10th sanskrit

2020 sanskrit question paper – जयतु संस्कृतम्

जयतु संस्कृतम्

2020 sanskrit question paper

class – 10

subject – sanskrit

lesson 15 – जयतु संस्कृतम्

जयतु संस्कृतम्

( मालकौश रागे )
जयतु संस्कृतं जयतु संस्कृतम्
संस्कृता सुरभारती या , देशगौरवकारिणी
वन्दनीया सेवनीया सर्वदा हितकारिणी ।
जगति विश्रुतं तदिह संस्कृतम् , जयतु ………
लोकवेदमयी सुभाषा , रागताललयान्विता ,
या चतुः पुरुषार्थदा सा , साथयत्युपयोगिताः
चरतु संस्कृतं पठतु संस्कृतम् । जयतु …. विश्वमानवधर्मभावम् , एकतां खलु भारते ,
वस्तुतः परिरक्षितुं सा , योग्यता भुवि संस्कृते ।
अवतु संस्कृतं लससतु , संस्कृतम् । जयतु …
संस्कृतं सरलं सुबोध , नैव कठिनं वर्तते ,
भाषणं द्रुतलेखनं वा , शीघ्रमेवागम्यते ।      सुगमतसंस्कृतं सरलसंस्कृतम् ।
जयतु संस्कृतं जयतु संस्कृतम् ॥

अर्थ –
संस्कृत भाषा की जय हो , संस्कृत की जय हो जो शुद्ध है तथा सुरभारती कहलानेवाली , देश को गौरवशाली करनेवाली , हित करने वाली संस्कृत सदैव वन्दनीय और सेवनीय है । संसार में विख्यात है यह संस्कृत । संस्कृत भाषा की जय हो , जय हो संस्कृत की ।
संस्कृत भाषा संसार में वेदमयी है । सुभाषा है , राग , ताल और लय से अन्वित है । जो भाषा पुरुषार्थ चतुष्ट्य ( धर्म अर्थ काम मोक्ष ) को देनेवाली है । वह उपयोगिता को प्रदान करने वाली है । संस्कृत का आचरण करें , संस्कृत को पढ़ें । संस्कृत भाषा की जय हो ।
विश्व में मानव धर्म भाव को कायम करने वाला , भारत में एकता स्थापित करने वाला , वास्तविकता की रक्षा करने के लिए वह योग्य है । पृथ्वी पर संस्कृत में आदान – प्रदान हो । संस्कृत का प्रसार हो । जय हो संस्कृत भाषा की ।
संस्कृत सरल है , सुबोध है , कठिन नहीं है । बोलना तथा शीघ्रता की क्रिया शीघ्र ही आ जाती है । संस्कृत सुगम है , संस्कृत सरल है । संस्कृत का जय हो , जय हो , संस्कृत भाषा की ।

अभ्यास

प्रश्न : 1. देश गौरवकारिणी भाषा का अस्ति ?
उत्तरम् – देश गौरवकारिणी भाषा संस्कृता अस्ति । प्रश्न : 2. अस्य पाठस्य भावार्थं लिखत ।
उत्तरम् – भावार्थ लिखे गये हैं अर्थ देखें । .

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!