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bseb class 12 geography | मानव विकास

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bseb class 12 geography | मानव विकास

[ Human Development]
भौगोलिक शब्द तथा परिभाषाएँ
●जीवन प्रत्याशा (Life expactancy)-मानव की औसत आयु जिस पर उसकी मृत्यु होती
है। शिशु मृत्यु दर में परिवर्तन के साथ यह भी बदलती है।
●प्रौढ़ साक्षरता (Adult literacy) कुल प्रौढ़ जनसंख्या में साक्षर लोगों का अनुपात जो
साक्षरता का न्यूनतम स्तर प्राप्त करते हैं। इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
●क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity)-समायोजित प्रति व्यक्ति सकल
राष्ट्रीय उत्पाद को व्यसन करने के लिए उच्च जीवन स्तर का संकेतक ।
●मानव विकास (Human Development)-दीर्घ जीविता शिक्षा तथा उच्च जीवन स्तर तथा
स्वस्थ जीवन के संदर्भ में लोगों के विकल्पों को परिवर्धित करने की प्रक्रिया।
●आर्थिक विकास (Economic growth)-आर्थिक विकास से तात्पर्य उत्पादन व उत्पादकता के संदर्भ में मानव की आय बढ़ाने की प्रक्रिया ।
पाठ के कुछ तथ्य
●उच्च जीवन स्तर को मापने के लिए चुना गया चर -क्रयशक्ति समता
●समाज के सुविधा वंचित वर्ग की दशा के मूल्याकंन के लिए बनाया गया दूसरा संकेतक-मानव निर्धनता सूचाकांक
●संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा विकसित 162 देशों के मानव विकास सूचकांक में भारत
का स्थान-115वाँ
●जीवन की गुणवत्ता और जन कल्याण के स्तर के मापने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास
कार्यक्रम द्वारा निर्मित मित्र संकेतक-मानव विकास संकेतक
●मानव विकास के संकेतक दीर्घ जीविता को मापने के लिए चुना गया चर-जीवन प्रत्याशा
एन. सी. ई. आर. टी. पाठ्यपुस्तक एवं कुछ अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Question) )
प्रश्न 1. मानव विकास के चार प्रमुख घटकों के नाम लिखिए I
(Name the four main components of human development ?)
उत्तर-मानव विकास के चार प्रमुख तत्त्व हैं-(क) न्याय (Equity) (ख) सतत
पोषणीयता (Sustainability) (ग) उत्पादकता (Productivity) (घ) सशक्ति चरण
(Empowerment)
प्रश्न 2. मानव विकास सूचकांक के आधार पर देशों का वर्गीकरण किस प्रकार किया
जाता है?
(How are countries classified on the basis of human development index ?)
उत्तर-देशों का वर्गीकरण मानव विकास संकेतक के आधार पर तीन समूह में किया जा
सकता है जो निम्न तालिका में दर्शाया गया है :
प्रश्न 3. मानव विकास के तीन मूलभत क्षेत्र कौन-से हैं ?
(What are the three basic areas of human development ?)
उत्तर-तीन आधारभूत क्षेत्र हैं-स्वास्थ्य, शिक्षा तथा संसाधन तक पहुँच।
स्वस्थ जीवन का अर्थ है कि किसी देश के लोग अच्छा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। स्वस्थ
जीवन तथा शिक्षा मानव विकास के लिये आधारभूत क्षेत्र है।
प्रश्न 4. सार्थक जीवन क्या है? इनमें से कौन-सा जीवन सार्थक है?
(What is a meaningful life? Which of these lives is a meaningful life ?)
उत्तर-उपरोक्त चित्र में सार्थक जीवन केवल एक लंबा जीवन नहीं बल्कि लोग स्वस्थ हो
और वे अपनी क्षमता बढ़ाने योग्य हो तथा समाज में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र हो।
नीचे दिए चित्र में स्त्री का चित्र सार्थक जीवन को दर्शाता है। वह अपने जीवन में आगे’
बढ़ने की आशा रखती है।
प्रश्न 5. नीचे दिए गए तालिका में दिखाए गए देशों को मानचित्र में दिखाइए । इन देशों
को मानचित्र में दिखाइए। इन देशों में सामान्य क्या है ? इन देशों के सरकारी वेबसाइट देखें।
(Try to locate these countries on a map. Can you see what these countries have in common ? To find out more visit the official government websites of these countries.)
उत्तर-विश्व के मानचित्र में दिखाये
इन देशों में सामान्य यह है कि वे देश विकास की दृष्टि से आगे है। शिक्षा तथा स्वास्थ्य
पर सरकार द्वारा ध्यान दिया जाता है।
प्रश्न 6. क्या वृद्धि और विकास का एक ही अर्थ है ? क्या दोनों एक-दूसरे के साथ
चलते हैं?
(Do growth and development mean the same thing? Do they accompany each other?)
उत्तर-वृद्धि मात्रात्मक और सामान्य मूल्य स्थिति को दर्शाती है। यह सकारात्मक अथवा
नकारात्मक भी हो सकती है अर्थात् परिवर्तन सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। विकास का अर्थ गुणात्मक परिवर्तन से है जो सदैव सकारात्मक मूल्य होता है। विकास और वृद्धि दोनों साथ नहीं चलते।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Question).
प्रश्न 1. वृद्धि और विकास में अंतर स्पष्ट करें।
(Distinguish between growth and development.)
उत्तर-वृद्धि (Growth)-वृद्धि मात्रात्मक तथा तटस्थ या सामान्य मूल्य आधारित होती है।
इसका संकंत नकारात्मक अथवा सकारात्मक भी हो सकता है अर्थात् परिवर्तन सकारात्मक हो सकता है या नकारात्मक हो सकता है।
विकास (Development)-विकास का अर्थ गुणात्मक परिवर्तन से है जिसका सदैव मूल्य
सकारात्मक होता है अर्थात् विकास तव होता है जब तक वर्तमान स्थिति में अतिरिक्त मूल्य नहीं जुड़ता । सकारात्मक वृद्धि होने पर विकास होता है। फिर भी सकारात्मक वृद्धि सदैव विकास की ओर अग्रसर नहीं होती। विकास तब होता है जब गुण में सकारात्मक परिवर्तन होता है।
प्रश्न 2. मानव विकास के विभिन्न मापदंडों का उल्लेख करें।
(Mention various criteria of measuring human development.)
उत्तर-1 प्रतिव्यक्ति आय, 2. सकल घरेलू उत्पाद, 3. मानव विकास सूचकांक ।
प्रश्न 3. डा० महबूब हक के अनुसार विकास की परिभाषा करें।
(Define development according to Dr. Mahbub-ul-huq.)
उत्तर-डा. महबूब-उल-हक ने मानव विकास की परिभाषा इस प्रकार की है विकास वह
है जो लोगों की इच्छाओं और उनके जीवन में सुधार लाता है। इस विचारधारा का केन्द्र बिंदु
मानव है। इच्छाएँ सदैव बढ़ती रहती है। विकास का प्रमुख उद्देश्य है कि मनुष्य एक सार्थक
जीवन जी सके।
प्रश्न 4.सार्थक जीवन क्या है?
(What is meaningful life ?)
उत्तर-सार्थक जीवन का अर्थ लंबे जीवन से नहीं है। यह उद्देश्य पूर्ति के लिए होना चाहिए।
इसका अर्थ यह है कि लोग स्वस्थ हों, उनमें अपनी क्षमता बढ़ाने की योग्यता हो, समाज में सहयोगी बने तथा अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए स्वतंत्र हो ।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Long Answer Type Question)
प्रश्न 1. मानव विकास अवधारणा के अंतर्गत समता और सतत पोषणीयता से आप क्या
समझते हैं?
(What do equity and sustainability refer to with in the concept at Human Development ?)
उत्तर-न्याय का अर्थ है सबके लिये समान अवसर प्रदान करना । समान अवसर सबके लिए
विना लिंग, भेद, रंग, जाति, धर्म आदि ध्यान रखते हुए मिलने चाहिए। प्राय : सभी वर्ग प्रसन्न
नहीं होते। उदाहरण के लिए किसी देश में कौन-से वर्ग के लोग विद्यालय छोड़ देते हैं। यह
महिलाओं तथा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग में अधिक होता है। इससे यह प्रदर्शित होता है कि
इन लोगों में ज्ञान कम है।
सतत् पोषणीयता का अर्थ होता है कि अवसरो का सतत् प्राप्यता । सतत् मानव विकास रखने
के लिए प्रत्येक पीढ़ी को उन अवसरों को बनान रखना चाहिए। सभी पर्यावरणीय वित्तीय और
मानव संसाधनों का उपयोग भविष्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए । इन संसाधनों का दुरुपयोग भविष्य में आने वाली पीढ़ी को कम अवसर प्रदान होगा।
लड़कियों के स्कूल भेजने का महत्त्व का उदाहरण है कि यदि कोई समुदाय लड़कियों को
स्कूल भेजने पर जोर नहीं देता तो युवा स्त्रियों के कई अवसर समाप्त हो जायेंगे। उनके जीवन
का लक्ष्य पर प्रभाव पड़ेगा तथा इससे अन्य बातों पर भी प्रभाव पड़ेगा। इसलिये प्रत्येक पीढ़ी
को अवसरों की उपलब्धि भविष्य के लिए होनी आवश्यक है।
प्रश्न 2. मानव विकास शब्द से आपका क्या अभिप्राय है ?
(What do you understand by the term human development ?)
उत्तर-मानव विकास की संकल्पना से तात्पर्य लोगों के विकल्पों को विकसित करने व,
परिवर्धित करने की प्रक्रिया से है। अर्थात मानव के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और
राजनैतिक विकास के विकल्पों को परिवर्धित करने की प्रक्रिया ही मानव विकास का लक्ष्य है।
विकास का वास्तविक तथा सर्वमान्य उद्देश्य लोगों का कल्याण होता है। विकास का अर्थ
केवल धन व सम्पत्ति का विस्तार नहीं है बल्कि धन व सम्पत्ति द्वारा मानव का समग्र विकास
है। विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक वर्तमान स्थितियाँ अन्य वृद्धि नहीं होतीं। विकास
तब सम्भव है जब सकारात्मक वृद्धि होती है। विकास तभी होता है जब गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन होता है।
उदाहरण के लिए यदि किसी नगर की जनसंख्या में वृद्धि एक लाख से बढ़कर किसी
निश्चित समय में दो लाख हो जाती है तो हम समझेंगे कि नगर की वृद्धि हो गई है। यदि मकान
तथा अन्य सुविधायें वही हैं तो वृद्धि नहीं मानी जायेगी। यह विकास नहीं कहा जायेगा। मानव
विकास के उद्देश्य हैं-
(i) राजनैतिक स्वतंत्रता आत्मनिर्भरता तथा स्वाभिमान ।
(ii) इस प्रक्रिया में स्त्री-पुरुष सभी को सम्मिलित किया जाता है।
(iii) विकास लोगों के हित व कल्याण के लिए किया जाता है।
(iv) विकास में सहभागिता होनी चाहिए ।
(v) लोगों को अपनी क्षमताओं को पूरा उपयोग करने का अवसर मिलता है।
प्रश्न 3. मानव विकास की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के देशों में तुलना करें।
(Make a comparison of human development among the nations on the
international level.)
उत्तर-मानव विकास की तुलना विश्व स्तर पर कई बातों पर निर्भर करती है। किसी देश
की आकार और सीमाएँ और प्रति व्यक्ति आय एक दूसरे से संबंधिक नहीं है। छोटे देश, बड़े
देश की अपेक्षा मानव विकास अधिक विकसित कर लेते हैं। इसी प्रकार गरीब देश की श्रेणी
अमीर देश की श्रेणी से अधिक ऊँची है।
उदाहरण के लिए श्रीलंका, ट्रिनजड तथा टीवेगो का भारत की अपेक्षा मानव विकास में ऊंची
श्रेणी है । ठीक इसी प्रकार भारत में भी केरल में कम प्रति व्यक्ति आय होने के बावजूद भी पंजाब और गुजरात से अधिक ऊँचा मानव विकास है।
मानव विकास के आधार पर देशों को तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है। जैसा
सारिणी में दिखाया गया है-
उच्च श्रेणी के देश (Countries with high index value) इस श्रेणी का स्तर 0.8 से
अधिक होती है। 2005 की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार इस समूह में 57 देश है। दस देश
उच्च श्रेणी के हैं। इनमें: 1. नार्वे, 2. आईसलैंड, 3. आस्ट्रेलिया, 4. लक्जेमबर्ग, 5, कनाडा, 6.
स्वीडन, 7. स्विटजरलैंड, 8. आयरलैंड, 9, बेल्जियम, 10. संयुक्त राष्ट्र।
इन देशों में शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार ध्यान देती है। उच्च मानव विकास वाले देश
वे देश हैं जहाँ सामाजिक क्षेत्र में अधिक निवेश किया जाता है तथा शिक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
मध्यम श्रेणी के देश (Countries with medium index value)-इस समूह में आने वाले
देशों की संख्या अधिक है। इनकी संख्या 88 है। इनमें से कुछ देश उपनिवेश रह चुके हैं तथा
कुछ देशों का जन्म रूस के टूटने से हुआ है। वे बड़ी शीघ्रता से विकास कर रहे हैं। इनमें से
कुछ देशों में सामाजिक विभिन्नता है और कुछ राजनैतिक अस्थिरता का सामना कर रहे हैं।
निम्न श्रेणी में आने वाले देश (Countries with low index value)-इस श्रेणी में 32
देश है। इनमें से बहुत छोटे देश हैं। कुछ देशों में राजनैतिक अस्थिरता तथा गृह-युद्ध जैसी स्थिति रहती है।
प्रश्न 4. मानव विकास का महत्त्व लिखें?
(Write down the importance of Human Development.)
उत्तर-मानव विकास का महत्त्व (Importance of the Human Development)
देश के आर्थिक विकास में मानव विकास का महत्त्व निम्नलिखित है-
(i) मानवीय विकास से राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की जा सकती है।
(ii) यदि देश में योग्य कुशल प्रतिभावान व्यक्ति, वैज्ञानिक आदि होगें तो देश के प्राकृतिक
साधनों का पूर्ण सकुशल शोषण होगा।
(iii) मानव विकास से उत्पादन की नई तकनीकी का अविष्कार होगा।
(iv) श्रम न केवल उत्पादक है बल्कि उपभोक्ता भी है। वह केवल वस्तुओं तथा सेवाओं
का उत्पादन ही नहीं करेगा अपितु उनका उपयोग भी करता है। इस तरह श्रम वस्तुओं की और
सेवाओं की मांग करता है।
प्रश्न 5. मानव विकास क्या है ? मानव विकास सूचकांक की गणना में किन तीन सूचकों का उपयोग किया जाता है ? उन दो देशों के नाम बतायें जो कोटिक्रम में सबसे ऊपर
हैं तथा दो ऐसे देशों के नाम बतायें जो कोटिक्रम में सबसे नीचे हैं।
(What is human development? Which are the three indicators used in
computing human development index? Name the two countries which rank at the top on the H.D.I and two countries which rank of the bottom.)
उत्तर-संयुक्त राष्ट्र के अनुसार ‘मानव विकास लोगों की पंसद का विस्तार और अब तक
कल्याण के स्तर को बढ़ाने वाली प्रक्रिया है।
मानव विकास की गणना के तीन सूचक निम्नलिखित है :
(i) जीवन अवधि (Longeviry)-इसकी माप जन्म के समय जीवन प्रत्याशा से की जाती
है। इसका न्यूनतम मान 25 वर्ष तथा अधिकतम 85 वर्ष लिया जाता है।
(ii) साक्षरता (Literacy) अथवा ज्ञान (knowledge)-इस शैक्षिक उपलब्धि के रूप में
मापा जाता है। जैसे-जैसे साक्षरता बढ़ती है लगभग वैसे ही मानव जीवन का विकास होता जाता है। 2001 में भारत की साक्षरता पर 1951 के 18% से बढ़कर 65% हो गई। इस तरह मानव सूचकांक भी बढ़ा जो 2004 में 0.439 से बढ़कर 0.595 हो गया।
(iii) प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (Per capita G.D.P.) यह जीवन स्तर का सूचक
है। आय की गणना सकल घरेलू उत्पाद के रूप में की जाती है। प्रति व्यक्ति आय को डालर
में क्रय शक्ति क्षमता के रूप में बदल लिया जाता है। यह न्यूनतम 100 अमेरिकी डालर और
अधिकतम 40000 अमेरिकी डालर के मध्य निश्चित किया जाता है।
मानव सूचकांक ज्ञात करने के लिए सबसे पहले प्रत्येक सूचकांक का मान ज्ञात किया जाता
है। तीनों सूचकों का मान ज्ञात करके इनका औसत मान ज्ञात किया जाता है। यह मानव विकास सूचकांक होता है। यह तीनों सूचकों के मानों को जोड़कर उसे तीन से भाग देने पर प्राप्त होता है।
महत्त्व-(i) इसके द्वारा दो देशों के विकास स्तर की तुलना कर सकते हैं।
(ii) यह प्रत्येक देश के समक्ष अधिकतम संभावित मानक को प्राप्त करने के उपायों को ढूंढने
की चुनौती प्रस्तुत करता है।
निम्नतम मानव विकास कोटिक्रम के देश है- सियरालियो और बांग्लादेश। अधिक मानव
विकास कोटिक्रम के देश हैं नावें और कनाडा।
प्रश्न 6. मानव विकास सूचकांक क्या है ? संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा परिभाषित मानव विकास की संकल्पना समझाइए और मानव विकास सूचकांक विकसित करने के पक्ष में तर्क दीजिए।
(What is the Human Development Index ? Discuss the concept of Human Development as defined by United Nations Development Programme and the justification for developing Human Development Index.)
उत्तर-मानव के अस्तित्व के लिए अनिवार्य भोजन, वस्त्र और आवास तथा सुखदायक
वस्तुओं को जुटाना ही मानव विकास है। आर्थिक विकास की माप एवं तुलना के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत जीवन गुणवत्ता सूचकांक की रचना की गई जिसे मानव विकास सूचकांक का नाम दिया गया। किसी देश में मानव विकास का सम्बन्ध आर्थिक विकास के स्तर के अतिरिक्त लोगों की तीन आकांक्षाओं से भी जुड़ा है। ये हैं-
(1) लंबा एवं स्वस्थ जीवन व्यतीत करना-यह मानव शक्ति का महत्त्वपूर्ण अंग है। स्वस्थ
जीवन प्रत्याशा का मत है।
2. साक्षर अथवा ज्ञानवान होना-जीवन मानव विकास के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण आकांक्षा
शिक्षा का विस्तार है। शिक्षा का स्तर, जितना ऊंचा व उन्नत होगा मानव का विकास तथा उसकी कुशलताओं में उतनी ही अधिक वृद्धि होगी।
3. उत्तम व उन्नत जीवन स्तर के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी मानव विकारा
के लिए आवश्यक है। इनसे मानव विकास को भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता के साथ मापा जाता हैं।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1990 में मानव विकास सूचकांक प्रतिवर्ष निर्मित किया जाता है और इसमें
निर्धारित किया जाता है कि अमुक देश ने मानव विकास आधार पर कितनी उन्नति की है। इस
सूचकांक द्वारा विभिन्न देशों में मानव विकास का तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है।
निम्नतम तथा अधिकतम देशों के अंकित रहने से प्रत्येक देश यह जान सकता है कि अधिकतम स्तर पर पहुँचने के लिए उसे अभी कितना प्रयत्न करना है। इस आधार पर वह मानव विकास को प्राप्त कर विभिन्न योजनायें बना सकता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Answer Type Question)
नीचे दिए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए- 
(Choose the right answer from the four alternatives given below 🙂
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा विकास का सर्वोतम वर्णन करता है।
(क) आकार में वृद्धि
(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन
(ग) आकार में स्थिरता
(घ) गुण में साधारण परिवर्तन
प्रश्न 2. मानव विकास की अवधारणा निम्नलिखित में से किस विद्वान की देन है।
(क) प्रो. अमर्त्य सेन
(ख) डॉ. महबूब-उल-हक
(ग) एलन सी. सेम्पुल
(घ) रैटजेल
प्रश्न 3. निम्नलिखित में कौन-सा देश उच्च मानव विकास वाला नहीं है?
(क) नार्वे
(ख) अर्जेण्टाइना
(ग) जापान
(घ) मिस्र
उत्तर-
1. (ग) 2. (क) 3. (ग)

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