9TH SST

bihar 9 class geography note book – निवारण एवं नियंत्रण

सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

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bihar 9 class geography note book – निवारण एवं नियंत्रण

class – 9

subject – geography

lesson 12 – सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

महत्त्वपूर्ण तथ्य-
हमारे जीवन में कुछ ऐसी आपदाएँ भी होती हैं जिनका कारण पर्याप्त समझ का न होना होता है। इनका स्रोत तकनीकी विकास से उत्पन्न बड़ी परिस्थिति न होकर वे तथ्य होते हैं जो दैनिक गतिविधि, खान-पान, परिवहन तथ सामाजिक पहलुओं से जुड़े होते हैं।
(i) सामान्य आपदाओं को दो वर्गों में रखा जाता है-लघु स्तरीय आपदाएँ तथा वृहद् स्तरीय आपदाएँ।

लघु स्तरीय आपदाएं व्यक्तिगत तथा सामाजिक जागरूकता में कमी, स्वास्थ्य सेवाओं के उचित प्रबंध नहीं होने से होता है। इसके अंतर्गत कुपाचन, कै-दस्त, हैजा, प्लेग, कालाजार, मलेरिया तथा तीव्र ज्वर जैसी संक्रामक तथा महामारी लानेवाली बीमारियाँ होती हैं। ये बीमारियाँ
गरीब परिवारों में मौत का संदेश ले कर आती हैं। गरीब परिवारों में इसके होने को प्रमुख वजह जानकारी ना होना, सुपाच्य भोजन का न मिलना, गर्म भोजन का न मिलना आदि होता है। समय-समय पर स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से प्रदर्शनी या नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर इनसे बचने की जानकारी देनी चाहिए। इस तरीके की आपदाओं के बीच परिवहन और पैसे से कहीं अधिक मरीज और परिवार के लोगों के मानसिक प्रबंधन की आवश्यकता कहीं ज्यादा होती है।

(ii) वृहद् स्तरीय आपदाओं में सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना, वायुमार्ग दुर्घटना, आग से उत्पन्न आपदा, साम्प्रदायिक दंगे तथा आतंकवादी हमले आदि आते हैं। सड़क मार्ग से जुड़ी हुई आपदाएँ मुख्यत: व्यक्तिगत मूल का परिणाम होती है जो कभी-कभी भयंकर आपदा का रूप ले लेती हैं। इसलिए सड़क पर मौड़-भाड़ की स्थिति में पैदल जाने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करना चाहिए। रेल परिवहन से जुड़ी दुर्घटना की कई वजहें होती हैं । जैसे गैस, पेट्रोल, तेल, पटाखें आदि साथ लेकर भसगा, सिग्नल की गड्यादी, दायर की भूल, प्रबन्धन की चूक इत्यादि। रेलवे से साधन दुर्धटनाओं में 50% दुर्घटनाएं फाटक पर होती है। अत: जब भी फाटक क्रॉस करना हो तो रेलवे लाइन के दोनों तरफ देखना चाहिए कि कोई ट्रेन तो नहीं आ रही, रात्रि में गेट तैम्प देख कर फाटक पार करना चाहिए।
वायुमार्ग भी परिवहन का एक प्रमुख साधन है। इस परिवहन में काफी कम समय लगता है। वायुमार्ग से जुड़ी दुर्घटनाओं के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं जैसे-मौसम, तकनीकी समस्याएँ, तूफान, अपहरण, बा से आक्रमण इत्यादि। अतः वायुमार्ग से यात्रा करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। वैसे यात्री संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन करना, सीट बेल्ट बंधना, आपातकालीन द्वार का पहले से पता होना, यात्रियों की शिनाख्त कड़ाई के साथ करना, विमान उड़ने से पहले इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों की दूरी जाँच करना इत्यादि।
आग से उत्पन्न आपदा मानवजन्य आपदाओं में प्रमुख है। इसकी कई वजहें होती हैं जैसे-खाना पकाते समय होने वाली दुर्घटनाएँ, उपकरणों से आग लगना, हाई वोल्टेज, ज्वलनशील पदायों के यहाँ वहाँ फेकने से, कारखाने में ज्वलनशील पदार्थों के गलत भंडारण आदि। इसके बचाव के लिए हमें ज्वलनशील पदार्थों आदि तथा वैसी जगहों, कारणों जिससे आग लगने की संभावना हो, सावधानी बरतनी चाहिए।
साम्प्रदायिक तथा आतंकवादी मानवजनित वह आपदा है जो हिंसात्मक मार्ग से राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की जाती है। इसका एकमात्र उद्देश्य वर्तमान शासन व्यवस्था को उखाड़ फेकना तथा अपनी बात मनवाना होता है। उदाहरण के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर ।। सितम्बर, 2001 का हमला भारतीय संसद पर 13 दिसंबर, 2001 ई. को
आतंकवादियों का हमला आदि आता है। यह हिंसा सामुदायिक एकता को हिला कर रख देती है। इससे बचने के लिए अफवाहों पर विश्वास न करना चाहिए। पुलिस का सहयोग चाहिए, सांप्रदायिक दरी भड़काने वालों से सावधान रहना चाहिए। बच्चों को सभी धर्मों का सम्मान करने की सीख देनी चाहिए। बच्चों को आतंकवाद से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी देनी चाहिए आदि। अत: मानवीय मूल तथा नासमझी के कारण बड़ी-बड़ी आपदाएँ होती है जिन्हें हम आपसी सूझबूझ तथा एकता से रोक सकते हैं।

[ वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर]
1.सामान्य आपदाओं को कितने वर्गों में रखा जाता है?
(क)1
(ख)2
(ग)3
(घ) 4.
उत्तर-(ख)

2. तीत ज्वर का क्या कारण है?
(क) जीवाणु
(ख) विषाणु
(ग) फंगस
(घ) कोई नहीं
उत्तर-(क)

3. शहरों में सड़क कहाँ से पार करनी चाहिए?
(क) जहाँ जेब्रा का चिह्न नहीं बना हो
(ख) जहाँ जेन्ना का चिह्न बना हो
(ग) अपनी स्वेच्छा के अनुसार
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(ख)

4.पैदल चलते समय सड़क पर चलना आदर्श है-
(क) दायीं तरफ
(ख) बीच से
(ग) बायीं तरफ
(५) स्वेच्छा से
उत्तर-(ग)

5.रेल यात्रा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
(क) रेल फाटक को पार करते समय दायाँ-बायीं तरफ नहीं देखना चाहिए।
(ख) रेल यात्रा के द्वारा ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाना चाहिए।
(ग) बच्चों को रेलवे लाइन पार करने के नियम की जानकारी नहीं होनी चाहिए
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(ख)

(लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर)

प्रश्न 1. हवाई यात्रा करते समय सुरक्षा के कौन से नियम ध्यान में रखना चाहिए।
उत्तर-काई चाल करते समय सुरक्षा के पिनलिखित नियम ध्यान में रखना चाहिए-
(i) सुरक्षा संबंधी नियमों को ध्यान से पढ़े तथा पालन करें।
(ii) सीट पर सीट बेल्ट बांध कर बैठे।
(iii) आपातकालीन कार के बारे में जानकारी रखें।
(iv) यात्रियों की शिनाखा कड़ाई से करें।
(v) विमान में चढ़ने से पूर्व यात्रियों के सामानों की जाँच अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों से करनी चाहिए।

प्रश्न 2 रेलवे फाटक पार करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर-रेलवे फाटक पार करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-
(i)जब भी कोई फाटक पार करे तो रेलवे लाइन के दोनों तरफ देखना चाहिए कि कोई इंजन तो नहीं आ रहा।
(ii) फाटकों पर गेट लैम्प लगे होते हैं। रात्रि में लाल बत्ती दिखने का मतलब होता है कि फाटक बंद है तथा हरी बत्ती का मतलब फाटक खुला है।
(iii) गेट बंद होने पर उसे पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

प्रश्न 3. सड़क यात्रा के दौरान किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए ?
उत्तर-सड़क यात्रा के दौरान निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए-
(i) हमें हमेशा सड़क के बायीं ओर चलना चाहिए।
(ii) भीड़-भाड़ वाले इलाके पैदल चलने के लिए पुल बनाया जाता है, हमें उसी पुल पर चलना चाहिए।
(iii) सड़क पार करते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि सड़क के बायीं या दायीं ओर से कोई गाड़ी तो नहीं आ रही है।
(iv) अगर हम सड़क पार कर रहे हों और उसी वक्त सड़क के बायौं या दारों ओर से कोई वाहन आ जाय, तो हमें दौड़कर रोड पार नहीं करना चाहिए, बल्कि बीच में खड़े रहना चाहिए, ताकि वाहन चालक को रास्ता बनाने का मौका मिले।
(v) सड़क पार करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए।
(vi) वाहनों को ट्रैफिक सिग्नल में हरी बत्ती जलती हुई दिखे तो रूक जाना चाहिए और लाल बत्ती जलने पर चलना चाहिए।

प्रश्न 4. आग से उत्पन्न आपदा क्या है?
उत्तर-मानवीय भूल-चूक से आग लगने से जब जान-माल की क्षति होती है तो उसे आग से उत्पन्न आपदा कहते हैं। वस्तुतः आग से उत्पन्न आपदा मानवजन्य आपदाओं में प्रमुख है।

प्रश्न 5. सांप्रदायिक दंगों से बचाव के किन्हीं तीन उपायों का वर्णन करें।
उत्तर-सांप्रदायिक दंगों से बचाव के किन्हीं तीन उपाय-
(i) सांप्रदायिक दंगों से बचाव के लिए यह आवश्यक है कि हम न तो अफवाहें फैलाएँ
(ii) अफवाहों की सूचना सर्वप्रथम निकटतम पुलिस स्टेशन को दें। ना ही उन पर ध्यान दें।
(iii) सांप्रदायिक दंगों में संलिप्त लोगों को पनाह नरें।

प्रश्न 6. आतंकवादी आपदा से बचाव के किन्हीं तीन उपायों का वर्णन करें।
उत्तर-आतंकवादी आपदा से बचाव के तीन उपाय-
(i) यदि अचानक कोई लावारिस वस्तु जैसे गठरी, सूटकेस आदि मिल जाए तो उसे न छुएँ तथा निकटतम पुलिस स्टेशन को उसकी सूचना दें।
(ii) किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
(iii) अपने मकान में किराएदार रखने से पहले उसकी सही शिनाख्त तथा फोटोग्राफ पुलिस स्टेशन में जरूर दें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. आग से उत्पन्न आपदा के अंतर्गत आग लगने के कारणों तथा रोकथाम के उपायों का वर्णन करें।
उत्तर-आग से उत्पन्न आपदा मानवीय भूल-चूक का परिणाम होती है। इसके प्रमुख कारण हैं-
(i) गैस या स्टोव पर खाना पकाते समय किसी व्यक्ति के मौजूद होने या गैस, तेल के रिसाव होने से।
(ii) पानी या भोज्य सामग्री गरम करने वाले उपकरण से।
(iii) बिजली वायरिंग में विद्युत भार से अधिक आपूर्ति होने से।
(iv) कमजोर वायरिंग कनेक्शन से।
(v) ज्वलनशील पदार्थों को इधर-उधर फेंकने से।
(vi) कूड़ा-करकट या बेकार की वस्तुओं में आग लगने से
(vii) ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण सभी वस्तुओं के साथ करने या गलत तरीके से करने से।

रोकथाम के उपाय-
(i) घर के भीतर ज्वलनशील पदार्थ न रखें।
(ii) घर के भीतर हमेशा अग्निशमन यंत्र रखना चाहिए तथा प्रत्येक व्यक्ति को इसका प्रशिक्षण भी देना चाहिए।
(iii) घर से बाहर जाते समय बिजली के उपकरणों को बन्द कर दें।
(iv) खाना बनाने के पश्चात् गैस के नॉव को बन्द करना ना भूलें।
(v) एक ही सॉकेट में जरूरत से ज्यादा उपकरण न लगाएँ।
(vi) प्रवेश मार्ग को बंद नहीं करना चाहिए।
(vii) जिस घर में धुआँ हो वहाँ हाथ-पैर या पेट के बल रेंगकर चलना चाहिए।
(viii) आग लगने पर दमकल विभाग को बुलाना चाहिए।
(ix) बिजली के कारण आग लगने पर पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
(x) बच्चों के हाथ में माचिस नहीं देनी चाहिए।

प्रश्न 2. आतंकवाद क्या है ? इनसे बचाव के उपायों के विस्तृत उपायों की व्याख्या करें।
उत्तर-आतंकवाद वह मानवजनित आपदा है जो हिंसात्मक मार्ग से राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति चाहता है। यह राजनीतिक से प्रेरित हिंसा होती है तथा इसका एकमात्र उद्देश्य वर्तमान शासन व्यवस्था को उखाड़ फेंककर अपनी बात मनवाना होता है।
आतंकवाद से बचाव के उपाय-
(i) यदि अचानक कोई गठरी मिल जाए तो उसे छूना नहीं चाहिए बल्कि तत्काल पुलिस को सूचित करना चाहिए।
(ii) यदि किसी क्षेत्र में कोई लावारिस सूटकेस, संदूक या थैला रखा दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए।
(iii) किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
(iv) अपने मकान में किराएदार रखने पर उसकी सही शिनाख्त तथा फोटोग्राफ पुलिस को देनी चाहिए।
(v) आतंकवाद के जाल में फंसे युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।
(vi) बच्चों को आतंकवाद से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देनी चाहिए।
(vii) समाज में आतंकवाद के विरुद्ध जागरूकता लाने की कोशिश करनी चाहिए।

प्रश्न 3. विद्यालय स्तरीय आपदा प्रबंधन की जानकारी का वर्णन करें।
उत्तर-विद्यालय स्तर पर आपदाओं से बचने के लिए शिक्षकों द्वारा निम्नलिखित जानकारी दी जानी चाहिए-
(i) सड़क मार्ग पर सदैव बायीं ओर चलें।
(ii) सड़क पर चलने के लिए हरी बत्ती में जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें।
(iii) गति अवरोध के पास गाड़ी की गति धीमी होनी चाहिए।
(iv) विद्यालय बस का चालक प्रशिक्षित होना चाहिए।
(v) गाड़ी में बैठने के बाद शरीर का कोई अंग बाहर नहीं निकालना चाहिए।
(vi) विद्यालय में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए।
(vii) बच्चों को प्रशिक्षण देना चाहिए कि जलने के बाद तुरंत क्या उपचार करना चाहिए।
(viii) गाड़ी में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए तथा ड्राइवर को इसकी
जानकारी होनी चाहिए।

प्रश्न 4. लघु स्तरीय आपदाओं के कारणों तथा उनसे बचाव का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-लघु स्तरीय आपदाएँ मुख्यतः खान-पान और जीवन शैली को स्वस्थ रूप से संचालित न करने पर होता है। इसके होने का प्रमुख कारण सामाजिक जागरूकता की कमी तथा स्वास्थ्य सेवाओं में जागरूकता की कमी होती है। इसके अंतर्गत कै-दस्त, कुपाचन, हैजा, प्लेग, महामारी, कालाजार, मलेरिया तथा तीव्र ज्वर जैसी संक्रामक बीमारियाँ आती हैं। ये मुख्य रूप से गरीब परिवारों में होती है क्योंकि उन्हें साफ-सफाई की पूरी जानकारी नहीं होती है। सुपाच्य तथा पौष्टिक भोजन का अभाव रहता है आदि। इस प्रकार की आपदा से बचाव के लिए परिवहन और
पैसे के प्रबंध से ज्यादा मरीज और परिवार के मानसिक प्रबंध की आवश्यकता होती है। उपचार में थोड़ी-सी लापरवाही या देरी आपदा को त्रासदी में बदल देता है। उदाहरण के लिए कै-दस्त तथा कुपाचन होने पर नमक तथा चीनी का घोल देना चाहिए, नींबू चूसना चाहिए, दाँत के नीचे लौंग दबाना चाहिए। इस प्रकार के पारिवारिक प्रबंधन से जल्दी लाभ होता है।

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