Bihar Board Class 7th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश
Bihar Board Class 7th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश
Bihar Board Class 7th Science प्रकाश Text Book Questions and Answers
Notes
किसी वस्तु को देखने के लिए प्रकाश जरूरी है। बिना प्रकाश के हम कोई भी वस्तु देख नहीं पाते हैं। प्रकाश सीधी रेखा में गमन करती है। प्रकाश जिस पथ पर चलती है उस पथ को किरण कहते हैं। किरणों के समूह को प्रकाश पुंज कहते हैं। टॉर्च, गाड़ियों के हेडलाइट से निकलने वाली प्रकाश किरणपुंज के रूप में होती है। जिस वस्तु से प्रकाश आर-पार हो जाए उस पदार्थ को पारदर्शक कहते हैं। जिस वस्तु से प्रकाश आर-पार न हो वैसी वस्तु को अपारदर्शक कहते हैं और जिस वस्तु से प्रकाश का कुछ अंश आर-पार और कुछ न हो तो उस वस्तु को पारभाषी पदार्थ कहते हैं।
जब कोई प्रकाश अपारदर्शक वस्तु पर पड़ती है तो प्रकाश अपना पथ बंदल देती है या लौट जाती है जिसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
समतल दर्पण पारदर्शक पदार्थ के बने होते हैं जिसकी एक सतह पर कलई (पेन्ट) किया हुआ हो और दूसरा प्रकाश का परावर्तक, सतह समतल हो, समतल दर्पण कहलाता है।
समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब सीधा होता है। आभासी होता है और वस्तु के बराबर होता है। कोई भी पॉलिश किया हुआ अथवा चमकदार सतह दर्पण की तरह कार्य करता है। समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे होता है।
गोलीय दर्पण – गोलीय दर्पण की सतह समतल नहीं होती है। गोलीय दर्पण पारदर्शक गोले का भाग है जिसकी एक सतह पर कलई (पेन्ट) कर बनाया जाता है। कटे गोला की बाहरी सतह पेन्ट किया हो तो अवतल दर्पण और भीतरी सतह पेन्ट किया हआ हो तो उत्तल दर्पण बनता है।
अतः जिस गोलीय दर्पण की बाहरी सतह कलई किया हुआ हो और भीतरी सतह प्रकाश का परावर्तक उसे अवतल दर्पण कहते हैं। जिस गोलीय दर्पण की भीतरी सतह कलई की हुई हो तथा बाहरी सतह प्रकाश का परावर्तक हो उसे उत्तल दर्पण कहते हैं। प्रतिबिम्ब दो प्रकार के होते हैं। वास्तविक प्रतिबिम्ब और आभासी प्रतिबम्ब । जब प्रतिबिम्ब पर्दे पर बनता है और देखा जाता है वैसे प्रतिबिम्ब को वास्तविक प्रतिबिम्ब कहते हैं। वास्तविक प्रतिबिम्ब दर्पण के सामने बनता है।। अवतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब प्रायः वास्तविक होता है। दर्पण के सामने भिन्न-भिन्न दूरियों पर वस्तु को रखने पर बना प्रतिबिम्ब की प्रकृति भिन्न-भिन्न होती है। वस्तु से बड़ा या छोटा बन सकता है। वस्तु के उल्टा और सीधा भी बन सकता है।
उत्तल दर्पण के सामने वस्तु रखने पर प्रतिबिम्ब हमेशा वस्तु से छोटा और सीधा तथा आभासी होता है। उत्तल दर्पण के विस्तृत दृष्टि क्षेत्र होते हैं ! अतः चालक दूरी से आती गाडियों को देख लेता है।
चश्मा, दूरबीन, कैमरा में लेंस का प्रयोग होता है। लेंस पारदर्शी पदार्थों के बने होते हैं। इसके दो सतह होते हैं। वे लेंस जिनके किनारे पतले और -बीच में मोटा हो उत्तल लेंस कहते हैं। वैसे लेंस जिनके किनारा मोटा और बीच में पतला हो अवतल लेंस कहलाते हैं। जब उत्तल लेंस पर प्रकाश पड़ती है तो अन्दर की ओर मुड़ जाता है और अवतल लेंस पर प्रकाश पर किरणें पड़ती हैं तो बाहर की ओर फैल जाती हैं।
उत्तल लेंस को अभिसारी और अवतल लेंस को अपसारी लेंस भी कहते हैं। उत्तल लेंस को आवर्धक लेंस भी कहते हैं। श्वेत प्रकाश जब प्रिज्म पर पड़ता है तो अपवर्तन के बाद सात रंगों में विभक्त होता है। श्वेत प्रकाश का सात रंगों में अलग होना वर्ण-विक्षेपण कहलाता है। श्वेत रंग सात रंगों का मिश्रण है।
वर्षा के बाद सूर्य के विपरीत दिशा में इन्द्रधनुष दिखाई पड़ता है, जिनमें सात रंग होते हैं। अतः सूर्य की किरणों में सात रंग हैं।
अभ्यास
प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(क) जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सके, वह ……………. प्रतिबिम्ब कहलाता है।
(ख) उत्तल दर्पण ……………. प्रतिबिम्ब बनाता है।
(ग) यदि प्रतिबिम्ब सदैव वस्तु के आकार का बने तो दर्पण ……………. होगा।
(घ) जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर न प्राप्त किया जा सके …………….. कहलता है।
उत्तर:
(क) वास्तविक
(ख) आभासी
(ग) समतल
(घ) आभासी ।
प्रश्न 2. अपना नाम अंग्रेजी भाषा में लिखकर उसका प्रतिबिम्ब समतल दर्पण में देखकर पता लगाएँ कि किन अक्षरों का प्रतिबिम्ब समान तथा किन का प्रतिबिम्ब भिन्न है?
उत्तर: अपना नाम लिखें –
A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z .
A B C F G J L N P Q R S Y Z के प्रतिबिम्ब उल्टे बनते हैं।
ध्यान देकर अपना नाम लिखें।
प्रश्न 3. उत्तल तथा अवतल दर्पण का उपयोग लिखिए।
उत्तर: उत्तल दर्पण का उपयोग मोटरगाड़ियों के साइडमिरर के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। अवतल दर्पण टॉर्च, गाड़ियों के हेडलाइट, डॉक्टरी द्वारा आँख, कान, नाक, गला के निरीक्षण में इसका उपयोग करते हैं।
प्रश्न 4. उत्तल और अवतल लेंस में क्या अन्तर है?
उत्तर: उत्तल लेंस के किनारा पतला और बीच में मोटा होता है। जब प्रकाश पड़ता है तो अन्दर की ओर मुड़ जाती है। अवतल लेंस का किनारा मोटा और बीच में पतला होता है जब प्रकाश – की किरण पड़ती है तो किरण बाहर की ओर चली जाती है।
प्रश्न 5. वास्तविक प्रतिबिम्ब किस प्रकार का दर्पण बना सकता है ?
उत्तर: वास्तविक प्रतिबिम्ब अवतल दर्पण बना सकता है।
प्रश्न 6. आभासी प्रतिबिम्ब किसे कहते हैं ? उदाहरण द्वारा बताएँ।
उत्तर: आभासी प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनता है। समतल दर्पण और उत्तल दर्पण में प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी बनता है। जब हम अपना चेहरा समतल दर्पण में देखते हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे चेहरे के बराबर सीधा प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बन रहा है।
प्रश्न 7. समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब की विशेषता लिखिए।
उत्तर: समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब वस्तु के बराबर सीधा और दर्पण के पीछे जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने रखी है उतनी ही दूरी पर दर्पण के पीछे बनती है। यह प्रतिबिम्ब आभासी कहलाता है।
प्रश्न 8. कॉलम A में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम B में एक अथवा अधिक सही कथनों से कीजिए।
उत्तर:
(क) समतल दर्पण – (iii) सीधा तथा वस्तु के आकार से छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है।
(ख) उत्तल दर्पण – (i) सीधा तथा वस्तु के आकार के आकार का प्रतिबिम्ब बनाता है।
(ग) अवतल दर्पण – (iv) दाँतों का आवर्धित प्रतिबिम्ब बनाता है जिसके कारण दंत चिकित्सक उपयोग करते हैं।
(घ) अवतल दर्पण – (i) उल्टा तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बना सकता है।
(च) उत्तल दर्पण – (vi) अधिक क्षेत्र का प्रतिबिम्ब बना सकता है।