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bseb 8th class physics notes | दाब और बल का आपसी सम्बन्ध

bseb 8th class physics notes | दाब और बल का आपसी सम्बन्ध

अध्ययन सामग्री―बल वह भौतिक कारक है जो किसी वस्तु की स्थिर या गतिशील अवस्था
में परिवर्तन लाता है (या लाने का प्रयास करता है) अथवा वस्तु की आकृति में परिवर्तन कर
देता है। बल एक सदिश राशि है क्योंकि इसमें दिशा में परिमाण दोनों होते हैं।
बल का मात्रक न्यूटन होता है इसे ‘N’ से सूचित करते हैं।
बल दो वर्गों में विभाजित किया गया है― (i) स्पर्श बल, (ii) अस्पर्श बल या दूरी पर क्रिया बल ।
किसी बल को किसी वस्तु पर आरोपित करने के लिए उस वस्तु को स्पष्ट रूप से छूना या
स्पर्श करना आवश्यक होता है। ऐसे बलों को स्पर्श बल कहते हैं। जैसे—घर्षण बल, पेशीय बल आदि ।
परन्तु कुछ ऐसे भी बल हैं जिन्हें किसी वस्तु पर आरोपित करने के लिए उस वस्तु का स्पर्श
करना आवश्यक नहीं होता है। ऐसे बलों को दूरी पर क्रिया बल कहते हैं।
जैसे-चुम्बकीय बल, विद्युत बल, गुरुत्वाकर्षण बल आदि ।
किसी क्षेत्रफल पर बल आरोपन से उत्पन्न प्रभाव के अध्ययन के लिए एक उपयुक्त भौतिक
राशि है दाब । दाब वस्तुतः वह बल है, जो दो वस्तुओं के संपर्क क्षेत्रफल या तल में आरोपित
होता है। दो वस्तुओं को एक-दूसरे के संपर्क में रख देने पर जिस क्षेत्र में वे एक-दूसरे को स्पर्श
करते हैं। उस क्षेत्र के क्षेत्रफल को संपर्क क्षेत्रफल कहते हैं। यानि प्रति एकांक या इकाई संपर्क
क्षेत्रफल पर आरोपित बल को दाब कहते हैं।
                                                       बल
                                           दाब =———–
                                                     क्षेत्रफल
संपर्क क्षेत्रफल जितना कम होगा, दाब उतना ही अधिक होगा अथवा संपर्क क्षेत्रफल जितना
अधिक होगा, दाब उतना ही कम होगा। दाब के मात्रक न्यूटन/मीटर- या पास्कल होता है।
हमे दैनिक जीवन में दाब के अनेक प्रयोग होते हैं। जैसे-खाना बनाने के लिए प्रेशर कुकर,
सूई द्वारा दवा का प्रयोग, वाहन में एयर ब्रेक, तोप की पहियों पर इस्पात चढ़ा होना । ऊँचे भवन
के नींव गहरे एवं चौड़े बनाए जाते हैं।
ठोस के द्वारा दाब हमेशा नीचे की ओर लगता है। पन्तु द्रव तथा गैस सभी दिशाओं में
दाब लगाते हैं। दाब तथा दाब के नियम की खोज ब्लेज पास्कल ने किया था।
                                                 अभ्यास
1. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर एक शब्द में दीजिए-
(i) पृथ्वी द्वारा सभी वस्तुओं पर लगाया गया आकर्षण बल ।
उत्तर-गुरुत्वाकर्षण बल
(ii) इकाई क्षेत्रफल पर कार्य करनेवाला बल ।
उत्तर-दाब।
(iii) तरल द्वारा ऊपरमुखी दाब ।
उत्तर-उत्पलावक बल।
(iv) वह बल जो वस्तु को जल में तैरते हुए रखती है।
उत्तर-उत्प्लावक बल।
(v) इकाई क्षेत्र पर लगनेवाला वायु दाब ।
उत्तर-वायुमंडलीय दाब।
2. खाली स्थानों को भरें।
(i) ठोस द्वारा केवल……….. दिशा में दाब आरोपित किया जाता है।
(ii) वायु द्वारा आरोपित दाब का मान …….. दिशा में होता है।
(iii) द्रव द्वारा आरोपित दाब …….. दिशा में होता है।
(iv) दाब की इकाई ……….. है।
(v) जल की गहराई में दाब का मान …….. होता है।
उत्तर-(i) नीचे, (ii) सभी, (iii) सभी, (iv) N.m-2 या पास्कल, (v) अधिक ।
3. सत्य एवं असत्य कथनों को पहचानें।
(i) ठोसों द्वारा दाब उसके भार के कारण होता है।
(ii) द्रव में गहराई के साथ दाब का मान बढ़ता है।
(iii) वायु में भार होता है।
(iv) क्षेत्रफल का मान घटाने पर दाब का मान घटता है।
उत्तर-(i) सत्य, (ii) सत्य, (iii) सत्य, (iv) असत्य ।
4. बल एवं दाब में क्या अंतर होता है ?
उत्तर-बल वह भौतिक कारक होता है जो किसी वस्तु पर लगकर उसके स्थान को परिवर्तित
कर देता है या स्थान परिवर्तित करने का प्रयास करता है। बल एक सदिश राशि है। बल का
मात्रक न्यूटन होता है। जबकि प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।
                                                बल
                                      दाब=———–
                                              क्षेत्रफल
दाब का मात्रक N/m2 या पास्कल होता है। बल के मान बढ़ने पर दाब का मान बढ़ता
है। बल के मान घटने से दाब का मान घटते हैं। यानि दाब, बल के अनुक्रमानुपाती होते हैं तथा
क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होते हैं।
5. आप पिन को नुकीला क्यों बनाते हैं ?
उत्तर-पिन, आसानी से किसी चीज में पार कर जाए । दाब, क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता
है यानि क्षेत्रफल कम होने पर दाब का मान ज्यादा होगा। इसलिए उसे नुकीला बनाया जाता है।
ताकि कम-से-कम बल में अधिक-से-अधिक दाब बने और कार्य आसानी से सम्पादित हो जाए।
6. आप अपने सिर पर कितना वायु के भार को ढो रहे हैं। अगर आपके सिर का क्षेत्रफल
100 वर्ग सेमी. है।
उत्तर-इस प्रश्न का उत्तर शिक्षक महोदय से गणना करा लें।
7. पर्वतारोही को पर्वत के ऊपर चढ़ने में सांस लेने में कठिनाइयों का सामना क्यों करना पड़ता है ?
उत्तर—पृथ्वी सतह से जैसे-जैसे ऊपर चढ़ते जाते हैं। वैसे-वैसे वायुमंडलीय दाब कम होता
चला जाता है। वायुमंडल की तुलना में शारीरिक रक्त या हवा का दबाव बढ़ जाता है जिसके कारण पर्वतारोही को पर्वत के ऊपर चढ़ने में साँस लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
8. पास्कल ने कैसे दर्शाया कि द्रव सभी दिशाओं में दाब आरोपित करते हैं।
उत्तर—पास्कल ने अनेकों प्रयोगों के आधार पर यह साबित कर दिखा दिया कि द्रव सभी
दिशाओं में दाब आरोपित करते हैं। उन प्रयोगों में से एक प्रयोग इस प्रकार है।
एक कठोर रबड़ की गेंद (लॉन टेनिस) लेते हैं। इसमें सूर्य की सहायता से छोटे-छोटे बहुत
से छिद्र हर तरफ कर देते हैं। इसे दबाकर वायु को निकाल दिया जाता है। इसके बाद जल से
भरे बाल्टी के अन्दर डुबाते हैं। गेंद से दाब हटते ही जल छिद्रों से अन्दर चला जाता है। अब
गेंद को बाहर निकाल लेते हैं तथा उसे दबाने पर सभी छिद्रों से जल बाहर निकलना शुरू हो जाता है। इस प्रकार देखा गया कि द्रव सभी दिशओं में छिद्र पर दाब आरोपित करते हैं।
9. आप किसी स्थान पर वायुदाब कैसे निकालेंगे? एक साधारण वायु दाब मापी निर्माण
एवं क्रियाविधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर-एक साधारण वायु दाबमापी मैनोमीटर की बनावट तथा क्रियाविधि का वर्णन-
आवश्यक सामग्री- (i) U-आकार का ग्लास ट्यूब, एक प्लास्टिक कीप, गुब्बारे का एक
छोटा टुकड़ा, धागे का टुकड़ा, रबड़।
क्रियाविधि-U-नली को किसी बोर्ड पर लगा देते हैं। U-नली पर मध्य से निश्चित दूरी
पर दोनों नली को अशांकित कर देते हैं। U-नली में कुछ रंगीन जल भर देते हैं। U-नली के
दोनों बाँहों पर जल के चिह्न के स्तर को नोट कर लेते हैं। एक कीप के बड़े वाले मुंँह पर बैलून
की झिल्ली को बाँध देते हैं। कीप की पतली नली में रबड़ की नली का दूसरा छोर U-नली के
बाँह में लगा दीजिए। इस प्रकार मैनोमीटर बनकर तैयार हो जाता है।
कीप की झिल्ली पर ऊपर की ओर दाब लगाने से कीप के अन्दर की वायु पर दाब लगता
है। संपीड़ित होकर ये वायु U-नली के रंगीन जल पर दबाव डालती है। U-नली के दूसरी बाँह
का रंगीन जल बाँह में ऊपर चढ़ जाता है। इस प्रकार झिल्ली को नची खींचने पर नल में रंगीन
जल नीचे गिर जाता है। इस प्रकार द्रव से दाब की माप की जा सकती है।
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