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bihar board 9th class science notes | जीवन की मौलिक इकाई

bihar board 9th class science notes | जीवन की मौलिक इकाई

                              क्रियाकलाप 5.1 के प्रश्न
(i) क्या सभी कोशिकाएं आकार तथा आकृति की दृष्टि से एक जैसी दिखाई देती
हैं?
उत्तर-प्याज की झिल्ली की सभी कोशिकाएंँ आकार तथा आकृति में एक समान दिखाई
देती हैं।
(ii) क्या सभी कोशिकाओं की संरचना एक जैसी दिखाई देती हैं ?
उत्तर-सभी कोशिकाओं की संरचना एक जैसी दिखाई देती है ?
(iii) क्या पादप के विभिन्न भागों में पायी जाने वाली कोशिकाओं में कोई अन्तर है?
उत्तर-पादप के विभिन भागों की कोशिकाओं की आकार तथा आकृति में अन्तर होता है।
जैसे-स्क्लेरेन्काइमा की वाहिनी कोशिका में केन्द्रक नहीं होता, उनमें लिग्निन भित्ती जमा रहती
है और उनके रेशे (fibre) लम्बवत (spindle shape) होती हैं जो प्याज की झिल्ली तथा मूलाग्र की कोशिका से भिन्न होती हैं।
प्याज की झिल्ली तथा प्याज का मूलाग्र मूलतः कोई फर्क नहीं दिखाई देती।
(iv) हमें कोशिकाओं में क्या समानता दिखाई देती है ?
उत्तर-पादप कोशिकाओं में समानताएंँ-
(a) सभी में कोशिका मिति तथा कोशिका झिल्ली होती है।
(b) सभी प्याज की झिल्ली अथवा मूलाग्र कोशिकाओं में केन्द्रक तथा कोशिका द्रव्य
होता है।
                       पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 66)
प्रश्न 1. कोशिका की खोज किसने और कैसे की?
उत्तर-कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने 1665 में लगाया था।
उसने कोशिका को कॉर्क की पतली काट में अनगढ़ सूक्ष्मदर्शी के द्वारा देखा।
प्रश्न 2. कोशिका को जीवन की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई क्यों कहते हैं?
उत्तर-अनेक जीवों का शरीर केवल एक कोशिका का बना होता है। जैसे-अमीबा
बहुकोशिका जीवों का शरीर अनेक कोशिकाओं होती हैं जो विभिन्न कार्य करती हैं और
विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं।
एक कोशिकीय जीव की सभी जैविक प्रक्रियाएँ एक ही कोशिका में होती हैं। बहुकोशिका
जीवों में भी प्रत्येक कोशिका मूलभूत जैविक प्रक्रिया करती हैं। जैस श्वसन, प्रोटीन बनाना आदि।
अतः कोशिका जीवन की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई है।
                       पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 68)
प्रश्न 1. CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ कोशिका से कैसे अन्दर तथा बाहर जाते हैं? इस
पर चर्चा करें।
उत्तर-CO2 की सांद्रता जब कोशिका में उच्च हो जाती है विसरण द्वारा ये कोशिका से बाहर
निकल जाती हैं और जब CO2 की सांद्रता निम्न होती है तो बाहर से यह कोशिका में आ जाती है।
जल के अणु परासरण के कारण कोशिका की वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल
की सांद्रता से निम्न जल की सांद्रता की ओर जाता है।
प्रश्न 2. प्लाज्मा झिल्ली को वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं?
उत्तर-प्लाज्मा झिल्ली कुछ पदार्थों को तो कोशिका के अन्दर व बाहर आने देती है। परन्तु
कुछ पदार्थों को न अन्दर आने देती है न कोशिका के बाहर जाने देती है। इसीलिए इसे वर्णात्मक
या चयनात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।
                          पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 70)
प्रश्न 1. क्या अब आप निम्नलिखित तालिका में दिए गए रिक्त स्थानों को भर सकते
हैं, जिससे कि प्रोकेरियोटिक तथा यूकेरियोटिक कोशिकाओं में अंदर स्पष्ट हो सके-
उत्तर-प्रोकेरियोटिक कोशिका-
2. अस्पष्ट केन्द्रक क्षेत्र में केवल क्रोमैटिन पदार्थ होता है और उसे केन्द्रकाय कहते हैं।
यूकेरियोटिक कोशिका-
4. झिल्ली युक्त कोशिका अंगक उपस्थित होते हैं।
                      पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 73)
प्रश्न 1. क्या आप दो ऐसे अंगकों के नाम बता सकते हैं जिनमें अपना आनुवंशिक
पदार्थ होता है?
उत्तर-(i) माइटोकॉन्ड्रिया, (ii) प्लैस्टिड।
प्रश्न 2. यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक अथवा रासायनिक प्रभाव के
कारण नष्ट हो जाता है, तो क्या होगा?
उत्तर-यदि कोशिका संघठन नष्ट हो जाता है तो कोशिका अपने कुछ आधारभूत कार्य जैसे
श्वसन, पोषण तथा उत्सर्जन आदि नहीं कर सकती तथा प्रोटीन का निर्माण नहीं कर सकती जिससे जीव के समस्त कार्य रुक जाएंगे तथा जीव की मृत्यु हो सकती है।
प्रश्न 3. लाइसोसोम को आत्मघाती थैली क्यों कहते हैं?
उत्तर-जब कोशिका नष्ट होती है तो लाइसोसोम फट जाते हैं तथा एन्जाइम अपनी ही
कोशिका को खा (पचा) लेते हैं। अत: लाइसोसोम को आत्महत्या की थैली कहते हैं।
प्रश्न 4. कोशिका के अंदर प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ पर होता है?
उत्तर-प्रोटीन संश्लेषण राइबोसोम पर होता है।
                                             अभ्यास
प्रश्न 1. पादप कोशिकाओं तथा जंतु कोशिकाओं में तुलना करें।
उत्तर-हाँ, हम जन्तु व पादप कोशिका में तुलना कर सकते हैं तथा निम्न अन्तर कर सकते हैं-
प्रश्न 2.प्रोकेरियोटिक कोशिकाएं यूकेरियोटिक कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न
होती हैं?
4.
उत्तर-
प्रश्न 3. यदि प्लाज्मा झिल्ली फट जाए अथवा टूट जाए तो क्या होगा?
उत्तर-प्लाज्मा झिल्ली कोशिका का एक बाह्य आवरण है जो कोशिका के आन्तरिक पदार्थों
को बाह्य वातावरण से अलग करती है। इसकी प्रकृति अर्द्धपारगम्य होती है। यदि यह फट जाती
है तो कोशिका का आन्तरिक पदार्थ बाह्य वातावरण से मिल जाएगा तथा चयनात्मक कार्य समाप्त हो जाता है।
प्रश्न 4. यदि गॉल्जी उपकरण न हो तो कोशिका के जीवन में क्या होगा?
उत्तर-यदि कोशिका में गॉल्जीकाय न हो तो अन्तर्द्रव्यी जालिका में बने पदार्थों का कोशिका
के अन्दर व बाहर आवश्यक भागों को स्थानान्तरण बन्द हो जाएगा। लाइसोसोम का निर्माण नहीं
होगा जिसमें बहुत से एन्जाइमों व हार्मोनों का निर्माण नहीं होगा जिससे कोशिका से अपशिष्ट
पदार्थों का निष्कासन नहीं होगा। इन सबसे कोशिका का जीवन कम हो जाएगा।
प्रश्न 5. कोशिका का कौन-सा अंगक बिजलीघर है? और क्यों?
उत्तर-माइटोकॉन्ड्यिा को कोशिका का ऊर्जा संयंत्र कहते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया में ऊर्जा का
निर्माण होता है जो ए. टी. पी. के रूप में एकत्र होती है। यह ऊर्जा बहुत-सी जैविक प्रक्रियाओं
में काम आती है। अत: माइटोकॉन्ड्रिया को ऊर्जा संयंत्र कहते हैं।
प्रश्न 6. कोशिका झिल्ली को बनाने वाले लिपिड तथा प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ होता है ?
उत्तर-कोशिका झिल्ली का निर्माण करने वाले लिपिडों व प्रोटीन का संश्लेषण अन्तर्द्रव्यी
जालिका में होता है।
प्रश्न 7. अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है?
उत्तर-अमीबा एक कोशकीय जीव है। अमीबा की कोशिका में रसधानियाँ होती हैं। इनमें
से एक खाद्य रिक्तिका होती है। खाद्य रसधानी भोजन से भरी होती है। इससे अमीबा अपना भोजन प्राप्त करता है।
प्रश्न 8. परासरण क्या है?
उत्तर-वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा पानी के अणुओं की उच्च सान्द्रण क्षेत्र से निम्न
सान्द्रण क्षेत्र की तरफ गति को परासरण कहते हैं। पानी की गति उसमें घुले हुए पदार्थों पर निर्भर करती है।
प्रश्न 9. निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें-
छिले आधे-आधे आलू के चार टुकड़े लो, इन चारों को खोखला करें जिससे कि
आलू के कप बन जाएं। इनमें से एक कप को उबले आलू में बनाना है। आलू के प्रत्येक
कप को जल वाले बर्तन में रखें। अब
(a) कप ‘A’ को खाली रखें,
(b) कप ‘B’ में एक चम्मच चीनी डालें,
(c) कप ‘C’ में एक चम्मच नमक डालें तथा
(d) उबले आलू से बनाए गए कप ‘D’ में एक चम्मच चीनी डालें।
आलू के इन चारों कपों को दो घंटे तक रखने के पश्चात् उनका अवलोकन करें तथा
निम्न प्रश्नों के उत्तर दें-
(i) ‘B’ तथा ‘C’ के खाली भाग में जल क्यों एकत्र हो गया?
(ii) ‘A’ आलू इस प्रयोग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?
(iii) ‘A’ तथा ‘D’ आलू के खाली भाग में जल एकत्र क्यों नहीं हुआ? इसका वर्णन करें।
उत्तर-(1) आलू बहुत-सी कोशिकाओं से बना हुआ होता है। कोशिकाओं की कोशिका
झिल्ली अर्द्धपारगम्य होती है। आलू A व C के खाली भाग में क्रमश: चीनी तथा नमक भरा है
जबकि इनके बाहरी भाग पानी के सम्पर्क में है। अतः पानी का सान्द्रण आलू के अन्दर की तुलना में बाहर के बर्तन में अधिक होता है। अत: पानी की गति परासरण के कारण बाहर के बर्तन से आलू के अन्दर की तरफ होता है। अत: आलू कप B व C में पानी भर जाता है।
(2) इस प्रयोग में खाली कप A इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह दर्शाता है कि यदि दो
विलयन लिए जाएँ जिनका सान्द्रण बराबर होता है तो पानी के अणुओं में कोई गति नहीं होती।
(3) आलू कप A व D में पानी इसलिए नहीं भरता क्योंकि आलू कप D उबले हुए आलू
से बना है। अत: उसकी कोशिकाएंँ मृत हो जाती हैं तथा कोशिका झिल्ली अर्द्धपारगम्यता खो देती है। अतः परासरण नहीं होता जिससे पानी बाहरी बर्तन से आलू में प्रवेश नहीं करता। आलू कप A को खाली रखा गया है। अतः अर्द्धपारगम्य कोशिका झिल्ली के दोनों तरफ का सान्द्रण बराबर होता है। अतः पानी के अणु बाहर से अन्दर की तरफ गति नहीं करते। अतः आलू कप A व D में पानी नहीं भरता है।
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