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Wake up customer wake up | जागो ग्राहक जागो

जागो ग्राहक जागो | उपभोक्ताओं के अधिकार | उपभोक्ता फोरम शिकायत टोल फ्री नंबर

आज के बाजार में कई सारे प्रोडक्ट उपलब्ध हैं और यंग जनरेसन को आकर्षित करने के लिए कम्पनीयां नई स्कीम निकलती है। कंपनियां अधिक मुनाफे के चक्कर में सस्ते और अविश्वसनीय उत्पाद बेचकर उपभोक्ताओं को धोखा देती हैं। ऐसे मामलों में, यदि ग्राहक सावधान नहीं हैं, तो वे आसानी से इन कंपनियों के शिकार बन सकते हैं, इस प्रकार उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। ग्राहक सुरक्षा और ग्राहकों शिकायत और ग्राहकों को न्याय देने के लिए प्रत्येक जिला स्तर पर , राज्य स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर अर्ध-न्यायिक तंत्र का गठन किया गया है। तो जानते है उपभोक्ताओं के अधिकार, शिकायत कब कर सकते है? शिकायत कहा करे?, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर क्या है।

उपभोक्ताओं के अधिकार (consumers rights in india)

सुरक्षा का अधिकार (Suraksha ka Adhikar):-

जीवन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादन प्रक्रियाओं और सेवाओं के खिलाफ संरक्षित होने का अधिकार – उत्पाद या सेवा खरीदने में अगर ग्राहक का जीवन खतरे में है यानि की मानसिक, भोतिक और आर्थिक तरीके से तो यह उपभोक्ताओं के अधिकार के अंतर्गत अपनी शिकायत कर सकता है।

सूचना पाने का अधिकार (Right to Information) :-

इस अधिकार के अनुसार ग्राहक चीजों की गुणवत्ता, ईमानदारी, शुद्धता आदि के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है। यानि की किसी भी वस्तु या फिर सेवा खरीदनें (लेने) से पहले उस वस्तु या सेवा से सम्बंधित सभी तरह की जानकारी ले सकता है।

चुनने का अधिकार (Chunne ka Adhikar):-

विभिन्न ग्राहकों द्वारा अपेक्षित वस्तु / सेवा को देखकर यानि की उपभोक्ता की पसंद की वस्तु या सेवा प्राप्त करने अधिकार, सरल भाषा में उपभोक्ता अपनी मर्जी से किसी भी वस्तु और सेवा को पूरी स्वतंत्रता से चुनाव (पसंद) कर सकता है, उपभोक्ता पर वस्तु या सेवा लेने के लिए दबाव नहीं दाल सकते।

सुने जाने (सुनवाई ) का अधिकार:-

इस अधिकार के अनुसार, उपभोक्ता अपनी समस्याओं और किसी भी अधिकार के खंडन होने पर उपभोक्ता सरकारी संस्था को प्रस्तुत कर सकते हैं, उसकी समस्याओं को सुना जाए और उनका समाधान भी किया जाए।

शिकायत क्या है? (what is the consumer complaint?)

‘शिकायत’ का अर्थ है कि शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत किसी भी तरह की राहत पाने के इरादे से शिकायतकर्ता द्वारा लिखित रूप से लगाए गए किसी भी आरोप को शिकायत कहते है।

शिकायत कब कर सकते है?

  • यदि गलत तरीके से व्यापार किया जा रहा है या विक्रेता कुछ गलत तरीके से वस्तु या सेवा बेच रहा है।
  • जो वस्तु और सेवा ली है उसमे कई कमियां हैं।
  •  विक्रेता ने वस्तु और सेवा के दाम कानून द्वारा निर्धारित दाम से ज्यादा लिया है या ले रहा हो।
  • वस्तुओं की पैकिंग पर कीमत लिखी होती है, उनसे ज्यादा कीमत में वस्तु और सेवा बेचना।
  • जो चीज वस्तु जीवन और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं, उन्हें बेचा जा रहा है।
  • व्यापारी को पता हो कि वस्तु और सेवा हानिकारक फिर भी उसे बेच रहा है।
  • अन्य…

शिकायत कहा करे?

ग्राहक स्वयं या किसी रजिस्टर्ड स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन ग्राहक अदालत में शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत कहा करनी है वह मुआवजे के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

यदि मुआवजे की राशि 20 लाख रुपये से कम है, तो जिला फोरम में शिकायत करें।
यदि यह राशि 20 लाख रुपये से ज्यादा और 1 करोड़ से कम है, तो राज्य आयोग में शिकयत करें।
और यदि मुआवजे की रकम 1 करोड़ से ज्यादा है तों राष्ट्रिय आयोग में शिकायत करें।

शिकायत करने के लिए, ग्राहक को सादे कागज पर पूरी जानकारी लिखनी होगी कि ये सब कब और कहां हुआ। दर्ज शिकायत के समर्थन में यदि कोई दस्तावेज या कोई पेपर्स हो तो उन्हें भी दायर करें। शिकायत के साथ आपको हुए नुकसान या क्षति के दस्तावेजों को प्रस्तुत करें, साथ में उस राहत का भी वर्णन करें जिसे आप प्राप्त करना चाहते हैं। शिकायत में शिकायतकर्ताओं और आरोपी के नाम और पते का लिखित विवरण भी करें। ध्यान रखे की इस शिकायत दर्ज करने के लिए किसी वकील की जरूरत नहीं है।

उपभोक्ता फोरम शिकायत (जागो ग्राहक जागो) टोल फ्री नंबर | Upbhokta Forum Toll Free Number:

NATIONAL CONSUMER हेल्पलाइन नंबर: 1800114000 या 14404 (टोल फ्री)

SMS – 8130009809

NATIONALCONSUMER ONLINE: consumerhelpline.gov.in

 

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