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akhilesh yadav biography in hindi – अखिलेश यादव का जीवन

akhilesh yadav biography in hindi – अखिलेश यादव का जीवन परिचय

akhilesh yadav biography in hindi

आज हम बात करने जा रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव की |अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गाँव में हुआ था।उनके पिता का नाम मुलायम सिंह यादव है जो कि समाजवादी पार्टी के नेता है। अखिलेश यादव मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी के बेटे है।अखिलेश शाकाहारी है।उनकी शादी 24 नवंबर 1999 को डिम्पल यादव के साथ हुई थी । अखिलेश के तीन बच्चे हैं। उनका नाम इस प्रकार है- अदिति व टीना (बेटी) और (बेटा) अर्जुन। उनकी पत्नी सांसद हैं और वे कन्नौज से निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं।अखिलेश यादव ने राजस्थान मिलिट्री स्कूल धौलपुर से अपनी शिक्षा प्राप्त की थी।उन्होंने अभियान्त्रिकी में स्नातक की उपाधि मैसूर के एस॰ जे॰ कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से ग्रहण की इसके बाद वे विदेश चले गये और सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण अभियान्त्रिकी में स्नातकोत्तर किया।

1. पूरा नाम ((Full Name) अखिलेश यादव
2. जन्म (Birth Date) 1 जुलाई 1973
3. जन्म स्थान (Birth Place)  इटावा जिले के सैफई में
4. पेशा (Profession) राजनेता
5. राजनीतिक पार्टी (Political Party) समाजवादी पार्टी
6. अन्य राजनीतिक पार्टी से संबंध (Other Political Affiliations)
7. राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
8. उम्र (Age) 46 वर्ष
9. गृहनगर (Hometown) सैफई, इटावा
10. धर्म (Religion) हिन्दू
11. जाति (Caste) यादव
12. वैवाहिक स्थिति (Marital Status) विवाहित
13. राशि (Zodiac Sign) कैंसर
पिता (Father) मुलायम सिंह यादव
माता (Mother) मालती देवी
सौतेली माता (step mother) साधना गुप्ता
भाई(half brother) प्रतीक यादव
पत्नी (Wife) डिंपल यादव
पुत्री (Daughter) अदिति और टीना
पुत्र (Son) अर्जुन
चाचा/ताऊ (uncles) शिवपाल सिंह यादव, रतन सिंह यादव, अभी राम यादव, राजपाल सिंह यादव

अखिलेश यादव का राजनैतिक करियर:-

  • राजनैतिक परिवेश में बड़े होने के कारण उनका राजनीति में आना तय ही था, लेकिन इससे पहले उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की थी. 2000 के 13वीं लोक सभा चुनाव में अखिलेश यादव को पहली बाद कन्नौज से चुना गया था, इसके बाद हुए 14वे और 15वें लोकसभा चुनाव में भी लोकसभा की सदस्यता हासिल की थी, इसके अलावा अखिलेश यादव सिविल सप्लाई,खाध्य और वितरण कमिटी के सदस्य रह चुके हैं.
  • 2000 से 2001 तक उन्हें कमिटी ऑफ़ एथिक्स का सदस्य बनाया गया. 2002 से 2004 तक वो एनवायरमेंट एंड फारेस्ट कमिटी और विज्ञान एवं तकनीक कमिटी के सदस्य भी थे.
  • 2004 से 2009 तक वो अर्बन डेवेलपमेंट कमिटी ऑन एस्टिमेट्स, कमिटी ऑन प्रोविजिन ऑफ़ कंप्यूटर्स जैसे कई विभागों के सदस्य रहे.
  • 2009 से 2012 तक वो एनवायरमेंट एंड फारेस्ट कमिटी, विज्ञान और तकनीक कमिटी और 2जी स्पेक्ट्रम स्कैम के जेपीसी में सदस्य रहे.
  • अखिलेश यादव निरंतर ग्रामीण इलाकों, गरीबों और किसानों के लिए काम करते रहते हैं, उनकी पार्टी ने विधान सभा चुनावों की डोर जब उनके हाथ में सौंपी, तो उन्होंने पारम्परिक तरीके से प्रचार करने के स्थान पर नये तरीके से पुरे प्रदेश में रैलियां करनी शुरू की, जिसमे उन्हें न केवल सफलता मिली, बल्कि काफी प्रसिद्धि भी मिली और विभिन्न वर्ग के लोगों और युवाओं के बीच एक नयी पहचान बनी.
  • अखिलेश ने 2012 में हुए उत्तरप्रदेश के चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. उन्होंने समाजवादी पार्टी को न केवल सत्ता दिलाई बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और गरीबों एवं किसानों तक अपनी पहचान बनाई. अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी की छवि बदलने का श्रेय दिया जाता हैं,उन्होंने चुनाव अभियानों में नयी तकनीकों को जोडकर पार्टी को एक नयी दिशा दी. उन्होंने प्रदेश में बहुत सी साइकिल रेलिया और एक सफल रथ यात्रा की, जिससे युवा वोटर्स पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा, इसके परिणाम स्वरूप ही 2012 के यूपी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को 403 में से 224 सीट मिली .
  • 10 मार्च 2012 को अखिलेश यादव को उत्तरप्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता के रूप में चुना गया, और 15 मार्च को वो सबसे कम उम्र के उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. 2 मई 2012 को अखिलेश ने 15वीं लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और उत्तर-प्रदेश के विधानसभा काउंसिल के सदस्य बन गये.
  • 2017 में हुए उत्तर-प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी से गठबंधन कर लिया था. उन्होंने विकास के मुद्दे पर वोट मांगे थे और राज्य से कम्युनल शक्ति को हटाने का प्रयास किया, फिर भी समाजवादी पार्टी चुनावों में जीत नहीं सकी.

आलोचना

जुलाई 2012 में जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने उनके कार्य की आलोचना करते हुए व्यापक सुधार का सुझाव दिया तो जनता में यह सन्देश गया कि सरकार तो उनके पिता और दोनों चाचा चला रहे हैं, अखिलेश नहीं।

उनकी सरकार को दूसरा झटका तब लगा जब एक आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को निलम्बित करने पर चारों ओर से उनकी आलोचना हुई। जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें नागपाल को बहाल करना पड़ा।

2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में 43 व्यक्तियों के मारे जाने और 93 लोगों के घायल होने पर कर्फ्यू लगाना पड़ा और इसके बाद सेना ने आकर स्थिति पर काबू किया। मुस्लिम व हिन्दू जाटों के बीच हुए इस भयंकर दंगे से उनकी सरकार की बड़ी किरकिरी हुई।

राजनीतिक यात्रा

  • 2000: उप-चुनाव में, वह कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से 13 वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए।
  • 2004: लोकसभा चुनावों में, वह 14 वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए।
  • 2009: आम चुनाव में, वह तीसरे कार्यकाल के लिए 15 वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए।
  • 10 मार्च 2012: को, उन्हें समाजवादी पार्टी का नेता नियुक्त किया गया।
  • 15 मार्च 2012 को, वह 38 वर्ष की आयु में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।चक

अखिलेश यादव से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ:-

  • उन्होंने भारत के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में से एक धौलपुर सैनिक स्कूल, राजस्थान से अपनी शिक्षा आरम्भ की।
  • सिडनी विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान, वह संगीत की ओर काफी आकर्षित हो गए। उन्हें Guns N Roses, Bryan Adams and Metallica के गाने पसंद हैं।
  • उनका खेल के प्रति बहुत लगाव है और वह क्रिकेट और फुटबॉल खेलना बहुत पसंद करते है।
  • वह समाजवादी विशेषज्ञ भी हैं और जिसके करना वह समाज में घटित सामाजिक मुद्दों की काफी अच्छे ढंग से विवेचना कर सकते हैं।
  • वह भारत के महान समाजवादी राम मनोहर लोहिया के बहुत बड़े अनुयायी हैं।
  • 27 वर्ष की कम उम्र में अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीतकर, सांसद के रूप में लोकसभा में प्रवेश किया था।
  • जब वह 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब महज 38 वर्ष की आयु में उन्होंने उत्तर प्रदेश के सबसे छोटे मुख्यमंत्री के रूप में एक खिताब अर्जित किया।
  • उन्हें समाजवादी पार्टी की युवा शक्ति के रूप में देखा जाता है।
  • अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के ऐसे युवानेता हैं, जो अपने भाषणों से युवाओं को ना केवल आकर्षित करते हैं, बल्कि ये विशवास भी दिलाते हैं, कि वो उन्ही में से एक हैं. उनकी भाषा पर अच्छी पकड़ हैं, साथ ही मुद्दों की बात करते हुए, वो जनता को काफी प्रभावित करते हैं. एक कैम्पेन के दौरान अखिलेश ने 6 महीने में 800 रैलियाँ की थी और 10,000 किलोमीटर की यात्रा की थी.
  • अखिलेश जब मैसूर में पढाई कर रहे थे, तब वो अपनी कॉलेज के पास ही एक चाय की दूकान पर जाते थे, जहाँ उनकी दोस्ती चंदु नाम के व्यक्ति से हुयी, जिसने उन्हें कन्नड़ सिखाई और अखिलेश ने कॉलेज में एक भाषण कन्नड़ में दिया.
  • अखिलेश यादव को शुरू से खेलों में रूचि रही हैं, वो रोज अपने भाई के साथ खेलते थे, इसके लिए वो अपने भाई को भी जल्दी उठाते थे, यदि कोई दिन उनका भाई दरवाजा नहीं खोलता, तो वो दरवाजे को खटखटाटे रहते थे.

 

 

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