12-geography

bseb class 12 geography notes | मानव बस्तियाँ

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bseb class 12 geography notes | मानव बस्तियाँ

                                    [ Human Settlements ]
 
                                  भौगोलिक शब्द तथा परिभाषाएँ
नगर (City)-वह नगरीय केन्द्र जिसकी जनसंख्या एक लाख अथवा इससे अधिक होती
है नगर की श्रेणी में आता है।
जनगणना नगर (Census Towns)-वे सभी बस्तियाँ जिनमें कम-से-कम 500 व्यक्ति
निवास करते हैं तथा जिसमें 76% से अधिक व्यक्ति गैर-कृषि कार्यों में लगे हैं और
जनसंख्या घनत्व न्यूनतम 400 व्यक्ति प्रति व्यक्ति वर्ग किलोमीटर है ।
कस्बा (Town)-ऐसे नगरीय केन्द्र जिसकी जनसंख्या एक लाख से कम तथा 5000 से
अधिक होती है।
मलिन बस्ती (Slums)-किसी नगर, महानगर अथवा वृहत नगर में अवैध बस्तियों का
बिना किसी योजना के विस्तार जिसमें गरीब लोग एक कमरे वाले घरों में नारकीय जीवन
जीते हैं।
वैधानिक नगर (Statutary Towns)-वे सभी स्थान जिनमें नगरपालिका या गनर निगम
या छावनी बोर्ड या नोटीफाइड टाउन एरिया कमेटी हैं ।
प्राचीन नगर (Ancient Cities)-ऐसे नगर जिनका अस्तित्व 2000 वर्षों से भी अधिक
है। इनका विकास अधिकतर धार्मिक, सांस्कृतिक केन्द्रों के रूप में हुआ है । जैसे-बनारस,
अयोध्या, प्रयाग इत्यादि ।
महानगर (Metropolitan Cities)-जिन नगरों की जनसंख्या 10 से 50 लाख तक हो,
महानगर कहलाते हैं।
औद्योगिक नगर (Industrial Towns)-ऐसे नगर जहाँ उद्योगों का संकेन्द्रण हो,
औद्योगिक नगर कहलाते हैं । जैसे मुम्बई, सेलम, मोदीनगर, जमशेदपुर आदि ।
                                         पाठ के कुछ तथ्य
◆नगरीय बस्तियों को रोमन में कहते हैं-कोविटस (Covitas)
◆फ्रांस में बस्तियों तथा छोटे केन्द्रों को कहते हैं-विले (Ville), बुर्ग (Bourg)
◆10 लाख से 50 लाख की जनसंख्या वाले आकार के नगर को कहते हैं। -महानगर
◆भारत का वह महानगर जिसमें मलिन बस्तियों में रहने वाली जनसंख्या का अनुपात सबसे
अधिक है-वृहत्त मुम्बई (48.88%)
◆भारत की वह पट्टी जिसमें 11 महानगर तथा अन्य बहुत से नगरों की शृंखला है-उत्तर का विशाल मैदान (पंजाब से बिहार तक)
◆भारत की वह राज्य जिसके नगरों में मलिन बस्तियों में रहने वाली जनसंख्या का अनुपात
सबसे अधिक है।-मेघालय (41.83%)
         एन. सी. ई. आर. टी. पाठ्यपुस्तक एवं कुछ अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न
         अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Question)
 
प्रश्न 1. भारत के अधिकतर लोग किस आकार के गांवों में रहते हैं ?
(In which size of villages most of the people in India live?
उत्तर-भारत की अधिकतर जनसंख्या औसत से कम दूरी वाले गाँवों में अधिक बसती है।
प्रश्न 2.500 से कम जनसंख्या वाले गांवों का क्या अनुपात है ?
What is the proportion of villages which have less than 500 persons ?
उत्तर-500 से कम जनसंख्या वाले गाँवों का अनुपात 24.31 प्रतिशत है तथा ग्रामीण
जनसंख्या का प्रतिशत 70.8 है।
प्रश्न 3. बस्ती से क्या तात्पर्य है ?
(What is meant by settlement ?)
उत्तर-अभिन्यास (प्लान) वाले मकानों और झोंपड़ियों के समूह को बस्ती कहते हैं । एक
बस्ती का निर्माण घरों के समूह से होता है । एक बस्ती 10 या 12 झोंपड़ियों का समूह होता
है अथवा यह सैकड़ों मकानों का समूह भी हो सकता है । बस्ती में रहने के लिए मकान, पशुओं के लिए बाड़े (घेर) और औजारों व उपकरणों तथा उत्पादित वस्तुओं को रखने के लिए भंडार ग्रह शामिल है।
प्रश्न 4. बसावट किसे कहते हैं ?
(What is occupance ?)
उत्तर-किसी क्षेत्र या प्रदेश पर लोग मकान या ढाँचे खड़े कर लेते हैं। उस क्षेत्र पर बसने
की प्रक्रिया अथवा परिघटना को बसावट कहते हैं। कुछ लोग भरण-पोषण के लिए आर्थिक
क्रिया करने के उद्देश्य से बसने के आसपास के क्षेत्र पर अधिकार कर लेते हैं।
बसावट धीरे-धीरे वंशानुगत प्रक्रम में बस्ती के रूप में परिवर्तित होती है ।
प्रश्न 5. ग्रामीण बस्तियाँ किस प्रकार के काम करती हैं?
(What kind of functions rural settlements perform?)
उत्तर-1. ग्रामीण बस्तियाँ भूमि आधारित प्राथमिक क्रियाकलापों द्वारा भरण-पोषण करती हैं।
2. ग्रामीण बस्तियाँ अपनी प्राथमिक आर्थिक क्रियाओं के लिए भूमि पर निर्भर करती हैं ।
ग्रामीण बस्तियों के प्रत्येक परिवार को कृषि भूमि, चरागाह या बन के रूप में विस्तृत क्षेत्र की
जरूरत होती है।
3. ग्रामीण बस्तियों में कृषि सम्बन्धी कार्य किये जाते हैं जो भूमि पर निर्भर करते हैं ।
प्रश्न 6. गुच्छित बस्ती किसे कहते हैं ?
(What is the clustered settlement ?)
उत्तर-पास-पास बने घरों वाली ग्रामीण बस्तियों को गुच्छित या संहत बस्ती कहते हैं । इस
प्रकार की बस्तियाँ अत्यन्त उपजाऊ मैदानों और घाटियों में पाई जाती हैं।
प्रश्न 7. भारतीय ग्रामीण घरों के मुख्य लक्षण क्या हैं ?
(What are the main features of Indian rural houses?)
उत्तर-1. भारतीय ग्रामीण घरों के प्रकार तथा उसमें प्रयुक्त निर्माण सामग्री क्षेत्र की
पर्यावरणीय दशाओं से प्रभावित होती है । 2. मकान को आन्तरिक साजसज्जा, डिजाइन आदि में क्षेत्रीय भिन्नताएँ पाई जाती हैं । घरों के निर्माण पर जलवायु दशाओं का पर्याप्त प्रभाव पड़ता है। 3. आकार में घर एक कमरे वाली झोपड़ी से लेकर अनेक कमरों वाले भवन तक हो सकते हैं।
4. आंगन भारतीय घरों का एक सांस्कृतिक लक्षण है । आंगन चारों ओर से कमरों से घिरा रहता है । 5. घरों की छतों की आकृति भी भिन्न होती है । 6. उत्तरी-पूर्वी भाग तथा केरल जैसे प्रदेश में आर्द्र व गर्म जलवायु के कारण मकान जमीन से एक या दो मीटर ऊँचे होते हैं ।
7. बंगाल तथा त्रिपुरा जैसे उष्ण एवं आर्द्र क्षेत्रों में मकानों की छतें दोमंजिला होती हैं ।
प्रश्न 8. बस्ती के मुख्य लक्षण या विशेषताएँ बताइए ।
(Mention the features of the settlements.)
उत्तर-बस्ती मकानों अथवा झोंपड़ियों के ऐसे समूह को कहते हैं जिनका एक अभिन्यास
होता है।
विशेषताएँ (Features)-
1. बस्तियाँ आकार तथा प्रकार में एक दूसरे से भिन्न होती
हैं।
2. आकार के अनुसार बस्तियों के आर्थिक स्वरूप तथा सामाजिक संरचना में परिवर्तन
आता है।
3. आकार में छोटी बस्तियों का गाँव कहते हैं ।
प्रश्न 9. कस्बा किसे कहते हैं ?
(What is town?)
उत्तर-एक लाख से कम जनसंख्या वाले केन्द्र को कस्बा कहते हैं ।
प्रश्न 10. जनगणना नगर क्या है ?
(What is census town ?)
उत्तर-वे सभी स्थान जिनकी जनसंख्या कम से कम 5000 है तथा 75% कार्यशील पुरुष
जनसंख्या है तथा जनसंख्या का घनत्व कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि. मी. है ।
प्रश्न 11. दो प्राचीन नगरों के नाम बताओ ।
(Name two ancient towns.)
उत्तर-अयोध्या, प्रयाग ।
प्रश्न 12. दो मध्यकालीन नगरों के नाम बताओ ।
(Name two medieval towns.)
उत्तर-आगरा, नागपुर ।
प्रश्न 13. नगर किसे कहते हैं ?
(What is a city ?)
उत्तर-वे सभी स्थान जो या तो प्रशासनिक हैं अथवा जहाँ जनसंख्या कम से कम 5000
है और जनघनत्व कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि. मी. है, नगर कहलाते हैं। नगर
अत्यधिक नियोजित और बड़े आकार वाले होते हैं । या न्यायालय, शिक्षा संस्थाएँ तथ्य प्रशासनिक कार्यालय होते हैं।
प्रश्न 14. किस वर्ग के नगरों में भारत की जनसंख्या का सबसे अधिक प्रतिशत निवास
करता है ?
(Which category of towns have the largest percentage of population in
India?)
उत्तर-प्रथम वर्ग अर्थात् एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में ।
प्रश्न 15. भारत में कितने महानगर हैं ?
(How many metropolitian cities in India ?)
उत्तर-35 महानगर ।
प्रश्न 16. वैधानिक नगर किसे कहते है ?
(What is Statuary towns?)
उत्तर-वे सभी स्थान जहाँ नगरपालिका, नगर निगम या कैन्टोनमेन्ट बोर्ड या नोटीफाइड
एरिया, कमेटी हैं, वैधानिक नगर कहलाते हैं।
                   लघु उत्तरीय प्रश्न (ShortAnswer Type Question)
 
प्रश्न 1. महानगर क्या होते हैं ? ये नगरीय संकुलों से किस प्रकार भिन्न होते हैं ?
(What are the metropolitan cities ? How are the different from urban
agglomeration ?)
उत्तर-10 से 50 लाख जनसंख्या वाले नगरों को महानगर कहते हैं । वे नगरीय संकुलों से
भिन्न होते हैं । नगरीय संकुल में बहुसंख्यक महानगर और मेगा सम्मिलित होते हैं।
प्रश्न 2. गैरीसन नगर क्या होते हैं ? उनका क्या प्रकार्य होता है ? 
(What are the garrison towns ? What is their function ?)
उत्तर-इन नगरों का उदय गैरीसन नगरों के रूप में हुआ है । जैसे-अम्बाला, जालन्धर, महू
ववीना, उद्यमपुर इत्यादि । इनका कार्य सैनिक छावनी में शस्त्रों के भंडार होते हैं ।
प्रश्न 3. किसी नगरीय संकुल की पहचान किस प्रकार की जा सकती है ?
(What are the main factors for the location of villages in desert 
region ?)
उत्तर-मरुस्थली प्रदेशों में जल के अभाव से उपलब्ध जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग
के कारण संहत बस्तियों का निर्माण होता है । इसके अतिरिक्त अथ गुच्छित बस्तियाँ बन जाती हैं।
प्रश्न 4. मरुस्थली प्रदेशों में गाँवों के अवस्थिति के कौन-से मुख्य कारक होते हैं ।
(What are the main factors for the location of villages in desert 
region ?)
उत्तर-मरुस्थली प्रदेशों में जल के अभाव से उपलब्ध जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग
के कारण संहत बस्तियों का निर्माण होता है । इसके अतिरिक्त अथ गुच्छित बस्तियाँ बन जाती हैं।
प्रश्न 5. पुरवा तथा परिक्षिप्त बस्तियों में अन्तर बताएँ ।
(Distinguish between hamlet and dispersed settlements.)
उत्तर-पुरवा बस्तियाँ (Hanlet Settlements)-
1. भौतिक रूप से एक-दूसरे से अलग इकाइयों के रूप में होती हैं। 2. ये एक-दूसरे से सुस्पष्ट
दूरी पर होती हैं । 3. ऐसी बस्तियों को पल्ली, नंगला, ढाणी जैसे नामें से जाना जाता है । 4. सामाजिक और नृजातीय कारणों से बड़ा गाँव कई छोटी बस्तियों में बँट जाता है । 5. गंगा के मध्यवर्ती और निचले मैदान, छत्तीसगढ़ और हिमालय की निचली घाटियों में प्रायः ऐसे ही गाँव या पुरवे पाए जाते हैं।
        परिक्षिप्त बस्तियाँ (Dispersed Settlements)-
1. ये बस्तियाँ सुदूर वनों में एकाकी झोंपड़ी के समूह के रूप में पाई जाती हैं । 2. ऐसी बस्तियाँ छोटी पहाड़ियों पर भी होती हैं जिसके आसपास ढालों पर खेत या चरागाह भी होते हैं। 3. इन बस्तियों के आसपास के ढालों पर खेत या चरागाह होते हैं। 4. बस्तियों का चरम फैलाव बसने योग्य क्षेत्रों में जीविका निर्वाह के भूमि संसाधनों के अत्यधिक बिखरे होने के कारण होता है।
5. मेघालय, उत्तरांचल और हिमाचल प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में इस प्रकार की बस्तियाँ पाई जाती हैं।
प्रश्न 6. भारत के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में गृह प्रकारों के विन्यास व रूपरेखा को
प्रभावित करने वाले चार कारकों के नाम बताइएँ ।
(State the four factors influencing the layout and designs of rural house types in different parts of India.)
अथवा, भारत के घरों के प्रकारों को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
Describe the factors affecting the types of houses in India.
उत्तर-गृह प्रकार के विन्यास को प्रभावित करने वाले कारक-
1. जलवायु (Climate)-जलवायु घरों के विन्यास पर अपना प्रभाव डालती है । भारत
की उष्ण जलवायु होने के कारण सभी गृहों में आँगन पाये जाते हैं । शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों
में घरों में चौरस छत पाई जाती है तथा मकान हवादार होते हैं ।
2. सामग्री (Material) मकान बनाने की सामग्री स्थानीय साधनों पर निर्भर करती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में प्राय: पत्थर से मकान बनाये जाते हैं । वन क्षेत्रों में लकड़ी मकान निर्माण में प्रमुख सामग्री है।
3. व्यवसाय (Occupation)-व्यवसाय के आधार पर भी मकान का निर्माण होता है ।
कृषि क्षेत्रों में घरों की संरचना में अन्न भंडार, पशुओं का बाड़ा आदि बनाया जाता है ।
4. सांस्कृतिक तथा सामाजिक कारक (Cultural and Social Factors)—प्रत्येक
समाज की विशिष्ट सांस्कृतिक मान्यताएँ भी होती हैं । उन्हीं के अनुसार गृह विन्यास तथा नियोजन किया जाता है । आवास के मुख्य द्वार की दिशा, आँगन, वास्तुकला आदि से सांस्कृतिक मूल्यों का पता चलता है।
5. आर्थिक कारक (Economic factors)—रहन-सहन के आर्थिक स्तर का मकान के
आकार, अविन्यास, सामग्री आदि पर प्रभाव पड़ता है । धनी वर्ग अच्छी सामग्री का प्रयोग करते हैं जबकि उसी क्षेत्र में निर्धन लोग अस्थायी झोपड़ी आदि बनाते हैं ।
प्रश्न 7. भारत की गुच्छित ग्रामीण बस्तियों तथा परिक्षिप्त ग्रामीण बस्तियों की चार
विशेषताएँ बताइए।
(Write four characteristics each of clustered rural settlements and dispersed rural settlements of India.)
उत्तर-गुच्छित ग्रामीण बस्तियों की विशेषताएँ-
(i) ये प्रायः खेतों के मध्य ऊँचे और बाढ़ आदि से सुरक्षित स्थानों पर बसी होती हैं ।
(ii) इनमें सभी मकान एक-दूसरे से सटकर बने होते हैं ।
(iii) ये बस्तियाँ एक स्थान पर संकेन्द्रित होती हैं ।
(iv) किसी भी प्रकार के बाह्य आक्रमण का लोग मिल-जुलकर मुकाबला करते हैं ।
(v) सघन बस्तियों में रहने वालों को सुख-दुख में एक-दूसरे का सहारा मिलता है ।
परिक्षिप्त ग्रामीण बस्तियों की विशेषताएँ-
(i) इनमें मकान एक-दूसरे से दूर बने होते हैं ।
(ii) इनमें लोग अलग-अलग या एकाकी रहते हैं
(iii) इन बस्तियों के लोग व्यक्तिवादी और स्वतंत्र जीवनयापन में अभ्यस्त होते हैं ।
(iv) इनमें पड़ोसी धर्म की भावना, सामुदायिक आत्म-निर्भरता और सामाजिक आत्मनिर्भरता
नहीं होती है।
(v) किसी भी बाह्य संकट या समस्या का सामना स्वयं को ही करना पड़ता है ।
प्रश्न 8. भारत में पाए जाने वाले ग्रामीण बस्तियों के चार प्रकार कौन-से हैं ? देश में
प्रत्येक प्रकार की ग्रामीण बस्ती के वितरण का वर्णन कीजिए ।
(What are four types of rural settlements found in India ? Describe
distribution of each types of rural settlement in the country.)
उत्तर-भारत में ग्रामीण बस्तियों के चार प्रकार निम्न हैं-
1. गुच्छित बस्तियाँ (Compact settlements)-इस प्रकार की बस्तियाँ जलोढ़ मैदानों में
पाई जाती हैं । इन बस्तियों में घर पास-पास बने होते हैं । इसलिए इनको गुच्छित या संहत बस्ती कहते हैं।
2. अर्ध-गुच्छित (Semi-clustered) इस प्रकार की बस्तियाँ किसी बड़े संहत गाँव के
पृथक्करण या विखंडन के परिणामस्वरूप बनती हैं।
3. पुरवे (Hamlets)—ये बतियाँ भौतिक रूप से अलग-अलग इकाइयों के रूप में बनी
होती हैं। इन्हें पल्ली, नगला आदि कहते हैं । गंगा के निचले मैदान, छत्तीसगढ़ और हिमालय
की निचली घाटियों में ऐसी बस्तियाँ पाई जाती हैं ।
4. परिक्षिप्त बस्तियाँ (Dispersed Settlements)—ये एकाकी झोंपड़ी के रूप में होती
हैं। मेघालय, उत्तरांचल और हिमालय प्रदेश में पाई जाती हैं।
प्रश्न 9. ग्रामीण बस्तियों के प्रकारों को प्रभावित करने वाले तीन कारकों का उल्लेख
कीजिए ।
(Mentio the three factors affecting the type of rural settlements.)
अथवा, भारत में भौतिक तथा सांस्कृतिक कारक ग्रामीण बस्तियों के प्रकार को किस
प्रकार प्रभावित करते हैं ? प्रत्येक कारक की दो उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए ।
(How do the cultural and physical factors affect the rural 
settlements ? Explain each factors with two examples.)
उत्तर-बस्तियों के प्रकारों को निर्धारित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं-
(i) भौतिक कारक,
(ii) ऐतिहासिक या सुरक्षा कारक,
(iii) सांस्कृतिक कारक ।
(i) भौतिक कारक (Physical factors) भूमि की बनावट, अपवाह तंत्र, भूमि का
जलस्तर, जलवायु तथा मृदा आदि बस्तियों के प्रकारों के निर्धारण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैसे-मरुस्थलीय क्षेत्रों में तालाब के चारों ओर घर बनाये जाते हैं तथा समतल मैदानों में संहत बस्तियाँ बन जाती हैं।
(ii) ऐतिहासिक या सुरक्षा कारक (Historical or security factors) बस्तियों के
प्रकार निर्धारण करने में ऐतिहासिक कारक भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । ऐसे क्षेत्रों में जहाँ बाहरी आक्रमणों का भय बना रहता है, संहत बस्तियों का विकास होता है । सैनिक आतंक से बचने के उद्देश्य से लोग संहत वस्तियों में रहना पसंद करते हैं । प्राचीनकाल में कभी-कभी राजनीतिक शक्ति प्राप्त करने के उद्देश्य से दो दल आपस में लड़ते थे और गाँवों को लूट लेते थे । इन घटनाओं से सुरक्षित रहने के विचार से लोग संहत बस्तियों में रहना पसन्द करते हैं ।
(iii) सांस्कृतिक कारक (Cultural factors)-सांस्कृतिक कारक जैसे जनजातीय अथवा
जाति व्यवस्था आदि बस्तियों के अविन्यास को निर्धारित करते हैं । भारत के गाँवों में उच्च अथवा भू-स्वामित्व वाली जातियों के मकान बस्ती के मध्य में बने होते हैं तथा सेवा अथवा नौकरी करने वाली जातियों के मकान उनके चारों ओर बाहर की ओर बने होते हैं। हरिजनों के मकान गाँव की सीमा के एक छोर से दूसरे छोर पर बनाए जाते हैं । इस प्रकार की बस्ती का प्रकार सामाजिक विलगीकरण को प्रदर्शित करता है और संहत बस्तियों का विभाजन कई छोटी-छोटी इकाइयों में हो जाता है।
इसके अतिरिक्त दूरी निर्धारक कारक भी ग्रामीण बस्तियों के प्रकार को प्रभावित करता है।
शुष्क क्षेत्रों में ग्रामीण बस्तियाँ पानी के समीप अर्थात् मरुद्यानों के निकट स्थापित होती हैं । मरुद्यानों के बीच की दूरी ग्रामीण बस्तियों के बीच की दूरी का निर्धारण करती है ।
प्रश्न 10. जनसंख्या के आधार पर नगरों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है ?
How are towns classified on the basis of population ?
उत्तर-भारत के जनगणना विभाग ने जनसंख्या के आधार पर नगरों का वर्गीकरण किया
है जो निम्न सारणी से स्पष्ट है-
उपरोक्त सारणी से स्पष्ट है कि-
1. एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले केन्द्र को नगर कहते हैं ।
2. एक लाख से कम जनसंख्या वाले केन्द्र को कस्बा कहते हैं ।
3. 10 लाख से 50 लाख जनसंख्या वाले नगरों को महानगर कहते हैं।
4. 50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर को वृहत नगर कहते हैं
5.5000 से कम जनसंख्या वाले नगर को नगर केन्द्र कहते हैं ।
प्रश्न 11. “भारत में ग्रामीण घर की आन्तरिक संरचना घर में निवास करने वाले व्यक्ति
की जीवन-शैली और सामाजिक तथा आर्थिक स्तर के अनुरूप होती है ।” चार उदाहरण देते हुए इस कथन को स्पष्ट कीजिए ।
(In India the interior plan of rural house reflects the life style and social and economic level of the inhabitant. Explain with four examples.)
उत्तर-घर का डिजाइन, आन्तरिक संरचना आदि उसमें रहने वाले लोगों की जीवन-शैली
तथा सामाजिक और आर्थिक स्तर को परिलक्षित करती है क्योंकि इसी के अनुसार घर का निर्माण किया जाता है।
1.भिन्न-भिन्न प्रदेशों में मकानों के डिजाइन तथा नियोजन में भिन्नता पाई जाती है।
2. घरों के डिजाइन उस क्षेत्र के लोगों की सामाजिक व सांस्कृतिक आवश्यकताओं के
अनुरूप होते हैं । जैसे मैदानी भागों में प्रत्येक घर में एक आँगन अथवा उठाव होता है जहाँ सभी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य सम्पन्न किये जाते हैं।
3. मकान के मुख्य द्वार की दिशा के निर्धारण में समुदायों के सांस्कृतिक मूल्यों की पहचान
होती है।
4. उत्तर-पूर्वी भारत के जनजातीय क्षेत्रों में ढालू छत वाली झोंपड़ियाँ होती हैं । उनके आगे
खाली भूमि होती है जिसमें सामाजिक कार्य सम्पन्न होते हैं ।
इस प्रकार ग्रामीण घर की संरचना घर में निवास करने वाले व्यक्ति की जीवन-शैली को
परिलक्षित करती है।
प्रश्न 12. भारतीय गाँवों के आकार और उनके बीच की दूरियों को निर्धारित करने वाले
किन्हीं चार कारकों की व्याख्या कीजिए।
(Explain any four factors which decide the size and spacing of Indian
villages.)
उत्तर-गाँव के आकार तथा उसके बीच की दूरियों को निर्धारित करने वाले कारक
(Factors affecting the size and distances of the villages)
1. भूमि की उत्पादकता (Productivity of land)—उत्पादकता का गाँव के आकार तथा
बीच की दूरी पर बड़ा प्रभाव पड़ता है । उत्पादक क्षेत्रों में बाह्य जनसंख्या घनत्व अधिक होता
है और गाँवों का आकार बड़ा और दूरी कम होती है । जैसे उत्तर भारत के मैदानों में । पश्चिम
बंगाल में प्रति 100 वर्ग किमी. में 44 गाँव हैं ।
2. क्षेत्र का विकास (Economic development of the area) अधिक विकसित क्षेत्र
में जहाँ आर्थिक क्रियाएँ जैसे उद्योग-धन्धे आदि विकसित हैं वहाँ गाँव का आकार बड़ा तथा
दूरियाँ भी कम होती हैं।
3. परिवहन तंत्र (Transport System)-परिवहन साधनों के विकसित होने के कारण भी
गाँवों के आकार और दूरी पर प्रभाव पड़ता है। जिन क्षेत्रों में ये साधन विकसित होते हैं वहाँ
गाँव का आकार बड़ा तथा दूरियाँ भी कम होती हैं।
प्रश्न 13. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(Write short notes on 🙂
(i) महानगर,
(ii) मलिन बस्तियाँ,
(iii) मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र,
(iv) प्रकार्यात्मक क्षेत्र ।
अथवा, महानगर क्या होते हैं ? ये नगरीय संकुलों से किस प्रकार भिन्न है ?
(What are Metropolitan cities? How are they different from urban
agglomerations?)
उत्तर-(i) महानगर (Metropolitan cities)-दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों
को महानगर कहते हैं। जैसे मुम्बई, दिल्ली आदि । 1901 में केवल कोलकाता ही इस श्रेणी में
आता था । 1981 में महानगरों की कुल संख्या 12 थी जो बढ़कर 1991 में 25 और 2001
में 35 हो गई।
महानगरों में इस समय देश की 32.5% जनसंख्या निवास करती है । कुल महानगरों में छ:
महानगरों में प्रत्येक में 50 लाख से अधिक जनसंख्या निवास करती है । मुम्बई, कोलकाता तथा दिल्ली में जनसंख्या एक करोड़ से अधिक है । मुम्बई की जनसंख्या सबसे अधिक है।
50 लाख से कम जनसंख्या वाले सात महानगर हैं । निम्न सारणी महानगरों की संख्या तथा
उनके लक्षणों को दर्शाती है-
(ii) मलिन बस्तियाँ (Slums) महानगरों की जनसंख्या का संकेन्द्रण निरन्तर बढ़ रहा है,
लेकिन आर्थिक क्रियाकलाप उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहे हैं । परिणामस्वरूप यहाँ मलिन बस्तियाँ बस गई हैं । मलिन बस्तियाँ कही जाने वाली अवैध बस्तियों का फैलाव भारतीय नगरों की एक प्रमुख । विशेषता है। देश के 26 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में 607 कस्बों और नगरों में मलिन बस्तियाँ होने की जानकारी उपलब्ध है । मलिन बस्तियों की जनसंख्या 4 करोड़ तीन लाख है, जो मलिन बस्तियों वाले नगरों की कुल जनसंख्या का 22.58% है । महाराष्ट्र में मलिन बस्तियों की जनसंख्या 1.064 करोड़ है । केरल में सबसे कम मलिन बस्तियों की जनसंख्या तथा मेघालय में सबसे अधिक 41.43% है । महानगरों में मलिन बस्तियों का अनुपात सबसे अधिक बृहत्त मुम्बई में (48.88%) और सबसे कम पटना में (0.25%) है ।
(iii) मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र (Central Business Zones)-प्रत्येक मध्यम और बड़े
आकार के नगर में विशिष्ट क्षेत्र होते हैं । ये क्षेत्र व्यापार, उद्योग, प्रशासन, परिवहन, आवास जैसी गतिविधियों के केन्द्र बन जाते हैं । व्यापारिक क्षेत्र प्राय: नगर का केन्द्रबिन्दु होता है । यह घना बसा भीड़ वाला क्षेत्र बन जाता है । इसे मध्यमवर्ती व्यापारिक क्षेत्र कहते हैं । व्यापारिक गतिविधियों के दौरान यहाँ बहुत भीड़ रहती है । इसे नगर की हृदयस्थली कहते हैं । औद्योगिक क्षेत्र प्रायः कुछ दूरी पर पाए जाते हैं तथा जल की आपूर्ति का स्रोत इनकी अवस्थिति में मुख्य कारक होता है । पुराने आवासीय मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र के निकट होते हैं ।
(iv) प्रकार्यात्मक क्षेत्र (Funcitional Zones)—प्रत्येक बड़े और मध्यम आकार के नगर
में विशिष्ट क्षेत्र होते हैं । ये क्षेत्र व्यपार, उद्योग, प्रशासन, परिवहन आदि के केन्द्र होते हैं ।
औद्योगिक क्षेत्र प्रायः कुछ दूरी पर होते हैं । इस प्रकार प्रकार्यात्मक पृथक्करण के परिणामस्वरूप विकसित प्रकार्यात्मक क्षेत्र नगरों की विशेषता होती है । आजकल मुख्य नगर में से कुछ दूरी पर बाहर के क्षेत्र में उपनगरों का विकास हो जाता है । ये उपनगर प्रकार्यात्मक दृष्टि से मुख्य नगर से जुड़े रहते हैं । ऐसे विस्तारित नगर बहुकेन्द्रीय बन जाते हैं । ऐसे केन्द्रीय नगरों में प्रकार्यात्मक क्षेत्रों का विकास मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्रों के चारों ओर हो जाता है ।
प्रश्न 14. 2001 की जनगणना के अनुसार नगरों को किन दो वर्गों में बाँटा गया है ?
भारतीय नगरों की विशेषताओं का उल्लेख करो ।
( (How many classification are done for cities according 2001 census?
Mention the six characteristics of Indian cities.)
उत्तर-2001 की जनगणना के अनुसार भारतीय नगरों को दो वर्गों में बाँटा गया है-
(i) वैधानिक नगर
(ii) जनगणना नगर
विशेषताएँ-
1. अधिकतर कस्बे और नगर बड़े गाँव का विस्तृत रूप हैं । इनकी गलियों मेंगाँव का स्वरूप
स्पष्ट दिखाई पड़ता है ।
2. अपनी आदतों और व्यवहार में लोग अधिक ग्रामीण हैं जो उनके सामाजिक-आर्थिक
दृष्टिकोण, मकानों की बनावट और अन्य पक्षों में स्पष्ट दिखाई देता है ।
3. अधिकतर कस्बों में अनेक मलिन बस्तियाँ हैं । ये प्रवास के प्रतिकर्ष कारकों का परिणाम
हैं । इसमें आर्थिक अवसरों का योगदान कम है ।
4. अनेक नगरों में पूर्व शासकों और प्राचीन प्रकार्यों के चिह्न स्पष्ट दिखाई पड़ते हैं।
5. प्रकार्यात्मक पृथक्करण स्पष्ट तथा प्रारंभिक है । भारतीय नगरों की पश्चमी देशों के नगरों
के साथ इस संदर्भ में कोई तुलना नहीं की जा सकती ।
6. जनसंख्या का सामाजिक पृथक्करण जाति, धर्म, आय अथवा व्यवसाय के आधार पर
किया जा सकता है।
प्रश्न 15.रेखिक प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ क्या हैं ? इस प्रकार की बस्तियों के कोई
चार लक्षण बताइए ।
(What are the linear settlements ? Mention their four characteristics.)
उत्तर-जब कोई गाँव किसी सड़क, नदी या नहर के किनारे बस जाता है तब उसका प्रतिरूप
रेखिक बन जाता है । उदाहरण के लिए केरल में समुद्र तट पर बसे गाँव ।
लक्षण (Characteristics)-
1. इन बस्तियों में मकानों का विस्तार एक रेखा के रूप में होता है।
2.ये बस्तियाँ नदियों, रेलमार्गों के साथ-साथ बनी होती हैं ।
3. इन बस्तियों की चौड़ाई कम होती है।
4. पश्चिमी यूरोप के निचले भागों में डाइक तथा तटबंधों पर रेखिक प्रतिरूप पाये जाते हैं।
                  दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Question)
प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दें- 
(Answer the following questions in 150 words 🙂
 
(i) विभिन्न प्रकार की ग्रामीण बस्तियों के लक्षणों की विवेचना कीजिए । विभिन्न
भौतिक पर्यावरणों में बस्तियों के प्रारूपों के लिए उत्तरदायी कारक कौन-से हैं ।
(Discuss the features of different type of rural of settlement. What are the factors responsible for the settlement pattern in different physical environment.)
अथवा, ग्रामीण बस्तियों के विभिन्न प्रतिरूपों का वर्णन कीजिए ।
(Describe the different patterns of rural settlements.)
उत्तर-सामान्यतः भारत में ग्रामीण बस्तियों के निम्नलिखित प्रतिरूप पाये जाते हैं-
1.रैखिक प्रतिरूप (Linear Pattern)-इस प्रकार की बस्तियों में मकानों की दो समांतर
कतारें होती हैं । मकान एक-दूसरे के आमने-सामने होते हैं जो बीच में एक आम रास्ते से अलग किए जाते हैं । मणिपुर, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में ऐसी बस्तियाँ नदियों के किनारे बसी हुई तट के साथ-साथ बसे हुए मछुआरों के गाँव भी रैखिक गुच्छों की भाँति ही दिखाई पड़ते हैं।
2. गोलाकार प्रतिरूप (Circular Pattern)-इसे वृत्तीय प्रतिरूप व नाभिक प्रतिरूप के
नाम से पुकारा जाता है । जब कभी किसी झील या तालाब के किनारे मकान बन जाते हैं तो गाँव का गोलाकार प्रतिरूप हो जाता है । इस प्रकार के गाँव गंगा यमुना के मैदानों, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात तथा महाराष्ट्र के कुछ भागों में पाये जाते हैं।
3. चौक पट्टी अथवा आयताकार प्रतिरूप (Checkerboard or Rectangular
Pattern)—इस प्रकार के गाँव दो मार्गों के मिलन-स्थल पर विकसित होते हैं । इन गाँवों की
गलियाँ परस्पर लम्बवत् व समान्तर होती हैं और आयताकार प्रतिरूप बनाती हैं । भारत के उत्तरी मैदान में इस प्रकार के गाँव बड़ी संख्या में पाये जाते हैं ।
4. तारक प्रतिरूप (Starlike Pattern)-इन गाँवों में कई दिशाओं से मार्ग आकर मिलते
हैं या इन गांवों से बाहर की ओर जाते हैं । इन गाँवों की गलियाँ भी गाँव के केन्द्रीय भाग पर
मिलती हैं । तमिलनाडु और गंगा के मैदानों में ऐसे गाँव विशेष रूप से पाए जाते हैं ।
5. पंखा प्रतिरूप (Fan Pattern)-गाँव के एक सिरे पर किसी आकर्षण बिन्दु स्थान के
होने के कारण मकान बन जाते हैं । यह आकर्षण बिन्दु तालाब, सड़क, नदी या कोई पूजा स्थल हो सकता है । गाँव के मकानों की पंक्तियाँ यहाँ पर मिलकर पंखानुमा प्रतिरूप बनाती
हैं ।
6. सीढ़ी प्रतिरूप (Terrace Patteren)—इसे समोच्चरेखीय प्रतिरूप भी कहते हैं । सीढ़ी
प्रतिरूप वाले गाँव पर्वतीय ढालों पर पाए जाते हैं । इसमें मकानों की पंक्तियाँ सीढ़ीनुमा प्रतीत होती हैं जो समोच्च रेखा का अनुसरण करती हैं । इस प्रकार के गाँव हिमालय के पर्वतीय क्षेत्र
की नदी-घाटियों, ढाल के अर्ध-भागों पर मिलते हैं ।
7.अनाकार प्रतिरूप (Amorphous Pattern) जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता
है, इस प्रकार के गाँवों का कोई नियमित रूप नहीं होता । भारत के अधिकांश गाँव इसी श्रेणी
में आते हैं । उत्तर प्रदेश के मैदानी भाग बिहार के साटन व गंगा के किनारे फैली दियार भूमि
आदि क्षेत्रों में अनाकार प्रतिरूप की बस्तियाँ मिलती हैं
(ii) क्या एक प्रकार्य वाले नगर की कल्पना की जा सकती है ? नगर बहु प्रकार्यात्मक
क्यों हो जाते हैं ?
(Can one imagine the presence of only one function town? Why do the
cities become multi functional ?)
उत्तर-प्रत्येक नगर में कुछ न कुछ कार्य होते रहते हैं। कुछ लोग लगातार पुराने काम करते
हैं तो कुछ विशिष्ट कार्य के लिये प्रसिद्ध हो जाते हैं जैसे-अलीगढ़ तालों के लिये प्रसिद्ध है लेकिन फिर भी बहुत से नगर अनेक प्रकार्य करता है । प्रमुख अथवा विशिष्टीकृत प्रकार्य के आधार पर अनेक कार्य स्थापित हो जाते हैं । वे बहु प्रकार्यत्मक बन जाते हैं । मुम्बई, दिल्ली औद्योगिक नगर के साथ प्रशासनिक नगर भी हैं । प्रकार्यात्मक के आधार पर ही नगर प्रशासनिक परिवहन आदि प्रकार के नगर बन जाते हैं।
प्रश्न 2. भारत में ग्रामीण बस्तियों के वितरण प्रारूप की विवेचना कीजिए ।
(Describe the distribution pattern of rural settlements in India.)
उत्तर-ग्रामीण बस्तियाँ अनेक प्रकार से विस्तारित हैं । भारत में ग्रामीण बस्तियों के वितरण
प्रतिरूप तथा प्रकारों में बहुत विविधता पाई जाती है ।
1. सड़कों, नदियों, नहरों तथा पर्वतीय क्षेत्रों में दर्रों के किनारे रैखिक प्रतिरूप पाये जाते हैं।
2. रैखिक बस्ती विशेष रूप से भारत के पश्चिमी तट पर केरल में पाई जाती है। असम
घाटी में भी इस प्रकार की रैखिक बस्तियाँ नदियों के प्राकृतिक तटबन्धों और सड़कों के साथ-साथ बसी हैं।
3. भारत के उत्तरी मैदानों में जनसंख्या घनत्व पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता जाता है।
इस क्षेत्र में ग्रामीण बस्तियों का आकार छोटा होता जाता है और गांव के बीच की दूरी घटती
जाती है।
4. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाँवों का आकार बड़ा होता है । यहाँ गाँव के बीच की दूरी कम
होती जाती है । ये अनेक दिशाओं से आने वाली सड़कों से जुड़े हैं ।
5. राजस्थान में भिन्न-भिन्न प्रकृति की बस्तियाँ दिखाई पड़ती हैं लेकिन पूर्व के अर्ध-शुष्क
भाग छोटे लेकिन एक-दूसरे के अधिक निकट बसे हैं ।
प्रश्न 3. अन्तर स्पष्ट करें-
(Distinguish between 🙂
(i) ग्रामीण और नगरीय बस्तियाँ (Rural and Urban Settlements)
उत्तर-ग्रामीण बस्तियाँ (Rural Settlements)
1. ग्रामीण बस्तियों के निवासी अधिकतर प्राथमिक कार्यों में संलग्न होते हैं ।
2. ग्रामीण बस्तियों के लोगों का प्रमुख व्यवसाय कृषि होता है । गाँव के चारों ओर खेत
होते हैं।
3. गाँव के लोग अपने कृषि उत्पादन का अधिशेष भाग नगरों में बिक्री को भेजते हैं।
4.ग्रामीण बस्तियाँ छटे आकार की होती हैं।
5. इनकी जनसंख्या कम होती है । प्राय: 10-20 से 1000 व्यक्ति तक रहते हैं ।
6. इनमें आधुनिक सुविधाएँ नहीं होती।
        नगरीय बस्तियाँ (Urban Settlements)
1. नगरीय बस्तियों के निवासी द्वितीयक और तृतीयक कार्यों में लगे होते हैं ।
2. नगरों में निर्माण उद्योगों द्वारा अनेक वस्तुओं का उत्पादन होता है तथा अधिशेष उत्पादन
को गाँव में भी भेजते हैं।
3. नगरीय बस्तियों का आकार बड़ा होता है। ये सुव्यवस्थित होती हैं।
4. कोई भी बस्ती तब तक नगर नहीं कहलाती जब तक उसमें 5000 व्यक्ति न हों ।
5. नगरों में घर और गलियाँ पास-पास होती हैं । यहाँ खुले क्षेत्र कम होते हैं ।
6. इनमें आधुनिक सुविधाएँ होती हैं।
(ii) गुच्छित और अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ (Clustered and Semi-clustered Settlement)
उत्तर-गुच्छित बस्तियाँ (Clustered Settlements)
1. इन बस्तियों में ग्रामीण घरों के संहत खंड पाए जाते हैं।
2. घरों की दो कतारों को संकरी तथा टेढ़ी-मेढ़ी गलियाँ पृथक् करती हैं।
3. इन बस्तियों का एक अभिन्यास होता है जो रैखिक, आयताकार, L आकृति अथवा
कभी-कभी आकृतिविहीन होता है।
4. इस प्रकार की बस्तियाँ भारत के सघन प्रदेशों में पाई जाती हैं।
        अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ (Semi-clustered Settlements)
1. सामान्यतया ये बस्तियाँ किसी बड़ी बस्ती के विखण्डन के परिणामस्वरूप बनती हैं।
2. किसी बड़े संहत गाँव के एक या दो वर्ग स्वेच्छा या मजबूरी से गाँव से अलग बस्ती
बना कर रहते हैं । ये मुख्य गाँव के समीप होती हैं ।
3. इन बस्तियों में लोग निम्न वर्ग के होते हैं जो प्रायः छोटे महत्त्वहीन कार्यों में लगे होते हैं।
4. इस प्रकार की बस्तियाँ गुजरात राज्य के मैदानी भागों में पाई जाती हैं ।
(iii) रैखिक और वृत्ताकार बस्तियाँ(Linear and Cicular Settlements.)
उत्तर-रैखिक बस्तियाँ (Clustered Settlements)
1. इस प्रकार की बस्तियों में मकानों की दो समांतर कतारें होती हैं ।
2. मकान एक दूसरे के आमने-सामने होते हैं।
3. इस प्रकार की बस्तियों में प्रमुखतः जनजातियों के लोग पाए जाते हैं ।
4. इस प्रकार की बस्तियाँ मणिपुर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यों में पाई जाती हैं ।
        वृत्ताकार बस्तियाँ (Circular Settlements)
1. किसी झील पर तालाब के किनारे इस प्रकार की बस्ती बन जाती है।
2. इस प्रकार की बस्तियों में प्रायः जुलाहे, धोबी मछुआरे आदि रहते हैं।
3. इस प्रकार के गाँव गंगा-यमुना दोआब, मध्य प्रदेश, पंजाब आदि में पाए जाते हैं।
प्रश्न 4. (i) दिए गए चित्र में ग्रामीण बस्ती प्रतिरूप की व्याख्या कीजिए ।
Explain the term rural settlement pattern shown in the diagram.
(ii) दिए गए चित्र में दर्शाए गए ग्रामीण बस्ती-प्रतिरूप का नाम बताइए ।
(Name the rural settlement pattern shown in the diagram.)
(iii) इस बस्ती प्रतिरूप की सड़क व्यवस्था क्या है ?
(What is the street system in this settlement pattern ?)
(iv) भारत में इस प्रकार का ग्रामीण बस्ती प्रतिरूप सामान्यतया कहाँ पाया जाता है ?
(Where in India in such rural settlement pattern generally found ?)
उत्तर-(i) ग्रामीण बस्ती प्रतिरूप के निर्धारण में वहाँ के सड़क और गली तंत्र का विशेष
योगदान होता है। सड़कें, गलियाँ, कुएँ, मंदिर तथा मस्जिदें आदि भी बस्ती प्रतिरूप को प्रभावित करते हैं।
(ii) दिए गए बस्ती प्रतिरूप का नाम आयताकार प्रतिरूप है
(iii) इस बस्ती प्रतिरूप में सड़क व्यवस्था बहुत सरल है । गाँव के बीचोबीच सड़कें एक
दूसरे को काटती हैं जिससे गाँव के मध्य एक महत्त्वपूर्ण चौराहा बन गया है और पूरा गाँव इन
सड़कों के आस-पास आयताकार रूप में बस गया है ।
(iv) भारत के मैदानी भाग में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बंगाल और बिहार में ऐसे बस्ती
प्रतिरूप सामान्यतया पाए जाते हैं ।
प्रश्न 5. भारत में कस्बों और नगरों के वितरण का वर्णन करें
(Give an account of distribution of towns and cities in India.)
उत्तर-जनसंख्या के आधार पर जनगणना विभाग ने भारतीय केन्द्रों को 6 वर्गों में
विभाजित किया है । एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगरीय केन्द्र को कस्बा कहा जाता
है। 10-50 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर को महानगर कहते हैं । अधिकतर महानगर
नगरीय संकुल होते हैं । संकुल में एक या एक से अधिक नगर और उनके क्रमिक विस्तार
के लिए रेलवे कालोनी विश्वविद्यालय आदि होते हैं । ये सभी कस्बे या नगर गाँव की राजस्व
सीमाओं में होते हैं।
भारत में सबसे पहले नगरीकरण उत्तरी मैदान में हुआ । इस क्षेत्र में सबसे अधिक नगर
थे। पश्चिमी और पूर्वी तट पर प्रचीन पत्तनों के निकट अनेक नगर विकसित हुए ।
मध्यवर्ती पठारी भाग तथा दक्कन पठार की विस्तृत भूमि पर नगरों की संख्या अपेक्षाकृत
कम थी और ये दूर-दूर थे । ये नगर प्रशासनिक मुख्यालय, व्यापारिक स्थानों तथा धार्मिक केन्द्रों के रूप में स्थित थे।
दक्षिणी भारत के नगरीय क्षेत्र महाराष्ट्र और गुजरात में विस्तृत हैं । मुम्बई, पुणे, नासिक,
सूरत, बडोदरा, अहमदाबाद आदि इस क्षेत्र के प्रमुख नगर हैं । यहाँ सूती वस्त्र तथा अन्य उद्योग विकसित हुए हैं।
इसके अलावा अरावली पर्वत श्रेणी के पूर्व और पश्चिम में तथा मध्यवर्ती उच्चभूमि में भी
अनेक नगर हैं जैसे जोधपुर, बीकानेर, गंगानगार, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ आदि हैं । मध्यवर्ती उच्चभूमि में उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल, रतलाम आदि हैं।
प्रश्न 6. प्रकार्यों के आधार पर नगरों का वर्गीकरण कीजिए ।
(Classify towns on the basis of functions.)
उत्तर-प्रमुख या विशिष्ट प्रकार्यों के आधार पर भारत के नगरों और कस्बों को निम्न रूप
में वर्गीकृत किया जा सकता है-
1. प्रशासनिक कस्बे और नगर (Administrative Towns and Cities)-प्रशासनिक
मुख्यालय के रूप में विकसित नगरों को प्रशासनिक नगर कहा जाता है । जैसे-चंडीगढ़, नई
दिल्ली, भोपाल, शिलांग आदि ऐसे नगरों के उदाहरण हैं ।
2. औद्योगिक नगर (Industrial Towns)-उद्योग ही ऐसे नगरों की प्रेरक शक्ति होते हैं।
जैसे-मुम्बई, सेलम, कोयंबटूर, मोदी नगर, जमशेदपुर, हुगली, भिलाई आदि ।
3. परिवहन नगर (Transport Towns)—ये नगर मुख्य रूप से आयात और निर्यात की
गतिविधियों में लिप्त पत्तन हो सकते हैं । जैसे कांडला, कोच्चि, कालीकट, विशाखापत्तनम आदि।
कुछ आंतरिक परिवहन के केन्द्र हो सकते हैं । जैसे आगरा, धूलिया, मुगलसराय, इटारसी,
कटनी आदि ।
4.व्यापारिक नगर (Commerical Towns) व्यापार में विशिष्टता प्राप्त करने वाले कस्वे
और नगर इसी वर्ग में शामिल किये जाते हैं । जैसे-कोलकाता, सहारनपुर, सतना आदि ।
5. खनन नगर (Mining Towns)-रानीगंज, झरिया, डिगबोई, अंकलेश्वर, सिंगरौली आदि।
6. छावनी नगर (Cantonment Towns) अंबाला, जालंधर, महू, बबीना, मेरठ कैंट
आदि ।
7.शैक्षिक नगर (Educational Towns) रुड़की, वाराणसी, अलीगढ़, पिलानी आदि ।
8. धार्मिक और सांस्कृतिक नगर (Religious and Cultural Towns) वाराणसी,
मथुरा, अमृतसर, आबू आदि ।
9. पर्यटन नगर (Tourist Towns)-नैनीताल, मंसूरी, शिमला, पचमढ़ी, उडगमंडलम
(ऊटी), माउंट आबू आदि ।
विशिष्टीकृत नगर भी महानगरों के रूप में विकसित होने के बाद बहुप्रकार्यात्मक बन जाते
हैं । तब इनके उद्योग, व्यापार, प्रशासन आदि प्रकार्य प्रमुख हो जाते हैं ।
प्रश्न 7. अनधिकृत बस्तियाँ और मलिन बस्तियाँ किसे कहते हैं ? अनधिकृत बस्तियों
की तीन प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
(What are the squatter settlements and slums ? Describe three main
characteristics of squatter settlements.)
उत्तर-अनधिकृत बस्तियाँ (Squatter Settlements) ये बिखरी हुई बस्तियाँ होती हैं।
ये उच्चभूमि और शुष्क प्रदेशों में पाई जाती हैं ।
विशेषताएं-
1. इन बस्तियों में पशुपालन तथा लकड़ी काटना प्रमुख व्यवसाय होता है ।
2. इन बस्तियों में मकान एक-दूसरे से दूर तथा खुले होते हैं । इनमें रहने का स्थान अधिक
होता है।
3.ये बस्तियाँ साफ होती हैं क्योंकि यहाँ पानी के निकास की विशेष व्यवस्था होती है।
4. मलिन बस्ती (Slums)-मलिन बस्ती से अभिप्राय एक ऐसे घने बसे आवसीय क्षेत्र से
है जिसमें अस्वच्छ घर होते हैं।
विशेषताएँ-
1. इनमें समाज के कमजोर वर्ग रहते हैं।
2. इनमें सामाजिक विघटन की प्रवृत्तियाँ पाई जाती हैं।
3. इन घरों में सफाई तथा पानी आदि की व्यवस्था ठीक नहीं होती।
रांचो (वेनेजुएला), फाबेला (ब्राजील), झुग्गी-झोंपड़ी (भारत) के लोग इनके उदाहरण हैं।
प्रश्न 8. भारत में नगरीकरण की प्रवृत्ति की विवेचना कीजिए ।
(Express your views about the trends of urbanisation in India.)
उत्तर-नगरीकरण की प्रवृत्तियाँ (Trends in Urbanisation)-
1. भारत में नगरीकरण का इतिहास बहुत पुराना है परन्तु पिछले कुछ दशक से नगरीय
जनसंख्या में वृद्धि अपेक्षाकृत अधिक हुई है जिसके परिणामस्वरूप नगरीय जनसंख्या जो 1961 में 18 प्रतिशत थी सन् 1881 में बढ़कर 23.3 प्रतिशत हो गई । इसी प्रकार सन् 1991 में बढ़कर 26% तथा 2001 में लगभग 28% हो गई।
2. भारत में 35 महानगर हैं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक है । इनमें से कुछ
हैं-कोलकाता, ग्रेटर मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई, बंगलौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, कानपुर, नागपुर, जयपुर, तथा लखनऊ आदि । यद्यपि पिछले दशक में इन सभी नगरों का विकास हुआ है, परन्तु बंगलौर की जनसंख्या वृद्धि 77 प्रतिशत हुई है और लखनऊ में सबसे कम 24 प्रतिशत वृद्धि हुई है । दिल्ली की जनसंख्या में वृद्धि केवल 57% हुई है ।
3. भारत में विभिन्न राज्यों के नगरों का विकास समान नहीं है । कुछ राज्यों में नगर शीघ्रता
से बढ़े हैं, जबकि कुछ राज्यों में इनके विकास की गति धीमी रही है । उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, तमिलनाडु में प्रथम श्रेणी के नगरों का विकास तीव्र गति से हुआ है । पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात तथा बिहार में द्वितीय श्रेणी के नगरों का विकास हुआ है ।
छोटे नगरों का विकास मुख्यतः तमिलनाडु में हुआ है । पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा,
महाराष्ट्र तथा पंजाब राज्य छोटे नगरों के विकास में तमिलनाडु से पीछे रहे हैं ।
4. कोलकाता, ग्रेटर मुम्बई, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, बंगलौर और दिल्ली आदि नगरों
में मिलाकर भारत की कुल नगरीय जनसंख्या का लगभग आधा भाग निवास करता है
5. भारत के नगरीकरण के मानचित्र पर दृष्टि डालने से ज्ञात होता है कि भारत के 80°
पूर्व देशांतर के पश्चिम में पूर्वी प्रदेशों की अपेक्षा नगरीकरण अधिक हुआ है। इसका मुख्य कारण औद्योगीकरण में असंतुलन का पाया जाना है ।
6. भारत के नगरों की जनसंख्या में वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों से विकर्षण तथा बर्हिप्रवास (Rural
Push) के कारण अधिक हुई है जिसके परिणामस्वरूप नगरी में बेरोजगारी बढ़ी है तथा जलापूर्ति, आवास, चिकित्सा, सफाई आदि सेवाओं को प्रभावित किया हैं और झोपड़-पट्टी को जन्म दिया है।
                वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Answer Type Question)
नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए- 
(Choose the answer from the four alternative given below 🙂
 
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा नगर नदी तट पर अवस्थित नहीं है ?
(क) आगरा
(ख) भोपाल
(ग) पटना
(घ) कोलकाता
प्रश्न 2. भारत की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता नगर
की परिभाषा का अंग नहीं है ?
(क) जनगणना घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
(ख) नगरपालिका, निगम का होना
(ग) 75% से अधिक जनसंख्या का प्राथमिक खंड में संलग्न होना
(घ) जनसंख्या आकार 5000 व्यक्ति से अधिक
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किस पर्यावरण में परिक्षिप्त ग्रामीण बस्तियों की अपेक्षा
नहीं की जा सकती?
(क) गंगा का जलोढ़ मैदान
(ख) राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क प्रदेश
(ग) हिमाचल की निचली घाटियाँ
(घ) उत्तर-पूर्व के वन और पहाड़ियाँ
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से नगरों का कौन-सा वर्ग अपने पदानुक्रम के अनुसार क्रमबद्ध हैं ?
(क) बृहत्त मुम्बई, बंगलौर, कोलकाता, चेन्नई
(ख) दिल्ली, बृहत्त मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता
(ग) कोलकाता, बृहत्त मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता
(घ) बृहत्त मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई
प्रश्न 5. पास-पास बने घरों वाली ग्रामीण बस्ती को क्या कहते हैं ?
(क) गुच्छित
(ख) अधूंच्छित
(ग) पुरखे
(घ) संहत
प्रश्न 6.500 से कम जनसंख्या के आकार के गाँव में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत
कितना है?
(क) 17%
(ख) 16.8%
(ग) 7.8%
(घ) 29.8%
प्रश्न 7. सम्पूर्ण भारत में गाँवों के बीच की औसत दूरी कितनी है ?
(क) 2.52 किमी.
(ख) 3.52 किमी.
(ग) 1.52 किमी.
(घ) 25.2 किमी.
प्रश्न 8. सामान्य आकार के घरों के समूह को क्या कहते हैं ?
(क) बस्ती
(ख) कस्बा
(ग) नगर
(घ) पुरवा
प्रश्न 9. भारत में सूदर वनों में एकाकी झोंपड़ी या कुछ झोंपड़ियों के समूह में पाई जाने
वाली बस्तियों को क्या कहते हैं ?
(क) पुरवा बस्तियाँ
(ख) गुच्छित बस्तियाँ
(ग) परिक्षिप्त बस्तियाँ
(घ) अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ
प्रश्न 10. दूर-दूर तक बिखरे कुछ घरों के समूह को क्या कहते हैं ?
(क) गुच्छित
(ख) अर्ध-गुच्छित
(ग) पुरवा
(घ) परिक्षिप्त
प्रश्न 11. ग्रामीण बस्तियों के क्रियाकलाप किस प्रकार के हैं ?
(क) द्वितीयक
(ख) प्राथमिक
(ग) तृतीयक
(घ) इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 12. आक्रमणों, डाकुओं और जंगली जानवरों से सुरक्षा कौन से हैं ?
(क) सुरक्षा कारक
(ख) सांस्कृतिक कारक
(ग) नृजातीय कारक
(घ) भौतिक कारक
प्रश्न 13. किसी मार्ग, नदी या नहर के किनारे बसे गाँवों की आकृति कैसी होती है ?
(क) रैखिक
(ख) आयताकार
(ग) गोलाकार
(घ) त्रिभुजाकर
प्रश्न 14. दो नदियों के बीच या दो सड़कों की शाखाओं के बीच बसे गाँवों और कस्बों
की आकृति कैसी होती है ?
(क) आयताकार
(ख) त्रिभुजाकार
(ग) रैखिक
(घ) पंखाकृति
                                                 उत्तर
1. (ख) 2. (ग) 3. (क) 4. (घ) 5. (क) 6. (ख) 7. (क) 8. (क) 9. (ग) 10. (ग)
11. (ख) 12. (क) 13. (ख) 14. (ख)

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