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Bihar Board Class 6th Social Science Geography Solutions Chapter 7 मानचित्र अध्ययन

Bihar Board Class 6th Social Science Geography Solutions Chapter 7 मानचित्र अध्ययन

Bihar Board Class 6th Social Science मानचित्र अध्ययन Text Book Questions and Answers

Notes

पाठ का सारांश

कक्षा में आते ही रमेश ने गुरुजी से पूछा-गुरुजी, कल मैंने पिताजी केऑफिस में एक कैलेण्डर देखा तो उसमें कोई चित्र नहीं था बल्कि उस पर आडी-तिरछी रेखाएँ खींची हई थीं और उसमें कई रंग भरे हुए थे। क्या ऐसा भी कैलेण्डर होता है । गुरुजी ने बताया कि जिसे आप चित्र समझ रहे हैं वास्तव में वह मानचित्र है। उन्होंने श्यामपट्ट पर चित्र बनाया और बच्चों को समझाया ।

मानचित्र में चीजों को चिह्न या संकेत के रूप में दिखाया जाता है । चित्र । अमातौर पर ऐसे बनाये जाते हैं जैसे कोई उस जगह को उसके किनारे खड़े होकर देख रहा हो लेकिन मानचित्र हमेशा ऐसा बनाया जाता है। जैसे उस जगह को ऊपर या आसमान से देख रहे हों।

चित्र में स्केल का उपयोग नहीं होता है परंतु मानचित्र में स्केल का उपयोग किया जाता है चित्र और मानचित्र में यही आधारभूत अंतर हैं।

नक्शा में जिस दिशा में जो चीज थी उसे वहाँ पर दर्शाया जाता है। मानचित्र बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण बातें हैं।।

  1. संकेतों का उपयोग।
  2. मानक उपयोग
  3. दिशाओं का निर्धारण ।

सबसे पहले उन चीजों की सूची बनाते हैं जो इस कमरे में हैं। उसे उस जगह से हम हटा नहीं सकते हैं। मानचित्र में सभी चीजों को संकेत के रूप में दिखाया जाता है। इतने बड़े कमरे का मानचित्र बनाने के लिए पहले हमें इस कमरे की माप लेनी पड़ती है तभी हम छोटा मानचित्र बना सकते हैं। इसके लिए उन्होंने बच्चों को लम्बाई, चौड़ाई मापकर बताया। कमरे की लम्बाई 6 मीटर और चौड़ाई 3 मीटर स्केल थी।

उन्होंने बच्चों से पूछा- अगर हम इतना लंबा नक्शा बनाएँ तो हमें बड़ा कागज लेना पड़ेगा। इस प्रकार राज्य, जिला एवं देश का नक्शा बनाने के लिए कितने कागजों की जरूरत पड़ेगी।

गुरुजी ने बच्चों को बताया कि जब हमें जमीन पर ही कम दूरी को मानचित्र में दिखाते हैं तो वह स्केल में दिखाते हैं परंतु जब जमीन की अधिक दूरी दिखाना होता है तो छोटे स्केल का सहारा लेते हैं। जैसे – अगर हम भारत का मानचित्र बनाएँगे तो कागज पर दर्शाने के लिए हमें छोटे स्केल का सहारा लेना पड़ता नहीं तो हमारे कागज में भारत या विश्व का मानचित्र नहीं समा सकता है।

हम जमीन पर की छोटी-छोटी विशेषताओं को भी आसानी से दिखा या समझ सकते हैं, इसलिए अगर हम स्कूल का मानचित्र बनायें तो बड़े मापक का सहारा लेना पड़ता, जैसे – 1 से.मी. = 1 मी। परंतु अगर देश का मानचित्र बनाना हो तो यह 1 से मी० = 1000 किलोमीटर रखना पड़ेगा। गुरुजी ने बच्चों को समझाया कि पहले आप लोगों ने दीवार को मीटर स्केल से मापा और नक्शा बनाने के लिए | सेमी. को एक मीटर स्केल के बराबर माना जाता है।

1 सेमी = 1 मीटर

अर्थात् नक्शे में अगर कोई दूरी 1 सेमी० है तो वास्तविक | मीटर है। इसी प्रकार हर मानचित्र में एक मापक दिया होता है जिससे पता किया जा सकता है कि नक्शे में जो दूरी है वह वास्तव में कितनी दूरी के बराबर है। इस प्रकार हम मानचित्र को छोटा-बड़ा कर सकते हैं और किसी स्कूल या घर का नक्शा तैयार कर सकते हैं।

मानचित्र में जो चीजें जहाँ-जहाँ थीं वहीं पर बनाये और दर्शायें । मानचित्र में दिशा सूचक रेखा बनाई जाती है

जैसे –
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मानचित्र से हमें बहुत अधिक जानकारी प्राप्त होती है। ये कई प्रकार के होते हैं।

  • इसमें हम पर्वतों, पठारों, मैदानों, नदियों, महासागरों आदि को दर्शाते हैं।
  • गाँव, शहर, राज्य, देश एवं विश्व के विभिन्न देशों तथा उनकी सीमाओं को दर्शाने वाले मानचित्र, राजनीतिक मानचित्र कहलाते हैं।
  • इन मानचित्रों में दी गई सूचनाओं के आधार पर उनका नामकरण किया जाता है।

जैसे – जलवायु मानचित्र, वनस्पति मानचित्र, जनसंख्या मानचित्र, वषां मानचित्र उद्योग मानचित्र आदि ।

इस प्रकार नक्शे में रंगों एवं चिह्नों (प्रतीकों) की सहायता से हम वहाँ की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए इसमें एकरूपता रखी गई है

जैसे-

  • जलाशय – नीला रंग
  • पर्वत – भूरा रंग
  • पठार – पीला रंग
  • मैदान – हरा रंग

हम किसी भी देश एवं विश्व का मानचित्र भी पैमाने को घटा-बढ़ाकर बना सकते हैं। जितना बड़ा मानचित्र बनाना होता है हम पैमाने का निर्धारण उसी के अनुसार कर सकते हैं। इसी तरह हम अपने गाँव/मुहल्ले का भी मानचित्र बनाकर उसमें इन प्रतीकों के द्वारा अंकित कर सकते हैं।

अभ्यास

प्रश्न 1. सही विकल्पों पर (✓) का निशान लगाएँ –

(i) जमीन पर के बड़े भाग को कागज पर दिखाने के लिए प्रयोग करते हैं
(क) छोटे मापक का
(ख) बड़े मापक का
(ग) दोनों मापक का
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (क) छोटे मापक का।

(ii) जिस मानचित्र में पर्वत, पठार, मैदान इत्यादि को दर्शाते हैं उसे कहते हैं
(क) थिमैटिक मानचित्र
(ख) भौतिक मानचित्र
(ग) राजनैतिक मानचित्र
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर- (ख) भौतिक मानचित्र ।

(iii) मानचित्र में मैदान को दिखाते हैं
(क) काले रंग से
(ख) नीले रंग से
(ग) हरे रंग से
(घ) लाल रंग से
उत्तर- (ग) हरे रंग से।

(iv) मानचित्र में दक्षिण दिशा होती है
(क) दायीं ओर
(ख) बायीं ओर
(ग) ऊपर की ओर
(घ) नीचे की ओर
उत्तर- (घ) नीचे की ओर।

(v) मानचित्र निर्माण में ध्यान रखना चाहिए
(क) संकेतों का
(ख) दिशाओं का
(ग) मापक का
(घ) उपर्युक्त सभी का
उत्तर- (घ) उपर्युक्त सभी का।

प्रश्न 2. बताइए-

(i) चित्र एवं मानचित्र में क्या अंतर है?
उत्तर- चित्रों में आमतौर पर चीजें वैसी ही बनाई जाती हैं। जैसी वह दिखती हैं परन्तु मानचित्र में चीजों को चिह्न या संकेत के रूप में दिखाई जाती चित्र आमतौर पर ऐसे बनाये जाते हैं जैसे कोई उस जगह किनारे खड़े होकर देखता हो और वह उसी प्रकार दिखाई भी देता है लेकिन मानचित्र हमेशा ऐसा बनाया जाता है जैसे उस जगह को ऊपर या आसमान से देख रहे हैं। चित्र में मापक (स्केल) का उपयोग नहीं होता परन्तु मानचित्र में मापक (स्केल) का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार चित्र और मानचित्र में यही आधारभूत अंतर पाया जाता है।

(ii) अगर आपको विश्व का मानचित्र बनाना हो तो किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा?
उत्तर- मानचित्र बनाना हो तो निम्न बातों को ध्यान में रखकर बना सकते है-

  • नक्शे में अगर कोई दुरी | सेमी. है तो वह वास्तविक रूप में कमरे में 1 मीटर के बराबर होगा।
  • 1 सेमी = 1 मीटर जिससे पता किया जा सकता है कि नक्शे में जो दूरी है वह वास्तव में कितनी दूरी के बराबर है। इस प्रकार हम मानचित्र को छोटा, बड़ा कर सकते हैं। जितना बड़ा मानचित्र बनाना होता है पैमाने का निर्धारण भी उसी प्रकार करते हैं।

मानचित्र में दिशा सूचक रेखा बनाई जाती है।

जैसे-
Bihar Board Class 6 Social Science Geography Solutions Chapter 7 मानचित्र अध्ययन 1

  • मानचित्र से हमें बहुत अधिक जानकारी प्राप्त होती है। मानचित्रों में दी गई सूचनाओं के आधार पर उनका नामकरण किया जाता है – जलवायु मानचित्र, वनस्पति मानचित्र, जनसंख्या मानचित्र, वर्षा मानचित्र, उद्योग मानचित्र आदि ।
  • नक्शे में रंगों एवं चिह्नों की सहायता से हमें वहाँ की जानकारी प्राप्त करने में सहायता होती है। जैसे – जलाशय-नीला रंग।
    पर्वत – भूरा रंग, पठार-पीला रंग, मैदान-हरा रंग।

इस प्रकार हम उपर्युक्त इन सभी बातों को ध्यान में रखकर विश्व का मानचित्र बना सकते हैं।

(iii) मानचित्र में इस्तेमाल किये गये रंग किसके प्रतीक हैं?
उत्तर- मानचित्र में जलाशय-नीले रंग का प्रतीक है।

पर्वत – भूरा रंग का प्रतीक है। पठार – पीला रंग और मैदान – हरा रंग का प्रतीक है।

(iv) मानचित्र के कितने प्रकार हैं ?
उत्तर- मानचित्र के निम्न प्रकार के होते हैं-

  • पर्वत, पठारों, मैदानों, नदियों, महासागरों आदि को दर्शाते हैं।
  • गाँव, शहर, राज्य, देश एवं विश्व के विभिन्न देशों तथा उनकी सीमाओं को दर्शाने वाले मानचित्र, राजनीतिक मानचित्र कहलाते हैं। ।
  • इन मानचित्रों में दी गई सूचनाओं के आधार पर उनका नामकरण किया जाता है। जैसे-जलवायु मानचित्र, वनस्पति मानचित्र, जनसंख्या मानचित्र, वर्षा मानचित्र, उद्योग मानचित्र आदि ।

(v) मानचित्र में दिशाओं का निर्धारण कैसे करते हैं ? 
उत्तर- मानचित्र में दिशाओं का निर्धारण दिशा सूचक रेखा के द्वारा किया जाता है। मानचित्र में उत्तर दिशा जो ऊपर की ओर है उसे उत्तर दिशा सूचक रेखा के माध्यम से दिखाई जाती है। जैसे-उत्तर की ओर चिह्न को दर्शाया जाता है।

पाठ के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. निम्नलिखित नक्शो के लिए उपयुक्त रंगों के साथ मिलाएँ-

उत्तर-

  • जलाशय – नीला रंग
  • पर्वत – भूरा रंग
  • पठार – पीला रंग
  • मैदान – हरा रंग

प्रश्न 2. निम्नलिखित नामों को चित्रों के द्वारा दर्शाएँ ।
(क) रेलवे लाइन
(ख) पक्की सड़क
(ग) कच्ची सड़क
(घ) राज्य
(ङ) अंतर्राष्ट्रीय सीमा
(च) जिला।
उत्तर-

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