11-history

11th class history notes | समय की शुरुआत से    

11th class history notes | समय की शुरुआत से    

11th class history notes | समय की शुरुआत से

समय की शुरुआत से    
                                      परिचय
समय की शुरुआत से-  इतिहास के प्रारंभिक चरणों के बारे में जिसका कोई लिखित प्रमाण हमारे पास उपलब्ध नहीं है, इसे जानने के लिए पुरातत्वविदों ने खुदाई से प्राप्त हड्डियों और पत्थरों के औजारों की सहायता ली  |
इसके माध्यम से उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि उनका रहन-सहन, खान- पान एवं हाव-भाव कैसा था| उस समय का मानव शिकार अथवा कंदमूल – फल पर आश्रित था | कालांतर में उसने खेती करना सीख लिया | अब वह धीरे- धीरे खाद्य-संग्राहक का जीवन छोड़कर खाद्य उत्पादक बन गया | ओल्डुवई जैसे कुछ स्थानों पर पुरातत्वविदों को आरंभिक काल के औजार मिले हैं, जो 7 लाख – 5 लाख वर्ष पुराने हैं | पत्थरों के औजार बनाने और इस्तेमाल किए जाने का सर्वाधिक प्राचीन साक्ष्य इथोपिया और कीनिया के खोज स्थलों से प्राप्त हुआ है | ऐसा माना जाता है कि चार लाख ईसा पूर्व के बाद मनुष्यों ने जंगलों, कंदराओं की अपेक्षा खुले वातावरण को अपना लिया था | अन्य जानवरों की अपेक्षा सामूदार जानवरों का शिकार अधिक होने लगा जिससे मांस के साथ साथ तन ढकने के लिए चमड़ा मिलने लगा | अब मनुष्य धीरे-धीरे एक नई सभ्यता की ओर कदम बढ़ा रहा था | भाषा का विकास लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व शुरू हुआ | खाद्य-संग्रह की बात जहां तक है स्थान विशेष पर विविधता पाई जाती है | ज्यादातर स्थानों पर इसकी जिम्मेवारी स्त्रियों के ऊपर ही होती थी लेकिन कुछ समाजों में स्त्रियां एवं पुरुष दोनों ही खाद्य संग्रहण एवं औजार बनाने का काम करते थे |
                               महत्वपूर्ण तथ्य एवं घटनाएं
1.  जीवाश्म- जीवाश्म शब्द एक अत्यंत पुराने पौधे, जानवर या मानव के उन अवशेषों या छापों के लिए प्रयुक्त किया जाता है जो एक पत्थर के रूप में बदल कर अक्सर किसी चट्टान में समा जाते हैं और फिर लाखों सालों तक उसी में पड़े रहते हैं |
2.  प्रजाति- प्रजाति जीवो का एक ऐसा समूह होता है जिसके नर और मादा मिलकर बच्चे पैदा कर सकते हैं और उनके बच्चे भी संतति कायम रखने में समर्थ होते हैं | यद्यपि एक प्रजाति विशेष के सदस्य दूसरी प्रजाति के सदस्यों से संभोग करके बच्चे पैदा नहीं कर सकते |
3. प्राइमेट- स्तनपाई प्राणियों के एक अधिक बड़े समूह के अंतर्गत एक उप समूह है इनमें वानर, लंगूर और मानव आते हैं | इनके शरीर पर बाल होते हैं | माताओं में बच्चे को पिलाने के लिए ग्रंथियां होती है° |
4.  होमिनॉइड- यह प्राइमेट का एक उपसमूह है, जिसमें वानर आता है पर यह कुछ हक मामले मैं बंदरों से भिन्न होता है |  होमीनोएड का शरीर बंदरों से बड़ा होता है और उनको पूछ नहीं होती |
5.  शिल्पकृतियां- यह मानव निर्मित वस्तुएं होती हैं | इनमें अनेक प्रकार की चीजें शामिल होती है, यथा-औजार, चित्रकारियों, मूर्तियां, उत्कीर्ण चित्र आदि |
6.  मानव विज्ञान- विज्ञान की वह शाखा जिसमें मानव संस्कृति और मानव जीव विज्ञान के उद् विकासिय पहलुओं का अध्ययन किया जाता है |
7.  संजतीवृति-  इसके तहत समकालीन नृजातीय समूह का विश्लेषणात्मक अध्ययन होता है | इसमें उनके खान-पान, रहन-सहन, आजीविका के साधन, प्रौद्योगिकी आदि की जांच की जाती है |
8.  24 नवंबर 1859- चार्ल्स डार्विन की सुप्रसिद्ध पुस्तक ‘ऑन दी ओरिजिन ऑफ स्पीशीज’ का प्रकाशन |
9.  17 जुलाई 1959- ऑस्ट्रेलोपीथिकस एवं ओल्डुवई गोर्ज की खोज |
10.  नर वानर की उत्पत्ति- 360 – 240 लाख वर्ष पूर्व |
11.  ऑस्ट्रेलोपीथिकस की उत्पत्ति- 50 लाख वर्ष पूर्व |
12.  होमोएरेक्टस की उत्पत्ति- 18 लाख वर्ष पूर्व |
13.  ‘आद्य’ सेपियंस होमो हाइडलबर्गेसिस की उत्पत्ति- 8 लाख वर्ष पूर्व |
14.   होमो सेपियंस की उत्पत्ति- 1.9-1.6 लाख वर्ष पूर्व |
15.   दफनाने की प्रथा का सबसे पहला साक्ष्य- 3 लाख वर्ष पूर्व |
16.   स्वर तंत्र का विकास-  2 लाख वर्ष पूर्व |
17.   आग में पकाई गई चिकनी मिट्टी की छोटी-छोटी मूर्तियों का सबसे पहला साक्ष्य- 27 हजार वर्ष पूर्व |
18.  सिलाई किए हुए कपड़े का प्रथम साक्ष्य- 21 हजार वर्ष पूर्व |
                                              वस्तुनिष्ठ     प्रश्न
1. हमें प्रथम होमीनिड्स का साक्ष्य मिलता है-
(क)  50 मिलियन वर्ष पूर्व                            (ख)   5.6 मिलियन वर्ष पूर्व
(ग)   10 मिलियन वर्ष पूर्व                            (घ)    इनमें से कोई नहीं                      उत्तर-( ख)
2.  साक्ष्य से ज्ञात होता है कि होमीनिड्स का उद्भव-
( क) एशिया में हुआ                                     ( ख)यूरोप में हुआ
( ग) अफ्रीका में हुआ                                   ( घ)इनमें से कोई नहीं                           उत्तर-( ग)
3.   होमीनिड समूह की विशेषताएं हैं-
( क) मस्तिष्क का बड़ा आकार                        ( ख) दो पैरों पर चलना
( ग) हाथ की विशेष आकृति                          ( घ ) उपरोक्त  सभी                                उत्तर-(घ)
4.   ऑस्ट्रेलोपीथिकस की उत्पत्ति हुई है  –
( क ) लैटिन भाषा से                                   ( ख ) ग्रीक भाषा से
( ग) लैटिन तथा ग्रीक भाषाओं से                   ( घ) इनमें से कोई नहीं                            उत्तर-( ग)
5.     होमो लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है-
( क) आदमी                                                   ( ख ) स्त्री
(  ग)  वानर                                                    ( घ) इनमें से कोई नहीं                        उत्तर-( क)
6.    वैज्ञानिक ने होमो को किन प्रजातियों में बांटा है  –
( क )  होमो हैबिलिस                                        (  ख) होमो इरेक्टस
(  ग )  होमो सेपियंस                                         ( घ ) उपरोक्त सभी                          उत्तर –  ( घ )
7. होमो हैबिलिस के जीवाश्म मिले हैं-
(क)ओमो में                                     (ख) तंजानिया में
(ग) ओमी और ओल्दुबई गो में           (घ) इनमें से कोई नहीं                                       उत्तर-(ग)
8.  होमो एरेक्टस के प्राचीनतम जीवाश्म पाए गए हैं-
(क) एशिया में                                      (ख) एशिया तथा अफ्रीका में
(ग) यूरोप तथा आस्ट्रेलिया में                  (घ) इनमें से कोई नहीं                                     उत्तर-(ख)
9. उर्मनी के नगर हाईडलबर्ग में पाए गए जीवाश्मों को कहा गया-
( क )  होमो हाइडल वर्गेसिस                (ख) होमो हैबिलिस
( ग )  होमो सेपियंस                             (घ) इनमें से कोई नहीं                                     उत्तर-(क)
10. होमो निअंडरथलेसिस के जीवाश्म पाए गए हैं-
(क) दूर घाटी में                                    (ख) निअंडर घाटी में
(ग) एंडीज पर्वत में                             (घ) इनमें से कोई नहीं                                          उत्तर-(ख)
11. अग्नि की जानकारी मानद को आज से कितने लाय वर्ष पूर्व हुई ? |B.M.2009)
(क) 10 लाख वर्ष पूर्व                        (ख) 14 लाख वर्ष पूर्व
(ग) 24 साख वर्ष पूर्व                         (घ) 26 लाख वर्ष पूर्व                                             उत्तर-(ख)
12. आधुनिक मानव के उद्भव से संबंधित प्रतिस्थापन मॉडल के अनुसार कौन-सा मत सही है।
[B.M.2009
(क) मनुष्य का उद्भव एक ही स्थान अफ्रीका में हुआ।
(ख) अनेक क्षेत्रों में एक ही तरह के मनुष्यों की उत्पत्ति हुई।
(ग) मनुष्य का उद्भव यूरोप में हुआ।
(घ) सभी क्षेत्रों में एक ही तरह के मनुष्यों की उत्पत्ति नहीं हुई।                                              उत्तर-(क)
13. जीवों का ऐसा समूह, जिसके नर और मादा मिल कर बच्चे पैदा कर सकते हैं और बाद में भी ये क्रम जारी रहता है, कहलाता है।
[B.M.20091
(क) प्राइमेट्स                                (ख) स्पीशीज
(ग ) होमोनिड                                (घ) जीवाश्म                                                               उत्तर-(ख)
14. अपमार्जन का अर्थ है-
[B.M.2009
(क) भोजन की तलाश करना                  (ख) भोजन एकत्रित करना।
(ग) त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करना    (घ) कंदमूल जमा करना                                         उत्तर-(ग)
15 मानव प्राणियों का प्रादुर्भाव सर्वप्रथम कहाँ हुआ?
[B.M.2009
(क ) अमेरिका                                       (ख) यूरोप
(ग) अफ्रीका                                           (घ) एशिया                                                           उत्तर-(ग)
16 गुफा चित्रकला का प्राचीनतम प्रमाण किस काल का मिला है ? |B.M.2009]
(क) पुरापाषाण                                      (ख) मध्यपाषाण
(ग) नवपाषाण                                        (घ) हऱप्पा                                                            उत्तर-(ग)
17. चार्ल्स डारविन की पुस्तक ‘ओरिजिन ऑफ स्पेसिज’ कब प्रकाशित हुई?
(क) 1852
(ख) 1856
(ग) 1857
(घ) 1859
उत्तर-(घ)
18. आधुनिक मानव का उद्भव लगभग कितने वर्ष पूर्व हुआ?
(क)45000
(ख) 200000
(ग) 300000
(घ)400000
उत्तर-(क)
19. केन्या के किलोबे और ऑलार्जेसाइली स्थल से किस काल के हस्त कुठार मिलते हैं ?
[B.M.2009
(क) पुरापाषाण काल
(ख) मध्यपाषाण काल
(ग) नवपाषाण काल
(घ) ताम्रपाषाण काल
उत्तर-(क)
20. पत्थर के औजार संभवतः सबसे पहले किसने बनाए थे?
|B.M.2009
(क) रामापिथेकस
(ख) आस्ट्रेलीपिथिकस
(ग) निअंडर थाल
(घ) होमोसैपियंस
उत्तर-(ख)
21. लैसकॉक्स और शोवे की गुफा की चित्रकला कहाँ पायी गयी है ? |B.M.2009)
(क) फ्रांस                        
(ख)नार्वे
(ग) डेनमार्क
(घ)रुस
उत्तर-( क)
22. शहरी जीवन की शुरुआत सर्वप्रथम कहाँ हुई?
[B.M.20091
(क) मेसोपोटामिया
(ख) चीन
(ग)यूनान
(घ) रोम
उत्तर-(क)
23. वार्का शीर्ष कहाँ मिला है ?
[B.M.20091
(क) उरुक
(ख)यमन
(ग) जॉर्डन
(घ) तुर्की
उत्तर-(क)
24. ओल्डुबई गोर्ज रिफ्ट घाटी, जहाँ आदिकालीन मानव के इतिहास के चिन्ह पाये गये
हैं कहाँ स्थित हैं?
|B.M.2009
(क) द० अमेरिका
(ख) पूर्वी अफ्रीका
(ग) इंडोनेशिया
(घ) मध्य यूरोप
उत्तर-( ख)
25. यूरोप में मिले सबसे पुराने होमो जीवाश्म किसके हैं ?
[B.M.2009
(क) होमोहाइडेलवर्गेसीस
(ख) रामापिथेकस
(ग) आस्ट्रेलोपिथिकस
(घ) क्रोमैतानम्
उत्तर-(क)
26. योजनाबद्ध तरीके से जानवरों का शिकार का सबसे पुराना स्पष्ट साक्ष्य कहाँ से मिलता है?
|B.M.2009
(क) बॉक्सग्रोव (इंगलैंड) (ख) शामिंजन
(ग) सोजन घाटी (पाकिस्तान) (प) बेलन घाटी
उत्तर-(क)
27. दफनाने की परंपरा का प्राचीनत्तम साक्ष्य लगभग कितने लाख वर्ष पहले का मिला है।
|B.M.20091
(क)  5 लाख वर्ष पूर्व
(ख)  4 लाख वर्ष पूर्व
(ग)   3 लाख वर्ष पूर्व
(घ)   2 लाख वर्ष पूर्व
उत्तर- ( ग )
                                                            अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न
                                    (Very Short Answer Type Questions)
प्रश्न 1. जीवाश्म क्या होते हैं ?
उत्तर–जीवाश्म किसी बहुत पुराने पौधे, पशु, मानव के अवशेष होते हैं जो पत्थर बन गए हैं।
प्रश्न 2. जीवाश्म किस प्रकार लाखों वर्षों तक सुरक्षित रहते हैं ?
उत्तर—जीवाश्म प्रायः चट्टानों में दबे रहते हैं। फलस्वरूप वे लाखों वर्षों तक सुरक्षित रहते हैं।
प्रश्न 3. प्रजाति या स्पीशीज क्या होती है?
उत्तर–प्रजाति ऐसे जीवों का एक समूह होती है जो प्रजनन द्वारा नई संतान उत्पन्न कर
सकते हैं। परंतु एक प्रजाति के जीव किसी अन्य प्रजाति के जीवों से प्रजनन करके संतान पैदा
नहीं कर सकते।
प्रश्न 4. आदि मानव के इतिहास की जानकारी में किन-किन खोजों ने सहायता पहुँचाई है?
उत्तर-मानव के जीवाश्मों, पत्थर के औजारों तथा गुफाओं की चित्रकारियों की खोजों ने।
प्रश्न 5. विलुप्त हो चुकी मानव प्रजातियों के जीवाश्मों का तिथि-निर्धारण कैसे किया जा सकता है?
उत्तर-(1) प्रत्यक्ष रासायनिक विश्लेषण द्वारा तथा (2) उन परतों की परोक्ष तिथि-
निर्धारण द्वारा जिनमें वे दबे हुए पाये जाते हैं।
प्रश्न 6. चार्ल्स डार्विन की मनुष्य की उत्पत्ति संबंधी पुस्तक का नाम बताएँ। विकास के संबंध में डार्विन ने क्या तर्क दिया?
उत्तर-डार्विन की मनुष्य की उत्पत्ति संबंधी पुस्तक का नाम ‘ऑन द ओरिजिन ऑफ
स्पीशीज’ है। उन्होंने तर्क दिया कि मानव का विकास बहुत समय पहले जानवरों से क्रमिक विकास
के रूप में हुआ।
प्रश्न 7. एशिया और अफ्रीका में प्राइमेट्स कब अस्तित्व में आये ?
उत्तर-लगभग 36 मिलियन (360 लाख) वर्ष पहले ।
प्रश्न 8. होमिनिड्ज (hominoids) से अभिप्राय है ?
उत्तर-होमिनॉयड्ज प्राइमेट का एक उपवर्ग था। इसमें वान शामिल थे।
प्रश्न 9. होमिनिड्ज (hominoids) का विकास किस प्राणी वर्ग से हुआ है ?
उत्तर-होमिनॉयड से।
प्रश्न 10. होमिनिड्ज का उदय अफ्रीका में हुआ था। इस संबंध में कौन-कौन से दो प्रमाण दिए जा सकते हैं?
उत्तर-(1) यह अफ्रीकी वानरों का समूह है जिनका अफ्रीकी होमिनिडों से बहुत ही निकट
का संबंध है। (2) पूर्वी अफ्रीका में पाये गए आस्ट्रेलोपिथिकस वर्ग से संबंधित आरंभिक होमोनिड
के जीवाश्म लगभग 56 लाख वर्ष पुराने हैं। इनके विपरीत अफ्रीका से बाहर पाये गए जीवाश्म
18 लाख वर्ष से अधिक पुराने नहीं हैं।
  प्रश्न 11. होमिनिड का संबंध किस परिवार से है?
उत्तर-होमिनिडे का संबंध होमिनिडेई (hominidae) परिवार से है जिसमें सभी मानव-प्रतिरूप
शामिल हैं।
प्रश्न 12. होमिनिड्ज की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर-(1) मस्तिष्क का बड़ा आकार (2) सीधे खड़ा होना (3) दो पावों पर चलना
(4) हाथ विशेष क्षमता युक्त जिससे वह औजार बना सकता था तथा उनका प्रयोग कर सकता था।
प्रश्न 13. होमोनिड्ज के दो महत्त्वपूर्ण वर्ग कौन-से हैं ?
उत्तर-(1) आस्ट्रेलोपिथिकस तथा (2) होमो।
प्रश्न 14. आस्ट्रेलोपिथिकस तथा होमो में क्या अंतर है?
उत्तर-होमो की तुलना में आस्ट्रेलोपिथिकस के दिमाग का आकार छोटा, बड़ा भारी तथा
दाँत भी ज्यादा बड़े होते हैं।
प्रश्न 15. वैज्ञानिकों ने विभिन्न मानव प्रजातियों को उनका नाम देने के लिए किन दो भाषाओं के शब्दों का प्रयोग किया है?
उत्तर-यूनानी तथा लैटिन (लातिनी) भाषाओं में।
प्रश्न 16. आस्ट्रेलोपिथिकस के कौन-से शारीरिक लक्षण उसे वृक्षों पर रहने के अनुकूल बनाते थे?
उत्तर-(1) आगे के अवयवों का लंबा होना (2) हाथों तथा पैरों की मुड़ी हुई हड्डियां
तथा (3) टखनों के घुमावदार जोड़ ।
प्रश्न 17. औजार बनाने तथा लंबी दूरी तक चलने से आस्ट्रेलोपिथिकस में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर-उसमें कई मानवीय लक्षणों का विकास हुआ।
प्रश्न 18. आरंभिक मानवीय प्रतिरूपों के अवशेषों के वर्गीकरण का क्या आधार है?
उत्तर-हड्डियों की संरचना, जैसे-खोपड़ों का आकार तथा जबड़ों में भिन्नता ।
प्रश्न 19. होमो’श का क्या अर्थ है? होमो के अवशेषों का वर्गीकरण किस प्रकार किया गया है?
उत्तर-‘होमो लातिनी (Latin) भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है ‘आदमी’ भले ही इसमें
स्त्री और पुरुष दोनों ही शामिल हैं । होमो को उनकी विशेषताओं के अनुसार तीन वर्गों में बांटा
गया है-(1) होमो हैबिलिस (औजार बनाने वाले) (2) होमो एरेक्टस (सीधे खड़े होकर पैरों
के बल चलने वाले) (3) होमो सेपियंस (चिंतनशील मनुष्य)।
प्रश्न 20. कोई दो उदाहरण दीजिए जिनमें होमो के जीवाश्मों को उनकी प्राप्ति-स्थल के नाम पर नामित किया गया हो।
उत्तर-(1) जर्मनी के शहर हाइडलबर्ग में पाए गए जीवाश्मों को होमोहाइडल बर्गेसिस
(Homo heidel bergenisis) कहा गया है। (2) निअंडर घाटी में पाए गए जीवाश्मों को होमो
निअंडरथलैंसिस श्रेणी में रखा गया है।
प्रश्न 21. यूरोप में पाये जाने वाले सबसे पुराने ‘होमो’ जीवाश्म कौन-कौन से हैं। ये किस प्रजाति के हैं?
उत्तर-यूरोप में मिले सबसे पुराने जीवाश्म होमो हाइडलबर्गेसिस तथा होमो निअंडरथलैंसिस
हैं। ये दोनों ही होमो सेपियंस प्रजाति के हैं।
प्रश्न 22. मस्तिष्क का आकार होमो के किस लक्षण को दर्शाता है?
उत्तर—अधिक बुद्धिमत्ता तथा अधिक अच्छी स्मृति को।
प्रश्न 23. किस बात से संकेत मिलता है कि होमिनिड्ज पूर्वी अफ्रीका के अन्य भागों से एशिया तथा यूरोप में पहुँचे ?
उत्तर-एशिया में पाए गए होमिनिड के जीवाश्म अफ्रीका में पाए गए जीवाश्मों की तुलना
में बाद के हैं। इसलिए यह संभव है कि होमीनिड पूर्वी अफ्रीका के अन्य भागों से एशिया और
यूरोप में पहुंचे।
प्रश्न 24. आदिकालीन मानव किन-किन तरीकों से भोजन प्राप्त करता था ?
उत्तर-आदिकालीन मानव कई तरीकों से अपना भोजन प्राप्त करता था-जैसे संग्रहण
(Gathering), शिकार (Hunting), अपमार्जन (Scavenging) और मछली पकड़ना
( (Fishing)
प्रश्न 25. योजनाबद्ध तरीके से शिकार तथा मांस के लिए बड़े स्तनधारियों के वध के सबसे प्राचीन प्रमाण किन दो स्थानों से प्राप्त हुए हैं?
उत्तर-दक्षिणी इंग्लैण्ड में बॉक्सग्रोव (Boxgrove) से 5,00,000 साल पहले और जर्मनी
में शोनिंजन (Schoningen) से 4,00,000 साल पहले का ।
प्रश्न 26. आदिकालीन मानव की संग्रहण क्रिया में क्या-क्या शामिल था?
उत्तर–आदिकालीन मानव की संग्रहण क्रिया में पेड़-पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों,
जैसे-बीज, गुठलियाँ, बेर, फल एवं कंदमूल को इकट्ठा करना शामिल था।
प्रश्न 27. आदिकालीन गुफाओं में पाये गए चूल्हे किस बात के द्योतक हैं?
उत्तर-आग के नियंत्रित उपयोग के द्योतक हैं।
प्रश्न 28. झोपड़ियों, गुफाओं में रहने वाले तथा पेड़ों पर रहने वाले होमिनिडों के जीवन में क्या अंतर था ? कोई दो बिंदु लिखिए।
उत्तर-(1) पेड़ों पर रहने वाले होमिनिड वर्षा, आंधी, तूफान आदि से सुरक्षित नहीं थे,
जबकि झोपड़ियों अथवा गुफाओं में रहने वाले होमिनिड इनसे सुरक्षित थे। (2) पेड़ों पर रहने
वाले होमिनिड आग का नियंत्रित उपयोग करना नहीं जानते थे। परंतु झोपड़ियों में रहने वाले
होमिनिड इससे परिचित थे।
प्रश्न 29. मनुष्य की भांति वानर औजारों का निर्माण तथा उनका उपयोग क्यों नहीं कर पाते थे?
उत्तर – स्मरण शक्ति तथा आवश्यक कौशल के अभाव के कारण।
प्रश्न 30. पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल करने का सबसे प्राचीन साक्ष्य कहाँ से मिला है ? ये संभवतः किस प्रजाति ने बनाए थे?
उत्तर-पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल किए जाने का सबसे प्राचीन साक्ष्य
इथियोपिया और केन्या के पुरा स्थलों से मिला है। ये औजार संभवतः आस्ट्रेलोपिथिकस ने
बनाए थे।
प्रश्न 31. आपके विचार में आदिकालीन स्त्रियाँ औजार क्यों बनाती होंगी?
उत्तर-स्त्रियाँ संभवतः अपने और अपने बच्चों का भोजन प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष
औजार बनाती होंगी।
प्रश्न 32.  फ्रांस तथा स्पेन की किन गुफाओं में आदिकालीन चित्रकारियाँ पाई गई हैं ?इन चित्रकारियों में किन-किन जानवरों के चित्र शामिल हैं ?
उत्तर–  फ्राँस में स्थित लैसकॉक्स तथा चाउवेट की गुफाओं में और स्पेन में स्थित आल्टामीरा की गुफा में जानवरों की अनेक चित्रकारियाँ पाई गई हैं ।ये 30,000से12,000 वर्ष पहले बनाई गई थीं।  इनमें जंगली भैसों,घोऱों,हिरणों,गेण्डों, शेरों,भालुओं,तेंदुओं आदि के चित्र शामिल हैं ।
प्रश्न 33. मानव विज्ञान से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-मानव विज्ञान वह विज्ञान है जो मानव संस्कृति और मानव जीव विज्ञान के
उद्विकासीय पहलुओं का अध्ययन करता है।
प्रश्न 34. अफ्रीका के हादजा जनसमूह का मुख्य भोजन क्या है। वे किस जानवर का मांस नहीं खाते?
उत्तर-अफ्रीका के हादजा जनसमूह का मुख्य भोजन जंगली साग-सब्जियाँ तथा पशुओं
का पांस हैं। वे हाथी का मांस नहीं खाते ।
प्रश्न 35. हादजा लोग जमीन और उसके संसाधनों पर अपना दावा क्यों नहीं करते?
उत्तर—इसका कारण यह है कि (1) वे जहाँ चाहे रह सकते हैं। (2) पशुओं का शिकार
कर सकते हैं । (3) कंदमूल और शहद इकट्ठा कर सकते है और पानी ले सकते हैं।
प्रश्न 36. हादजा लोगों के शिविरों के आकार और स्थिति में मौसम के अनुसार परिवर्तन क्यों होता रहता है ?
उत्तर-हादजा लोगों के शिविरों का आकार तथा स्थिति पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती
है। नमी के मौसम में उन लोगों के शिविर प्रायः छोटे और दूर-दूर तक फैले हुए होते हैं । परंतु
सूखे के मौसम में ये पानी के स्रोतों के आस-पास बड़े और साथ-साथ होते हैं ।
प्रश्न 37. हादजा लोगों के पास सूखा पड़ने पर भी भोजन की कमी क्यों नहीं होती?
उत्तर–हादजा लोगों के इलाके मे सूखे के मौसम में भी पर्याप्त मात्रा में खाने वाले कंदमूल,
बेर, बाओबाब पेड़ के फल आदि मिलते हैं । इसीलिए उनके पास भोजन की कमी नहीं होती।
प्रश्न 38. आज के शिकारी समाजों में पाई जाने वाली तीन भिन्नताएँ बताएँ।
उत्तर-(1) आज के शिकारी समाज शिकार और संग्रहण को अलग-अलग महत्व देते
हैं। (2) उनके आकार भिन्न-भिन्न अर्थात् छोटे-बड़े होते हैं। (3) उनकी गतिविधियों में भी
अंतर पाया जाता है।
प्रश्न 39. विश्व के एक क्षेत्र का नाम बताएँ जहाँ आज से लगभग दस हजार साल पहले खेती और पशुचारण प्रारंम्भ हुआ?
उत्तर-मध्य सागर के तट से लेकर ईरान में जागरोस (Zagros) पर्वतमाला तक फैला
हुआ क्षेत्र जिसे फर्टाइल क्रीसेंट यानी उर्वर अर्धचंद्राकार क्षेत्र कहते हैं।
प्रश्न 40. अंतिम हिमयुग का अंत होने के कोई दो परिणाम बताओ।
उत्तर-(1) अपेक्षाकृत अधिक गर्म और नम मौसम की शुरुआत हुई।
(2) जंगली जौ और गेहूँ जैसे जंगली अनाज उगाने के लिए परिस्थियाँ अनुकूल हो गईं।
प्रश्न 41. इनमें से कौन-सी क्रिया के साक्ष्य व प्रमाण पुरातात्त्विक अभिलेख में
सर्वाधिक मिलते हैं- (क) संग्रहण, (ख) औजार बनाना, (ग) आग का प्रयोग। (T.B.Q.)
उत्तर -औजार बनाना।
                                         लघु उत्तरात्मक प्रश्न
                            (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 1. यह किस आधार पर कहा जाता है कि मानव का विकास क्रमिक रूप से हुआ?
उत्तर-वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव का विकास क्रमिक रूप से हुआ है। मानव की
एक के बाद एक कई प्रजातियाँ उत्पन्न हुई और लुप्त हो गई । लाखों वर्षों की इस प्रक्रिया के
बाद आधुनिक मानव का उद्भव हुआ । इसका साक्ष्य हमें मानव की उन प्रजातियों के अवशेषों
से मिलता है जो अब लुप्त हो चुकी हैं । इनके शारीरिक लक्षण भिन्न-भिन्न थे । इनका काल
निर्धारण प्रत्यक्ष रासायनिक विश्लेषण द्वारा अथवा उन परतों का परोक्ष रूप से काल का निर्धारण
करके किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि ये प्रजातियाँ एक क्रम में अलग-अलग काल में
जीवित रहीं। इनके शारीरिक लक्षण बदलते रहे और इस प्रकार आज का मानव अस्तित्व में आया।
प्रश्न 2. प्राइमेट्स से क्या अभिप्राय है ? इनकी मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर–प्राइमेट्स स्तनधारियों के बहुत बड़े वर्ग का एक उपवर्ग है। इस वर्ग में वानर, लंगूरं
तथा मानव आदि शामिल हैं। इस वर्ग की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
(i) इनके शरीर पर बाल होते हैं।
(ii) इनका गर्भकाल अपेक्षाकृत लंबा होता है।
(ii) ये बच्चों को जन्म देते हैं।
(iv) माताओं में बच्चों को दूध पिलाने के लिए ग्रंथियाँ होती हैं।
(v) इनके दाँत भिन्न-भिन्न प्रकार के होते हैं।
(vi) इनमें अपने शरीर का तापमान स्थिर रखने की क्षमता होती है।
प्रश्न 3. होमिनॉइड तथा बंदर में क्या-क्या अंतर पाये जाते हैं ?
उत्तर-होमिनॉइड तथा बंदर में निम्नलिखित कई अंतर पाये जाते हैं-
(i) होमिनॉइड्ज का शरीर बंदर के शरीर से बड़ा होता है।
(ii) उनको पूँछ नहीं होती।
(iii) उनके बच्चों का विकास धीरे-धीरे होता है ।
(iv) होमिनॉइड के बच्चे बंदर के बच्चों की तुलना में लंबे समय तक उन पर निर्भर
रहते हैं-
प्रश्न 4. होमिनिड का विकास किससे हुआ है ? दोनों में क्या-क्या अंतर पाये जाते हैं?
उत्तर-होमिनिड का विकास होमिनॉइड से हुआ है। इन दोनों में निम्नलिखित अंतर पाये
जाते हैं-
(i) होमिनॉइड के दिमाग का आकार होमिनिड्ज की तुलना में छोटा होता है।
(ii) वे चौपाये होते हैं और चारों पैरों के बल चलते हैं । इसके विपरीत होमिनिड् का शरीर
सीधा होता है। वे दो पैरों पर चलते हैं।
(iii) उनके हाथों में भी काफी अंतर पाया जाता है। होमिनिड के हाथों की रचना इस प्रकार होती है कि उन्हें औजार बनाने और उनका प्रयोग करने में सहायता करते हैं।
प्रश्न 5. आस्ट्रेलोपिथिकस को यह नाम क्यों दिया गया ?
उत्तर-आस्ट्रेलोपिथिकस दो शब्दों के मेल से बना है-लैटिन शब्द ‘आस्ट्रल’ (austral)
जिसका अर्थ होता है ‘दक्षिणी’ तथा यूनानी शब्द ‘पिथिकस’ (pithekos) जिसका अर्थ है वानर।
यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि मानव के बन रहे प्रारंभिक प्रतिरूपों में वानर अवस्था के कैई
लक्षण पाये जाते थे। उदाहरण के लिए-
(i ) होमो की तुलना में उनके दिमाग का आकार छोटा था।
(ii) उनके पिछले दाँत बड़े थे।
(ii) उनके हाथों की दक्षता सीमित थी।
(iv) वे सीधे खड़े होकर बहुत कम चल पाते थे क्योंकि वे अभी भी अपना अधिकतर
समय वृक्षों पर बिताते थे अतः उनके शारीरिक लक्षण वृक्षों पर रहने के अनुकूल थे।
प्रश्न 6. आरंभिक मानव-प्रतिरूप के दो पैरों पर चलने से क्या लाभ हुए ? दो पैरों पर चलने वाले मानव के प्रांरभिक प्रत्यक्ष प्रमाण कहाँ से मिले हैं ?
उत्तर–दो पैरों पर चलने से मानव के हाथ कार्यमुक्त हो गये। अब वह हाथों का प्रयोग
बच्चों को उठाने अथवा आवश्यक वस्तु को उठाने के लिए कर सकता था । हाथों के लगातार
प्रयोग से मानव की खड़ा होकर चलने की कुशलता धीरे-धीरे बढ़ती गई। इसके अतिरिक्त उसके
चलने में चौपायों की तुलना में कहीं कम ऊर्जा खर्च होने लगी, भले ही दौड़ने में उसे अधिक
ऊर्जा खर्च करनी पड़ती थी।
दो पैरों पर चलने वाले मानव-प्रतिरूप के प्रमाण हादर (Hadar) इथोपिया से प्राप्त हुए हैं।
प्रश्न 7. हिमयुग कब आया ? इससे मानव की प्रक्रिया में कैसे और क्या परिर्वतन आया?
उत्तर-हिमयुग लगभग 25 लाख वर्ष पहले आया । पृथ्वी के बड़े-बड़े भाग बर्फ से ढंक
गए । फलस्वरूप जलवायु तथा वनस्पति में बड़े-बड़े परिर्वतन देखने को मिले । तापमान और
वर्षा में कमी आ गई जिसके कारण वन कम हो गए । इसके विपरीत घास के मैदानों का क्षेत्रफल
बढ़ गया । परिणामस्वरूप आस्ट्रलोपिथिकस के प्रांरभिक रूप धीरे-धीरे लुप्त हो गए, क्योंकि ये
वनों में रहने के आदी थे । अब उनके स्थान पर उनकी प्रजातियाँ प्रकट हुईं जो सूखी परिस्थितियों
में आराम से रह सकती थीं। प्रजातियों में जीनस होमो के सबसे पुराने प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रश्न 8. ‘होमो’ का क्या अर्थ है ? इन्हें कौन-कौन सी प्रजातियों में बाँटा गया है ?
उत्तर-‘होमो’ लातिनी भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ है ‘आदमी’ । वैज्ञानिकों ने
होमो को कई प्रजातियों
बाँटा है और इन प्रजातियों को उनकी विशेषताओं के अनुसार
अलग-अलग नाम दिए गए हैं । इस प्रकार जीवाश्मों को निम्नलिखित तीन प्रजातियों में बाँटा-
(i) होमो हैबिलिस औजार बनाने वाले
(ii) होमो एरेक्टस सीधे खड़े होकर पैरों के बल चलने वाले
(ii) होमो सैपियंस-चिंतनशील मनुष्य ।
होमो हैबिलिस के जीवाश्म इथियोपिया में ओमो (Ome) और तंजानिया में ओल्डुवई गोर्ज
(Olduvai Gorge) से प्राप्त हुए हैं। होमो एरेक्टस के प्राचीनतम जीवाश्म अफ्रीका और एशिया
महाद्वीपों में पाए गए हैं।
प्रश्न 9. आस्ट्रेलोपिथिकस तथा होमो के बीच क्या शारीरिक अंतर थे? ये अंतर क्या दर्शाते हैं?
उत्तर-आस्ट्रेलोपिथिकस तथा होमो के बीच निम्नलिखित शारीरिक अंतर थे-
(1) आस्ट्रेलोपिथिकस की तुलना में होमो के मस्तिष्क का आकार बड़ा था।
(2) होमो के जबड़े कम बाहर निकले हुए थे।
(3) होमो के दाँत अपेक्षाकृत छोटे थे ।
होमो के मस्तिष्क का बड़ा आकार उसके बुद्धिमान तथा उसकी बेहतर स्मृति को दर्शाता है। जबड़ों
तथा दाँतों में हुआ परिर्वतन संभवतः उनके खान-पान की भिन्नता से संबंधित है।
प्रश्न 10. पूर्व (आदिकालीन) मानव कुछ स्थलों को सोच समझकर शिकार के लिए चुनता था। क्यों ? उदाहरण देकर समझाओ।
उत्तर-पूर्व मानव कुछ स्थलों को सोच समझ कर चुनता था। ऐसा एक स्थल चेक
गणराज्य में दोलनी वेस्तोनाइस (Dolni Vestonice) था जो एक नदी के पास स्थित है। मानव
ऐसे स्थल इसलिए चुनता था क्योंकि वह जानवरों की आवाजाही के बारे में जानता था। वह जल्दी
से बड़ी संख्या में जानवरों को मारने के तरीकों से भी परिचित था। उदाहरण के लिए मानव ने
जो स्थल चेक गणराज्य के नदी के पास चुना था, वहाँ पतझड़ और बसंत के मौसम में रैडियर
तथा घोड़ों जैसे स्थान बदलने वाले जानवरों के झुंड के झुंड आते थे । इनका बड़े पैमाने पर
शिकार किया जाता था।
प्रश्न 11. आदिकालीन मानव के खुले स्थलों पर आवास तथा जीवन-शैली के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त होती है ?
उत्तर–आदिकालीन मानव के खुले स्थान पर आवास तथा जीवन-शैली के बारे में
जानकारी प्राप्त करने का एक तरीका है। उनके द्वारा निर्मित शिल्पकृतियों के फैलाव की जाँच
करना। उदाहरण के लिए केन्या में किलोंबे (Kilomble) और ओलोर्जेसाइली (Olorgesaillie)
के खनन स्थलों पर हजारों की संख्या में शल्क-उपकरण और हस्तकुठार मिले हैं। ये औजार
700,000 से 500,000 साल पुराने हैं। इतने अधिक औजार एक ही स्थान पर इकट्ठे होने का
अर्थ है कि इन स्थानों पर आदि मानव लंबे समय तक रहा होगा या बार-बार आता होगा। वास्तव
में जिन स्थानों पर खाद्य प्राप्ति के संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध थे, वहाँ लोग बार-बार आते
रहते होंगे। ऐसे क्षेत्रों में लोग शिल्पकृतियाँ सहित अपने क्रियाकलापों के चिह्न छोड़ जाते होंगे।
जमा शिल्पकृतियों कुछ ही क्षेत्रों में मिलती है और वे क्षेत्र कुछ अलग से दिखाई पड़ते हैं। जिन
स्थानों पर लोगों का आवागमन कम होता था वहाँ ऐसी शिल्पकृतियाँ कम मात्रा में मिलती हैं।
प्रश्न 12. मानव उद्भव के क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल के पक्ष में दिए गए हैं । तर्को पर चर्चा कीजिए । क्या आपके विचार से यह मॉडल पुरातात्विक साक्ष्य का युक्तियुक्त स्पष्टीकरण देता है ?
(T.B.Q.)
उत्तर—मानव उद्भव के क्षेत्रीय मॉडल के अनुसार आधुनिक मानव का विकास भिन्न-भिन्न
प्रदेशों में रहने वाले होमो सैपियंस से हुआ। उनके विकास की गति धीमी थी और अलग-अलग
थी । इसलिए आधुनिक मानव संसार के भिन्न-भिन्न भागों में अलग-अलग स्वरूप में दिखाई
दिया। इस तर्क का आधार आज के मनुष्यों में पाये जाने वाले विभिन्न लक्षण हैं। इस मॉडल
के समर्थकों का मानना है कि ये विभिन्नताएँ एक ही क्षेत्र में पहले से रहने वाले होमो एरेक्टस
तथा होमो हाइलबर्गोसिस समुदायों में पाई जाने वाली असमानताओं के कारण हैं।
हमारे विचारों के यह मॉडल पुरातात्विक साक्ष्य का युक्तियुक्त स्पष्टीकरण नहीं देता। इसमें
कहीं न कहीं कोई त्रुटि अवश्य है।
प्रश्न 13. मानव उद्भव के प्रतिस्थापन मॉडल की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर-प्रतिस्थापन मॉडल के अनुसार मानव चाहे कहीं भी रहा हो, उसके सभी पुराने रूप
बदल गए और उसका स्थान आधुनिक मानव ने ले लिया। हम देखते हैं कि आधुनिक मानव में
सभी जगह शारीरिक तथा उत्पत्तिमूलक समरूपता पाई जाती है। इसके पक्ष में यह तर्क दिया जाता
है कि यह समानता इसलिए है, क्योंकि उनके पूर्वज एक ही क्षेत्र अर्थात् अफ्रीका में उत्पन्न हुए
थे। वहीं से वे अन्य स्थानों को गए। इस बात की पुष्टि इथोपिया के ओमो नामक स्थान पर मिले
प्राचीन मानव जीवाश्मों से हो जाती है। दूसरी ओर आज के मनुष्यों में पाई जाने वाली शारीरिक
विभिन्नताएँ किसी स्थान विशेष पर निरंतर हजारों वर्षों तक स्थायी रूप से रहने के कारण है।
भिन्न-भिन्न स्थानों की परिस्थितियों ने ही ये भिन्नताएँ उत्पन्न की क्योंकि मनुष्य स्थान विशेष
की परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल लेता है।
प्रश्न 14. दिए गए सकारात्मक प्रतिपुष्टि व्यवस्था (Positive FeedbackMechanism)
को दर्शाने वाले आरेख को देखिए क्या आप उन निवेशों ( Inputs) की सूची दे सकते हैं
जो औजारों के निर्माण में सहायक हुई? औजारों के निर्माण से किन-किन प्रक्रियाओं को
बल मिला?(T.B.Q.)
                                    सकारात्मक प्रतिपुष्टि व्यवस्था-
1. मस्तिष्क के आकारऔर उसकी क्षमता में वृद्धि
2. औजारों के इस्तेमाल के लिएऔर बच्चों व चीजों को ले जाने के लिए हाथों का मुक्त होना
3.  औजार बनाना
4.  आँखों से निगरानी, भोजनऔर शिकार की तलाश मेंलंबी दूरी तक चलना
5.   सीधे खड़े होकर चलना
उत्तर-औजारों के निर्माण में सहायक निवेश-
(i) मस्तिष्क के आकार और उसकी क्षमता में वृद्वि।
(ii) औजारों के इस्तेमाल के लिए और बच्चों व चीजों को ले जाने के लिए हाथों का
मुक्त होना।
(iii) सीधे खड़े होकर चलना।
(iv) आँखों से निगरानी, भोजन और शिकार की तलाश में लंबी दूरी तक चलना।
प्रकियाएँ जिनको औजारों के निर्माण से बल मिला-
(i) सीधे खड़े होकर चलना ।
(ii) आँखों से निगरानी, भोजन और शिकार की तलाश में लंबी दूरी तक चलना।
(iii) मस्तिष्क के आकार और उसकी क्षमता में वृद्धि।
प्रश्न 15. आदिमानव द्वारा पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल करने की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर-आदिमानव द्वारा पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल करने का सबसे
प्राचीन साक्ष्य इथोपिया और केन्या के पुरास्थलों से मिला है। ये औजार संभवतः आस्ट्रेलोपिथिकस
ने बनाए थे।
वास्तव में मनुष्य के जीवन में औजारों का विशेष महत्त्व था। उसमें वानरों से हटकर कुछ
ऐसी शारीरिक विशेषताएँ थीं जिन्होंने उसे औजार बनाने और उनका प्रयोग करने में सहायता दी।
उसकी सबसे पहली विशेषता थी-हाथों का कुशलतापूर्वक प्रयोग । इसके अतिरिक्त उसमें वानरों
से अधिक स्मरण शक्ति और जटिल संगठनात्मक कौशल भी था।
प्रश्न 16. लगभग 35,000 वर्ष पहले तथा उसके बाद आदिमानव की जीवन शैली में होने वाले परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-लगभग 35,000 वर्ष पहले तथा उसके बाद आदि मानव के जीवन शैली में
निम्नलिखित परिवर्तन आए-
(6) फेंककर मारने वाले भालों तथा तीर-कमान जैसे नए औजार बनाए जाने लगे। इससे
जानवरों को मारने के तरीकों में सुधार हुआ ।
(ii) मांस को साफ किया जाने लगा। उसमें से हड्डियाँ निकाल दी जाती थीं। फिर उसे
सुखाकर, हल्का सेंकते हुए सुरक्षित रख लिया जाता था। इस प्रकार सुरक्षित रखे मांस को बाद
में खाया जा सकता था।
(iii) समूरदार जानवरों को पकड़ा जाने लगा और उनके रोएँदार खाल का कपड़े की तरह
प्रयोग किया जाने लगा।
(iv) सिलने के लिए सुई का आविष्कार भी हुआ । सिले हुए कपड़ों का सबसे पहला साक्ष्य
लगभग 21,000 वर्ष पुराना
(v) छेनी या रूखानी जैसे छोटे-छोटे औजारों के बनाने की तकनीक का आविष्कार हुआ।
इन नुकीले ब्लेडों से हड्डी, सींग, हाथी दाँत या लकड़ी पर नक्काशी करना संभव हो गया।
प्रश्न 17. भाषा का विकास किस प्रकार हुआ ?
उत्तर-मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जिसके पास भाषा है। भाषा के विकास के विषय
में कई प्रकार के मत हैं-
(i) होमिनिड भाषा में अंगविक्षेप (हाव-भाव) या हाथों का संचालन (हिलाना)शामिल था।
(ii) उच्चरित अथवा बोली जाने वाली भाषा से पहले गाने या गुनगुनाने जैसे मौखिक या अ-शाब्दिक संचार का प्रयोग होता था।
(iii) मनुष्य की वाणी का प्रारंभ संभवतः आह्वान या बुलावों की क्रिया से हुआ था जैसे
कि नर-वानर करते हैं । प्रारंभिक अवस्था में मानव बोलने में बहुत ही कम ध्वनियों का प्रयोग
करता होगा । यही ध्वनियाँ आगे चलकर भाषा के रूप में विकसित हो गई होंगी।
प्रश्न 18. उच्चरित अर्थात् बोली जाने वाली भाषा की उत्पत्ति कब हुई?
उत्तर-ऐसा माना जाता है कि होमोहैबिलिस के मस्तिष्क में कुछ ऐसी विशेषताएँ थीं जिनके
कारण उसके लिए बोलना संभव हुआ होगा। यह विकास संभवत: 20 लाख वर्ष पूर्व शुरू हुआ
होगा। मस्तिष्क में हुए परिवर्तन के अतिरिक्त स्वर-तंत्र का विकास भी महत्त्वपूर्ण था। यह विकास
लगभग 200,000 वर्ष पहले हुआ था । इसका संबंध विशेष रूप से आधुनिक मानव से रहा है।
एक अन्य सुझाव यह है कि भाषा;- कला के साथ-साथ लगभग 40,000-35000 वर्ष
पहले विकसित हुई। बोली जाने वाली भाषा;- कला के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ी है, क्योंकि ये
दोनों ही विचार अभिव्यक्ति के माध्यम हैं।
प्रश्न 19. फ्राँस तथा स्पेन की किन गुफाओं में जानवरों की चित्रकारियाँ पाई गई हैं? ये चित्रकारियाँ क्यों की गई थीं, इसके बारे में क्या बताया जाता है?
उत्तर-फ्रांस में स्थित लैसकाक्स (Lascaux) तथा चाउवेट (Chauvet) की गुफाओं
में और स्पेन में स्थित आल्टामीरा की गुफा में जानवरों की अनेक चित्रकारियाँ पाई गई हैं। ये
30,000 से 12,000 साल पहले बनाई गई थीं । इनमें गौरों (जंगली बैलों), घोड़ों, पहाड़ी बकरों
(Ibex), हिरनों, मेमनों, विशालकाय जानवरों, गैडों, शेरों, भालुओं, चीतों, लकड़बग्घों, उल्लुओं
आदि के चित्र शामिल हैं।
बताया जाता है कि इन चित्रकारियों का संबंध धार्मिक क्रियाओं अथवा जादू-टोनों से है।
संभवत: चित्रकारी के रूप में जादू-टोना करके मनुष्य अपने शिकार को सफल बनाने का प्रयास
करता होगा।
यह भी कहा जाता है कि शायद ये गुफाएं संगम स्थल थीं। यहाँ लोगों के यहाँ छोटे-छोटे
समूह आपस में मिलते थे और सामूहिक क्रियाकलाप संपन्न करते थे। संभव है कि वहाँ ये समूह
मिलकर शिकार की योजना बनाते हों अथवा शिकार के तरीकों एवं तकनीकों पर एक-दूसरे से
चर्चा करते हों । यह भी संभव है ये चित्रकारियाँ आगे आने वाली पीढ़ियों को इन तकनीकों को
जानकरी देने के लिए की गई हों ।
प्रश्न 20. संजाति वृत्त (Ethnography) से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-संजाति वृत्त में समकालीन नृजातीय समूहों का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया जाता
है। इससे उनके रहन-सहन, खान-पान, आजीविका के साधनों, तकनीकों आदि का पता लगाया
जाता है। इसके अतिरिक्त समूहों में स्त्री-पुरुष की भूमिका, राजनीतिक संस्थाओं तथा सामाजिक
रूढ़ियों की जानकारी प्राप्त की जाती है। साथ ही उनके कर्मकांडों तथा रीति-रिवाजों का अध्ययन.
किया जाता है।
प्रश्न 21. क्या खानाबदोश पशुचारक शहरी जीवन के लिये खतरा थे ?         |B.M.2009]
उत्तर-मेसोपोटामिया का मुख्य भूमि प्रदेश काफी उपजाऊ था। फलतः खानाबदोश
पशुचारकों का झुंड यहाँ आता था। ये किसानों के बोये हुए खेतों में अपनी भेड़-बकरियों को
पानी पिलाने ले जाते थे, जिससे फसल को नुकसान पहुँचता था। इसके अतिरिक्त ये पशुचारक
किसानों के गाँवों को लूट लेते थे। इस प्रकार ये स्थानीय किसानों हेतु खतरा थे। इसके कारण
शासकों को यह डर बना रहता था कि ये पशुचारक कहीं छापे अथवा हमलों की कोई योजना
तो नहीं बना रहे।
                                       दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
                          (Long Answer Type Questions)
प्रश्न 1. आधुनिक मानव का उद्भव कहाँ हुआ? इस संबंध में प्रचलित मतों की जानकारी दीजिए।
उत्तर–आदि मानव के उद्भव स्थल के बारे में बहुत अधिक वाद-विवाद हुआ है । आज
इस संबंध में दो मत प्रचलित हैं जो एक-दूसरे से बिल्कुल विपरीत हैं । ये मत आगे दिए गए हैं-
(i) क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल (Continuity Model)-मानव उद्भव के क्षेत्रीय मॉडल के
अनुसार आधुनिक मानव का विकास भिन्न-भिन्न प्रदेशों में रहने वाले होमो सेपियंस से हुआ।
उनके विकास की गति धीमी थी और अलग-अलग थी। इसलिए आधुनिक मानव संसार के
भिन्न-भिन्न भागों में अलग-अलग स्वरूप में दिखाई दिया। इस तर्क का आधार आज के मनुष्य
में पाये जाने वाले विभिन्न लक्षण हैं । इस मॉडल के समर्थकों का मानना है कि ये विभिन्नताएँ
एक ही क्षेत्र में पहले से रहने वाले होमो एरेक्टस तथा होमो हाइलबर्गेसिस समुदायों में पाई जाने
वाली असमानताओं के कारण हैं।
हमारे विचार में यह मॉडल पुरातात्त्विक साक्ष्य का युक्तियुक्त स्पष्टीकरण नहीं देता। इसमें
कहीं न कहीं कोई त्रुटि अवश्य है।
(ii) प्रतिस्थापन मॉडल(Replacement Model)-प्रतिस्थापन मॉडल के अनुसार
मानव चाहे कहीं भी रहा हो, उसके सभी पुराने रूप बदल गए और उसका स्थान आधुनिक मानव
ले लिया । हम देखते हैं कि आधुनिक मानव में सभी जगह शारीरिक तथा उत्पत्तिमूलक
समरूपता पाई जाती है । इसके पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि यह समानता इसलिए है, क्योंकि
उनके पूर्वज एक ही क्षेत्र अर्थात अफ्रीका में उत्पन्न हुए थे। वहीं से वे अन्य स्थानों को गए।
इस बात की पुष्टि इथोपिया के ओमो नामक स्थान पर मिले प्राचीन मानव जीवाश्मों से हो जाती
है। दूसरी ओर आज के मनुष्यों में पाई जाने वाली शारीरिक भिन्नताएँ किसी स्थान विशेष पर
निरंतर हजारों वर्षों तक स्थायी रूप से रहने के कारण है। भिन्न-भिन्न स्थानों की परिस्थितियों
ने ही ये भिन्नताएँ उत्पन्न की क्योंकि मनुष्य स्थान विशेष की परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को
ढाल लेता है।
प्रश्न 2. मानव और लंगूर तथा वानरों जैसे स्तनपायियों के व्यवहार तथा शरीर रचना में कुछ समानताएँ पाई जाती हैं । इससे यह संकेत मिलता है कि संभवतः मानव का क्रमिक विकास वानरों से हुआ। (क) व्यवहार और (ख) शरीर रचना शीर्षकों के अंतर्गत दोअलग-अलग स्तंभ बनाइए और उन समानताओं की सूची दीजिए। दोनों के बीच पाए जाने वाले उन अंतरों का भी उल्लेख कीजिए जिन्हें आप महत्वपूर्ण समझते हैं                                         

उत्तर-(क)समानताएँ-                                         (क) व्यवहार
मानव                                                                   वानर तथा लंगूर
1.मानव पेड़ों पर चढ़ सकता है।                    1. वानर भी पेड़ों पर चढ़ सकता है।
2. माताएँ अपने बच्चों को दूध                       2. मादा वानर भी अपने बच्चों का दूध
पिलाती हैं।                                                        पिलाती हैं।
3. मानव लंबी दूरी तक चल सकता है।            3. वानर भी लंबी दूरी तक चल सकता है।
4. मानव प्रजनन द्वारा अपने जैसी                  4. वानर भी ऐसा ही कर सकते हैं।
संतान उत्पन्न करते हैं।
(ख) शरीर रचना
मानव                                                             वानर तथा लंगूर
1. मानव रीढ़धारी है।                                   1.वानर भी रीढ़धारी है।
2. मानव चौपाया है। इसके दो पैर, दो             2. वानर भी चौपाया है।
हाथ होते हैं।
3. मादा मानव के बच्चों को दूध                     3. मादा वानरों के भी बच्चों को दूध
पिलाने के लिए स्तन होते हैं।                              पिलाने के लिए स्तन होते हैं।
असमानताएँ
(क) व्यवहार                                                          वानर तथा लंगूर
1. मानव दो पैरों पर चलता है।                      1.वानर चार पैरों पर चलता है।
2. मानव औजार बनाता है।                          2.वानर औजार नहीं बनाता ।
3. मानव खेती करके अपने भोजन                3.वानर ऐसा नहीं कर सकता ।
के लिए अनाज उगाता है।
4. मानव सीधे खड़ा होकर चल सकता है।       4.वानर ऐसा नहीं कर सकता।
(ख) शरीर रचना
मानव                                                                        वानर तथा लंगूर
1. मानव को पूँछ नहीं होती।                                1. वानरों को पूँछ होती है।
2. मानव का शरीर बड़ा होता है।                          2.वानरों का शरीर अपेक्षाकृत छोटा
                                               होता है।
प्रश्न 3. आदिकालीन मानव किन-किन तरीकों से अपना भोजन जुटाता था ?
उत्तर-आदिकालीन मानव कई तरीकों से अपना भोजन जुटाता था-जैसे संग्रहण (Gath-
ering), शिकार (Hunting),अपमार्जन (Scavenging) और मछली पकड़ना (Fishing) !
1. संग्रहण-संग्रहण की क्रिया में पेड़ों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों; जैसे बीज, गुठलियाँ,
बेर फल एवं कंदमूल को इकट्ठा करना शामिल था। संग्रहण के संबंध में तो केवल अनुमान ही
लगाया जा सकता है क्योंकि इस बारे में प्रत्यक्ष साक्ष्य बहुत कम मिलते हैं। हमें हड्डियों
जीवाश्म तो बहुत मिल जाते हैं परंतु पौधे के जीवाश्म दुर्लभ ही हैं। पौधों से भोजन जुटाने के बारे                    में सूचना प्राप्त करने का एक मात्र तरीका दुर्घटनाओं या संयोगवश जले हुए पौधों के प्राप्त अवशेष
हैं। इस प्रकिया से कार्बनीकरण हो जाता है और जला हुआ जैविक पदार्थ लंबे समय तक सुरक्षित
रह सकता है । फिर भी, अभी तक पुरातत्वविदों को अति पुराने जमाने के संबंध में कार्बनीकृत
बीजों का साक्ष्य नहीं मिला है।
2. शिकार-शिकार संभवत: बाद में शुरू हुआ-लगभग 5 लाख साल पहले। स्तनपायी
जानवरों के योजनाबद्ध शिकार और उनका वध करने का सबसे पुराना स्पष्ट साक्ष्य दो स्थलों
से मिलता है । ये स्थल हैं दक्षिण इंग्लैण्ड में बाक्सग्रोव (Boxgrove) और जमनी में शोनिंजन
(Schoningen).
3. अपमार्जन-अपमार्जन से तात्पर्य त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करने से है। अब मुख्य
रूप से यह माना जाने लगा है कि आदिकालीन होमिनिड अपमार्जन के द्वारा उन जानवरों की लाशों
से मांस-मज्जा खुरच कर निकालने लगे थे जो जानवर अपने आप मर जाते थे या अन्य हिंसक
जानवरों द्वारा मार दिए जाते थे। यह भी इतना ही संभव है कि पूर्व होमिनीड छोटे स्तनपायी
जानवरों-चूहे, छडूंदर जैसे कृतकों (Rodents), पक्षियों (और उनके अंडों),सरीसृपों और यहाँ
तक कि कीड़े-मकोड़े भी खा जाते थे।
4. मछली पकड़ना-मछली पकड़ना भी भोजन प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण तरीका था।
इस बात की जानकारी अनेक खोज स्थलों से मछली की हड्डियाँ मिलने से होती है।
प्रश्न 4. भाषा के प्रयोगों से (क) शिकार करने और (ख) आश्रय बनाने के काम में कितनी मदद मिली होगी? इस पर चर्चा करिए। इन क्रियाकलापों के लिए विचार-संप्रेषण के अन्य किन तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता था?
(T.B.Q.)
उत्तर-भाषा के प्रयोगों से शिकार करने तथा आश्रय बनाने में बहुत अधिक सुविधा मिली
होगी जिसका वर्णन इस प्रकार है-
(क) शिकार करने में-
(i) लोग शिकार की योजना बना सकते थे।
(ii) वे शिकार के तरीकों एवं तकनीकों पर एक-दूसरे से चर्चा कर सकते थे।
(iii) वे विभिन्न क्षेत्रों में जानवरों के बहुतायत की जानकारी प्राप्त कर सकते थे।
(iv) वे जानवरों की प्रकृति एवं स्वभाव पर विचार-विमर्श कर सकते थे।
(v) वे शिकार के लिए औजारों में सुधार ला सकते थे।
(vi) वे मारे गए जानवर के शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के उपयोग पर चर्चा कर सकते थे।
(ख) आश्रय बनाने में-
(i) लोग आश्रय बनाने के लिए उपलब्ध सामग्री की जानकारी प्राप्त कर सकते थे।
(ii) वे आश्रय बनाने के लिए सुरक्षित क्षेत्रों पर चर्चा कर सकते थे ।
(i) वे आश्रय-स्थल के निकट उपलव्य सुविधाओं पर विचारों का आदान-प्रदान कर सकते थे।
(iv) वे आश्रय बनाने के तरीकों तथा तकनीकों की जानकारी एक-दूसरे को दे सकते थे।
इन क्रिया-कलापों के लिए लोग भाषा के अतिरिक्त संकेतों तथा चित्रकारियों का प्रयोग कर सकते थे।
प्रश्न 5. अध्याय के अंत में दिए गए प्रत्येक कालानुक्रम में से किन्हीं दो घटनाओं को चुनिए और यह बताइये कि इनका क्या महत्व है?                         (T.B.Q.)
  उत्तर-                                           कालानुक्रम 1
1. होमिनॉइड और होमोनिड शाखा विभाजन (64 लाख वर्ष पूर्व)-लगभग 64 लाख
वर्ष पूर्व होमिनॉइड उपसमूह से ‘होमिनिइड’ वर्ग का विकास हुआ । यह प्राणियों का पहले से
अधिक विकसित रूप था। इनके मस्तिष्क का आकार होमिनॉइड से बड़ा था। होमिनॉइड चार पैरा
के बल चलते थे, जबकि होमिनिड सीधे खड़े होकर दो पैरों के बल चलते थे। होमिनिड के हाथ
भी विशेष प्रकार के थे। इनकी सहायता से वे औजार बना सकते थे और उनका प्रयोग
कर सकते थे।
2. पत्थर के सबसे पहले औजार (26-25 लाख वर्ष पूर्व )-आज से लगभग 26-25
लाख वर्ष पूर्व मानव ने पत्थर के सबसे पहले औजार बनाये और उनका प्रयोग करना सीखा।
भले ही ये सादे तथा खुरदरे थे, तो भी मानव हिंसक जानवरों से अपनी रक्षा करने में सक्षम हो
गया। उसके लिए जानवरों का शिकार करके भोजन प्राप्त करना भी सरल हो गया।
                                                   कालानुक्रम-2
1. स्वर-तंत्र का विकास-मानव में स्वर तंत्र के विकास का विशेष महत्त्व है। इससे मानव
को बोलने की शक्ति मिली और वह अपने मन के विचार बोल कर प्रकट करने लगा। इससे शिकार
करने, औजार बनाने तथा अन्य क्रियाकलापों के लिए नये तरीकों तथा तकनीकों का विकास भी
हुआ।
2. चूल्हों के इस्तेमाल के बारे में सबसे पहला साक्ष्य-चूल्हों के इस्तेमाल का सबसे पहला
साक्ष्य दक्षिण फ्रांस में स्थित लाजारेट गुफा से मिला है। यहाँ दो चूल्हे पाये गए हैं। ये आग के
नियंत्रित प्रयोग को दर्शाते हैं। इससे पता चलता है कि मानव लगभग 25000 वर्ष पूर्व आग का
नियंत्रित प्रयोग करना सीख गया था। वह आग से गुफाओं में प्रकाश करता था, उष्णता प्राप्त
करता था और भोजन पकाता था । वह आग का इस्तेमाल भाले की नोक बनाने तथा खतरनाक
जानवरों को भगाने के लिए भी करता था।
प्रश्न 6. आदि मानव के गुफाओं तथा खुले स्थानों पर आवास के बारे में चर्चा कीजिए।
उत्तर-गुफाओं तथा खुले निवास क्षेत्र का प्रचलन 400,000 से 125,000 वर्ष पहले शुरू
हो गया था। इसके साक्ष्य यूरोप के पुरास्थलों में मिलते हैं ।
(i) दक्षिण फ्रांस में स्थित लाजारेट गुफा की दीवार को 12×4 मीटर आकार के एक
निवास स्थान से सटाकर बनाया गया है। इसके अंदर दो चूल्हों (Hearihs) के अतिरिक्त
भिन्न-भिन्न प्रकार के खाद्य स्रोतों; जैसे फलों, वनस्पतियों, बीजों, काष्ठफलों, पक्षियों के अण्डों
और मीठे जल की मछलियों (ट्राउट, पर्च और कार्प) के साक्ष्य मिले हैं। दक्षिणी फ्रॉम के समुद्रतट
पर स्थित टेरा अमाटा (Terra Amata) एक अन्य पुरास्थल है। यहाँ घास-फूस और लकड़ी की
छत वाली कच्ची झोपड़ियाँ बनाई जाती थीं। ये झोपड़ियाँ किसी विशेष मौस। में थोड़े समय
के आवास के लिए बनाई जाती थी।
(i) केन्या में चसीबांजा (Chesowanja) और दक्षिण अफ्रीका मे स्वार्टक्रान्स
(Swarikrans) में पत्थर के औजारों के साथ-साथ आग में पकायी गई चिकनी मिट्टी और जली
हुई हड्डियों के टुकड़े मिले हैं । ये 14 लाख से 10 लाख साल पुराने हैं । यह पता नहीं चल पाया कि ये चीजें प्राकृतिक रूप से झाड़ियों में लगी आग या ज्वालामुखी से उत्पन्न अग्नि से जलने का परिणाम हैं                अथवा एक सुनियोजित ढंग से लगाई गई आग में पकाकर बनाई गई थीं।
दूसरी ओर, चूल्हे आग के नियंत्रित प्रयोग के प्रतीक हैं । इसके कई लाभ थे। (i) इनका
प्रयोग गुफाओं के अंदर प्रकाश और उष्णता प्राप्त करने के लिए किया जाता होगा। (ii) इससे
भोजन भी पकाया जा सकता था । (iii) इसके अतिरिक्त लकड़ी को कठोर करने में भी आग
का इस्तेमाल होता था जैसे कि भाले की नोंक बनाने में। (iv) शल्क निकाल कर औजार बनाने
में भी आग की उष्णता की सहायता ली जाती थी। (v) साथ ही इसका उपयोग खतरनाक जानवरों
को भगाने में किया जाता था।
प्रश्न 7. क्या वर्तमान शिकारी-संग्राहक समाजों के बारे में प्राप्त जानकारी को सुदूर अतीत के मानव के जीवन को पुनर्निर्मित करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है ?
उत्तर-वर्तमान शिकारी-संग्राहक समाजों की जानकारी के आधार पर आदिकालीन
शिकारी-संग्राहक समाजों के अध्ययन के बारे में दो परस्पर विरोधी विचारधाराएँ चल रही हैं।
1. पहली विचारधारा-विद्वानों के एक वर्ग ने आज के शिकारी-संग्राहक समाजों से प्राप्त
तथ्यों तथा आँकड़ों का सीधे अतीत के अवशेषों की व्याख्या करने के लिए उपयोग कर लिया
है। उदाहरण के लिए कुछ पुरातत्वविदों का कहना है कि 20 लाख साल के होमिनिड स्थल जो
तुर्काना झील के किनारे स्थित हैं, संभवतः आदिकालीन मानवों के शिविर या निवास स्थान थे।
वे यहाँ सूखे के मौसम में आकर रहते थे। वर्तमान हादजा और फुग सैन समाज भी ऐसा ही
करते हैं।
2. दूसरी विचारधारा-दूसरी ओर कुछ विद्वानों का मत है कि संजाति वृत्त संबंधी तथ्यों
और आँकड़ों का उपयोग अतीत के समाजों को समझने के लिए नहीं किया जा सकता है। उनके
अनुसार ये चीजें एक-दूसरे से बिल्कुल आर्थिक क्रियाकलापों में भी लगी हुई हैं। वे जंगलों में
पाई जाने वाली छोटी-छोटी चीजों का विनिमय और व्यापार करते हैं । कुछ समाज पड़ोस के
किसानों के खेतों में मजदूरी करते हैं। इसके अतिरिक्त जिन परिस्थितियों में रहते हैं वे आरंभिक
मानव की अवस्था से बहुत भिन्न हैं।
आज के शिकारी-संग्राहक समाजों की जीवन-शैली भी भिन्न-भिन्न है। कई बातों में तो
परस्पर विरोधी तथ्य दिखाई देते हैं । उदाहरण के लिए आज के शिकारी समाज शिकार और
संग्रहण को अलग-अलग महत्त्व देते हैं। उनके आकार भिन्न-भिन्न अर्थात् छोटे-बड़े होते हैं।
उनकी गतिविधियों में भी अंतर पाया जाता है।
भोजन प्राप्त करने में श्रम-विभाजन को लेकर भी कोई आम सहमति नहीं है। यह सच
है कि आज भी अधिकतर स्त्रियाँ ही खाने पीने की सामग्री जुटाने का काम करती हैं और पुरुष
शिकार करते हैं । परंतु ऐसे समाजों के भी उदाहरण मिलते हैं जहाँ स्त्रियाँ और पुरुष दोनों ही
शिकार और संग्रहण तथा औजार बनाने के काम करते हैं । संभवतः इसी बात से यह सुनिश्चित
होता है कि आज के शिकारी-संग्राहक समाजों में स्त्री-पुरुष दोनों की भूमिका लगभग एक समान
है। अतः वर्तमान स्थिति में अतीत के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना कठिन हैं।                          
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