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Bihar Board Class 12 Geography notes | अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

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Bihar Board Class 12 Geography notes | अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

                                    [ International Trade]
                                  भौगोलिक शब्द तथा परिभाषाएँ
◆अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार (Intemational Trade)-पदार्थों, सेवाओं, कच्चे माल, पूँजी तथा
उत्पादित माल आदि का देश की सीमाओं से बाहर विनिमय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है।
◆अर्धनिर्मित सामग्री (Semi-Manufactured Material)-ऐसी अर्धनिर्मित वस्तुएँ जिन्हें
उद्योगों में कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाता है। जैसे प्लास्टिक दाना जिससे उद्योगों
में चप्पल आदि बनाई जाती हैं ।
◆व्यापार संतुलन (Balance of Trade)-निर्यात और आयात के अंतर को व्यापार संतुलन
कहते हैं।
◆पत्तन (Port)-वह स्थल क्षेत्र होता है जहाँ गोदी (डॉक), घाट तथा सामान उतारने और
चढ़ाने की सूविधाएँ होती हैं ।
◆पोताश्रय (Harbour)-यह समुद्र का अंशतः स्थल भाग से घिरा हुआ क्षेत्र होता है जिसमें
जहाज सुरक्षित खड़े रहते हैं ।
◆विदेशी मुद्रा विनिमय (Foreign Money Exchange)-वह प्रणाली जिसके अनुसार एक
देश की मुद्रा का दूसरे देश की मुद्रा से विनिमय किया जाता है, उसे विदेशी मुद्रा विनिमय
कहते हैं।
◆वस्तु विनिमय (Barter)-किसी पदार्थ का दूसरे पदार्थ से बदलना वस्तु विनिमय
कहलाता है।
◆अनुकूल व्यापार संतुलन (Favourable Balance of Trade)-निर्यात का आयात से
अधिक होना ।
◆प्रतिकूल व्यापार संतुलन (Unfavourable Balance of Trade)-आयात का निर्यात से
अधिक होना ।
◆निर्यात (Exporn)-किसी देश से दूसरे देश को भेजी गई वस्तुएँ ।
◆आयात (Imporn)-किसी देश में दूसरे देश से लाई गई वस्तुएँ ।
                                         पाठ के कुछ तथ्य
◆अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के द्वार कहलाते हैं-पत्तन
◆भारत का संसार के 200 देशों के साथ व्यापार होता है – 9300 प्रकार की वस्तुएँ ।
◆भारत के आयात में सर्वाधिक मात्रा की मद.-ईंधन अथवा पेट्रोलियम
◆भारत का अकेला सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारत के कुल विदेशी व्यापार की
◆प्रतिशत भागीदारी -सं. रा. अमेरिका, 29% भागीदारी, 424.04 अरब रुपये ।
◆2002-03 में भारत की कुल निर्यात में भागीदारी तथा मूल्य-1.8% तथा 46.39 अरब
रुपये ।
◆तमिलनाडु का नवनिर्मित पत्तन-एन्नोर ।
◆2002-03 में आयात का-38.37 अरब रुपये।
◆वह पत्तन जिस पर माल । यति वायुयानों के द्वारा किया जाता है-शुष्क पत्तन।
◆देश का सबसे बड़ा प्राकृतिक पोताश्रय-मुम्बई ।
◆उड़ीसा के तट पर नवनिर्मित पत्तन-पारादीप ।
              एन. सी. ई. आर. टी. पाठ्यपुस्तक एवं कुछ अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न
              अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Question)
प्रश्न 1. भारत में अन्य देशों से आयात की जाने वाली चार वस्तुओं के नाम लिखिए।
(Name four important items which India import from other countries.)
उत्तर-
1. पेट्रोलियम पदार्थ (31%),
2. मोती और बहुमूल्य रत्न (9.6%),
3. विद्युत मशीनें(11%),
4. उर्वरक आदि (3.7%)।
प्रश्न 2. भारत से निर्यात की जाने वाली चार वस्तुओं के नाम बताएँ ।
(Name the four important items which are exported.)
उत्तर-निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ-1. रत्न व आभूषण, 2. वस्त्र, 3. चमड़ा और .
चमड़े का सामान, 4. खनिज पदार्थ, 5. सिले-सिलाये कपड़े ।
प्रश्न 3. अफ्रीका के पाँच देशों के नाम बताएँ जिनसे भारत के व्यापारिक सम्बन्ध हैं।
(Name the five countries of Africa with which India has trade relation.)
उत्तर-अफ्रीका के पाँच देश निम्न हैं, जिनके साथ भारत के व्यापारिक सम्बन्ध हैं।
1. दक्षिण अफ्रीका, 2. नाइजीरिया, 3. मॉरीशस, 4. तन्जानिया, 5. कीनिया ।
प्रश्न 4. भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तनों के नाम बताएँ ।
(Name the ports of India located on the east coast.)
उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित बन्दरगाह हैं-तूतीकोरन, चेन्नई, विशाखापटनम, पारादीप, कोलकाता,
हल्दिया, एन्नोर ।
प्रश्न 5. भारत के एक राज्य का नाम बताएँ जहाँ दो प्रमुख समुद्री पत्तन हैं।
(Name the state which has two major ports.)
उत्तर-महाराष्ट्र, तमिलनाडु ।
प्रश्न 6. भारत के छः प्रमुख पत्तनों के नाम बताएँ । इनमें से तीन पश्चिमी तट पर तथा
तीन पूर्वी तट पर होने चाहिए । (Name the six major ports of India three each from eastern coast and western coast.)
उत्तर-पूर्वी तट के पत्तन-तुतीकोरन, चेन्नई और विशाखापटनम ।
पश्चिमी तट के पत्तन-मुम्बई, मंगलौर, कोच्चि ।
प्रश्न 7. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के महत्त्वपूर्ण आधार क्या हैं ?
(What are the main bases of international trade ?)
उत्तर-अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के विभिन्न आधार-1. देशों में उत्पादों को विभिन्न मात्रा, 2
प्रौद्योगिक दक्षता एवं कुशलता में अन्तर, 3. विदेशी मुद्रा की माँग, 4. परिवहन के साधन,
5.सामाजिक तथा राजनैतिक कारक, 6. विकसित देशों में कच्चे माल की माँग, 7. विकासशील देश में औद्योगिक उत्पादों की माँग ।
                 लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Question)
प्रश्न 1. भारत के पूर्वी तट पर स्थित पतनों के नाम हैं।
(Name the ports of India located on the last coast.)
उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित बंदगाह हैं : कोलकाता, हल्दिया, पारादीप, विशाखापटनम, चेन्नई
सन्नोर तूती कोरन ।
प्रश्न 2. पृष्ठ प्रदेश के अर्थ को स्पष्ट कीजिए ।
(Explain the meaning of Hinterland.)
उत्तर-पृष्ठ प्रदेश किसी पत्तन का पार्श्व प्रदेश होता है । पृष्ठ भूमि के नगरों, उपनगरों आदि
से पत्तन तक सामान यात्रियों तथा सेवाओं का प्रवाह होता है । विदेशों से आयात किया माल
पत्तन से भीतरी भागों तक जिस दूर तक पहुँचाया जाता है तथा देश के आन्तरिक भागों में बना माल विदेशों को निर्यात के लिये पत्तन पर पहुँचाया जाता है वह उस पत्तन का पृष्ठ प्रदेश
कहलाता है।
प्रश्न 3. भारत में निर्यात के संघटन का वर्णन कीजिए । समय के साथ निर्यात की जाने
वाली वस्तुओं में क्या-क्या परिवर्तन आए हैं ?
(Describe the composition of export in India. What changes has it
undergone over time in context of commodities ?)
उत्तर-निर्यात संघटन-में स्वतंत्रता के पश्चात् निर्यात की प्रमुख वस्तुयें निम्नलिखित थीं-
1. निर्मित वस्तुएँ (76.6%)। इनमें सबसे अधिक निर्यात रत्न और आभूषण तथा परिधानों
का हुआ । कुल निर्यात में इनकी भागीदारी 17.2 तथा 10.7% थी । निर्यात की अन्य प्रमुख वस्तुयें थीं-सूती धागे, वस्त्र, मशीनें, दवाइयाँ, सूक्ष्म रसायन और उपकरण आदि ।
2. कृषि उत्पाद (12.8%)। कृषि उत्पादों में मुख्य भागीदारी समुद्री उत्पादों की थी। 2002-03 में इनका निर्यात कुल निर्यात का 2.7% था ।
निर्यात संघटन में उल्लेखनीय परिवर्तन आये हैं ।
कृषि उत्पाद-पिछले 40 सालों में घरेलू माँग बढ़ने के कारण कृषि उत्पादों के निर्यात में
कमी आई है । 1960-61 में कृषि उत्पादों की भागीदारी 31.3% थी जो घटकर 2001-02 में
13.4% रह गई । चाय का निर्यात घटकर केवल 1.0% रह गया । इस अवधि में कपास के निर्यात में भी गिरावट आई है। 1960-61 में कपास के निर्यात की भागीदारी 3.4% थी.जो घटकर 2000-01 में 0.1% रह गई । मछलियों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । यह अब बढ़कर 0.7% से 3.1% हो गई है।
खनिज-भारत के निर्यात व्यापार में खनिजों का निर्यात घटकर 6.2% से 1% रह गया ।
विनिर्मित वस्तुएँ-इनका 2001-02 में 44% से बढ़कर 76.1% हो गया है । हस्तशिल्प
को वस्तुओं और रत्न, आभूषण आदि के निर्यात में भी वृद्धि हुई है।
जिन वस्तुओं की भागीदारी घटी है वे हैं-जूट उत्पाद, चमड़े का सामान, लोहे और इस्पात
आदि की वस्तुएँ ।
प्रश्न 4. अन्तर स्पष्ट करें (Distinguish between):
(i) आयात और निर्यात (Import and Export)
उत्तर-  आयात (Import):-
1. आयात घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है ।
2. भारत के आयात व्यापार में वस्तुओं के दो समूह की प्रधानता है । ये हैं-ईंधन व
कच्चा माल तथा खनिज ।
3. आयात में देश की अपनी अर्जित मुद्रा का निवेश करना होता है ।
4. उदाहरण के लिए भारत अरब देशों से पेट्रोलियम का आयात करने के लिये विदेशी
मुद्रा का निवेश करता है ।
निर्यात (Export):-
1. किसी देश से दूसरे देश को भेजी गई वस्तुयें निर्यात कहलाती हैं।
2. भारत के निर्यात व्यापार में विनिर्मित वस्तुयें और कृषि वस्तुओं की प्रधानता है।
3. 2000-01 में निर्यात के कुल मूल्य में मिश्रित वस्तुओं की भागीदारी 78% थीं।
4. निर्यात द्वारा कोई देश विदेशी मुद्रा अर्जित करता है।
5. किसी देश के निर्यात का मूल्य उस देश के विकास का मापन है ।
6. उदाहरण के लिये भारत विनिर्मित वस्तुयें जैसे सूती कपड़ा, कृषि उत्पाद आदि के
निर्यात से विदेशी मुद्रा अर्जित करता है ।
(ii) विदेशी तथा घरेलू व्यापार (Foreign and Domestic Trade)
उत्तर- विदेशी व्यापार (Foreign Trade):-
1. विभिन्न देशों के मध्य उनकी आवश्यकतानुसार विविध प्रकार की वस्तुओं के
 पारस्परिक आयत-निर्यात को विदेशी व्यापार या अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार कहा जाता है।
2. राष्ट्रों के आर्थिक विकास और विदेश व्यापार में घनिष्ठ सम्बन्ध होता है ।
3. विदेश व्यापार की मात्रा जितनी अधिक होगी उतनी ही अधिक उसकी आर्थिक
प्रगति होगी।
घरेलू व्यापार (Domestic Trade):-
1. देश के अन्तर्गत ही आवश्यकतानुसार, विविध प्रकार की वस्तुओं के पारस्परिक
आयात-निर्यात को घरेलू व्यापार कहते हैं ।
2. राज्यों के आर्थिक विकास में एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं का मंगाना तथा
भेजना देश की आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है इसलिये घरेलू व्यापार भी आवश्यक है।
(iii) पत्तन और बन्दरगाह (Pori and Harbour)
उत्तर-पत्तन (Port):-
1. समुद्र तट पर एक आर्थिक केन्द्र जहाँ जहाजों पर सामान लादने व उतारने के
लिए गोदी (docs) तथा घाट आदि बने होते हैं।
2. पत्तन पर जहाज आते हैं और जाते रहते हैं। उनका मुख्य कार्य जहाजों पर माल
तथा यात्रियों को चढ़ाना-उतारना होता है ।
3. पत्तन समुद्र मार्ग से होने वाले आयात तथा निर्यात व्यापार का प्रबन्ध करते हैं और
संभालते हैं।
4. पत्तन विश्व व्यापार के केन्द्रबिन्दु होते हैं। ये समुद्री मार्गों के मिलन स्थान हैं ।
5. पत्तन अपने पश्च प्रदेश के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान करते हैं । वे उस क्षेत्र
की निर्मित वस्तुओं को बाहर भेजते हैं और बाहर से आने वाली वस्तुओं को वितरित
करते हैं।
बन्दरगाह (Harbour):-
1. बन्दरगाह प्राकृतिक रूप में पाये जाते हैं या इनका निर्माण किया जाता है । ये वे स्थान
हैं जहाँ जहाजों को सुरक्षित रखा जाता है।
2. बन्दरगाह जहाजों को सुरक्षित स्थान प्रदान करते हैं । यहाँ 1 जहाज मरम्मत आदि के
लिये कई दिनों तक खड़े रहते हैं ।
3. बन्दरगाह में जल की गहराई अधिक होती है।
4. प्राकृतिक बन्दरगाह के लिए तटरेखा का दंतुरित अथवा कटा-फटा होना जरूरी है।
प्रश्न 5. उन महत्त्वपूर्ण मदों के नाम बतायें जिन्हें भारत विदेशों से आयात करता है ?
(Name important items which India import from different countries.)
उत्तर-भारत विभिन्न देशों में निम्नलिखित वस्तुयें आयात करता है :
1. रसायनिक खाद (5.53). 2. खाद्य तेल (1075),
3. अखबारी कागज (1.70), 4. अलौह धातुयें (5.63),
5. लोहा इस्पात (11.67), 6. पेट्रोलियम (134.09),
7. बहुमूल्य पत्थर (42.34), 8. मशीनरी (48.12),
9. दालें (12.58), 10. कोयला (2.03)।
इनके अतिरिक्त आधात्विक खनिज, दवाइयाँ, रसायनिक उत्पाद, वस्त्र आदि आयात
करता है।
प्रश्न 6. भारत के आयात संघटन का वर्णन कीजिये । समय के साथ आयात की जाने
गाली वस्तुओं में क्या-क्या परिवर्तन आये हैं ।
Describe the composition of imports in India. What changes have
uundergone in it overtime in context of commodities.
उत्तर-किसी देश के आयात का उद्देश्य घरेलू उपभोग की आवश्यकताओं को पूरा करना
होता है । वस्तुओं का आयात विनिवेश, उत्पादन तथा निवेश के लिए भी किया जाता है। भारत के आयात व्यापार संघटन में निम्नलिखित वस्तुएँ सम्मिलित हैं-
1. ईंधन, 2. कच्चा माल और खनिज
1. ईधन-भारत का सबसे अधिक विदेशी मुद्रा का व्यय ईंधन के आयात पर होता है ।
2002-03 में ईधन के आयात की भागीदारी लगभग 31% थी।
2. कच्चा माल और खनिज-इस वर्ग में रल, सोना, चाँदी और रसायन प्रमुख हैं। 2002-
03 में मोती, बहुमूल्य रत्न की आयात में भागीदारी 9.9% थी । सोना-चाँदी की 7% तथा रसायन
की 6.9% की भागीदारी थी।
अब आयात की जाने वाली वस्तुओं में काफी परिवर्तन आया है । यह परिवर्तन दो प्रकार
1. वस्तुएँ जिनका आयात बढ़ा है, ये हैं-पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद-इनका आयात
1960-61 में 6.2% से बढकर 2002-03 में 28.7% हो गया है।
रसायन और उर्वरक-इनका आयात 3.5% से बढ़कर 6.9% हो गया है ।
2. वस्तुएँ जिनका आयात घटा है । ये वस्तुयें हैं-पूँजीगत वस्तुयें जैसे मशीनें, बिजली की
मशीनें यंत्र आदि । इनका आयात घटा है ।
खाद्य था संबंधित उत्पाद-इनके आयात की भागीदारी भी 19.1% (1960-61) से
घटकर 4.6 (2002-03) रह गई।
वस्त्र और लोहा इस्पात-भारत अब इनका आयात नहीं निर्यात करता है।
कच्चा माल-कच्चे रबड़, लकड़ी, इमारती लकड़ी, धागे लौह खनिज का आयात घटा है।
                 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Question)
प्रश्न 1. भारत में निर्यात और आयात व्यापार के संयोजन का वर्णन कीजिए ?
Describe the corposition of export and import of India.
उत्तर-भारत का निर्यात संघटन-भारत के निर्यात संघटन में प्रमुख वस्तुयें सम्मिलित हैं।
निर्यात वस्तुयें (76.6%) इनमें सबसे अधिक निर्यात रल और आभूषण तथा परिधानों का
हुआ । कुल निर्यात में इनकी भागीदारी 17.2 तथा 10.7% थी । अन्य प्रमुख वस्तुयें सूती वस्त्र, धागे, मशीनें, दवाइयाँ, सूक्ष्म रसायन और उपकरण आदि हैं । निम्न तालिका निर्यात संघटन को  दर्शाती है।
आयात संघटन (Imporr Composition)-भारत आयत में निम्नलिखित वस्तुएँ आयात
करता है।
1. ईंधन 2. कच्चा माल और खनिज ।
ईधन-भारत का सबसे अधिक विदेशी मुद्रा का व्यय ईधन के आयात पर होता है।
2002-03 में ईंधन के आयात की भागीदारी 31% थी।
कच्चा माल और खनिज-इस वर्ग में सोना, रल, चाँदी और रसायन प्रमुख हैं । 2002-03
में मोती बहुमूल्य रत्न की भागीदारी 9.9% थी । सोना, चाँदी 7% थी । रसायन 6.9%
भागीदारी थी । निम्न तालिका आयात संघठन को दिखाती है-
अब आयात की वस्तुओं में परिवर्तन आ गया है ।
प्रश्न 2. भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
(Mention the characteristics of foreign trade of India.) NCERT (T.B.Q.)
उत्तर-भारत के विदेशी व्यापार की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में, भारत की भागीदारी (Share of India in International
Trade)-भारत की अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में केवल 0.5% की भागीदारी है । यूरोप के छोटे से
देश स्विट्जरलैण्ड की भागीदारी 1.8% से भी कम है ।
2. समुद्री मार्गों की प्रमुखता (Priority of Sea Routes)-भारत का विदेशी व्यापार
मुख्य रूप से समुद्री मार्गों से होता है ।
3. प्रति व्यक्ति व्यापार कम (Per Capita Trade is less)-विशाल जनसंख्या और कम
व्यापार की मात्रा का परिणाम है कि प्रति व्यक्ति विदेशी व्यापार विकसित और अनेक विकासशील देशों की तुलना में काफी कम है ।
4. निर्यात और आयात में भारी वृद्धि (High Increase in Import and Export)-
देश का आयात 2000-01 में बढ़ कर 227512 करोड़ रुपये मूल्य का था जबकि यह 1950- 51 में केवल 608 करोड़ रुपये का था इसी प्रकार निर्यात भी 606 करोड़ रुपये से बढ़कर 201674 करोड़ रुपये का हो गया ।
5. विपरीत व्यापार संतुलन (Unfavourable Balance of Trade)-आयात में निरन्तर
वृद्धि से व्यापार संतुलन हमारे पक्ष में नहीं रहा । 2000-01 में यह घाटा 25898 करोड़ रुपये
का था ।
6. व्यापार की दिशा में विविधता (Variation in Direction of Trade) स्वतंत्रता से
पहले भारत का व्यापार गिने-चुने देशों के साथ था लेकिन अब भारत 200 देशों को निर्यात तथा 180 देशों से आयात करता है ।
7.व्यापार की वस्तुओं में विविधता (Variation in Trade Items) आज भारत 9300
प्रकार की वस्तुओं का निर्यात करता है । 8250 प्रकार की वस्तुएँ आयात करता है ।
8. इलैक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर का निर्यात (Exporn of Electronics, Computer Hardware and Software)–भारत ने हाल ही में इन वस्तुओं के निर्यात में
उल्लेखनीय वृद्धि की है । दूसरी सबसे बड़ी विशेषता विकसित देशों को इसका निर्यात करना है।
प्रश्न 3. भारत के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रकृति पर एक टिप्पणी लिखित ।
(Write a note on the changing nature of the international trade.)
उत्तर-भारतीय विदेशी व्यापार में पिछले वर्षों में परिवर्तन आया है, यह निम्न तालिका में
स्पष्ट हो जायेगा।
                                        भारत का विदेशी व्यापार
1950-51 में भारत का विदेशी व्यापार 12140 मिलियन रु. का था जो बढ़कर 2004-05
में 8371330 मिलियन रुपये का हो गया । यह वृद्धि आयात निर्यात में हुई । आयात का मूल्य निर्यात के मूल्य से अधिक होता गया । पिछले कुछ वर्षों में व्यपार घाटे में भी वृद्धि हुआ । यह घाटा तेल के मूल्यों में वृद्धि होने के कारण हुआ । निर्यात संघटन की वस्तुओं में परिवर्तन होता जा रहा है । कृषि उत्पाद के भाग में गिरावट आयी है । तेल उत्पाद के आयात में वृद्धि हुई है।
परम्परागत वस्तुओं के व्यापार में अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण गिरावट आयी है । कृषि उत्पाद जैसे कहवा के निर्यात में कमी आयी है।
विनिर्मित वस्तुओं के निर्यात में 2003-04 में 75.96% व्यापार इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में सुधार हुआ है।
प्रश्न 4. भारत के व्यापार के प्रमुख भागीदारी तथा उनके साथ व्यापार की प्रमुख
वस्तुओं का वर्णन कीजिएँ ।
(Describe the major trading partners of India and the commodities
involved in trade with India ?)
उत्तर-भारत के व्यापार के प्रमुख भागीदारों में संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे बड़ा भागीदार
है । अन्य देश हैं- इंग्लैण्ड, बेल्जियम, जर्मनी, स्विटजरलैण्ड और जापान तथा ओपेक देश ।
संयुक्त राज्य अमेरिका (U.S.A.) सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। 1960-61 में भारत
का इस देश के लिए निर्यात 16% था । 2001-02 में बढ़कर 19.4% हो गया ।
2000-01 में भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 424.04 अरब रुपये का निर्यात किया
था। इस वर्ष से संयुक्त राज्य अमेरिका से भारत ने 128.12 अरब रुपये का आयात किया था।
निर्यात की वस्तुएँ हैं-रत्न, आभूषण, सिले-सिलाये कपड़े, सूती धागा, हस्तशिल्प आदि
वस्तुएँ । 1990 के दशक में अमेरिका को हुए निर्यात में भारी वृद्धि हुई ।
आयात की वस्तुओं में इलैक्ट्रॉनिक सामान, मशीन, उपकरण, रसायन आदि प्रमुख हैं।
पश्चिमी यूरोप के देशों में यू. के. बेल्जियम, इटली, फ्राँस, स्विटजरलैण्ड आदि देशों के साथ
व्यापार है । निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ हैं-रत्न, आभूषण, सिले हुए वस्त्र, चमड़ा या चमड़े
का सामान, मशीनें, दवाइयाँ तथा हस्तशिल्प आदि । आयात की वस्तुयें हैं-बहुमूल्य और अल्पमूल्य रत्न, चाँदी, सोना, मशीनी उपकरण आदि । 2000-01 में रूस के साथ व्यापार में भागीदारी निर्यात में 2% तथा आयात में 1% थी।
कनाडा के साथ भारत का व्यापार साधारण है । 2003-04 में भारत का संयुक्त राज्य
अमेरिका के साथ व्यापार सन्तुलन भारत के पक्ष में था ।
इसके अतिरिक्त पश्चिम एशिया तथा अफ्रीकी देश भी भारत के साथ व्यापार में भागीदार
हैं । पूर्वी एशिया के देशों को भारत से निर्यात की जाने वाली वस्तुयें हैं-खली, रत्न, आभूषण,
इलेक्ट्रिॉनिक सामान, सूती कपड़े, मशीन तथा उपकरण आदि ।
प्रश्न 5. प्रमुख बन्दरगाह एक देश के विकास में क्या योगदान देते हैं ? पश्चिमी तट
और पूर्वी तट के एक-एक नवविकसित बन्दरगाह का नाम दीजिए । उनके विकास का प्रमुख
उद्देश्य भी बताइए।
(What role do major sea ports play in the development of our country?
Name recently developed ports one each on west and eastcoast. State the main purpose of their develoment.)
उत्तर-प्रमुख बन्दरगाह अपने देश के विकास में निम्न योगदान करते हैं-
1. बन्दरगाह भारत के विदेशी व्यापार के केन्द्रीय बिन्दु हैं ।
2. ये बाहर से आने वाली वस्तुओं का संग्रह करते हैं तथा देश के आन्तरिक भाग में भेजने
का कार्य करते हैं।
3. देश के आन्तरिक भागों से निर्मित वस्तुओं को बाहर भेजने का कार्य करते हैं ।
4. इस प्रकार पत्तन देश के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।
5. पत्तन न केवल माल के परिवहन में मददगार हैं अपितु इनके द्वारा यात्रियों को लाया व
ले जाया जाता है।
पश्चिमी तट पर भारत का नवनिर्मित बन्दरगाह जवाहरलाल नेहरू (न्हावा शेवा) है। इसका
विकास मुम्बई पत्तन पर होने वाले दबाव को कम करने के लिए किया गया है।
पूर्वी तट पर नवनिर्मित बन्दरगाह एन्नौर है । इसका विकास चेन्नई बन्दरगाह के कार्य को
कम करने के लिए किया गया है।
प्रश्न 6. विगत 40 वर्षों में भारत के आयात और निर्यात व्यापार के संघटन का वर्णन करें।
(Describe the composition of export & import trade of India during last 40 years.)
उत्तर-आयात संघटन (Imporn Composition) विगत 40 वर्षों में भारत के आयात
व्यापार के संघटन में काफी परिवर्तन हुए हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन पेट्रोलियम और पेट्रोलियम
उत्पाद के समूहों में हुआ है । इस समूह ने 1960-61 से 2000-01 तक 23.8% अंक अर्जित
किये हैं । इन वस्तुओं की भागीदारी आयात मूल्यों में 6.2% की थी जो बढ़कर 19.2% हो गई
तथा 2000-01 में यह भागरीदारी 31% पहुँच गई । रसायन और रसायन यौगिकों की भागीदारी 2000-2001 तक 6.7% हो गई । उर्वरकों का भी आयात बढ़कर 5% हो गया तथा इसके विपरीत खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, दालें आदि के आयात में कमी आई।
निर्यात संघटन (Export Composition)-भारत के निर्यात में विनिर्मित वस्तुओं और
कृषि वस्तुओं की प्रधनता रही है । निर्यात के कुल मूल्य में निर्मित वस्तुओं की भागीदारी 78%
थी । विनिर्मित वस्तुओं में रत्न और आभूषण तथा सिले हुए वस्त्र आदि हैं। 1960-61 में पेय
तथा तम्बाकू सहित कृषि उत्पाद और खनिज अयस्क कुल निर्यात मूल्य के आधे से अधिक
(52%) का योगदान था । चाय निर्यात की प्रधान वस्तु हुआ करती थी लेकिन अब इसका महत्त्व घट गया है । चाय का निर्यात 2 लाख टन पर स्थिर बना हुआ है इसी प्रकार खनिज क्षेत्र ने भी अपना निर्यात बाजार खो दिया है।
प्रश्न 7. भारत के चार प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय वायु पत्तनों के नाम बताइये तथा उन देशों
के नाम बताइये जिनको ये वायु पत्तन भारत से मिलाते हैं।
(Name the four important international airports of India. Also name the
countries to which they are linked.)
उत्तर-भारत के चार प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय विमान पत्तन निम्नलिखित हैं-
1. दिल्ली-इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमान पत्तन ।
2. कोलकाता-दमदम नया नाम सुभाष चन्द्र बोस अन्तर्राष्ट्रीय विमान पत्तन ।
3. मुम्बई-सहार, नया नाम छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमान पत्तन ।
4. चेन्नई-मीनाम्बकम नया नाम है अन्ना विमान पत्तन ।
भारत की अन्तर्राष्ट्रीय विमान सेवाओं द्वारा भारत से विदेशों की विमान सेवाओं की व्यवस्था
की जाती है । इस समय 44 देशों के साथ भारत के विमान सेवा समझौते हैं । प्रमुख देश हैं-
अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, बंग्लादेश, म्यामार, बेल्जियम, मिस्र, इथोपिया, जर्मनी, फ्राँस,
घाना, हंगरी, ईरान, इटली, जापान, मॉरीशस, नीदरलैण्ड, नाइजीरिया, पोलैण्ड, फिलीपाइन सउदी अरब, सिंगापुर, श्री लंका, स्वीडन, स्विटजरलैण्ड, सीरिया, थाइलैण्ड, ब्रिटेन संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, रूस आदि ।
 
                    वस्तुनिष्ठ प्रश्न (ObjectiveAnswer Type Question)
                                 दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें-
(Choose the right answers of the following from the given options 🙂
प्रश्न 1. दो देशों के मध्य व्यापार कहलाता है-
(क) अंतर्देशीय व्यापार
(ख) बाह्य व्यापार
(ग) अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
(घ) स्थानीय व्यापार
प्रश्न 2. निम्न में से कौन-सा एक स्थलबद्ध पोताश्रय है-
(क) विशाखापटनम
(ख) मुम्बई
(ग) एन्नोर
(घ) हल्दिया
प्रश्न 3. भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार वहन होता है-
(क) स्थल और समुद्र द्वारा
(ख) स्थल और वायु द्वारा
(ग) समुद्र और वायु द्वारा
(घ) समुद्र द्वारा
प्रश्न 4. वर्ष 2003-04 में निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक
भागीदार था ?
(क) यूनाइटेड किंग्डम
(ख) चीन
(ग) जर्मनी
(घ) सं. रा. अमेरिका
प्रश्न 5. 2000-01 में निर्यात के कुल मूल्य में निर्मित वस्तुओं की भागीदारी कितनी थी?
(क) 78%
(ख) 31.0%
(ग) 16.6%
(घ) 68.0%
प्रश्न 6. भारत में कितने प्रमुख पत्तन हैं ?
(क) 184
(ख) 11
(ग) 180
(घ) 145
प्रश्न 7.1960-61 में कुल आयात मूल्य में निर्मित वस्तुओं की भागीदारी कितनी थी?
(क) 78.8%
(ख) 6.2%
(ग) 19.2%
(घ) 31%
प्रश्न 8. भारत में निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की संख्या कितनी है ?
(क) 6,000
(ख) 7,500
(ग) 5,700
(घ) 5,000
                                   उत्तर:-
1. (ग) 2. (घ) 3. (घ) 4.(घ) 5. (क) 6. (ख) 7. (ख) 8. (ख)
                                            परियोजना कार्य
1. भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित की स्थिति दिखाइए-(i) प्रमुख राष्ट्रीय
पत्तन (ii) अन्तर्राष्ट्रीय विमान पत्तन
उत्तर-एटलस की सहायता लें ।
2. उचित उदाहरण देते हुए पृष्ठ प्रदेश तथा शुष्क प्रदेश की व्याखया कीजिए ।
उत्तर-पृष्ठ प्रदेश (Hinterland)-वह क्षेत्र जिस पर पत्तन का आर्थिक प्रभाव पड़ता है
अथवा जिसके लिये पत्तन माल का आयात व निर्यात करता है, पृष्ठ प्रदेश कहलाता है । पत्तन
इस प्रदेश के लिए व्यापार के द्वार का काम करता है । पत्तन के विकास के लिए उसके पृष्ठ
प्रदेश का संसाधनों में धनी होना आवश्यक है। उदाहरण के लिए मुम्बई का पृष्ठ प्रदेश पश्चिमी
और उत्तरी भारत है।
शुष्क पत्तन (Dry Ports)-पृष्ठ प्रदेश में कोई प्रमुख नगर जो व्यापारिक केन्द्र हो, शुष्क
पत्तन का कार्य करता है। उदाहरण के लिए उत्तरी भाग में दिल्ली एक प्रमुख नगर होने के साथ
एक व्यापारिक नगर भी है । यह रेल मार्ग, सड़क मार्ग और वायु मार्ग से जुड़ा होने के कारण
एक शुष्क पत्तन का कार्य भी करता है।

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