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bihar board class 9th science solutions | जीवों में विविधता

bihar board class 9th science solutions | जीवों में विविधता

                  पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 91)
प्रश्न 1. हम जीवधारियों का वर्गीकरण क्यों करते हैं?
उत्तर-सजीवों का वर्गीकरण हमारी निम्न प्रकार से सहायता करता है-
(i) ये विभिन्न प्रकार के जंतुओं (जीवों) के अध्ययन को आसान करता है।
(ii) हम सभी प्रकार के जीवन को एक ही बार में जान सकते हैं।
(iii) इससे सभी जीवों के मध्य पारस्परिक सम्बन्ध का पता चलता है।
(iv) यह दूसरे जैविक विज्ञान के विकास में सहायता करता है।
प्रश्न 2. अपने चारों ओर फैले जीव रूपों की विभिन्नता के तीन उदाहरण दें।
उत्तर-(i) विभिन्नता परिसर जीवों की आयु में जैसे मच्छर कुछ ही दिन जीवित रहता है
जबकि गाय व कुत्ता आदि लंबे दिनों तक जीवित रहते हैं।
(i) सजीवों के रंगों में विविधताएँ।
(iii) सजीवों के आकार व आकृति में अंतर।
                         पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 92)
प्रश्न 1. जीवों के वर्गीकरण के लिए सर्वाधिक मूलभूत लक्षण क्या हो सकता है?
(a) उनका निवास स्थान
(b) उनकी कोशिका संरचना।
उत्तर-(b) कोशिकाओं के प्रकार से जिससे वे बने होते हैं।
कारण-एक ही स्थान में रहने वाले जीवों में समानताएंँ हो भी सकती हैं और नहीं भी हो
सकती। अत: वास-स्थान वर्गीकरण का आधार नहीं बन सकता।
प्रश्न 2. जीवों के प्रारंभिक विभाजन के लिए किस मूल लक्षण को आधार बनाया
गया?
उत्तर-जीव यूकेरिटिक कोशिकाओं या प्रोकेरियोटिक कोशिकाओं से बना है। यह लक्षण
प्राथमिक लक्षण है।
प्रश्न 3. किस आधार पर जंतुओं और वनस्पतियों को एक-दूसरे से भिन्न वर्ग में रखा
जाता है?
उत्तर-पौधों व जंतुओं को उनकी भोजन लेने या बनाने के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
                            पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 93)
प्रश्न 1. आदिम जीव किन्हें कहते हैं? ये तथाकथित उन्नत जीवों से किस प्रकार भिन्न
हैं?
उत्तर-ऐसे जीवों को जिनके शरीर प्राचीन बनावट के हैं तथा जिनमें कोई खास परिवर्तन
नहीं आया, उन्हें प्रीमिटिव जीव कहते हैं।
विकसित जीव वे जीव हैं जो पहले की अपेक्षा एक प्रकार की शारीरिक आकृति प्राप्त करते
हैं। शारीरिक बनावट के अनुसार प्राचीन जीव सरल संरचना वाले होते थे जबकि आधुनिक जीवों
के शरीर की बनावट कुछ अधिक जटिल हो गयी है।
प्रश्न 2. क्या उन्नत जीव और जटिल जीव एक होते हैं?
उत्तर-आधुनिक जीव इसी प्रकार जटिल संघटन वाले जीव ही रहेंगे क्योंकि उन्होंने एक
खास शारीरिक आकृति प्राप्त कर ली है जबकि प्राचीन जीव इस प्रकार के नहीं थे।
ऐसी संभावना है कि आधुनिक विकसित जीव अपने विकास काल में और अधिक जटिलता
प्राप्त करेंगे जिससे वे आसानी से बदलते वातावरण में जीवित रह सकें।
                        पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 96)
प्रश्न 1. मोनेरा अथवा प्रोटिस्टा जैसे जीवों के वर्गीकरण के मापदंड क्या हैं?
उत्तर-मोनेरा-ऐसे जीव एक कोशिकीय हैं तथा केन्द्रक व अन्य कोशिकांग झिल्ली से
आवरणयुक्त नहीं होते।
प्रोटिस्टा-ऐसे जीवों को जो एक-कोशिकीय हैं जिनके केन्द्रक व अन्य कोशिकांग झिल्ली
से ढके होते हैं। प्रोटिस्य में रखा गया है।
प्रश्न 2. प्रकाश संश्लेषण करने वाले एककोशिक, यूकेरियोटिक जीवों को आप किस
जगत में रखेंगे?
उत्तर-प्रोटिस्टा में।
प्रश्न 3. वर्गीकरण के विभिन्न पदानुक्रमों में किस समूह में सर्वाधिक समान लक्षण
वाले सबसे कम जीवों को और किस समूह में सबसे ज्यादा संख्या में जीवों को रखा
जायेगा?
उत्तर-स्पीसीज में सबसे कम जीव लेकिन अधिकतम समानताओं वाले जीव रखे गये हैं।
जगत में सबसे अधिक जीव रखे जाते हैं।
                          पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 99)
प्रश्न 1. सरलतम पौधों को किस वर्ग में रखा गया है?
उत्तर-थैलोफाइटा।
प्रश्न 2. टैरिडोफाइट और फैनरोगेमस में क्या अन्तर है?
प्रश्न 3. जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर-
                       पाठ्य पुस्तकीय प्रश्नों के उत्तर (पृष्ठ 105)
प्रश्न 1. पोरीफेरा और सीलेन्ट्रेटा के जन्तुओं में क्या अन्तर है?
उत्तर-
प्रश्न 2. एनीलिडा के जंतु आर्थोपोडा के जन्तुओं से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर-
प्रश्न 3. जल-स्थलचर (एम्फीबिया) और सरीसृप में क्या अन्तर है?
उत्तर-
प्रश्न 4. पक्षी वर्ग (एवीज) और स्तनधारी वर्ग के जंतुओं में क्या अन्तर है?
उत्तर-
                         अभ्यास
प्रश्न 1. जीवों के वर्गीकरण से क्या लाभ है?
उत्तर-जीवों का वर्गीकरण हमारी निम्न प्रकार से सहायता करता है-
(i) ये विभिन्न प्रकार के जन्तुओं (जीवों) के अध्ययन को आसान करता है।
(ii) हम सभी प्रकार के जीवन को एक ही बार में जान सकते हैं।
(iii) इससे सभी जीवों के मध्य पारस्परिक सम्बन्ध का पता चलता है।
(iv) यह दूसरे जैविक विज्ञान के विकास में सहायता करता है।
प्रश्न 2. वर्गीकरण में पदानुक्रम निर्धारण के लिए दो लक्षणों में से आप किस लक्षण
का चयन करेंगे?
उत्तर-ऐसा गुण जो पहले गुणों पर निर्भर है जो अगली वैराइटी को निर्धारित करते हैं, ऐसे
गुणों का चुनाव करते हैं।
प्रश्न 3. जीवों का पादप जगत में वर्गीकरण के आधार की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-(i) जीव प्रोकेरियोटिक है या यूकेरियोटिक है।
(ii) जीव एककोशिकीय या बहुकोशिकीय है या नहीं।
(iii) कोशिका में कोशिका भित्ति है या नहीं।
(iv) वे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं या नहीं।
प्रश्न 4. पादप जगत के प्रमुख वर्ग कौन हैं? इस वर्गीकरण का क्या आधार है?
उत्तर-पांँच प्रमुख समूह हैं-
(i) थैलोफाइटा (ii) ब्रायोफाइटा (iii) टैरीडोफाइटा
(iv) जिम्नोस्पर्म (v) एन्जियोस्पर्म
वर्गीकरण का आधार-
(i) क्या पौधे में स्पष्ट अवयव हैं या नहीं?
(ii) क्या पौधे में स्पष्ट व अलग ऊतक है जो जल व भोजन का स्थानान्तरण करते हैं?
(iii) क्या पौधे में बीज है?
(iv) क्या बीज फल से ढके होते हैं?
प्रश्न 5. जन्तुओं और पौधों के वर्गीकरण के आधारों में मूल अन्तर क्या है?
उत्तर-पौधों के वर्गीकरण के आधार-
(i) स्पष्ट अवयवों की उपस्थिति (ii) स्पष्ट स्थानान्तरण ऊतक
(iii) बीज उत्पन करने की क्षमता (iv) बीज फलों से ढके हैं या नहीं।
जन्तुओं को इन बिन्दुओं के आधार पर समूहों में नहीं विभाजित किया जा सकता। जीव
शारीरिक बनावट के आधार पर विभाजित होते हैं।
प्रश्न 6. वर्टीब्रेटा (कशेरुका पक्षी) को विभिन्न वर्गों में बाँटने के आधार की व्याख्या
कीजिए।
उत्तर-वर्टीब्रेट को उपसमूहों में फिर से विभाजित किया जा सकता है। इनका आधार है
सरल से जटिल की तरफ तथा उनके कार्य। उदाहरण-मछली के हृदय में दो कक्ष होते हैं,
एम्फीबियनो के हृदय में 3 कक्ष जबकि पक्षी व स्तनधारी के हृदय में 4 कक्ष होते हैं। इनमें ऑक्सीजन युक्त व ऑक्सीजन रहित रुधिर को अलग रखने के लिए होते हैं।
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