भारत की स्थिति का मूल्यांकन
कीजिए ।
(Evaluate the global position of India in respect of human development.)
उत्तर-स्वतंत्रता के पश्चात् भारत ने बहुत विकास किया है लेकिन संयुक्त राष्ट्र विकास
कार्यक्रम द्वारा 162 देशों के लिए विकसित मानव विकास सूचकांक में भारत का 115 वाँ स्थान है और भारत को मध्यम मानव विकास के देशों में स्थान मिला है । सन् 2001 में भारत कामानव विकास सूचकांक 0.571 था ।
मानव विकास की दृष्टि से न केवल विकसित देश आगे हैं बल्कि श्रीलंका व इंडोनेशिया
जैसे विकासशील देश भी इससे आगे हैं ।
प्रश्न 7.1951 के बाद भारत में प्रजनन और मृत्यु दर की प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए।
( (Describe the trend of fertility and mortality rates in India since 1951.)
उत्तर-प्रजनन दर की प्रवृत्ति (Tendency offerility rate)-1951 में प्रजनन दर 6.0
बच्चे प्रति स्त्री (बच्चा पैदा करने की स्त्री आयु) थी जो 1999 में घटकर 2.9 बच्चे प्रति स्त्री
रह गई । इससे प्रमाणित होता है कि जनसंख्या वृद्धि दर घटने की ओर है । यह मानव विकास
के स्वास्थ्य संकेतक में सुधार का प्रतीक है ।
मृत्यु दर की प्रवृत्ति (Tendency of death rate) किसी विशेष वर्ष में प्रति हजार
जनसंख्या पर मरने वालों की संख्या को मृत्यु दर कहते हैं।
1951 में मृत्यु दर 25.1 थी लेकिन यह घटकर 8.7 रह गई है।
1994 में शिशु मृत्यु दर (एक वर्ष से कम उम्र वाले मृत बच्चों की संख्या) 1951 की
तुलना में आधी रह गई है । चार वर्ष के बच्चों की मृत्युदर भी काफी घटी है । यह 1999 में
22.5 रह गई है।
प्रश्न 8. देश में अपेक्षाकृत निम्न साक्षरता दर के कारणों की विवेचना कीजिए ।
(Examine the causes of comparative low literacy rate in the country.)
उत्तर-स्वतंत्रता के पश्चात् भारत में पहली बार 90 के दशक में 3.19 करोड़ निरक्षरों की
कमी हुई। 1951 में साक्षरता दर केवल 18.33% थी । 2001 में यह बढ़कर 65.38 हो गई।
पुरुष साक्षरता दर की तुलना में अभी भी स्त्री साक्षरता दर कम है।
भारत में साक्षरता दर के निम्न होने के कारण-
1. गरीबी (Poverty)-भारत में अभी भी बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं।
2. समाज में स्त्रियों की स्थिति (Position of women in the society)-भारत में
स्त्रियों को समाज में समान दर्जा प्राप्त नहीं है । विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्री शिक्षा पर बल
नहीं दिया जाता । इसलिए स्त्री शिक्षा अभी भी बहुत कम है।
3. शिक्षा सुविधाओं का अभाव (Lack of Education facilities) भारत में प्राथमिक
विद्यालयों का अभाव है । ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का व्यापक प्रचार नहीं हुआ है ।
4. अज्ञानता (Ignorance)-अनेक जनजातीय क्षेत्रों में अज्ञानता के कारण शिक्षा पर
विशेष ध्यान नहीं दिया जाता इसलिए साक्षरता दर में कमी रहती है ।
5. नगरीकरण की स्थिति (Urbanisation)-भारत में अधिकतर जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों
में रहती है इसलिए साक्षरता दर नीची है । नगरों में साक्षरता दर ऊँची होती है ।
प्रश्न 9. मानव विकास किसे कहते हैं ? मानव विकास की आवश्यकता के संदर्भ में
पाल स्ट्रीटन द्वारा दिए गए किन्हीं चार कारणों का वर्णन कीजिए ।
(What is human development ? Describe any four reasons regarding the need for human development as given by paul Streeton.)
उत्तर-लोगों के लिए विकल्पों को बढ़ाना तथा जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही
मानव विकास है।
आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास जनकल्याण के प्रमुख पक्ष हैं । जनकल्याण से
तात्पर्य मानव की चाहतें जैसे दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा द्वारा ज्ञान प्राप्ति तथा रहन-सहन
के उच्च स्तर से है।
पाल स्ट्रीटन ने मानव विकास की आवश्यकता के लिए निम्न कारणों को आवश्यक
बताया है-
1. मानव विकास की सभी क्रियाओं का अन्तिम उद्देश्य मानवीय दशाओं को सुधारना है ।
2. मानव विकास उच्च आर्थिक विकास और उत्पादकता को निर्धारित करता है । स्वस्थ,
शिक्षित और कुशल श्रमिकों पर उच्च उत्पादकता निर्भर होती है। अत: मानव विकास में विनिवेश न्यायसंगत है।
3. मानव विकास मानव को बुद्धिमान तथा विवेकशील बनाता है । यह मानवीय प्रजनन की
गति धीमी करके परिवार के आकार को छोटा करने में मदद करता है
4. मानव विकास भौतिक पर्यावरण हितैषी है।
5. मानव विकास गरीबी को हटाने तथा स्वस्थ व सभ्य समाज के निर्माण में सहायक है।
6. मानव विकास सामाजिक अशान्ति को कम करने में सहायक होकर राजनीतिक स्थिरता
बढ़ाता है।
प्रश्न 10. स्वतंत्रता के बाद साक्षरता की प्रगति की समीक्षा कीजिए ।
(Examine the progress of literacy in postindependence period.)
उत्तर-भारत में 1901 में साक्षरता की दर केवल 5.35% थी । महिलाओं की साक्षरता दर
तो और भी कम थी। केवल 0.6% महिलाएँ साक्षर थीं । स्वतंत्रता के पश्चात् भारत में साक्षरता
दर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 1951 में यह 18.53% थी, जो बढ़कर 2001 में 65.38%
हो गई।
ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या के संदर्भ में ग्रामीण साक्षरता दर 2001 में 59.4% तथा नगरीय
साक्षरता दर 80.30% थी । 1951 में पुरुष-स्त्री साक्षरता दर क्रमश: 27.17 एवं 8.86% थी
जो 2001 में बढ़कर क्रमश: 75.85 तथा 54.76 हो गई।
निम्न तालिका से भारत में साक्षरता की स्थिति स्पष्ट हो जाती है-
                  दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Question)
 
प्रश्न 1. मानव विकास की संकल्पना की विवेचना कीजिए ।
(Describe the concept of human development.)
उत्तर-यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि विकास का लक्ष्य लोगों का कल्याण होना चाहिए ।
यदि समग्र दृष्टि से विचार करें तो केवल धन के द्वारा जनकल्याण संभव नहीं है । आर्थिक,
सामाजिक और सांस्कृतिक विकास जनकल्याण के प्रमुख पक्ष हैं । इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों के सामने मानव विकास का लक्ष्य रखा । दीर्घ तथा स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के प्रमुख तत्त्व हैं । मानव विकास की संकल्पना में मानवीय विकल्पों को पूरा करने पर बल दिया जाता है । मानव विकास के कतिपय निम्नलिखित
उद्देश्य हैं-
1. राजनीतिक स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता तथा स्वाभिमान प्रत्येक मानव की प्रमुख चाहत है
2. मानव विकास की प्रक्रिया में स्त्री-पुरुष, बच्चे सभी को शामिल किया जाना चाहिए ।
3. विकास लोगों के हित और कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि लोग विकास के लिए।
4. विकास सहभागीय होना चाहिए । सभी लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशिक्षण की
क्षमताओं को विकसित करने के लिए विनिवेश के अवसर मिलने चाहिए ।
5. मानव विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लोगों के सामुदायिक निर्णयों को शामिल
करके तथा मानवीय आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता प्रदान करके पूरा किया जा सकता
है ।
प्रश्न 2. भारत में सम्पूर्ण साक्षरता में प्रादेशिक परिवर्तनों की विवेचना कीजिए ।
(Examine the regional variations in total literacy in India.)
उत्तर-भारत में प्रादेशिक स्तर पर साक्षरता दर में भिन्नताएँ पाई जाती हैं। बिहार में साक्षरता
दर 43.53 है जबकि केरल में यह 90.92% है । साक्षरता में केरल का प्रथम स्थान है
केरल के आलावा 80% से अधिक साक्षरता दर वाले राज्यों में पहले स्थान पर मिजोरम
(88.49%) है । गोवा को छोड़कर (82.32%) किसी अन्य राज्य में 80% से अधिक साक्षरता
नहीं है।
मेघालय, उड़ीसा, मध्य प्रेदश तथा छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से थोड़ा
कम है।
कारण-1. अधिकतर जनसंख्या गाँवों में रहती है ।
2. गरीबी तथा अज्ञानता के कारण साक्षरता दर कम है ।
3. जम्मू-कश्मीर तथा अरुणाचल प्रदेश पर्वतीय राज्य हैं । यहाँ परिवहन के साधनों का
अभाव है।
केन्द्रशासित प्रदेशों में क्रमशः लक्षद्वीप (87.52%), दिल्ली (81.82%), चण्डीगढ़ (81.72%),
पांडिचेरी (81.49%) अंडमान व निकोबार (81.18%), तथा दमन व दीव (81.9%) हैं ।
भारत के 22 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है
जबकि 13 राज्यों और संघशासित प्रदेशों में औसत से कम है । इसके कारण निम्नलिखित हैं-
1. उच्च नगरीकरण के कारण उच्च साक्षरता दर है ।
2. उत्तरी-पूर्वी राज्यों में उच्च साक्षरता दर का कारण मिशनरियों का प्रभाव है ।
3. कई राज्यों में साक्षरता के विकास में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का महत्त्वपूर्ण
योगदान है।
निम्न साक्षरता दर वाले राज्यों में बिहार, झारखंड, जम्मू-कशमीर, अरुणाचल प्रदेश, उत्तर
प्रदेश, दादरा व नगर हवेली, राजस्थान व आन्ध्र प्रदेश है । इन सभी राज्यों में साक्षरता दर 54
प्रतिशत से 62 प्रतिशत के बीच है।
प्रश्न 3. मानव विकास क्यों आवश्यक है ? व्याख्या कीजिए ।
(Why human development is needed ? Explain.)
उत्तर-पाल स्ट्रीटन के अनुसार निम्नलिखित कारणों से मानव विकास आवश्यक है-
1. विकास की सभी प्रक्रियाओं का अंतिम उद्देश्य मानवीय दशाओं को सुधारना है।
2. मानव विकास उच्चतर उत्पादकता का साधन है । कुशल और सुपुष्ट श्रमिक अधिक
उत्पादन करने में सहायक होते हैं।
3. मानव विकास मानवीय प्रजनन की गति धीमी करके परिवार के आकर को छोटा करने
में मदद करता है।
4. मानव विकास भौतिक पर्यावरण-हितैषी भी है।
5. सुधरी मानवीय दशायें तथा घटी गरीबी मिलकर स्वस्थ तथा सभ्य समाज के निर्माण में
योगदान करती हैं।
6. मानव विकास सामाजिक अशांति को कम करने तथा राजनीतिक स्थिरता को बढ़ाने में
सहायक हो सकता है।
अत: मानव विकास की संकल्पना केवल अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित न होकर मानव
के संपूर्ण विकास से संबंधित है।
प्रश्न 4. देश में मानव विकास के आर्थिक सूचकों की प्रगति की विवेचना कीजिए।
(Examine the progress of the economic indicators of human development in the country.)
उत्तर-आर्थिक उत्पादकता मानव विकास का एक अनिवार्य अंग है । विकास का अन्तिम
लक्ष्य मानव प्रगति है । आर्थिक विकास इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक साधन है ।
अर्थव्यवस्था और उत्पादकता में विकास का मूल्यांकन सकल राष्ट्रीय उत्पाद तथा प्रति व्यक्ति
आय के द्वारा किया जा सकता है
सकल घरेलू उत्पाद तथा शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद की वृद्धि किसी देश के मानव विकास को
दर्शाती है।
आर्थिक सूचकों की प्रगति इस प्रकार है-
1. 1950-51 में सकल उत्पाद स्थिर कीमत (1993-94) पर 1404.66 अरब रुपये था जो
1999-2000 में बढ़कर 11485.0 अरब रुपये हो गया । विगत 50 वर्षों में यह वृद्धि लगभग
आठ गुना थी।
2. इसी के अनुसार प्रति व्यक्ति आय 3687 रुपए थी जो बढ़कर 1999-2000 में 10067
रुपए हो गई।
3. इस अवधि में प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति आय के रूप में वृद्धि लगभग 3.4% थी । यह निम्न
सारणी से स्पष्ट हो जाता है-
प्रश्न 5. पर्यावरण पर मानव के प्रभाव को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना
कीजिए ।
(Discuss the factors affecting the human impact on the environment.)
उत्तर-पर्यावरण पर मानव प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के द्वारा होता है । यह निम्न
प्रकार से प्रभावित करता है-
1. मानव आर्थिक विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करता है ।
2. वस्तुओं के उत्पादन और उपभोग की प्रक्रिया से भी प्रदूषकों का उत्सर्जन होता है ।
3. सेवाओं जैसे परिवहन व संचार के साधनों के कारण भी पर्यावरण प्रदूषित होता है ।
4. जनसंख्या की वृद्धि का भी पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है ।
इस प्रकार पर्यावरण की गुणवत्ता निम्न कारकों पर निर्भर होती है-
1. उपभोग किये गये संसाधनों की मात्रा व उत्पादन की प्रति व्यक्ति इकाई के अनुसार प्रदूषण
की उत्पत्ति ।
2. प्रति व्यक्ति उत्पादन व उपभोग ।
3. जनसंख्या का आकार ।
प्रश्न 6. निम्न में अन्तर स्पष्ट कीजिए (Distinguish between):
(i) मानव संसाधन विकास तथा मानव विकास
(Human resources development and Human development.)
उत्तर-मानव संसाधन विकास (Human Resources Development)-
1. इसमें मानवीय विकल्पों के परिवर्धन पर बल दिया जाता है ।
2. इससे मानवीय विकल्पों की वृद्धि होती है ।
3. मानव संसाधन से तात्पर्य मानव की कुशलता तथा दक्षता से है जो प्राकृतिक संसाधनों
के दोहन के लिए अनिवार्य है।
4. मानव का बौद्धिक स्तर, स्वास्थ्य तथा मानव क्षमताएँ आर्थिक विकास तथा आय में वृद्धि
के लिए महत्त्वपूर्ण मानव संसाधन विकास हैं ।
5. मानव संसाधन विकास के बिना संसाधनों का दोहन तथा उपभोग नहीं किया जा सकता
है । जब तक मानव के ज्ञान तथा उसकी कुशलताओं का उपयोग वस्तुओं के उत्पादन के लिए
नहीं किया जाता है तब तक मानव संसाधन का उपयोग नहीं किया जा सकता ।
         मानव विकास (Human Development)-
1. लोगों के विकल्पों को परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तरों को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है । इस प्रकार स्त्री-पुरुष व बच्चे विकास प्रक्रिया के केन्द्र बिन्दु
2. मानव विकास के लिए आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक जैसे मानवीय विकल्पों के
परिवर्धन पर बल दिया जाता है ।
3. दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के मुख्य विकल्प
हैं । इन विकल्पों को परिवर्धित करने की प्रक्रिया ही मानव विकास है।
4. मानव विकास के बिना मानव संसाधन नहीं बन सकता है। आर्थिक विकास के लिए
मानव विकास को मानव संसाधन के रूप में उपयोग किया जाता है ।
(ii) मानव विकास और आर्थिक विकास
(Human Development and Economic Development.)
उत्तर-मानव विकास (Human Development)-
1. मानव विकास में मानवीय विकल्पों के परिवर्धन पर बल दिया जाता है । मानवीय
विकल्प हैं-आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास ।
2. मानवीय विकास में मानवीय विकल्प जैसे स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर
के परिवर्धन पर बल दिया जाता है ।
3. मानव विकास के विकल्पों की अभिवृद्धि के लिए आर्थिक विकास अनिवार्य है।
4. मानव विकास द्वारा राष्ट्र के मानव संसाधन की वृद्धि होती है क्योंकि मानव ही राष्ट्र की
वास्तविक सम्पदा है।
        आर्थिक विकास (Economic Development)-
1. आर्थिक विकास में मानव की आय बढ़ाने पर ही मुख्य रूप से बल दिया जाता है । ऐसे विकास के लिए आर्थिक विकास अनिवार्य है । इसमें मूलभूत सिद्धान्त आपका उपयोग है न
 कि स्वयं आप ।
2. आर्थिक विकास का लक्ष्य मानव कुशलता तथा प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के ज्ञान
पर निर्भर करता है।
3. उच्च जीवन स्तर तथा भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आर्थिक विकास अनिवार्य है।
प्रश्न 8. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दें- 
(Answer the following questions in 150 words 🙂
 
(i) भारत में 2001 के स्त्री साक्षरता स्थानिक प्रारूपों की विवेचना कीजिये और इसके
लिये उत्तरदायी कारणों को समझाइए।
उत्तर-भारत में स्त्री शिक्षा की दशा बहुत शोचनीय है । स्त्री और पुरुष की साक्षरता दर
में काफी अन्तर है । कुल स्त्री जनसंख्या में केवल 54.16% स्त्री जनसंख्या साक्षर है । निम्नलिखित तालिका से स्पष्ट है कि स्त्री शिक्षा में 1951-2000 तक कितना अन्तर आया है-
राज्यों के स्तर पर गोवा तीसरा राज्य है जहाँ स्त्री साक्षरता दर 75.37 है । आठ राज्यों में
स्त्री साक्षरता दर 60 से 70% है । ये राज्य हैं-
हिमाचल प्रदेश (67.42), महाराष्ट्र (67.03), त्रिपुरा (64.91), तमिलनाडु (64.33), पंजाब
(63.36), नागालैण्ड (61,46), मणिपुर (60.53) तथा सिक्किम (60.40) है ।
इनके अतिरिक्त सात राज्यों में स्त्री साक्षरता राष्ट्रीय औसत से अधिक है ।
(ii) भारत के 15 प्रमुख राज्यों में मानव विकास के स्तरों में किन कारकों ने स्थानिक
भिन्नता उत्पन्न की है ?
(Which factors have caused spatial variations in the levels of Human
Development among in 15 major states.)
उत्तर-मानव विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और
ऐतिहासिक कारक उत्तरदायी हैं । इनमें शिक्षा महत्त्वपूर्ण है । केरल के मानव विकास सूचकांक का उच्चतम मूल्य इसके द्वारा 2001 में साक्षरता दर शत प्रतिशत (90.92) प्राप्त करने के कारण हैं । बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा जैसे राज्यों में निम्न साक्षरता दर
है ।
आर्थिक कारक (Economic Factor)-आर्थिक दृष्टि से विकसित महाराष्ट्र, तमिलनाडु
और पंजाब जैसे-राज्य के विकास सूचकांक अन्य राज्यों से ऊँचे हैं ।
उपनिवेश काल में विकसित प्रादेशिक विकृतियाँ और सामाजिक विषमताएँ अब भी
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाल रही है ।
निम्न सारणी भारत के राज्यों का मानव विकास दर्शाती है जो 2001 के सूचकांक के आधार
पर है।
प्रश्न 9. मानव विकास की परिभाषा दीजिए तथा तीन संकेतकों का वर्णन कीजिए जो
मानव विकास के लिए आधार तैयार करते हैं । दो देशों के नाम बताओ जो सबसे अधिक तथा सबसे कम मानव विकास के हैं।
(Define the form human development. State three indicators which form the basis of calculating the human development index. Name two countries forming the highest and lowest ranks each in HDI.)
उत्तर-मानव विकास-लोगों के विकल्पों के परिवर्तन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तरों
को ऊँचारखना ही मानव विकास है । इस प्रकार स्त्री-पुरुष व बच्चे विकास प्रक्रिया के केन्द्रबिन्दु हैं । मानव विकास के तीन संकेतक हैं-
1. साक्षरता (Literacy)-साक्षरता प्रमुख संकेतक है । साक्षरता के आधार पर ही मानव
विकास का आधार बनता है।
2.स्वास्था संकेतक (Health Indicators) स्वास्थ्य भी आर्थिक विकास का एक प्रमुख
अंग है । इसका निर्धारण मृत्युदर, जन्मदर तथा जीवन प्रत्याशा के रूप में किया जाता है।
3. आर्थिक तथा सामाजिक संकेतक (Economic and Social Indicators)-
आर्थिक उत्पादकता मानव विकास का प्रमुख अंग है । विकास का अंतिम लक्ष्य मानव प्रगति है।
अर्थव्यवस्था और उत्पादकता में विकास का मूल्यांकन सकल राष्ट्रीय उत्पाद तथा प्रति व्यक्ति आय के अनुसार किया जाता है । सामाजिक संकेतकों में शिक्षा आदि सम्मिलित हैं।
कनाडा तथा नार्वे, उच्चतम मानव विकास के देश हैं जबकि नाइजीरिया और सियरालियोन
निम्न मानव विकास वाले देश हैं।
प्रश्न 10. विकास और पर्यावरण ह्रास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । यह कथन कहाँ
तक सत्य है ?
(Development and environmental degradation are two faces of the same coin. How far is it correct?)
उत्तर-विकास और पर्यावरण हास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । यह कथन सत्य है ।
विकास कृषि पर्यावरण में पाये जाने वाले संसाधनों पर ही निर्भर करता है । जब तक संसाधनों
का दोहन नहीं होता, विकास संभव नहीं है । दोहन से पर्यावरण क्षरण होता है । प्राकृतिक संसाधनों के दोहन द्वारा वस्तुओं के उत्पादन और सेवाओं के विकास की क्षमता में वृद्धि होती है  इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक संसाधनों की समाप्ति, अभाव, शोषण और पर्यावरण ह्रास होने लगता है। इस प्रकार मानव प्रकृति का विनाशक बन जाता है ।
इस प्रकार विकास के साथ पर्यावरण ह्रास होता है, इसलिए ये दोनों एक ही सिक्के दो
पहलू हैं।
             वस्तुनिष्ठ प्रश्न (ObjectiveAnswer Type Question)
 
                नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए- 
(Choose the right answer of the following from the given below 🙂
 
प्रश्न 1. मानव विकास सूचकांक (2005) के संदर्भ में विश्व के देशों में भारत की
निम्नलिखित में से कौन-सी कोटि थी?
(क) 126
(ख) 127
(ग) 128
(घ) 129
प्रश्न 2. मानव विकास सूचकांक में भारत के निम्नलिखित राज्यों से किसी एक की
कोटि उच्चतम है?
(क) तमिलनाडु
(ख) पंजाब
(ग) केरल
(घ) हरियाणा
प्रश्न 3. भारत के निम्नलिखित राज्यों में से किसी एक में स्त्री साक्षरता निम्नतम है ?
(क) जम्मू और कश्मीर
(ख) अरूणाचल प्रदेश
(ग) झारखंड
(घ)बिहार
प्रश्न 4. भारत के निम्नलिखित राज्यों में से किसी एक में 0-6 आयु वर्ग के बच्चों में
लिंग अनुपात निम्नतम है?
(क) गुजरात
(ख) हरियाणा
(ग) पंजाब
(घ) हिमाचल प्रदेश
प्रश्न 5. भारत के निम्नलिखित केन्द्र-शासित प्रदेशों में से किसी एक की साक्षरता दर
उच्चतम है?
(क) लक्षद्वीप
(ख) चण्डीगढ़
(ग) दमन और दीव
(घ) अंडमान एवं निकोबार द्वीप
प्रश्न 6. 2001 में भारत में स्त्री साक्षरता दर कितनी थी ?
(क) 54.16%
(ख) 54.00%
(ग) 47.53%
(घ) 56.0%
प्रश्न 7. केरल का मानव विकास सूचकांक कितना है ?
(क) 0.532
(ख) 0.533
(ग) 0.638
(घ) 0.523
प्रश्न 8. बिहार में साक्षरता दर कितनी है ?
(क) 92.4%
(ख) 47.53%
(ग) 90.92%
(घ) 46.53%
प्रश्न 9. केरल में साक्षरता दर कितने प्रतिशत है ?
(क) 92.4%
(ख) 90.92%
(ग) 50.16%
(घ) 54.16%
प्रश्न 10. लोगों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना क्या
कहलाता है ?
(क) मानव विकास
(ख) राजनीतिक विकास
(ग) सांस्कृतिक विकास
(घ) आर्थिक विकास
प्रश्न 11. 2001 की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में भारत का मानव विकास सूचकांक
में स्थान है-
(क) 116वाँ
(ख) 115वाँ
(ग) 120वाँ
(घ) 112वाँ
प्रश्न 12. 1999-2000 में कितने लोग भारत में गरीबी रेखा के नीचे रह रहे थे ?
(क) 26%
(ख) 36%
(ग) 16%
(घ) 46%
प्रश्न 13. पर्यावरण विश्लेषण के लिए किस सूत्र का प्रयोग किया जाता है ?
(क) I=PAT
(ख) I = PET
(ग) P=IAT
(घ) T=IPA
प्रश्न 14. मानव विकास का मापन किस प्रकार किया जाता है ?
(क) गणना द्वारा
(ख) मानव सूचकांक द्वारा
(ग) जनसंख्या की गणना द्वारा
(घ) शिक्षा स्तर द्वारा
प्रश्न 15. मानव विकास सूचकांक में प्रथम स्थान पर है-
(क) अमेरिका
(ख) जर्मनी
(ग) जापान
(घ) नार्वे
                                                 उत्तर
1. (ख) 2.(ग) 3. (घ) 4. (ख) 5.(क) 6. (क) 7. (ग) 8. (ख) 9. (ख) 10. (क)
11. (ख) 12. (क) 13. (क) 14. (ख) 15. (घ)

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