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Rahul Gandhi Biography in hindi – राहुल गांधी का जीवन परिचय

Rahul Gandhi Biography in hindi – राहुल गांधी का जीवन परिचय

Rahul Gandhi Biography in hindi

आज हम बात करने जा रहे काँग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गाँधी की | वे भारत की संसद के मेम्बर भी हैं. राहुल गाँधी लोकसभा में उत्तर प्रदेश के अमेठी से चुनाव लड़ते हैं. राहुल  गाँधी – नेहरू परिवार से ताल्लुक रखते हैं.राहुल अपने परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य है |राहुल गांधी  भारत देश का एक चर्चित युवा नेता है. आज के समय में राहुल गांधी  को एक बड़े युवा नेता का चेहरा माना जाता है. नेहरु परिवार से संबंध रखने वाले राहुल गांधी , अपने पूर्वजो की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए, भारत देश की  सेवा के लिए पूर्ण रूप से भारतीय राजनीति  में सक्रीय है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी  के जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात को हम आप से साझा करेंगें, जन्म, परिवार, विवाद, करियर आदि. सारी जानकारी प्राप्त करने के लिए आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें..19 जून 1970 को नई दिल्ली में उनका जन्म हुआ| राजीव गाँधी(पूर्व प्रधानमंत्री) और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी जी उनके माता-पिता है| उनकी एक छोटी बहन भी है| प्रियंका गाँधी वढेरा हैं| राहुल गाँधी जी की दादी इंदिरा गाँधी (पूर्व प्रधानमंत्री) जी है.राहुल गाँधी की 16 दिसम्बर 2017 को औपचारिक (official) ताजपोशी के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं.

राहुल गाँधी

पूरा नाम – राहुल गाँधी
जन्म – 19 जून 1970, नई दिल्ली, भारत
ननिहाल – इटली
पिता – राजीव गाँधी, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री
माता – सोनिया गाँधी (मायका इटली)
दादा जी – फिरोज गाँधी
दादी माँ – इंदिरा गाँधी, भारत की पूर्व प्रधानमंत्री
ताऊ जी – संजय गाँधी
ताई जी – मेनका गाँधी
नाना जी – पंडित जवाहरलाल नेहरु
नानी जी – कमला नेहरु
बहिन – प्रियंका गाँधी
जीजा जी – रॉबर्ट वाड्रा
राजनैतिक पार्टी – काँग्रेस
ताल्लुक – नेहरु-गाँधी परिवार से
शिक्षा – हावर्ड विश्वविद्यालय के रोलिस कॉलेज कला में स्नातक और कैम्बिज विश्वविद्यालय से ट्रिनिटी कॉलेज से एम. फिल. की मानद उपाधि प्राप्त की

राहुल गाँधी का राजनैतिक कैरियर :

राहुल गाँधी 2003 में राजनीति में आये. एक बार अपनी बहिन प्रियंका गाँधी के साथ उन्होंने सद्भावना यात्रा की और वही से एकदिवसीय मैच देखने पाकिस्तान भी गये. 2004 में उनके और उनकी बहिन के राजनीति में प्रवेश के बारे में अटकले बढ़ गयी. राहुल गाँधी ने अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी का दौरा किया. जहाँ से सोनिया गाँधी भी सांसद थी. 2004 में राहुल गाँधी अमेठी से चुनाव लड़े.

विदेशी मीडिया के साथ अपने पहले इन्टरव्यू में उन्होंने खुद को ” देश को जोड़ने वाली शख्सियत के रूप में पेश किया ”. सन 2006 में हैदराबाद में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के एक सम्मेलन में उनको एक महत्वपूर्ण लीडर की भूमिका के लिये प्रोत्साहित किया था. इसके बाद 2006 में बहिन प्रियंका गाँधी ने रायबरेली से पुनः सत्तारूढ़ होने के लिये अपनी माँ का चुनाव अभियान अपने हाथ में लिया. जिसके कारण वे 4,00,000 से अधिक मतों से विजयी हुई. 2007 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिये एक उच्च स्तरीय काँग्रेस अभियान में मुख्य भूमिका अदा की.

राहुल गाँधी को 2007 में पार्टी संगठन के एक फेर-बदल में अखिल भारतीय काँग्रेस समिति का महासचिव बनाया गया और साथ ही युवा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ का कार्यभार भी दिया. 2009 में लोकसभा के चुनावों में राहुल ने अपने करीबी उम्मीदवार को हराया और अमेठी निर्वाचन क्षेत्र अपने पास ही रखा. इन चुनावों में पार्टी को उत्तर प्रदेश से 80 में से 21 सीटो पर जीत मिली. इसका ज्यादा श्रेय राहुल गाँधी को ही जाता हैं.

  • 2009 चुनाव – राहुल ने 2009 के लोकसभा चुनाव में बहुत सी चुनावी रैली की थी, चुनाव जीतने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की. 6 हफ़्तों में उन्होंने देश भर में 125 से ज्यादा सभाएं एवं रैलियां की थी. पुरे देश में उस समय एग्जिट पोल में कांग्रेस को परास्त देखा जा रहा था, लेकिन कांग्रेस ने इन सभी को गलत साबित कर दिया था और यूपीए सरकार को जनादेश मिल गया था. कांग्रेस की यह बड़ी जीत थी, जिसमें मुख्य योगदान राहुल का माना जा रहा था.
  • 2012 के विधानसभा चुनाव  2012 में उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें राहुल ने दो महीने में 200 से ज्यादा रैली के द्वारा चुनाव प्रचार किया था. हालांकि उस समय कांग्रेस पार्टी को जीत नहीं मिली थी और वो चौथे स्थान पर थी. फिर पिछले बार के चुनाव से उस समय स्थिति बेहतर थी.
  • 2014 लोकसभा चुनाव  राहुल गांधी ने 2014 के आम चुनाव में अमेठी लोकसभा क्षेत्र से खड़े हुए थे. यहाँ उनके विरोध में भाजपा की तरफ से स्मृति ईरानी खड़ी थी. राहुल को यहाँ लाखों वोट के मार्जिन से जीत हासिल हुई थी. इस जीत के विपरीत कांग्रेस को पुरे देश में तब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस को सिर्फ 44 सीट ही मिली थी. इस बड़ी हार के बाद राहुल अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश करते है, लेकिन पार्टी के अन्य सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया था.
  • 2017 को सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद अपने बेटे राहुल गांधी को सौंप दिया था. तब से राहुल इस पद पर बने हुए है, और कार्य कर रहे है.

राहुल गाँधी की आलोचनाये :

राहुल गाँधी ने 1971 में पाकिस्तान के टूटने को अपने परिवार की सफलताओं में गिना. इस पर भारत के राजनीतिक दलों और पाकिस्तानी के लोगो ने काफी हंगामा किया. एक बार एक चुनाव अभियान में राहुल गाँधी ने कहा कि ” यदि कोई गाँधी और नेहरू परिवार से राजनीति के दौरान सक्रिय होता तो, बाबरी मस्जिद नहीं गिरी होती ” इस पर भी बीजेपी और अनेक पार्टियों ने जमकर गुस्सा निकाला. लोगो ने राहुल को कभी हिन्दू विरोधी और कभी मुस्लिम विरोधी पुकारा.

जनवरी 2009 में ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड मिलिबैंड के साथ उत्तर प्रदेश में अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के नजदीक एक गाँव में उनकी गरीबी पर्यटन यात्रा की गंभीर आलोचना की गयी. मुखर्जी और मनमोहन सिंह के साथ निजी मुलाकातों में उनके द्वारा किया गया आचरण इनकी सबसे बड़ी कूटनीतिक भूल मानी जाती हैं.

राहुल गांधी द्वारा जीते गए चुनाव

साल निर्वाचन क्षेत्र राज्य स्टेटस पार्टी को मिले वोट प्रतिद्वंदी
2004 अमेठी उत्तर प्रदेश जीत 3,90,179 चंद्र प्रकाश मिश्रा मतियारी
2009 अमेठी उत्तर प्रदेश जीत 4,64,195 आशीष शुक्ला
2014 अमेठी उत्तर प्रदेश जीत 4,08,651 स्मृति ईरानी

राहुल गांधी  का वर्तमान कार्य:-

  • 2018 विधानसभा चुनाव  साल 2018 की शुरुवात में कर्नाटक में चुनाव थे, जिसके लिए राहुल ने कर्नाटक के 30 अलग-अलग जिलों में जाकर रैलियां की. अंत में कांग्रेस को यहाँ 80 सीट मिली थी, जिसके बाद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर अपनी सरकार बनाई है. इसी साल मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा चुनाव हुए. साल के अंत में इन राज्य में कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई है. राहुल गांधी ने इन तीनों राज्यों में रैली के दौरान किसानों को चुनावी मुद्दा बनाया और उनका कर्ज माफ़ी का वादा किया था. राहुल का ये हथकंडा काम आया और तीनों राज्यों में कांग्रेस जीत गई. जीत के 2 दिन के अंदर ही तीनों राज्यों में किसान कर्ज माफ़ी योजना की घोषणा कर दी गई, जिसकी पुष्टी राहुल ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट में की.
  • राहुल गांधी अब 2019 में होने वाले आम लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे है. राहुल और उनके साथी लोग सब उन्हें अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रहे है. देश के तीन राज्यों में बड़ी जीत के बाद राहुल का आत्मविश्वास और बढ़ गया है. राहुल इसके लिए पुरे देश में रैलीयां कर रहे है, और अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है.

राहुल गांधी के अफेयर्स:-

हालांकि राहुल अब भी कुवारे है, पर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा, कि इनका नाम अब तक 2 औरतों के साथ जुड़ चुका है. इनकी दो गर्लफ्रेंड ये है –

  1. नोएल जहीर – राहुल का नाम सर्वप्रथम अघान के राजा की पोती नोएल के साथ जुड़ा. इन दोनों को कई बार भारत के बाहर एक साथ देखा गया. परंतु राहुल का यह रिश्ता ज्यादा दिन तक नहीं चल सका और नोएल ने 2013 में मिस्र के राजकुमार से विवाह कर लिया.
  2. वेरोनिक कर्टेली – इनसे राहुल की मुलाक़ात 1990 में कैंब्रिज में हुई थी, परंतु इनके रिश्तों का खुलासा 1998 के बाद हुआ. इसके बाद कई बार इन दोनों को एक साथ छुट्टियां मानते हुये देखा गया. एक बार तो वेरोनिक को लक्षद्वीप और केरल में राहुल गांधी, उनकी बहन और परिवार के साथ भी स्पॉट किया गया, जिससे इनके रिलेशन में होने की खबरे और पक्की हो गई.

राहुल गांधी  पुस्तक:-

  • राहुल – पहली अधिकारिक आत्मकथा – इस किसाब को जतिन गांधी एवं वीनू संधू ने लिखा है, जो गांधी परिवार को करीब से दिखाती है. लेखक राहुल गांधी के अब का जीवन, उनकी सोच एवं आगे के कार्य को विस्तार से बताता है.
  • डिकोडिंग राहुल गांधी  इसे आरती रामचंद्रन ने लिखा है. आरती ने राहुल के साथ कई इंटरव्यू किये थे, इसी के बारे में पुस्तक में विस्तार से लिखा हुआ है. इसके साथ ही राहुल के करीबी लोगों के साथ हुए इंटरव्यू को भी किताब में लिखा गया है.

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